गवाहों के नाम पर खेल
पुलिसिया तंत्र की पोल
किसकी हो रही है सुनवाई
सिंडीकेट का बड़ा खुलासा
सीसीटीएनएस पोर्टल और मैनुअल जांच
न्याय के गले में फंसा ताला

गवाहों के नाम पर खेल
किसकी हो रही है सुनवाई
सिंडीकेट का बड़ा खुलासा

सूचना मिलने के बाद दो पुलिसकर्मी बाइक से मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि कुछ युवक शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे और क्षेत्र में अशांति फैला रहे थे। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने नशेड़ियों को समझाने की कोशिश की, उन युवकों ने न केवल पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को अपनी जान की सुरक्षा के लिए वहां से भागना पड़ा।
इस हमले में पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं घटी। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद नशेड़ियों का एक समूह था जो पहले तो गाली-गलौज कर रहा था और फिर अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन हमलावरों का कुछ पता नहीं चल पाया है।पुलिस ने इस हमले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई है। इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि इलाके में बढ़ते नशे के मामलों पर नियंत्रण रखने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।


शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त 1212 PM – 1255 PM यह समय बेहद शुभ माना जाता है, खासकर महत्वपूर्ण कार्यों के लिए। व्यापारिक फैसले, घर की शांति, और नए काम की शुरुआत के लिए यह अवधि श्रेष्ठ है।
अमृत काल 0605 AM – 0746 AM यह काल बेहद फलदायक है। इस समय में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष महत्व होता है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
ब्रह्म मुहूर्त 0538 AM – 0626 AM इस समय का उपयोग ध्यान साधना और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। यह समय भी अत्यंत शुभ है और धार्मिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
अशुभ काल
राहू काल 1113 AM – 1233 PM यह समय किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए उपयुक्त नहीं होता है। यात्रा, नई शुरुआत और किसी भी बड़े निवेश से बचना चाहिए।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय 0714 AM आज सूर्योदय का समय है 714 AM, जो दिन की शुरुआत के लिए शुभ है।
सूर्यास्त 0553 PM सूर्यास्त का समय 553 PM है, और यह समय रात की शुरुआत का संकेत है।
चन्द्रोदय 1151 PM चंद्रमा का उदय रात के 1151 बजे होगा, जो रात्रि में चंद्र ग्रहण का संकेत कर सकता है।
चन्द्रास्त 1144 AM, Jan 10 चंद्रमा का अस्त 1144 AM पर होगा, जो दिन के समय होगा और अगले दिन का संकेत देगा।
आज के पंचांग के अनुसार, इस दिन को विशेष रूप से शुभ कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है, खासकर उन समयों में जब अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल और ब्रह्म मुहूर्त जैसी शुभ अवधी हो। वहीं, राहू काल और यम गण्ड जैसे अशुभ कालों में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को स्थगित कर देना चाहिए।


प्रीबोर्ड परीक्षा के बाद का योजनाबद्ध तरीका

एनएचएम के स्टेट सर्विलांस अफसर डॉ. अश्विन भागवत ने बताया कि सर्वे के दौरान जिन 463 घरों में उल्टी-दस्त के मरीज मिले, वहां से अब संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक गली या एक क्लस्टर से मरीज नहीं मिले, बल्कि पूरे क्षेत्र से ही मरीजों की सूचना प्राप्त हुई। इस बात ने क्षेत्र में दूषित पानी के व्यापक फैलाव को उजागर किया है।
सर्वे के बाद, प्रशासन ने जल वितरण व्यवस्था में सुधार की दिशा में त्वरित कदम उठाए हैं। जल आपूर्ति को शुद्ध करने और उपचार की सुविधा देने से मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। इसके साथ ही, जिओ मैपिंग तकनीक के माध्यम से मरीजों की पहचान की गई है, ताकि संक्रमण फैलने के अन्य कारणों का पता लगाया जा सके और उनका इलाज किया जा सके।
इस सर्वे से यह भी पता चला कि संक्रमण के कारण प्रभावित घरों में समय पर इलाज मिलने और जल वितरण व्यवस्था के सुधार से अब स्थिति नियंत्रण में आ रही है। हालांकि, स्थिति अभी भी चिंताजनक है और प्रशासन लगातार इलाके में सफाई अभियान और पानी की गुणवत्ता को लेकर काम कर रहा है। अब तक, प्रशासन ने क्षेत्र में त्वरित सुधार कार्यों के साथ-साथ नागरिकों को दूषित पानी से बचने के लिए जागरूक किया है। इंदौर नगर निगम और अन्य प्रशासनिक विभागों का कहना है कि जल आपूर्ति में सुधार के बाद, 11 जनवरी से भागीरथपुरा के लोग पीने योग्य पानी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे दूषित पानी के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य संकट को समाप्त करने में मदद मिलेगी।

कलेक्टर के अनुसार, गुरुवार रात को भागीरथपुरा में नर्मदा पेयजल पाइपलाइन को प्रेशर से क्लोरीन द्वारा फ्लश किया गया था। इसके बाद पानी के सैंपल लिए गए और उनका परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण की रिपोर्ट मिलने के बाद 11 जनवरी से लोगों को नर्मदा जल पीने के लिए उपलब्ध होगा।कलेक्टर ने यह भी कहा कि फिलहाल क्षेत्र के सभी बोरिंग में क्लोरीन डाला जा चुका है और इन्हें केवल घरेलू उपयोग के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बीच, प्रशासन द्वारा टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई भी की जा रही है ताकि लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके।
भागीरथपुरा में नर्मदा जल आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर स्थानीय निवासियों में उम्मीद जगी है। लंबे समय से यहां के लोग दूषित पानी से हो रही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और अब प्रशासन की ओर से सुधार के प्रयासों से उम्मीद जताई जा रही है कि जल समस्या जल्द हल हो जाएगी।नर्मदा जल की आपूर्ति से पहले, भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पाइप लाइनों की मरम्मत और सफाई का काम जोरों से चल रहा है। फिलहाल, कलेक्टर और प्रशासन का कहना है कि 11 जनवरी तक नर्मदा जल क्षेत्रवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और पीने योग्य पानी उपलब्ध करवा दिया जाएगा।

यह दुर्घटना शुक्रवार सुबह उस समय हुई जब कार सवार युवक-युवतियां एक पार्टी से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि कार की रफ्तार काफी तेज थी, और अचानक ट्रक से टकराने के कारण कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस के मुताबिक ट्रक का चालक दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए, और सड़क पर यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है।
घटना के बाद बाला बच्चन और कासलीवाल परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अपने परिवार के साथ इस कठिन समय को सहन करने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी इस हादसे पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दुर्घटना ने एक बार फिर इंदौर में तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा की आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने बताया कि सड़क पर तेज रफ्तार से गाड़ियां चलाना बहुत खतरनाक हो सकता है, और ऐसे हादसों से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन जरूरी है।
इंदौर में इस प्रकार की दुर्घटनाएं आम हो गई हैं, और लोग सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए दुर्घटनाओं से बचने की कोशिश नहीं करते। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक और बार यह साबित करता है कि सड़कों पर अनियंत्रित और लापरवाह ड्राइविंग से न केवल वाहन चालकों, बल्कि पैदल चलने वालों और अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

मंत्री सारंग ने बताया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ 12 जनवरी को खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। यह शुभारंभ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शाम 6 बजे बड़े तालाब से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार लॉन्चिंग इवेंट के दौरान दर्शकों को 4K वॉटर प्रोजेक्शन देखने को मिलेगा। यह वॉटर प्रोजेक्शन दर्शकों को एक इमर्सिव और सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा, जो अब तक राज्य स्तर के किसी भी खेल आयोजन में देखने को नहीं मिला है।
देश में पहली बार फ्लोटिंग स्टेज पर ऐतिहासिक लॉन्चिंग
देश में पहली बार किसी राज्य स्तरीय यूथ स्पोर्ट्स इवेंट की लॉन्चिंग फ्लोटिंग स्टेज पर की जाएगी, जहाँ 4K वॉटर प्रोजेक्शन इस ऐतिहासिक समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। भोपाल के बड़े तालाब की प्राकृतिक भव्यता के बीच जल-परदे पर अत्याधुनिक 4K तकनीक के माध्यम से खेलो एमपी यूथ गेम्स की थीम, लोगो, विज़ुअल स्टोरी और खेल भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रस्तुति के साथ हाई-क्वालिटी विजुअल डिस्प्ले, टॉर्च लाइटिंग के माध्यम से आकर्षक फायर वर्क तथा 20 फीट ऊँची ‘लार्जर दैन लाइफ’ जर्सी जैसे विशेष आकर्षण समारोह की भव्यता को बढ़ायेंगे। आधुनिक तकनीक और खेल संस्कृति के इस अद्वितीय संगम के माध्यम से यह शुभारंभ समारोह मध्यप्रदेश की नवाचार क्षमता, खेल प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा।
लोगो, मैस्कॉट, एंथम और जर्सी का होगा अनावरण
मंत्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, मैस्कॉट, एंथम एवं आधिकारिक जर्सी का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। यह क्षण खेलो एमपी यूथ गेम्स की पहचान और भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ खेल प्रशासक भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
शुभारंभ समारोह में दिखेगी भोपाल के तालाबों की भव्यता
मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ समारोह विशेष रूप से आकर्षक एवं यादगार बनाया गया है। इस अवसर पर ताल-तलैयों की नगरी भोपाल के ऐतिहासिक तालाबों की भव्यता दिखेगी। शुभारंभ समारोह के माध्यम से एमपी की पहचान केवल खेलों के राज्य के रूप में ही नहीं, बल्कि संस्कृति, सौंदर्य और युवाशक्ति के केंद्र के रूप में भी देश के सामने प्रस्तुत की जाएगी। यह आयोजन खिलाड़ियों, दर्शकों और आमजन के लिए प्रेरणादायी एवं उत्साहवर्धक अनुभव सिद्ध होगा।
देश में पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर करेंगे आयोजन
मंत्री सारंग ने कहा कि यह देश में पहली बार हो रहा है, जब खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से यूथ गेम्स का आयोजन एवं संचालन कर रहे हैं। यह पहल खेल विभाग का एक ऐतिहासिक और नवाचारी कदम है। खेलो एमपी यूथ गेम्स केवल एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य की राज्य टीम चयन प्रक्रिया का सशक्त, व्यवस्थित और पारदर्शी मंच बनेगा। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सकेगी, जिससे उन्हें आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा।
28 खेलों के लिये चरणबद्ध चयन प्रक्रिया
खेलो एमपी यूथ गेम्स की चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 12 से 16 जनवरी 2026, जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ 16 से 20 जनवरी 2026, संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ 21 से 25 जनवरी 2026 तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। यूथ गेम्स के अंतर्गत कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर एवं प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार खेल आयोजन
मंत्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन इस सिद्धांत पर किया जाएगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहीं संबंधित खेलों का आयोजन किया जाए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित हैं। ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होने वाली इस चयन प्रक्रिया में जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतियोगिताओं में भाग लेंगी।
पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को किया शामिल
मंत्री सारंग ने बताया कि यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष स्थान दिया गया है। इस क्रम में पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रो बॉल को भी प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। इन खेलों के समावेशन का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रचलित खेलों को संस्थागत मंच प्रदान करना, अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ना तथा छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाना है।