Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी

    ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ प्यार में मिले धोखे ने एक महिला को मौत गले लगाने पर मजबूर कर दिया। बहोड़ापुर इलाके की रहने वाली वैष्णवी उर्फ प्राची ने सिरौल थाना क्षेत्र स्थित ‘ईस्ट मैरेडियन मल्टी’ के अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौत को गले लगाने से पहले प्राची ने अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने सिसकते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार अपने पति राजू उर्फ सत्यनारायण भदौरिया और उसके परिवार को ठहराया है।

    मंदिर में रचाई थी शादी फिर खुला कड़वा सच करीब 6 महीने पहले प्राची ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर पुरानी छावनी निवासी राजू से मंदिर में शादी की थी। दोनों ने स्टांप पर भी अपने रिश्ते को प्रमाणित किया था और किराये के फ्लैट में साथ रह रहे थे। प्राची को लगा था कि उसने अपना संसार बसा लिया है लेकिन जल्द ही उसके सामने एक ऐसा सच आया जिसने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी। उसे पता चला कि राजू पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।

    ससुराल में मारपीट और आखिरी फैसला पति की पहली शादी की सच्चाई जानने के बाद जब प्राची न्याय मांगने के लिए राजू के घर पहुंची तो वहां सहानुभूति के बजाय उसे प्रताड़ना मिली। परिजनों का आरोप है कि राजू की पहली पत्नी और उसके पिता ने प्राची के साथ जमकर मारपीट की। इसी अपमान और धोखे से आहत होकर प्राची अपने फ्लैट पर वापस आई और पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया।

    पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही सिरौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के हाथ वह वीडियो भी लगा है जिसे प्राची ने मरने से ठीक पहले बनाया था। पुलिस अब इस मामले में आरोपी पति और उसके परिजनों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

  • ऑल इंडिया मुशायरे में दबंगई, गला दबाकर शायर को पीटा, नकदी और सामान लूटने का आरोप

    ऑल इंडिया मुशायरे में दबंगई, गला दबाकर शायर को पीटा, नकदी और सामान लूटने का आरोप


    खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा उस समय अफरातफरी और हिंसा में बदल गया जब मंच पर ही एक पत्रकार और शायर पर कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया गया। 8 फरवरी 2026 की देर रात जम जम मार्केट में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के नामवर शायर शामिल हुए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था और श्रोता शायरी का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक माहौल बिगड़ गया।

    बताया गया है कि कार्यक्रम में बतौर शायर आमंत्रित अबूबकर जिया, जो पेशे से पत्रकार भी हैं, ने जब अपनी प्रस्तुति दी तो श्रोताओं ने उन्हें सराहा। इसी दौरान रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच 25 से 30 लोगों का एक समूह मंच पर चढ़ आया। आरोप है कि इन लोगों ने कार्यक्रम रोकने की कोशिश की और आयोजकों से सवाल किया कि उन्हें सम्मान क्यों नहीं दिया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंच पर पहुंचे कुछ लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान अबूबकर जिया को निशाना बनाया गया। उनके साथ धक्का मुक्की की गई, गला दबाने का प्रयास किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। स्थिति कुछ समय के लिए इतनी गंभीर हो गई कि वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसे हालात बन गए।

    पीड़ित का आरोप है कि हमले के दौरान उनकी जेब में रखे करीब 3200 रुपये नकद, प्रेस कार्ड, एक पेन और हाथ घड़ी भी छीन ली गई। साथ ही उनके साथ मारपीट कर अपमानजनक व्यवहार किया गया। घटना ने कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाई और शहर में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

    मौके पर मौजूद कुछ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जिला सदर और पार्षद रियाजुद्दीन, पार्षद वारिस चौबे, पार्षद असलम, पार्षद शकील वक्त, पार्षद पति अदीब बावा, एडवोकेट शाहरुख मिर्जा और पत्रकार रईस खान सहित अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर अबूबकर जिया को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें पीछे के रास्ते से कार्यक्रम स्थल से हटाया गया।

    घटना के बाद अबूबकर जिया ने थाना कोतवाली खरगोन में आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ लूट, मारपीट, जानलेवा हमले और गाली गलौज की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।इस घटना ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार की हिंसक घटना से शहर के बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी आहत हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • दतिया में नाबालिग की शादी पर प्रशासन का शिकंजा: बारात का पीछा कर किया रेस्क्यू, टेंट-डीजे-हलवाई पर भी FIR

    दतिया में नाबालिग की शादी पर प्रशासन का शिकंजा: बारात का पीछा कर किया रेस्क्यू, टेंट-डीजे-हलवाई पर भी FIR


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले में बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती का परिचय दिया है। ग्राम खटोला में एक नाबालिग बालिका का विवाह संपन्न होने और विदाई की तैयारी की गुप्त सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल बालिका को रेस्क्यू किया गया बल्कि विवाह में सहयोग करने वाले टेंट हाउस डीजे और हलवाई संचालकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    जानकारी के अनुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय को सूचना मिली थी कि गांव में नाबालिग लड़की की शादी कर दी गई है और विदाई की रस्म पूरी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी जनपद पंचायत दतिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनीत त्रिपाठी और थाना उनाव की पुलिस टीम संयुक्त रूप से मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक विदाई हो चुकी थी और बारात रवाना हो चुकी थी।

    प्रशासनिक टीम ने बिना समय गंवाए विदाई के काफिले का पीछा किया। रास्ते में घेराबंदी कर लौटती बारात को रोका गया और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में बालिका की उम्र कानूनी विवाह आयु से कम पाई गई। इसके बाद बालिका को तत्काल रेस्क्यू कर थाना उनाव लाया गया जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई।

    कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बार कार्रवाई का दायरा केवल परिजनों तक सीमित नहीं रखा गया बल्कि विवाह आयोजन में सहयोग देने वाले सभी पक्षों को भी जिम्मेदार माना गया है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत विवाह में भोजन बनाने वाले हलवाई पंडाल लगाने वाले टेंट संचालक और डीजे मालिक के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

    कलेक्टर ने जिले के सभी टेंट हाउस संचालकों हलवाइयों डीजे ऑपरेटरों और पंडितों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने निर्देशित किया है कि भविष्य में किसी भी शादी की बुकिंग लेने से पहले वर-वधू के आयु संबंधी प्रमाण पत्र जैसे जन्म प्रमाण पत्र या अंकसूची का सत्यापन अनिवार्य रूप से करें। यदि किसी आयोजन में नाबालिग की शादी पाई गई तो सेवा प्रदाताओं को भी कानूनी कार्रवाई और जेल का सामना करना पड़ेगा।

    प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले में स्पष्ट संदेश गया है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी सूचना को तत्काल प्रशासन तक पहुंचाएं ताकि समय रहते बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

  • सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल

    सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। रूटीन चेकिंग के दौरान जब टीम ने एक उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करते पकड़ा तो आरोपी ने आपा खो दिया और साक्ष्य मिटाने के इरादे से मीटर ही उखाड़कर फेंक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग की टीम क्षेत्र में स्मार्ट मीटर की निगरानी और नियमित जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक मकान में लगे स्मार्ट मीटर में संदिग्ध गतिविधि पाई गई। तकनीकी जांच में मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली उपयोग करने के संकेत मिले। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की संबंधित उपभोक्ता भड़क उठा।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने पहले टीम की कार्रवाई का विरोध किया और फिर दीवार पर लगे स्मार्ट मीटर को जबरन उखाड़कर जमीन पर पटक दिया जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि यह कदम कथित रूप से चोरी के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उठाया गया। इसके बाद आरोपी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें ड्यूटी करने से रोकने की कोशिश की।

    घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में आरोपी को आक्रामक रवैये में देखा जा सकता है जबकि विभागीय कर्मचारी स्थिति संभालने का प्रयास करते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सरकारी संपत्ति है और उसे नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और कार्य में बाधा डालना भी दंडनीय है। विभाग द्वारा संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ बिजली अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तरह की दबंगई या विरोध के बावजूद कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं स्थानीय पुलिस से भी संपर्क कर मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बिजली चोरी रोकने की कार्रवाई के दौरान विभागीय कर्मचारियों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

  • छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या

    छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या


    छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर हुए झगड़े में 36 वर्षीय बेटे ने अपने ही 72 वर्षीय पिता की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। घटना 3 फरवरी की रात करीब 10 बजे बी.जे. सायडिंग क्षेत्र की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार नीरज इवनाती अपने घर पर देर रात होम थिएटर तेज आवाज में चला रहा था। रात बढ़ने के साथ शोर भी बढ़ता गया। इसी दौरान उसकी मां ने उसे आवाज कम करने या बंद करने को कहा। आरोप है कि इस बात पर नीरज भड़क उठा और अपनी मां के साथ अभद्रता करते हुए गाली गलौज करने लगा। घर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

    पत्नी के साथ हो रही बदसलूकी और घर में बढ़ते विवाद को देख 72 वर्षीय भारत लाल इवनाती ने बीच बचाव की कोशिश की। उन्होंने बेटे को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में बेकाबू नीरज ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। बताया जा रहा है कि आंगन में रखा फावड़ा उठाकर उसने अपने पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भारत लाल को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही परासिया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईश्वर पटले के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी नीरज इवनाती को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त खून से सना फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना अचानक हुए गुस्से और आपसी विवाद का परिणाम है, हालांकि पुलिस पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।

    इस घटना ने पूरे परासिया क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि एक मामूली विवाद ने पिता पुत्र के रिश्ते को इस कदर खत्म कर दिया। जिस उम्र में माता पिता को संतान के सहारे की जरूरत होती है, उसी उम्र में एक पिता को अपने ही बेटे के हाथों जान गंवानी पड़ी।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्षणिक आवेश और असंयमित व्यवहार किस तरह पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा सकता है।

  • भोपाल छात्रा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस: SIT गठित, आरोपियों के नेटवर्क और अन्य पीड़िताओं की भी होगी जांच

    भोपाल छात्रा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस: SIT गठित, आरोपियों के नेटवर्क और अन्य पीड़िताओं की भी होगी जांच


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म ब्लैकमेलिंग और कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के गंभीर मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीटी नगर एसीपी अंकिता खातरकर के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच दल SIT का गठन किया गया है। टीम में महिला थाना प्रभारी और कोहेफिजा थाना प्रभारी को भी शामिल किया गया है।

    पुलिस के अनुसार आरोप है कि छात्रा के साथ चलती कार में दुष्कर्म किया गया और घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। इसी आधार पर उस पर दबाव बनाया गया। SIT यह भी जांच करेगी कि पीड़िता आरोपियों के संपर्क में कैसे आई और क्या इस तरह की वारदात में अन्य युवतियां भी शिकार बनी हैं। जांच के दायरे में आरोपी माज की भूमिका वीडियो बनाने की साजिश और उसे साझा करने के पहलुओं को भी शामिल किया गया है।

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वारदात के दौरान मुख्य आरोपी औसाफ और छात्रा कार के भीतर थे जबकि माज ने कथित रूप से बाहर से कांच के जरिए वीडियो बनाया। पुलिस का कहना है कि यह सब पूर्व नियोजित प्रतीत होता है। माज पर आरोप है कि उसने वीडियो अपने कुछ रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ भी साझा किए। अब SIT यह पता लगाने में जुटी है कि इस वीडियो का दुरुपयोग किस हद तक हुआ और किन-किन लोगों तक यह सामग्री पहुंची।

    मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी औसाफ और माज को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक करीब 70 लाख रुपये कीमत की चार लग्जरी थार गाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं जिनका उपयोग कथित तौर पर वारदात में किया गया। आरोपी माज की चौथी थार गाड़ी भी हाल ही में जब्त की गई है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और उनके संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

    SIT पीड़िता से दोबारा विस्तृत बयान दर्ज करेगी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों मोबाइल फोन वीडियो क्लिप चैट रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    यह मामला सामने आने के बाद शहर में व्यापक चर्चा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को इस प्रकरण से जुड़ी कोई जानकारी हो तो वह आगे आकर जांच में सहयोग करे। फिलहाल पूरी जांच SIT के निगरानी में जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

  • ग्वालियर में सजेगी वीवीआईपी शादी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे के विवाह में जुटेंगे दिग्गज नेता

    ग्वालियर में सजेगी वीवीआईपी शादी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे के विवाह में जुटेंगे दिग्गज नेता


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निवास पर आज शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। उनके पुत्र रिपुदमन सिंह उर्फ सागर का विवाह समारोह शहर के ऐतिहासिक उषा किरण पैलेस में आयोजित किया जा रहा है। परिवार में उत्सव जैसा माहौल है और बहू के स्वागत की तैयारियां पिछले कई दिनों से जोर शोर से चल रही हैं।
    इस खास मौके पर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है, जिसके चलते ग्वालियर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विवाह समारोह को भव्य और गरिमामय बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल उषा किरण पैलेस को आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है। समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा सहित मंत्रिमंडल के कई सदस्य, विधायक और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। बड़ी संख्या में वीवीआईपी मेहमानों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है।
    मंत्री निवास रेसकोर्स रोड स्थित सरकारी बंगले पर बीते दिनों से विवाह की पारंपरिक रस्में संपन्न की जा रही थीं। हल्दी, संगीत और अन्य कार्यक्रमों में परिवार और समर्थकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बेटे की शादी की खुशी में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर परिवारजनों के साथ पारंपरिक धुनों पर झूमते नजर आए। उनका डांस वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे समर्थक और आम नागरिक खूब साझा कर रहे हैं। विवाह के बाद आम जनता के लिए भी विशेष कार्यक्रम रखा गया है। 14 फरवरी को डबरा बायपास रोड स्थित इंपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में आशीर्वाद समारोह और स्वरुचि भोज का आयोजन किया जाएगा।
    इस कार्यक्रम में क्षेत्र की जनता, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दे सकेंगे। शहर में बड़े नेताओं के आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। होटल से लेकर मंत्री निवास और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक रूट भी तय किए गए हैं ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर की राजनीति का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं और उनके पुत्र का विवाह समारोह राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन बन गया है। इस विवाह में सत्ता और संगठन के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इसे खास बना रही है। ग्वालियर आज एक भव्य और चर्चित समारोह का साक्षी बनने जा रहा है जहां पारिवारिक खुशियों के साथ राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
  • भीम आर्मी और ASP का प्रदर्शन: यूजीसी समर्थन में 17 सूत्रीय ज्ञापन, दलित-आदिवासी और किसानों के मुद्दे उठाए

    भीम आर्मी और ASP का प्रदर्शन: यूजीसी समर्थन में 17 सूत्रीय ज्ञापन, दलित-आदिवासी और किसानों के मुद्दे उठाए

    भोपाल। भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने यूजीसी के समर्थन में राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ता अंबेडकर जयंती मैदान पर इकट्ठे हुए और मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने चेतावनी दी कि यदि दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, किसान और छात्रों से जुड़ी मांगों पर तुरंत सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

    ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग ओबीसी आरक्षण की रही। संगठन ने 13% होल्ड आरक्षण तुरंत लागू करने और आगामी जातिगत जनगणना में पिछड़ा वर्ग की जातियों के लिए अलग कॉलम बनाने की मांग उठाई। इसके साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लंबित बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान के जरिए भरने और पदोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। शिक्षा क्षेत्र में संगठन ने यूजीसी विनियम 2026 में संशोधन की मांग की और वर्ष 2012 की तर्ज पर सख्त निर्देश जारी करने की अपील की ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव समाप्त हो। संगठन ने इक्विटी कमेटी और एंटी-डिस्क्रिमिनेशन तंत्र में इन वर्गों की कम से कम 50% भागीदारी अनिवार्य करने की भी मांग की।

    किसानों के मुद्दे पर भी संगठन मुखर रहा। उन्होंने ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के पारदर्शी सर्वेक्षण और तत्काल मुआवजे की मांग की। इसके अलावा नीमच स्थित धानुका इथेनॉल प्लांट से फैल रहे प्रदूषण की स्वतंत्र जांच कराने, एससी-एसटी वर्ग की आवंटित जमीनों से अवैध कब्जे हटाने और पुराने आंदोलन संबंधी मुकदमों को वापस लेने की मांग की।

    प्रशासनिक सुधारों में संगठन ने सीएम हेल्पलाइन की लापरवाही और चुनाव प्रक्रिया में बैलेट पेपर के विकल्प पर विचार करने का सुझाव भी दिया। इस दौरान भीम आर्मी के प्रदेश संयोजक सुनील बैरसिया, ASP कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव, प्रदेश प्रभारी विनोद यादव अम्बेडकर, सुनील अस्तेय, अनिल गुर्जर और युवा मोर्चा अध्यक्ष सतेंद्र सेंगर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।

  • नर्मदापुरम में साइबर ठगों का जाल: एक दिन में 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल, सेवा समाप्ति की धमकी देकर मांगा OTP

    नर्मदापुरम में साइबर ठगों का जाल: एक दिन में 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल, सेवा समाप्ति की धमकी देकर मांगा OTP


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही दिन में सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल कर ठगों ने निशाना बनाया। खुद को विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताकर कॉल करने वाले ने सेवा समाप्ति की धमकी दी और पोषण ट्रैकर चालू न होने का हवाला देते हुए पासवर्ड और ओटीपी की मांग की। एक कार्यकर्ता द्वारा ओटीपी साझा करते ही उसका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया।

    जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी की शाम जिले की सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं प्रमिला शर्मा, ममता मंसूरिया, सावित्री सेन, सरिता, वैष्णवी माधव सहित वार्ड क्रमांक 5, केंद्र क्रमांक 11 की कार्यकर्ता को मोबाइल नंबर 9798929881 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने सख्त लहजे में कहा कि उनका पोषण ट्रैकर बंद है और यदि तुरंत जानकारी अपडेट नहीं की गई तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। घबराहट में एक कार्यकर्ता ने मांगी गई ओटीपी साझा कर दी, जिसके तुरंत बाद उसका व्हाट्सएप अकाउंट लॉगआउट हो गया।

    अकाउंट हैक होने के बाद संबंधित कार्यकर्ता के व्हाट्सएप से जुड़े विभिन्न ग्रुपों में एसबीआई बैंक के योनो ऐप की कथित फाइल का लिंक भेजा गया। आशंका है कि इस लिंक के माध्यम से अन्य लोगों के मोबाइल में भी मैलवेयर इंस्टॉल कराने की कोशिश की गई। समय रहते अन्य कार्यकर्ताओं ने लिंक पर क्लिक नहीं किया, जिससे बड़ी साइबर ठगी टल गई।

    घटना के बाद सभी प्रभावित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचीं और साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मामले की गंभीर जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग हरकत में आया और संबंधित नंबर की जांच शुरू कर दी गई है।

    एडिशनल एसपी अभिषेक राजन ने स्पष्ट किया कि कोई भी विभागीय अधिकारी फोन पर कभी भी ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगता। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस प्रकार की कॉल प्राप्त होती है तो तुरंत नंबर ब्लॉक करें और नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही उन्होंने सभी शासकीय कर्मचारियों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान लिंक, विशेषकर जिनमें APK लिखा हो, उसे डाउनलोड या क्लिक न करने की सलाह दी है।

    यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर ठग अब सरकारी कर्मचारियों को भी निशाना बना रहे हैं और पद तथा सेवा समाप्ति की धमकी का सहारा लेकर डर का माहौल बनाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड किसी से साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

  • मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक बदलाव: अब अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां भी माता-पिता की पेंशन की पात्र

    मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक बदलाव: अब अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां भी माता-पिता की पेंशन की पात्र




    नई दिल्ली।
    मध्य प्रदेश सरकार ने परिवार पेंशन के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब राज्य में अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां भी माता-पिता की पारिवारिक पेंशन की पात्र सूची में शामिल होंगी। यह बड़ा फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।

    कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 2026 और सिविल सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी। नए नियमों के तहत अब परिवार पेंशन से जुड़े मामलों का निपटारा सरल और समयबद्ध होगा। इसके अलावा, NPS के तहत ग्रेच्युटी भुगतान, स्वेच्छिक सेवानिवृति, केंद्र और राज्य सरकार की पूर्व सेवा का संयोजन, निलंबन अवधि में अंशदान और देरी की स्थिति में जिम्मेदारी, तथा सेवानिवृत्ति या त्यागपत्र के बाद ग्रेच्युटी की पात्रता और भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे।

    इस ऐतिहासिक बदलाव से राज्य की हजारों बेटियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। अब पेंशन का लाभ माता-पिता पर आश्रित महिलाओं तक भी पहुंच सकेगा। सरकार ने बताया कि परिवार पेंशन के लिए आवेदन करना अब और भी आसान होगा। इच्छुक बेटियों को संबंधित विभाग या कोषालय कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेज़ों में पहचान पत्र, तलाक या विधवा प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कागजात शामिल होंगे।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों के प्रकाशन के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। यह कदम विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए राहत साबित होगा, जो तलाक या विधवा होने के बाद अपने माता-पिता पर निर्भर हैं और जिनके पास स्थायी आय का साधन नहीं है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और समानता को बढ़ावा देगा और राज्य की बेटियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और इसके लागू होने के तुरंत बाद बेटियां पारिवारिक पेंशन का लाभ प्राप्त कर सकेंगी।