Category: Madhya Pradesh

  • दतिया सिंध नदी के पुल के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार जीजा-साले की दर्दनाक मौत, एक युवक घायल, मची चीख पुकार

    दतिया सिंध नदी के पुल के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार जीजा-साले की दर्दनाक मौत, एक युवक घायल, मची चीख पुकार

    दतिया । दतिया में गोराघाट थाना अंतर्गत रविवार देर रात सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा नेशनल हाईवे 44 पर सिंध नदी पुल के पास में हुआ। अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया।
    घटना में बाइक सवार अमित बंशकर पुत्र किशनलाल निवासी डबरा और वीरचंद्र वंशकार (21) पिता मथुरा वंशकार निवासी भदौरिया खिड़की, दतिया की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीसरा युवक अभिषेक बॉथम (19), निवासी डबरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे पुलिस ने तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार तीनों युवक बाइक से दतिया से डबरा की ओर जा रहे थे। मृतक आपस में जीजा-साले बताए जा रहे हैं। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सड़क से दूर जा गिरी और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।सूचना मिलते ही गोराघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया। जहां पर सोमवार सुबह 11 बजे मृतकों का पोस्टमार्टम  किया गया। वहीं अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 
  • मुरैना में मौत की रफ्तार: एसयूवी और कंटेनर की आमने-सामने की भिड़ंत, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत

    मुरैना में मौत की रफ्तार: एसयूवी और कंटेनर की आमने-सामने की भिड़ंत, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत


    मुरैना । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। नूराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत विचोला और मालनपुर मार्ग पर एक तेज रफ्तार एसयूवी और विशालकाय कंटेनर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एसयूवी के परखच्चे उड़ गए और उसके चालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    वेडा गांव के पास मची चीख पुकार

    पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना वेडा गांव के समीप कल देर रात घटित हुई। बताया जा रहा है कि एसयूवी और कंटेनर दोनों ही विपरीत दिशाओं से तेज गति में आ रहे थे। वेडा गांव के मोड़ के पास दोनों वाहनों के बीच आमने सामने की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

    मशक्कत के बाद निकाला गया शव
    हादसे के बाद एसयूवी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके कारण चालक बुरी तरह मलबे में फंस गया था। सूचना मिलते ही नूराबाद थाना पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    फरार चालक की तलाश जारी

    हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके का फाय दा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। देर रात होने और सुनसान इलाका होने के कारण प्राथमिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

  • मुरैना में रिश्तों की त्रासदी: शादी से नाखुश युवती ने पति और ससुर के सामने नहर में लगाई छलांग, 12 घंटे से रेस्क्यू जारी

    मुरैना में रिश्तों की त्रासदी: शादी से नाखुश युवती ने पति और ससुर के सामने नहर में लगाई छलांग, 12 घंटे से रेस्क्यू जारी

    मुरैना । मुरैना मध्य प्रदेश चंबल अंचल के मुरैना जिले में एक विवाहिता द्वारा अपनी जीवनलीला समाप्त करने के प्रयास का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मिली जानकारी के अनुसार, एक युवती अपनी शादी से खुश नहीं थी और इसी मानसिक तनाव के चलते उसने खौफनाक कदम उठा लिया। हृदयविदारक बात यह है कि जिस वक्त युवती ने नहर में छलांग लगाई, उस समय उसके पति और ससुर भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन जब तक वे कुछ समझ पाते या उसे रोक पाते, युवती गहरे पानी में ओझल हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF (राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल की टीम को बुलाया गया। पिछले 12 घंटों से भी अधिक समय से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन नहर का बहाव तेज होने के कारण अभी तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। गोताखोर लगातार पानी की गहराई में उसकी तलाश कर रहे हैं, वहीं किनारे पर खड़े परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    शादी के फैसले से थी असंतुष्ट
    प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, युवती अपनी इस शादी को लेकर मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। बताया जा रहा है कि विवाह के बाद से ही वह गुमसुम रहती थी और अक्सर अपनी नाखुशी जाहिर करती थी। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या उस पर शादी के लिए किसी प्रकार का दबाव था या ससुराल पक्ष में कोई अन्य विवाद चल रहा था। पति और ससुर से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के समय की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि किसी भी व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध लिए गए जीवन के बड़े फैसले किस कदर आत्मघाती साबित हो सकते हैं। फिलहाल, पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर केंद्रित है और प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही युवती को ढूंढ लिया जाएगा। घटना के बाद से ही क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और लोग इस दुखद अंत से स्तब्ध हैं।

  • बैतूल में भीषण सड़क हादसा: शिवरात्रि मेले जा रहे युवक की मौत, 5 दिन बाद घर में बजने वाली थी शहनाई

    बैतूल में भीषण सड़क हादसा: शिवरात्रि मेले जा रहे युवक की मौत, 5 दिन बाद घर में बजने वाली थी शहनाई


    बैतूल । मध्य प्रदेश शिवरात्रि का पावन पर्व बैतूल के एक परिवार के लिए कभी न भूलने वाला जख्म दे गया। जिले के ग्राम बोथिया निवासी 22 वर्षीय अजय कवडे की एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मृत्यु हो गई। अजय रविवार दोपहर अपने घर से उत्साह के साथ सोनाघाटी शिवरात्रि मेले में शामिल होने के लिए निकला था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    कैसे हुई वारदात?

    साईंखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झीटापाटी जोड़ के पास दोपहर लगभग डेढ़ बजे यह हादसा हुआ। अजय अपनी दोपहिया वाहन से जा रहा था, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि अजय सड़क पर काफी दूर तक घिसटता चला गया और उसे सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

    खुशियाँ बदलीं मातम में

    अजय की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि अजय का विवाह तय हो चुका था और ठीक पाँच दिन बाद उसका टीका सगाई/तिलक कार्यक्रम होना था। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, मेहमानों को आमंत्रण भेजे जा रहे थे, लेकिन इस हादसे ने एक झटके में सब कुछ खत्म कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, टक्कर मारकर भागने वाले अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और चश्मदीदों के आधार पर वाहन की पहचान करने की कोशिश जारी है।

  • मुरैना में भीषण सड़क हादसा, कंटेनर-स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौत

    मुरैना में भीषण सड़क हादसा, कंटेनर-स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौत


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए पूरी तैयारी की है। लिहाज, सत्र हंगामेदार होने के आसार है।

    मप्र विधानसभा का बजट सत्र सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण में राज्यपाल पटेल राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्य योजनाओं की जानकारी देंगे। यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में सदन की कुल 12 बैठकें होंगी। इस दौरान 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट 4.85 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।

    मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल कांड, बढ़ता कर्ज, कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयारी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी। इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।

    वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के चलते खेती और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक बजट को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने का है।

    आज विपक्षी विधायक दल की बैठक

    विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।

    विधानसभा सचिवालय द्वारा जानकारी दी गई कि सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक तारांकित पश्न 1750 एवं अतारांकित प्रश्न 1728 कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 236, स्थगन प्रस्ताव की 10, अशासकीय संकल्प की 41 और शून्यकाल की 83 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा।


  • वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को पेश करेंगे पेपरलेस बजट

    वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को पेश करेंगे पेपरलेस बजट

    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए पूरी तैयारी की है। लिहाज, सत्र हंगामेदार होने के आसार है।


    मप्र विधानसभा का बजट सत्र सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण में राज्यपाल पटेल राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्य योजनाओं की जानकारी देंगे। यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में सदन की कुल 12 बैठकें होंगी। इस दौरान 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट 4.85 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।


    मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल कांड, बढ़ता कर्ज, कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयारी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी। इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।


    वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के चलते खेती और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक बजट को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने का है।


    आज विपक्षी विधायक दल की बैठक
    विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।


    विधानसभा सचिवालय द्वारा जानकारी दी गई कि सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक तारांकित पश्न 1750 एवं अतारांकित प्रश्न 1728 कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 236, स्थगन प्रस्ताव की 10, अशासकीय संकल्प की 41 और शून्यकाल की 83 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा।

  • महाकालेश्वर मंदिर में साल में एक बार दोपहर में हाेने वाली भस्म आरती आज, चार प्रहर पूजन के बाद आज विशेष दर्शन

    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाशिवरात्रि पर्व पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। रविवार देर रात 10:30 बजे से भगवान महाकाल का चार प्रहर पूजन प्रारंभ हुआ, जो देर रात तक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। साेमवार प्रातः विशेष सेहरा दर्शन के बाद वर्ष में एक बार दोपहर 12 बजे होने वाली भस्म आरती आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। रात 11 बजे भगवान के पट मंगल होंगे।


    चार प्रहर पूजन के दौरान 11 ब्राह्मणों ने एकादश-एकादशनी रुद्रपाठ और वैदिक मंत्रों के माध्यम से भगवान महाकाल का अभिषेक किया। पांच प्रकार के फलों के रस से अभिषेक के पश्चात पंचामृत पूजन संपन्न हुआ। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद, खांडसारी शक्कर, गंगाजल, गुलाब जल, भांग और केसर मिश्रित दूध से भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद नवीन वस्त्र धारण कराए गए तथा सप्तधान्य से मुखारविंद अलंकृत किया गया।

    सप्तधान्य अर्पण और पुष्प मुकुट से विशेष शृंगार
    भगवान को चावल, खड़ा मूंग, तिल, गेहूं, जौ, साल और खड़ा उड़द सहित सप्तधान्य अर्पित किए गए। इसके उपरांत पुष्प मुकुट शृंगार आरती की गई।
    पुजारी आशीष शर्मा के अनुसार, लगभग तीन क्विंटल फूलों से भगवान का भव्य सेहरा सजाया गया। चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड और विविध आभूषणों से महाकाल को राजाधिराज स्वरूप में अलंकृत किया गया। सेहरा आरती के बाद मिष्ठान्न, फल और पंचमेवा का भोग अर्पित किया गया।

    दोपहर में होगी भस्म आरती
    आज सुबह 11 बजे सेहरा उतारा जाएगा। आभूषण, मुखारविंद और वस्त्र व्यवस्थित करने के बाद दोपहर 12 से 2 बजे तक भस्म आरती संपन्न होगी। इसके बाद 2:30 से 3 बजे तक भोग आरती होगी और शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा। भोग आरती के पश्चात ब्राह्मण भोजन नव निर्मित श्री महाकालेश्वर नि:शुल्क अन्नक्षेत्र में आयोजित होगा तथा दक्षिणा प्रदान की जाएगी।

    दिनभर का पूजन कार्यक्रम
    संध्या पूजन: शाम 5:00 से 5:45 बजे
    संध्या आरती: शाम 6:30 से 7:15 बजे
    शयन आरती: रात 10:30 बजे
    पट मंगल: रात 11:00 बजे

    18 फरवरी को पंचमुखारविंद दर्शन
    18 फरवरी, बुधवार को वर्ष में एक बार एक साथ होने वाले पंचमुखारविंद (पांच स्वरूपों) के दर्शन के साथ महाशिवरात्रि पर्व का समापन होगा।
    महाकाल को भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर राजसी स्वरूप में सजाया गया है। महाशिवरात्रि पर यह दिव्य और अलौकिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभूति लेकर आया
  • वंदे मातरम् के स्वर से गूंजा सदन, MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की औपचारिक शुरुआत

    वंदे मातरम् के स्वर से गूंजा सदन, MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की औपचारिक शुरुआत


    भोपाल । राजधानी भोपाल में सोमवार 16 फरवरी 2026 से मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई, जिससे सदन में देशभक्ति और गरिमा का वातावरण बना। यह बजट सत्र 6 मार्च 2026 तक चलेगा और इस दौरान कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं।

    सत्र के पहले दिन मंगू भाई पटेल ने सदन को संबोधित किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने मोहन यादव सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और राज्य की प्रगति का विस्तृत उल्लेख किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश निरंतर विकास की दिशा में अग्रसर है और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक लाभ पहुंचाया जा रहा है। अभिभाषण के बाद कृतज्ञता प्रस्ताव पेश किया गया, जिस पर आगामी दिनों में चर्चा होगी।

    इस बजट सत्र को कई मायनों में अहम माना जा रहा है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, विधायकों की ओर से कुल 3478 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प सदन में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। इन आंकड़ों से साफ है कि सत्र के दौरान सरकार को विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से जवाब देना होगा।

    सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन 18 फरवरी होगा, जब उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि इस बार का बजट 4.63 से 4.70 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। खास बात यह है कि बजट पूरी तरह पेपरलेस डिजिटल प्रारूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जो पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।

    राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, बेरोजगारी, महंगाई, अवैध खनन, बढ़ते कर्ज और हालिया विवादित मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सत्तापक्ष रोजगार सृजन, नारी सशक्तीकरण, किसान कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश आकर्षित करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से रखने की रणनीति पर काम कर रहा है।

    वंदे मातरम् के साथ कार्यवाही की शुरुआत को राज्य और केंद्र स्तर पर राष्ट्रगीत को बढ़ावा देने की पहल से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे सदन में एक ऊर्जावान और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। हालांकि राजनीतिक गर्माहट के संकेत भी साफ हैं, जिससे आगामी दिनों में तीखी बहस और हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुल मिलाकर, बजट सत्र 2026 प्रदेश की आर्थिक दिशा, विकास प्राथमिकताओं और राजनीतिक रणनीतियों को तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां सत्ता और विपक्ष के बीच व्यापक चर्चा और टकराव दोनों देखने को मिल सकते हैं।

  • इंदौर में युवक की गला रेतकर हत्या का खुलासा, लूट के इरादे से वारदात; नाबालिग समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर में युवक की गला रेतकर हत्या का खुलासा, लूट के इरादे से वारदात; नाबालिग समेत दो आरोपी गिरफ्तार


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बाणगंगा थाना पुलिस ने युवक की गला रेतकर की गई निर्मम हत्या के मामले में एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या पैसे और मोबाइल लूटने के इरादे से की गई थी।

    पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान खोजराम के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले युवक को बहाने से एक सुनसान इलाके में बुलाया। वहां पहले से ही लूट की योजना बनाई गई थी। मौका मिलते ही आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पोस्टमार्टम और घटनास्थल की जांच में युवक के शरीर पर चाकू के 18 गहरे घाव पाए गए, जिससे वारदात की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गला रेतने के बाद भी आरोपियों ने कई वार किए, ताकि वह बच न सके।

    हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। मृतक का मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर अलग अलग स्थानों पर फेंक दिए, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। इतना ही नहीं, वारदात को हादसा दर्शाने के उद्देश्य से शव को रेलवे पटरी के पास फेंक दिया गया, जिससे प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से कटने का लगे। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने आरोपियों की योजना पर पानी फेर दिया।

    बाणगंगा पुलिस ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग है, जिसे किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रक्रिया में लिया जाएगा, जबकि दूसरे आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इस तरह की लूट या आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है। एक मामूली लूट के लालच में जिस तरह बेरहमी से हत्या की गई, उसने कानून व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि आगे की पूछताछ में और खुलासे हो सकें।

  • MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की शुरुआत हंगामे से, राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्ष का जोरदार विरोध

    MP विधानसभा बजट सत्र 2026 की शुरुआत हंगामे से, राज्यपाल के अभिभाषण के बीच विपक्ष का जोरदार विरोध


    भोपाल । राजधानी भोपाल में सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 की शुरुआत तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही परंपरा के अनुसार संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ। इसके बाद मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और अंततः इसे अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

    राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज उस ऐतिहासिक दहलीज पर खड़ा है जिसे केंद्र सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। हाल ही में भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    राज्यपाल ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत 1 लाख 35 हजार से अधिक आवास निर्मित किए गए हैं। साथ ही उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी सदन के समक्ष रखी।

    हालांकि अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को बीच में टोकते हुए आरोप लगाया कि नलजल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों जैसे गंभीर विषयों का अभिभाषण में उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी जिससे सदन का माहौल गरमा गया।

    विपक्ष का आरोप था कि सरकार जमीनी समस्याओं से ध्यान हटाकर केवल उपलब्धियों का बखान कर रही है। वहीं सत्तापक्ष ने इसे राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान हर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा का अवसर मिलेगा। लगातार हो रहे शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया लेकिन स्थिति सामान्य न होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया।

    अब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा मंगलवार से शुरू होगी जहां सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। बजट सत्र की शुरुआत जिस तरह हंगामे के साथ हुई है उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।