एक और भी ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि जिस सीन के लिए राजामौली ने इतने पैसे पानी की तरह बहा दिए वो सिर्फ 8 मिनट तक स्क्रीन पर रहने वाला था। तो चलिए जानते हैं क्या था यह सीन और इसके लिए क्यों राजामौली इसे बहुत रियल रखना चाहते थे? दरअसल यह राजामौली की फिल्म का ओपनिंग सीन था जिसे वह बहुत परफेक्ट रखना चाहते थे। यह वही झरने वाला सीन था जिससे प्रभास छलांग लगाते हैं। राजामौली ने देश भर के कई झरनों पर यह सीन करने को लेकर विचार किया लेकिन उन्हें मन मुताबिक व्यू नहीं मिल पा रहा था।
इसके बाद राजामौली ने खुद ही एक वॉटरफॉल क्रिएट करने का फैसला कर लिया। उन्होंने रामोजी फिल्म सिटी में 25 क्रू मेंबर्स के साथ 100 फीट का एक सेट खड़ा किया। इसमें आधा से ज्यादा सेट को रियल रखा गया और बाकी को ग्रीन स्क्रीन से ढंक दिया। हर एक सेकंड इस सेट के ऊपर से 33 लीटर ऑफ पानी स्प्रे किया जा रहा था जो एक्ट करते वक्त प्रभास को असली वॉटरफॉल वाला फील देता। यानि कुल मिलाकर 2000 लीटर पानी हर मिनट इस सीन के लिए बहाया जा रहा था।
बना दी भारत की सबसे बड़ी ग्रीन स्क्रीन
इस पूरे सेटअप को ग्रीनस्क्रीन से कवर किया गया था जिसे उस वक्त के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा ग्रीनस्क्रीन सेट कहा जा सकता है। इतना ही नहीं, फिल्म में आप राजामौली को जो छलांग लगाते हुए देखते हैं वो असल में प्रभास ने किया था। इस तरह 8 मिनट के इस सीन को बनाने में 5 करोड़ रुपये का खर्चा हुआ था। ऐसी कई वजहें हैं जिनकी वजह से राजामौली को बॉलीवुड के उन फिल्ममेकर्स में गिना जाता है जो अपने सीन और अपनी फिल्म में परफेक्शन डालने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।









