Category: Madhya Pradesh

  • मऊगंज में खाकी का गवाह घोटाला: पुलिस के 'सुपर गवाह' ने खोला तंत्र का कच्चा चिट्ठा, 1000 मुकदमे और सिर्फ 6 चेहरे

    मऊगंज में खाकी का गवाह घोटाला: पुलिस के 'सुपर गवाह' ने खोला तंत्र का कच्चा चिट्ठा, 1000 मुकदमे और सिर्फ 6 चेहरे


    मऊगंज । मऊगंज अभय मिश्रा मऊगंज जिले के नईगढ़ी और लौर थाने में पुलिस द्वारा गवाहों के नाम पर एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है जो ना सिर्फ कानून की धज्जियां उड़ाने वाला है, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। यहां पर ऐसे सुपर गवाह सामने आए हैं, जो एक ही दिन में 7-7 मुकदमों में गवाही देते हैं और हर मामले में वही चेहरा दिखाई देता है। इन गवाहों में प्रमुख नाम है अमित कुशवाहा का जो अब तक 500 से ज्यादा मामलों में गवाही दे चुका है।

    गवाहों के नाम पर खेल

    अमित कुशवाहा, जो खुद एक सरकारी वाहन चालक है, मऊगंज पुलिस के पॉकेट गवाह के रूप में सामने आया है। आश्चर्यजनक रूप से, 2020 की एक FIR में उसकी उम्र 20 साल दर्ज की जाती है, जबकि 5 साल बाद 2025 की FIR में उसकी उम्र केवल 21 साल बताई जाती है। यह सवाल खड़ा करता है कि क्या मऊगंज पुलिस ने जानबूझकर यह गवाह तैयार किया है। RTI के जवाब में पुलिस ने दावा किया था कि अमित कुशवाहा उनका वाहन चालक नहीं है, लेकिन जब उसे सरकारी गाड़ी चलाते पकड़ा गया तो यह सफाई पूरी तरह से झूठी साबित हो गई। इसके अलावा यह भी तथ्य सामने आया है कि अमित कुशवाहा थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर के साथ हमेशा रहता है और जहां-जहां साहब का तबादला होता है वह गवाही देने पहुंच जाता है।

    पुलिसिया तंत्र की पोल
    टीम ने यह भी खुलासा किया कि गवाही देने वाले इसी पॉकेट गवाह के जरिए पुलिस ने दर्जनों निर्दोषों को सलाखों के पीछे डाला। उदाहरण के तौर पर जहरीली शराब मामले में 20 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई जिसमें अमित कुशवाहा गवाह बना। यह मामला सिर्फ एक उदाहरण था क्योंकि ऐसे कई मामलों में गवाह वही चेहरा नजर आता है जिससे पुलिस ने तंत्र को पूरी तरह से मजाक बना दिया। नईगढ़ी थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर का नाम इस पूरे खेल में सबसे ऊपर है, क्योंकि उनके कार्यकाल में गवाहों के इस सिंडिकेट का पूरी तरह से विस्तार हुआ। इनका ट्रैक रिकॉर्ड विवादों से भरा पड़ा है जिसमें बिछिया थाने में एक निर्दोष व्यक्ति की पिटाई के मामले में मानवाधिकार आयोग ने जुर्माना लगाया था लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    किसकी हो रही है सुनवाई

    मऊगंज के इस मामले में आरोप है कि पुलिस ने 80 साल के बुजुर्ग नंदकुमार तिवारी को आधी रात को लॉकअप में डाल दिया। उनके खिलाफ कोई ठोस आरोप नहीं था बस उन्होंने पुलिस की रात में मौजूदगी पर सवाल उठाया था। वायरल ऑडियो में पुलिसकर्मी खुद स्वीकार कर रहे हैं कि उनके पास शराब नहीं बल्कि पेट्रोल था फिर भी आरोप आबकारी का बनाया गया और गवाह वही पुलिस का चहेता अमित कुशवाहा।

    सिंडीकेट का बड़ा खुलासा

    नईगढ़ी और लौर थाने में पॉकेट गवाहों की पूरी फौज खड़ी कर दी गई है, जिनमें राहुल विश्वकर्मा, दिनेश कुशवाहा जैसे नाम शामिल हैं, जो थाने में चपरासी तक के काम करते हैं। यह मामला अब राज्य की सियासत के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी ने इस संगठित अपराध की शिकायत मुख्यमंत्री, डीजीपी, आईजी और लोकायुक्त से की है। उनके पास साक्ष्य और वीडियो प्रमाण हैं, जो पुलिस के खिलाफ गवाही दे रहे हैं।

    सीसीटीएनएस पोर्टल और मैनुअल जांच
    मऊगंज पुलिस का गवाह घोटाला अब सीसीटीएनएस पोर्टल के जरिए सामने आया है, जहां पर दर्ज डिजिटल रिकॉर्ड से इस पूरे तंत्र का खुलासा हुआ है। जानकारों का मानना है कि अगर मैनुअल FIR और पुरानी केस डायरियों की निष्पक्ष जांच की जाए तो यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है, जो मऊगंज के नईगढ़ी और लौर थाना पुलिस के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है।

    न्याय के गले में फंसा ताला
    क्या खाकी अब बेगुनाहों की जिंदगी से खेल रही है यह सवाल मऊगंज की पुलिस पर ही नहीं पूरे न्यायिक तंत्र पर भी है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अमानुल्लाह ने हाल ही में पॉकेट गवाहों पर सख्त टिप्पणी करते हुए इसे न्याय का कत्ल बताया था लेकिन मऊगंज का यह मामला पूरी तरह से पुलिसिया तंत्र की पोल खोलने का काम कर रहा है। अब सवाल यह है कि इस घोटाले पर कब कार्रवाई होगी ।

  • नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे

    नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे


    सतना । कोलगवां थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक पंद्रह स्थित पानी टंकी क्षेत्र में नशेड़ियों ने पुलिस पर पत्थर से हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब पुलिसकर्मी शराब पीकर हंगामा कर रहे युवकों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। करीब एक दर्जन आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे पुलिसकर्मियों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा।

    सूचना मिलने के बाद दो पुलिसकर्मी बाइक से मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि कुछ युवक शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे और क्षेत्र में अशांति फैला रहे थे। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने नशेड़ियों को समझाने की कोशिश की, उन युवकों ने न केवल पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को अपनी जान की सुरक्षा के लिए वहां से भागना पड़ा।

    इस हमले में पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं घटी। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद नशेड़ियों का एक समूह था जो पहले तो गाली-गलौज कर रहा था और फिर अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन हमलावरों का कुछ पता नहीं चल पाया है।पुलिस ने इस हमले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई है। इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि इलाके में बढ़ते नशे के मामलों पर नियंत्रण रखने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत

    भोपाल एयरपोर्ट पर नया आईएलएस सिस्टम: उड़ानें अब समय पर, यात्रियों को मिली राहत


    भोपाल । भोपाल राजा भोज एयरपोर्ट पर अब यात्रियों को मौसम के खराब होने और कोहरे के कारण होने वाली उड़ान देरी से राहत मिल गई है। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक कैटेगरी-2 इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम आईएलएस की स्थापना के साथ अब उड़ानों की टाइमिंग पर ब्रेक लग गया है। पहले जहां मौसम खराब होने और घने कोहरे के कारण उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ता था, वहीं अब इस नए सिस्टम की मदद से ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। पिछले दिसंबर-जनवरी के महीने में भोपाल एयरपोर्ट पर उड़ानें लेट होने और डायवर्ट होने की समस्या आम थी, लेकिन अब नए सिस्टम के चलते एक भी उड़ान डायवर्ट नहीं हुई है।
    आईएलएस सिस्टम की स्थापना का काम तीन साल से चल रहा था, जिसमें मौसम उपकरणों के अपग्रेडेशन के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रनवे से लगी कुछ ज़मीन सेना की थी, जिसके कारण इस उपकरण की स्थापना में रुकावट आ रही थी। हालांकि, इस समस्या का समाधान होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस अत्याधुनिक सिस्टम की स्थापना पूरी की। अब जब दृश्यता 350 मीटर तक घट जाती है, तब भी विमान इस सिस्टम की मदद से सुरक्षित लैंड कर सकते हैं।
    नए सिस्टम की स्थापना से न केवल उड़ान की देरी में कमी आई है, बल्कि यात्रियों को भी राहत मिली है। इस अपग्रेडेशन को नागर विमानन महानिदेशालय डीजीसीए से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद पूरी तरह से लागू किया गया है। अब यह सिस्टम अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोहरे और खराब मौसम के बावजूद उड़ानें समय पर चल सकें।
    एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन से यात्रा की सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ी हैं। पिछले कुछ समय से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है, और यह नया सिस्टम उनके लिए एक बड़ी राहत साबित हो रहा है। अब भोपाल एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहां अत्याधुनिक कैटेगरी-2 आईएलएस सिस्टम की स्थापना की गई है। यह एयरपोर्ट इस प्रणाली के साथ प्रदेश का पहला और देश का तीसरा एयरपोर्ट बन चुका है, जिसने अपने उड़ान संचालन को और भी सुरक्षित और प्रभावी बना लिया है।

  • 09 जनवरी 2026 पंचांग: सप्तमी तिथि पर उत्तर फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र का संयोग, जानिए शुभ और अशुभ काल

    09 जनवरी 2026 पंचांग: सप्तमी तिथि पर उत्तर फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र का संयोग, जानिए शुभ और अशुभ काल


    नई दिल्ली । आज 09 जनवरी 2026 को माघ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। इस दिन का संयोग उत्तर फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र के बनने से विशेष महत्व रखता है। शुक्रवार के दिन जो मां लक्ष्मी को समर्पित होता है इस तिथि और नक्षत्र का संगम विशेष शुभ फल देने वाला माना जाता है। यहां जानिए आज के शुभ और अशुभ काल के बारे में ताकि आप अपने दैनिक कार्यों को सही समय पर नियोजित कर सकें।

    शुभ काल

    अभिजीत मुहूर्त 1212 PM – 1255 PM यह समय बेहद शुभ माना जाता है, खासकर महत्वपूर्ण कार्यों के लिए। व्यापारिक फैसले, घर की शांति, और नए काम की शुरुआत के लिए यह अवधि श्रेष्ठ है।

    अमृत काल 0605 AM – 0746 AM यह काल बेहद फलदायक है। इस समय में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष महत्व होता है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    ब्रह्म मुहूर्त 0538 AM – 0626 AM इस समय का उपयोग ध्यान साधना और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। यह समय भी अत्यंत शुभ है और धार्मिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

    अशुभ काल

    राहू काल 1113 AM – 1233 PM यह समय किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए उपयुक्त नहीं होता है। यात्रा, नई शुरुआत और किसी भी बड़े निवेश से बचना चाहिए।

    यम गण्ड 313 PM – 433 PM इस समय भी नकारात्मक प्रभाव होते हैं। महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें और कोई भी नया कार्य प्रारंभ करने से परहेज करें।
    कुलिक 834 AM – 954 AM यह समय भी अशुभ माना जाता है। इस समय में किसी भी प्रकार की तात्कालिक कार्रवाई या दांव लगाने से बचना चाहिए।
    दुर्मुहूर्त 0922 AM – 1004 AM, 1255 PM – 0137 PM इस समय में भी कार्यों को स्थगित करना बेहतर है, क्योंकि यह समय शुभ नहीं होता।
    वर्ज्यम् 1046 PM – 1230 AM यह समय भी कार्यों को करने के लिए अनुकूल नहीं होता। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए इसे टाल देना सही रहेगा।

    सूर्य और चंद्रमा का समय

    सूर्योदय 0714 AM आज सूर्योदय का समय है 714 AM, जो दिन की शुरुआत के लिए शुभ है।
    सूर्यास्त 0553 PM सूर्यास्त का समय 553 PM है, और यह समय रात की शुरुआत का संकेत है।
    चन्द्रोदय 1151 PM चंद्रमा का उदय रात के 1151 बजे होगा, जो रात्रि में चंद्र ग्रहण का संकेत कर सकता है।
    चन्द्रास्त 1144 AM, Jan 10 चंद्रमा का अस्त 1144 AM पर होगा, जो दिन के समय होगा और अगले दिन का संकेत देगा।

    आज के पंचांग के अनुसार, इस दिन को विशेष रूप से शुभ कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है, खासकर उन समयों में जब अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल और ब्रह्म मुहूर्त जैसी शुभ अवधी हो। वहीं, राहू काल और यम गण्ड जैसे अशुभ कालों में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को स्थगित कर देना चाहिए।

  • कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा

    कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा


    भोपाल । मध्य प्रदेश में इस समय कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है, और गुरुवार को कई इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति रही। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह सर्द और शीतल रहेगा। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में घना कोहरा और शीतल दिन बने रहने की संभावना है। इस ठंड का असर फसलों पर भी पड़ सकता है, जिससे पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
    गुरुवार को प्रदेश में खजुराहो में सबसे कम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, शहडोल में भी शीतलहर का प्रभाव देखा गया। ग्वालियर और दतिया में अति घना कोहरा था, जिससे तापमान में गिरावट आई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो उसके न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस से महज 3.3 डिग्री अधिक था, और यह अब तक का सबसे कम दिन का तापमान था। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सर्दी का असर बना हुआ है। मुरैना, भिंड, श्यौपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर जैसे जिलों में शीतल दिन की स्थिति बनी रही।
    इन इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा और सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के तापमान में अधिक वृद्धि नहीं हो पा रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड के कारण अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही हाल रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, रीवा, और सागर जैसे इलाकों में घना कोहरा और शीतल दिन का असर बने रहने की संभावना है। इसके अलावा, शीतलहर के चलते किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है। ठंड के कारण फसलों पर पाले का असर पड़ सकता है, जिससे उत्पादकों को नुकसान होने का खतरा है।
    इस दौरान गेहूं, सरसों और अन्य ठंडी फसलों पर पाले का प्रभाव हो सकता है। इस सर्दी के कारण जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में कैद हो गए हैं, और सड़कों पर भी कम लोग नजर आ रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय सर्दी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने की अपील की है और लोगों से घनी धुंध में गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।

  • मध्य प्रदेश: सरकारी स्कूलों में 19 जनवरी को होगी पीटीएम, अभिभावकों को दिखायी जाएंगी प्रीबोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं

    मध्य प्रदेश: सरकारी स्कूलों में 19 जनवरी को होगी पीटीएम, अभिभावकों को दिखायी जाएंगी प्रीबोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 19 जनवरी को होने वाली पैरेंट्स-टीचर मीटिंग ,पीटीएम में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। इस दिन छात्रों के अभिभावकों को उनके बच्चों की प्रीबोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं भी दिखाई जाएंगी ताकि वे अपने बच्चों के प्रदर्शन का जायजा ले सकें और आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारी में सुधार कर सकें।इस साल, 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों की प्रीबोर्ड परीक्षाएं 13 जनवरी तक चल रही हैं, और इनके मूल्यांकन के बाद छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका दिखाई जाएगी।
    इसके बाद 19 जनवरी को आयोजित होने वाली पीटीएम के दौरान अभिभावकों को भी उनके बच्चों की उत्तरपुस्तिका दिखायी जाएगी। इस कदम से अभिभावकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनके बच्चे की तैयारी किस स्तर पर है और उन्हें किन क्षेत्रों में और सुधार की आवश्यकता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में त्रैमासिक और अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के दौरान छात्रों के प्रदर्शन को देखा गया था। इसके आधार पर विभाग ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले छात्रों की पहचान की और उन्हें विशेष ध्यान और मार्गदर्शन देने का निर्णय लिया।

    प्रीबोर्ड परीक्षा के बाद का योजनाबद्ध तरीका

    प्रीबोर्ड परीक्षा के बाद छात्रों को अगले विषय की तैयारी के लिए अतिरिक्त कक्षाएं दी जा रही हैं। शिक्षक उन्हें यह भी बता रहे हैं कि बोर्ड परीक्षा में प्रश्न किस प्रकार के आ सकते हैं और उत्तर को लिखने के उचित तरीके क्या होंगे। इस प्रक्रिया से छात्रों को आत्मविश्वास मिलेगा और वे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में सक्षम होंगे। शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह है कि छात्र बिना किसी भ्रम के परीक्षा की तैयारी करें और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन मिले। इसके अलावा, विभाग ने छात्रों को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करने के लिए प्रेरणा और प्रोत्साहन देने के कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है।
  • इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का संक्रमण फैला, 5013 घरों तक पहुंची एनएचएम की टीम

    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का संक्रमण फैला, 5013 घरों तक पहुंची एनएचएम की टीम


    इंदौर ।इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से उत्पन्न संक्रमण की स्थिति गंभीर हो गई है। नेशनल हेल्थ मिशन के रैपिड एक्टिव सर्विलांस के दौरान यह सामने आया कि पूरे क्षेत्र में दूषित पानी का संक्रमण फैल चुका है। एनएचएम की 200 टीमों ने डेढ़ दिन तक घर-घर जाकर सर्वे किया, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकला कि 463 घरों में उल्टी और दस्त की शिकायत वाले मरीज सामने आए हैं। सर्वे में 5013 घरों तक पहुंचने और 25,100 लोगों की जानकारी एकत्र करने में सफलता मिली है।

    एनएचएम के स्टेट सर्विलांस अफसर डॉ. अश्विन भागवत ने बताया कि सर्वे के दौरान जिन 463 घरों में उल्टी-दस्त के मरीज मिले, वहां से अब संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक गली या एक क्लस्टर से मरीज नहीं मिले, बल्कि पूरे क्षेत्र से ही मरीजों की सूचना प्राप्त हुई। इस बात ने क्षेत्र में दूषित पानी के व्यापक फैलाव को उजागर किया है।

    सर्वे के बाद, प्रशासन ने जल वितरण व्यवस्था में सुधार की दिशा में त्वरित कदम उठाए हैं। जल आपूर्ति को शुद्ध करने और उपचार की सुविधा देने से मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। इसके साथ ही, जिओ मैपिंग तकनीक के माध्यम से मरीजों की पहचान की गई है, ताकि संक्रमण फैलने के अन्य कारणों का पता लगाया जा सके और उनका इलाज किया जा सके।

    इस सर्वे से यह भी पता चला कि संक्रमण के कारण प्रभावित घरों में समय पर इलाज मिलने और जल वितरण व्यवस्था के सुधार से अब स्थिति नियंत्रण में आ रही है। हालांकि, स्थिति अभी भी चिंताजनक है और प्रशासन लगातार इलाके में सफाई अभियान और पानी की गुणवत्ता को लेकर काम कर रहा है। अब तक, प्रशासन ने क्षेत्र में त्वरित सुधार कार्यों के साथ-साथ नागरिकों को दूषित पानी से बचने के लिए जागरूक किया है। इंदौर नगर निगम और अन्य प्रशासनिक विभागों का कहना है कि जल आपूर्ति में सुधार के बाद, 11 जनवरी से भागीरथपुरा के लोग पीने योग्य पानी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे दूषित पानी के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य संकट को समाप्त करने में मदद मिलेगी।

  • इंदौर: भागीरथपुरा में 11 जनवरी से मिलेगा पीने योग्य नर्मदा जल

    इंदौर: भागीरथपुरा में 11 जनवरी से मिलेगा पीने योग्य नर्मदा जल


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हो रही बीमारियों और मौतों के मामलों के बाद प्रशासन ने नर्मदा पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित करने का दावा किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि 11 जनवरी से इस क्षेत्र के नागरिकों को पीने योग्य नर्मदा पानी मिलना शुरू हो जाएगा। नर्मदा जल की लाइनों को पूरी तरह से साफ किया जा चुका है और पानी के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच भी की जा रही है।

    कलेक्टर के अनुसार, गुरुवार रात को भागीरथपुरा में नर्मदा पेयजल पाइपलाइन को प्रेशर से क्लोरीन द्वारा फ्लश किया गया था। इसके बाद पानी के सैंपल लिए गए और उनका परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण की रिपोर्ट मिलने के बाद 11 जनवरी से लोगों को नर्मदा जल पीने के लिए उपलब्ध होगा।कलेक्टर ने यह भी कहा कि फिलहाल क्षेत्र के सभी बोरिंग में क्लोरीन डाला जा चुका है और इन्हें केवल घरेलू उपयोग के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इस बीच, प्रशासन द्वारा टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई भी की जा रही है ताकि लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके।

    भागीरथपुरा में नर्मदा जल आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर स्थानीय निवासियों में उम्मीद जगी है। लंबे समय से यहां के लोग दूषित पानी से हो रही स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और अब प्रशासन की ओर से सुधार के प्रयासों से उम्मीद जताई जा रही है कि जल समस्या जल्द हल हो जाएगी।नर्मदा जल की आपूर्ति से पहले, भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पाइप लाइनों की मरम्मत और सफाई का काम जोरों से चल रहा है। फिलहाल, कलेक्टर और प्रशासन का कहना है कि 11 जनवरी तक नर्मदा जल क्षेत्रवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और पीने योग्य पानी उपलब्ध करवा दिया जाएगा।

  • इंदौर में तेज रफ्तार कार की ट्रक से टक्कर, पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी समेत तीन की मौत

    इंदौर में तेज रफ्तार कार की ट्रक से टक्कर, पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी समेत तीन की मौत


    इंदौर ।इंदौर के तेजाजी नगर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना हुई, जिसमें तीन युवाओं की मौत हो गई। दुर्घटना उस समय घटी जब एक तेज रफ्तार कार रालामंडल इलाके में ट्रक से टकरा गई। हादसे में मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे प्रखर कासलीवाल और मान संधू की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कार सवार एक अन्य युवती, अनुष्का राठी, गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कर इलाज चल रहा है।

    यह दुर्घटना शुक्रवार सुबह उस समय हुई जब कार सवार युवक-युवतियां एक पार्टी से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि कार की रफ्तार काफी तेज थी, और अचानक ट्रक से टकराने के कारण कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस के मुताबिक ट्रक का चालक दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए, और सड़क पर यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है।

    घटना के बाद बाला बच्चन और कासलीवाल परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अपने परिवार के साथ इस कठिन समय को सहन करने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी इस हादसे पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दुर्घटना ने एक बार फिर इंदौर में तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा की आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने बताया कि सड़क पर तेज रफ्तार से गाड़ियां चलाना बहुत खतरनाक हो सकता है, और ऐसे हादसों से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन जरूरी है।

    इंदौर में इस प्रकार की दुर्घटनाएं आम हो गई हैं, और लोग सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए दुर्घटनाओं से बचने की कोशिश नहीं करते। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक और बार यह साबित करता है कि सड़कों पर अनियंत्रित और लापरवाह ड्राइविंग से न केवल वाहन चालकों, बल्कि पैदल चलने वालों और अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ

    राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ


    भोपाल।
    मध्‍य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को बड़े तालाब स्थित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी पहुंचकर खेलो एमपी यूथ गेम्स की लॉन्चिंग तैयारियों का निरीक्षण किया। मंत्री सारंग ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक खेल प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षा, तकनीकी एवं व्यवस्थागत सभी इंतजाम पूर्णतः पुख्ता हों।

    मंत्री सारंग ने बताया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ 12 जनवरी को खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। यह शुभारंभ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शाम 6 बजे बड़े तालाब से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार लॉन्चिंग इवेंट के दौरान दर्शकों को 4K वॉटर प्रोजेक्शन देखने को मिलेगा। यह वॉटर प्रोजेक्शन दर्शकों को एक इमर्सिव और सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा, जो अब तक राज्य स्तर के किसी भी खेल आयोजन में देखने को नहीं मिला है।

    देश में पहली बार फ्लोटिंग स्टेज पर ऐतिहासिक लॉन्चिंग

    देश में पहली बार किसी राज्य स्तरीय यूथ स्पोर्ट्स इवेंट की लॉन्चिंग फ्लोटिंग स्टेज पर की जाएगी, जहाँ 4K वॉटर प्रोजेक्शन इस ऐतिहासिक समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। भोपाल के बड़े तालाब की प्राकृतिक भव्यता के बीच जल-परदे पर अत्याधुनिक 4K तकनीक के माध्यम से खेलो एमपी यूथ गेम्स की थीम, लोगो, विज़ुअल स्टोरी और खेल भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रस्तुति के साथ हाई-क्वालिटी विजुअल डिस्प्ले, टॉर्च लाइटिंग के माध्यम से आकर्षक फायर वर्क तथा 20 फीट ऊँची ‘लार्जर दैन लाइफ’ जर्सी जैसे विशेष आकर्षण समारोह की भव्यता को बढ़ायेंगे। आधुनिक तकनीक और खेल संस्कृति के इस अद्वितीय संगम के माध्यम से यह शुभारंभ समारोह मध्यप्रदेश की नवाचार क्षमता, खेल प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा।

    लोगो, मैस्कॉट, एंथम और जर्सी का होगा अनावरण

    मंत्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, मैस्कॉट, एंथम एवं आधिकारिक जर्सी का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। यह क्षण खेलो एमपी यूथ गेम्स की पहचान और भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ खेल प्रशासक भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

    शुभारंभ समारोह में दिखेगी भोपाल के तालाबों की भव्यता

    मंत्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ समारोह विशेष रूप से आकर्षक एवं यादगार बनाया गया है। इस अवसर पर ताल-तलैयों की नगरी भोपाल के ऐतिहासिक तालाबों की भव्यता दिखेगी। शुभारंभ समारोह के माध्यम से एमपी की पहचान केवल खेलों के राज्य के रूप में ही नहीं, बल्कि संस्कृति, सौंदर्य और युवाशक्ति के केंद्र के रूप में भी देश के सामने प्रस्तुत की जाएगी। यह आयोजन खिलाड़ियों, दर्शकों और आमजन के लिए प्रेरणादायी एवं उत्साहवर्धक अनुभव सिद्ध होगा।

    देश में पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर करेंगे आयोजन

    मंत्री सारंग ने कहा कि यह देश में पहली बार हो रहा है, जब खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से यूथ गेम्स का आयोजन एवं संचालन कर रहे हैं। यह पहल खेल विभाग का एक ऐतिहासिक और नवाचारी कदम है। खेलो एमपी यूथ गेम्स केवल एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य की राज्य टीम चयन प्रक्रिया का सशक्त, व्यवस्थित और पारदर्शी मंच बनेगा। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सकेगी, जिससे उन्हें आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा।

    28 खेलों के लिये चरणबद्ध चयन प्रक्रिया

    खेलो एमपी यूथ गेम्स की चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 12 से 16 जनवरी 2026, जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ 16 से 20 जनवरी 2026, संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ 21 से 25 जनवरी 2026 तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। यूथ गेम्स के अंतर्गत कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर एवं प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

    क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार खेल आयोजन

    मंत्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन इस सिद्धांत पर किया जाएगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहीं संबंधित खेलों का आयोजन किया जाए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित हैं। ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होने वाली इस चयन प्रक्रिया में जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतियोगिताओं में भाग लेंगी।

    पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को किया शामिल

    मंत्री सारंग ने बताया कि यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष स्थान दिया गया है। इस क्रम में पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रो बॉल को भी प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। इन खेलों के समावेशन का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रचलित खेलों को संस्थागत मंच प्रदान करना, अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ना तथा छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे लाना है।