Category: Madhya Pradesh

  • बैतूल में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: माता-पिता ने छोटे बेटे को बचाने के लिए अपने ऊपर लेट गए, आरोपी ने उन्हें भी मार डाला

    बैतूल में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: माता-पिता ने छोटे बेटे को बचाने के लिए अपने ऊपर लेट गए, आरोपी ने उन्हें भी मार डाला


    बैतूल जिले के सावंगा गांव में बुधवार-गुरुवार की रात एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया 25 वर्षीय मानसिक रोगी युवक दीपक ने अपने माता-पिता और छोटे भाई की निर्मम हत्या कर दी यह घटना पूरे गांव में सनसनी फैला रही है

    घटना के अनुसार, दीपक उस समय मानसिक रूप से अस्थिर था और अचानक उसने अपने छोटे भाई दिलीप पर लोहे की सब्बल से हमला शुरू कर दिया यह देखकर उसकी माता कमलती धुर्वे और पिता हंसू धुर्वे ने छोटे बेटे को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गए लेकिन आरोपी ने उन्हें भी मार डाला

    उस रात घर में मौजूद पांच वर्षीय प्रशांत परते जो अपने नाना-नानी के घर पर रहा करता था ने चश्मदीद होकर सब देखा प्रशांत के पिता सुखचंद परते ने बताया कि बच्चा उस वक्त पूरी घटना के बीच सुरक्षित जगह पर छिपा हुआ था दीपक ने अपने भांजे पर भी हमला करने की कोशिश की थी लेकिन वह बच गया दुख की बात यह है कि पालतू बिल्ली भी आरोपी की हिंसक कार्रवाई की शिकार हो गई

    स्थानीय पुलिस ने बताया कि मृतकों में दीपक के माता-पिता और छोटे भाई शामिल हैं घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी को हिरासत में लिया गया पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अचानक हिंसक क्यों हुआ और उसके मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति क्या थी

    सावंगा गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं कई लोगों ने बताया कि दीपक पहले से मानसिक रोगी था लेकिन इतनी हिंसा की उम्मीद किसी ने नहीं की घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और सहम पैदा कर दिया पुलिस प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त गश्ती बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है

    विशेषज्ञ मानते हैं कि मानसिक रोगियों के लिए समय पर चिकित्सकीय देखभाल न होना और परिवार की सुरक्षा के उपाय न होना ऐसे हादसों की संभावना बढ़ा सकता है बच्चे और बुजुर्ग इस तरह की हिंसा में सबसे ज्यादा असुरक्षित होते हैं घटना के चश्मदीद पांच वर्षीय प्रशांत का बयान पुलिस जांच में अहम साबित हो सकता है

    बैतूल के इस दर्दनाक कांड ने पूरे जिले में सवाल खड़े कर दिए हैं कि मानसिक रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और समाज की जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों को सख्त से सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा

  • जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर

    जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर


    जबलपुर के सिहोरा के आजाद चौक में गुरुवार रात हुए विवाद के बाद से माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ लेकिन पुलिस की सतत गश्ती जारी रही लोग दहशत में थे लेकिन आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा शुक्रवार और शनिवार की सुबह पुलिस की कई टीमों ने 10 और हंगामा करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया ये आरोपी हिंदू पक्ष से हैं और इन पर दूसरे वर्ग के धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का आरोप है

    इससे पहले ही पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार किया था अब तक कुल 59 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है वहीं कुछ और आरोपियों की तलाश जारी है पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है

    शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया पुलिस ने बताया कि मामला शांतिपूर्ण बनाने के लिए यह आवश्यक था

    पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की कई असामाजिक तत्व घटना को अंजाम देकर फरार हो गए ऐसे लोगों की पहचान भी की जा रही है इस काम में स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और अन्य अधिकारियों को लगाया गया है

    मामला गुरुवार रात का है जब सिहोरा के आजाद चौक में दो पक्षों में विवाद हुआ देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए और एक दूसरे पर पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी भगदड़ के हालात बन गए मौके पर सिहोरा समेत आसपास के थानों की पुलिस पहुंची भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया गया

    पुलिस ने रात में ही उपद्रवियों की पहचान कर ली थी इनमें किशोर और अधिक उम्र के लोग शामिल थे कुछ को सिहोरा में ही छोड़ दिया गया जबकि लगभग 25 से 30 आरोपियों को बस से शहर के थानों में ले जाकर गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई की गई

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था को बनाए रखना प्राथमिकता है दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी या धार्मिक तनाव के समय ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई जरूरी है

  • शिक्षा के विस्तार के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़ाव आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    शिक्षा के विस्तार के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़ाव आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा का विस्तार होना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने यह विचार शुक्रवार शाम गांधी नगर स्थित सागर पब्लिक स्कूल के रजत जयंती समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और सेवाभावी पदाधिकारियों का सम्मान भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यार्थियों का लक्ष्य केवल प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी बनने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें श्रेष्ठ शिक्षक, समर्पित जनप्रतिनिधि, कुशल व्यापारी और अच्छे किसान बनने की भावना भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ऐसे प्रकल्पों से जुड़ें, जिससे वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें।

    डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीक के उपयोग के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़े रहना हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज गूगल और अन्य वैश्विक संस्थाओं में भारतीय उच्च पदों पर कार्यरत हैं और देश का नाम रौशन कर रहे हैं।

    इस अवसर पर डॉ. यादव ने सागर समूह के स्कूल सहित सातवें शिक्षण संस्थान के शुभारंभ पर बधाई दी और समूह की शिक्षा क्षेत्र में 25 वर्ष की उपलब्धियों को सराहा। समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित विज्ञान मॉडल—जैसे प्लांट्स द्वारा जल प्रदूषण रोकना, विंड मिल और लाइव गार्ड मैनेजमेंट—का अवलोकन किया। साथ ही मिट्टी के शिल्प निर्माण करने वाले बच्चों से संवाद कर उनकी प्रतिभा की प्रशंसा की।

    मुख्यमंत्री ने कक्षा 10 वीं में अंशुमन मौर्य को भी सम्मानित किया, जिन्होंने 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया में तीसरी रैंक हासिल की।

    कार्यक्रम को रामेश्वर शर्मा ने भी संबोधित किया। समारोह की शुरुआत में सागर समूह के प्रमुख सुधीर अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल और सागर अग्रवाल ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया।

    डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा सिर्फ ज्ञान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कार, मूल्य और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव का मार्ग भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में श्रेष्ठता, नैतिक मूल्यों और समाज के लिए योगदान देने की प्रेरणा दी।

  • इंदौर में राजनीतिक हिंसा, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पथराव, जिला अध्यक्ष अस्पताल में भर्ती

    इंदौर में राजनीतिक हिंसा, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पथराव, जिला अध्यक्ष अस्पताल में भर्ती


    इंदौर में शनिवार को सियासी पारा चरम पर पहुंच गया जब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए शहर के कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं और वहां पहले से मौजूद कांग्रेसियों के बीच झड़प हो गई

    स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब भाजपा की ओर से गांधी भवन पर पथराव शुरू कर दिया गया पथराव के दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े गंभीर रूप से घायल हो गए उनके सिर पर गहरी चोट आई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया

    स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना अचानक हुई और झड़प में कई अन्य कार्यकर्ता भी घायल होने के कगार पर थे मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई और स्थिति को नियंत्रित किया गया

    पुलिस ने बताया कि पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने घटना की निंदा की है और प्रशासन से शीघ्र जांच की मांग की है

    घटना के बाद गांधी भवन के आसपास क्षेत्र को सील कर दिया गया और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया स्थानीय प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है

    विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी मौसम में शहरों में ऐसे सियासी तनाव बढ़ सकते हैं ऐसे मामलों में समय पर नियंत्रण और न्यायिक कार्रवाई बेहद जरूरी होती है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे

  • मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग

    मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग


    मऊगंज । मध्यप्रदेश मऊगंज जिले में रीवा हनुमना मुख्य मार्ग पर आरटीओ चेकिंग के दौरान हंगामा मच गया। जानकारी के अनुसार, चेकपोस्ट पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान दो ट्रक, MP 20 HB 6128 और UP 63 CT 3122 के चालकों ने अपने वाहन सड़क पर आड़े खड़े कर दिए। इस कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालक परेशान होने लगे।

    स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों के अनुसार, दोनों ट्रक चालकों ने न केवल चेकिंग का विरोध किया, बल्कि अन्य वाहन चालकों को भी इसे लेकर उकसाया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों से गाली-गलौज की और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। स्थिति बिगड़ने पर आरटीओ प्रभारी अशोक शर्मा मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद और बढ़ गया।

    इस दौरान एक स्थानीय युवक भी घटनास्थल पर पहुंच गया और कथित रूप से अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी देने लगा। तनावपूर्ण माहौल के बीच कुछ लोगों ने सड़क किनारे बनी झोपड़ी और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। आगजनी से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और आरटीओ चेकिंग की कार्रवाई रोकनी पड़ी।

    घटना में सौभाग्य से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आगजनी और उत्पात के कारण मौके पर उपस्थित अन्य वाहन चालकों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी रही। आरटीओ और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की।

    पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाने और सड़क पर उत्पात मचाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने भी बताया कि घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हंगामे से ट्रैफिक और आम जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना मुख्य मार्ग पर रोजमर्रा की जिंदगी और आवाजाही के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    मौके पर उपस्थित आरटीओ और पुलिस टीम ने लोगों को समझाया और सड़क पर लगे जाम को तुरंत हटाया। अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।

  • AI समिट विवाद पर ग्वालियर में BJP युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेस कार्यालय पर तनाव

    AI समिट विवाद पर ग्वालियर में BJP युवा मोर्चा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेस कार्यालय पर तनाव


    ग्वालियर । दिल्ली की एआई इंपैक्ट समिट को लेकर राजनीतिक तनाव ग्वालियर में भी देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस द्वारा समिट में किए गए हंगामे के विरोध में राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अपने विरोध में पार्टी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सख्त मौजूदगी के कारण उन्हें यह काम करने से रोका गया।

    आज मध्य प्रदेश में BJP युवा मोर्चा द्वारा संभाग स्तर पर जंगी प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। इसी क्रम में नदी गेट चौराहे से शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय तक युवा मोर्चा ने भारी संख्या में रैली निकाली। रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पुतले के विरोध में नारे लगाए और भाजपा की ओर से विरोध प्रदर्शन को जोरदार रूप दिया।

    कांग्रेस कार्यालय की ओर रैली की ओर बढ़ते कार्यकर्ताओं को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की। हालांकि युवा मोर्चा के कई कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ते हुए कार्यालय के पास पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भी कार्यालय के बाहर पार्टी का झंडा लहराते हुए नारेबाजी करते नजर आए। दो घंटे तक लगातार तनाव और टकराव की स्थिति बनी रही लेकिन बड़ी अप्रिय घटना टल गई।

    अंततः भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रतीक तिवारी ने राहुल गांधी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पीएम मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते वह मौके से पुतला लेकर गायब हो गए। पुलिस ने बाद में कांग्रेस कार्यालय में पीएम मोदी का पुतला खोजने की कोशिश की लेकिन पुतला नहीं मिला। फिलहाल कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और प्रदर्शन ने माहौल तनावपूर्ण बना दिया था। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस फोर्स और बैरिकेडिंग का इंतजाम किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय पर कार्रवाई की गई और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती गई।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि AI समिट जैसे कार्यक्रमों को लेकर दोनों पक्षों के कार्यकर्ता भावनाओं में बहकर प्रदर्शन करते हैं जो चुनावी और राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित करता है। ग्वालियर में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक तनाव दोनों पर ध्यान केंद्रित किया।

  • मुख्यमंत्री के निर्देश पर उज्जैन में फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर उज्जैन में फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू


    उज्जैन । मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में बेमौसम हुई बारिश को ध्यान में रखते हुए उज्जैन जिले सहित प्रदेश के सभी जिलों में क्षतिग्रस्त फसलों का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस कदम का उद्देश्य किसानों को हुए नुकसान का सही आंकलन कर राहत एवं समर्थन उपलब्ध कराना है।

    आधिकारिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि विगत दिनों मौसम परिवर्तन और अनियमित वर्षा के कारण फसलों को हुई क्षति की सूचनाओं को संज्ञान में लेते हुए क्षेत्र में नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कृषि अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि हर प्रभावित किसान तक सही जानकारी और मदद पहुंच सके।

    कलेक्टर ने बताया कि फसल नुकसान की समीक्षा के लिए जिले में विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो खेतों का दौरा कर वास्तविक नुकसान का पता लगा रही हैं। साथ ही किसानों के साथ संवाद कर उन्हें राहत योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह आंकलन जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक सहायता दी जा सके।

    स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बेमौसम बारिश और पानी की अधिकता के कारण गेहूं, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से निर्देश दिए हैं कि नुकसान का आंकलन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कहा है कि किसी भी किसान को अपने फसल नुकसान के कारण आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। इसके लिए जिला प्रशासन को पूरी तरह सक्रिय रहने और सभी प्रभावित किसानों तक राहत सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।

    इस निर्देश के बाद उज्जैन जिले में कृषि विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ गया है। अधिकारी किसानों से लगातार संपर्क में हैं और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास कर रहे हैं।

  • स्वास्थ्य सेवा में एआई की नई छलांग: एम्स भोपाल में शुरू हुई डिजिटल नेविगेशन सुविधा, रोजाना 12 हजार मरीजों का सफर होगा आसान।

    स्वास्थ्य सेवा में एआई की नई छलांग: एम्स भोपाल में शुरू हुई डिजिटल नेविगेशन सुविधा, रोजाना 12 हजार मरीजों का सफर होगा आसान।


    मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान AIIMS भोपाल ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अक्सर बड़े अस्पतालों के विशाल परिसर और एक जैसी इमारतों के बीच मरीज और उनके परिजन विभाग ढूँढ़ते हुए भटक जाते हैं, लेकिन अब एम्स भोपाल में इस समस्या का अंत होने जा रहा है। संस्थान ने देश की पहली ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI आधारित नेविगेशन प्रणाली’ शुरू की है। इस स्मार्ट तकनीक की मदद से अब रोजाना अस्पताल आने वाले 10 से 12 हजार लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए किसी से रास्ता पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    यह आधुनिक प्रणाली बिल्कुल वैसे ही काम करेगी जैसे हम अनजान शहरों में ‘गूगल मैप्स’ का उपयोग करते हैं। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार और प्रमुख चौराहों पर विशेष क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। जैसे ही कोई मरीज या परिजन अपने मोबाइल से इस कोड को स्कैन करेगा उसकी स्क्रीन पर पूरे अस्पताल का इंटरैक्टिव मैप खुल जाएगा। यह तकनीक आईआईटी इंदौर की विशेषज्ञ टीम और एक स्थानीय स्टार्टअप के सहयोग से तैयार की गई है, जो वेब और मोबाइल एप दोनों स्वरूपों में उपलब्ध होगी।

    अस्पताल प्रशासन ने इस सिस्टम को बेहद सटीक बनाने के लिए इमारतों के बाहर जीपीएस और भवनों के अंदर ‘रिले उपकरणों’ का उपयोग किया है। चूंकि इमारतों के भीतर जीपीएस सिग्नल कमजोर हो जाते हैं, इसलिए हर 15 मीटर पर विशेष सेंसर लगाए गए हैं जो मोबाइल को बिल्कुल सटीक दिशा संकेत देंगे। यह पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल एक महीने के परीक्षण पर है, जिसकी सफलता के बाद इसे पूरे परिसर में स्थायी रूप से लागू कर दिया जाएगा। इस पहल से न केवल मरीजों का कीमती समय बचेगा, बल्कि भ्रम की स्थिति खत्म होने से अस्पताल के स्टाफ पर से भी मार्गदर्शन का अतिरिक्त बोझ कम होगा।

  • गोविंदपुरा और नरेला में सबसे अधिक नाम हटाए गए, डिजिटल और फील्ड सत्यापन से सूची अपडेट

    गोविंदपुरा और नरेला में सबसे अधिक नाम हटाए गए, डिजिटल और फील्ड सत्यापन से सूची अपडेट


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी में मतदाता सूची के व्यापक पुनरीक्षण के बाद बड़ा बदलाव सामने आया है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR प्रक्रिया पूरी होने पर भोपाल की मतदाता सूची से 3 लाख 80 हजार से अधिक नाम हटाए गए हैं संशोधित आंकड़ों के अनुसार शहर में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 17 लाख 45 हजार 453 रह गई है अंतिम मतदाता सूची शनिवार को जारी की जाएगी

    डोर-टू-डोर सत्यापन और दावे-आपत्तियों के बाद किया गया संशोधन
    प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई डोर-टू-डोर सर्वे, दावे-आपत्तियों की सुनवाई और दस्तावेज सत्यापन के बाद की गई पूरी प्रक्रिया लगभग चार महीने तक चली प्रारूप सूची 23 दिसंबर को प्रकाशित की गई थी जिसके बाद बूथ स्तर पर फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से आवेदन लिए गए

    गोविंदपुरा और नरेला में सबसे अधिक नाम हटाए गए
    सबसे अधिक संशोधन गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में हुआ जहां मंत्री कृष्णा गौर के क्षेत्र से 81 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटे इसके बाद मंत्री विश्वास सारंग की नरेला विधानसभा में 70 हजार से अधिक नाम सूची से बाहर हुए प्रशासन का कहना है कि ये बदलाव सत्यापन और रिकॉर्ड अपडेट की प्रक्रिया का हिस्सा हैं

    कलेक्टर की अध्यक्षता में अंतिम सूची की मंजूरी

    कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में अंतिम सूची को मंजूरी देने के लिए स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी अधिकारियों ने बताया कि ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में रखे गए मतदाताओं को नोटिस जारी कर 50 दिनों के भीतर दस्तावेज जांच की गई और 14 फरवरी तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी

    उम्र आधारित और अन्य आंकड़े
    संशोधित सूची में 100 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के करीब 125 मतदाता दर्ज किए गए साथ ही थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 166 से घटकर 72 रह गई विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार बैरसिया में सबसे कम 8,889 मतदाता कम हुए जबकि भोपाल मध्य, दक्षिण-पश्चिम और हुजूर में भी बड़ी संख्या में नाम हटे

    विशेषज्ञों की राय और महत्व
    चुनाव प्रबंधन विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रक्रिया निर्वाचन सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है प्रशासन का कहना है कि डिजिटल सत्यापन और फील्ड सर्वे के संयोजन से मतदाता डेटा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है

  • MP में 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट: भोपाल और जबलपुर में सुबह हल्की बारिश, रीवा समेत 5 जिलों में भी आसार

    MP में 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट: भोपाल और जबलपुर में सुबह हल्की बारिश, रीवा समेत 5 जिलों में भी आसार


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है और अगले चार दिन प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी के चलते प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। शनिवार को बादल छाए हुए हैं और नए मौसम सिस्टम की वजह से 23 और 24 फरवरी को मौसम फिर बदलने की संभावना है। ये सिस्टम प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी जिलों में अधिक असर दिखा सकते हैं।

    पिछले तीन दिन से प्रदेश में आंधी-बारिश का मौसम बना हुआ है। कुछ जिलों में ओलों की बूंदें भी गिरी हैं। शुक्रवार को भोपाल रतलाम मंदसौर शाजापुर धार इंदौर रायसेन उज्जैन सागर छतरपुर समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई।

    मौसम के इस तेवर से कुछ जिलों में तेज आंधी और झोंकों के चलते फसलों को नुकसान पहुंचा है। खासकर रतलाम शाजापुर और उज्जैन में गेहूं की फसलें आड़ी हो गई हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी तीन दिनों में प्रदेश के लगभग 25 जिलों में आंधी-बारिश के कारण फसलों को और नुकसान हो सकता है।

    किसानों की फसलों पर असर के चलते सरकार ने भी सर्वे अभियान शुरू कर दिया है। राजस्व अमला प्रभावित क्षेत्रों में जाकर फसल नुकसान का आंकलन कर रहा है और संभावित राहत कार्यों की तैयारी में जुट गया है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दो दिन ऐसा रहेगा:

    22 फरवरी: इस दिन किसी विशेष बारिश का अलर्ट नहीं है लेकिन बादल छाए रह सकते हैं।
    23 फरवरी: दक्षिणी हिस्सों में नए सिस्टम के प्रभाव से बारिश होने की संभावना है।
    24 फरवरी: दक्षिण-पूर्वी जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।

    भोपाल और जबलपुर में सुबह हल्की बारिश दर्ज की गई है। रीवा सतना अनूपपुर शहडोल और उमरिया सहित पांच जिलों में भी मौसम के बिगड़ने के आसार हैं। विशेषज्ञ लोगों से सतर्क रहने और घर से अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं।

    सरकारी विभाग ने किसानों और ग्रामीणों से कहा है कि वे मौसम के हालात पर नजर रखें और फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। तेज आंधी और बारिश के चलते सड़क मार्ग और बिजली नेटवर्क प्रभावित हो सकते हैं इसलिए लोग सतर्क रहें।

    मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले चार दिनों में आंधी-बारिश का दौर राज्य में कई जगह प्रभावित रहेगा। विशेषकर दक्षिण-पूर्वी जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।