Category: Madhya Pradesh

  • सहकारिता विभाग मध्य प्रदेश मिशन कर्मयोगी में निभा रहा देश में अग्रणी भूमिका

    सहकारिता विभाग मध्य प्रदेश मिशन कर्मयोगी में निभा रहा देश में अग्रणी भूमिका


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को मंत्रालय में मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में विभाग में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री सारंग ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में मध्य प्रदेश का सहकारिता विभाग अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मिशन कर्मयोगी से विभागीय कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने में भारत सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल मील का पत्थर साबित होगी।

    विभाग को प्रभावी क्रियान्वयन पर मिली सराहना

    मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के एचआर विशेषज्ञ डॉ. आर. बाला सुब्रमण्यम (बालू) ने मध्य प्रदेश सहकारिता विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सबसे अधिक और प्रभावी कार्य मध्य प्रदेश द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सफल मॉड्यूल को अन्य राज्यों में भी लागू करेंगे।

    मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम में विभागीय उपलब्धियाँ

    सहकारिता विभाग ने अपने सभी 1122 अधिकारियों और कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड कर लिया है। विभागीय कर्मचारियों ने 11337 से अधिक ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं, जो सीखने की संस्कृति और सतत कौशल विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता दर्शाता है। इन प्रशिक्षणों से विभागीय कार्यक्षमता, सेवा वितरण और प्रशासनिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल मिशन कर्मयोगी
    मिशन कर्मयोगी राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और भविष्य उन्मुख प्रशासनिक क्षमताओं से लैस करना, शासन प्रणाली को कुशल, पारदर्शी और जन-केन्द्रित बनाना, प्रशिक्षण के माध्यम से निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करना है। कर्मयोगी पोर्टल इसी उद्देश्य की पूर्ति का प्रमुख माध्यम है, जिसके द्वारा कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित आवश्यक कौशल और ज्ञान को निरंतर अपडेट कर सकते हैं।

  • इंदौरः एमवाय अस्पताल की बड़ी सफलता, महिला के पेट से निकालीं 15 किलो की दो गठानें

    इंदौरः एमवाय अस्पताल की बड़ी सफलता, महिला के पेट से निकालीं 15 किलो की दो गठानें


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में एक ऐसी चिकित्सकीय सफलता दर्ज हुई, जिसने न केवल चिकित्सा जगत को प्रेरित किया, बल्कि मानवीय जज़्बे और डॉक्टरों की समर्पित टीमवर्क की मिसाल भी पेश की। टीम को 50 वर्षीय महिला के पेट से 15 किलो की दो गठानें निकालने में सफलता प्राप्त हुई है।

    इस संबंध में प्राप्‍त जानकारी के अनुसार खरगोन जिले के ग्राम दबिया की 50 वर्षीय मसाली बाई पिछले कई महीनों से पेट दर्द और असहजता से जूझ रही थीं। एमवाय अस्पताल के सर्जरी विभाग में जाँच करने पर पता चला कि उनके पेट में दो बड़ी गठानें हैं। यह स्थिति न केवल असामान्य थी बल्कि जीवन के लिए खतरा थी। मामला चुनौतीपूर्ण था, लेकिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द शुक्ला और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सोमेन भट्टाचार्जी और उनकी टीम डॉ. अविनाश गौतम, डॉ. उपेन्द्र पाण्डेय, डॉ. रामेंद्र गुर्जर और अन्य जूनियर चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानी, कौशल और सटीक योजना के साथ सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया और लगभग 15 किलो की दो गठानें निकाली गईं।

    मसाली बाई के पेट से दोनों बड़ी गांठों को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया और उनकी जान बच गई। सफल ऑपरेशन के बाद सोमवार को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह सफलता एमवाय हॉस्पिटल की टीम की प्रतिबद्धता, विशेषज्ञता और मानवीय सेवा का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।