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  • लखनऊ में बसपा बैठक: मायावती बोलीं-जनता का जीवन मुश्किल, संगठन मजबूत करने पर जोर

    लखनऊ में बसपा बैठक: मायावती बोलीं-जनता का जीवन मुश्किल, संगठन मजबूत करने पर जोर



    नई दिल्ली(New Delhi)।
    लखनऊ में मॉल एवेन्यू स्थित अपने आवास पर रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्य स्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं को अहम निर्देश दिए। बैठक में आकाश आनंद और आनंद कुमार समेत प्रदेश के सभी जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में मायावती ने कहा कि मौजूदा समय में जनता विरोधी नीतियों और छलावे की राजनीति के कारण आम लोगों का आत्मसम्मान के साथ जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाए और जनता तक पार्टी की नीतियों को प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।

    मायावती ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बसपा के पक्ष में जनरुझान बढ़ रहा है और पार्टी का लक्ष्य प्रदेश में पांचवीं बार सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को “हाथी पर बटन दबाना है” के संदेश के साथ पूरी ताकत से चुनावी तैयारियों में जुटना होगा।

    उन्होंने विपक्षी दलों पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में जनता से किए गए वादों को भुला दिया जाता है। ऐसी राजनीति से लोगों का भला नहीं हो रहा है, इसलिए जनता को जागरूक करना जरूरी है।

    बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक दबाव और कानून व्यवस्था की समस्याओं के कारण आम जनता का जीवन कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकारों को रोजगार, रोटी, शांति और सामाजिक सौहार्द जैसे मूल मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

    मायावती ने यह भी दावा किया कि बसपा शासनकाल में सर्वजन हिताय की नीति के तहत बेहतर कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन कायम रहा था। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज समेत सभी वर्गों को उस समय सम्मान और भागीदारी मिली थी।

    बैठक में संगठनात्मक समीक्षा भी की गई और बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत करने की रणनीति तय की गई। साथ ही आगामी चुनावों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया।

  • चुनावी मोड में आयी भाजपा, नए अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद शीर्ष नेताओं के दौरे तेज

    चुनावी मोड में आयी भाजपा, नए अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद शीर्ष नेताओं के दौरे तेज



    नई दिल्ली । भाजपा ने नए अध्यक्ष नितिन नवीन की ताजपोशी के बाद चुनावी गतिविधियों को तेज कर दिया है। दो महीने में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी के शीर्ष नेताओं के दौरे जारी हैं। इस महीने के बाकी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन अलग-अलग राज्यों का दौरा करेंगे।
    मोदी केरल और तमिलनाडु जाएंगे, नवीन पश्चिम बंगाल और अमित शाह असम तथा पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। दक्षिण भारत में भाजपा एनडीए के सहयोग से चुनावी स्थिति मजबूत करना चाहती है, जबकि पूर्वी राज्यों में पश्चिम बंगाल पर पांच साल पहले का सपना पूरा करना चाह रही है।

    तमिलनाडु में गठबंधन को पुख्ता करना:
    भाजपा ने तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन विस्तार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एएमएमके को एनडीए में शामिल कराया। पीएम मोदी की शुक्रवार को होने वाली रैली में एनडीए की एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन होगा।

    द्रमुक के गढ़ से अन्नाद्रमुक को आगे रखते हुए मोदी राज्य में सत्तारूढ़ दल को चुनौती देंगे।

    केरल में चुनावी रणनीति:
    प्रधानमंत्री मोदी केरल में रोड शो करेंगे, नई विकास योजनाओं और नई ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। हाल ही में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम में पहला मेयर बनाया था, इसलिए यह दौरा विशेष महत्व रखता है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में अमित शाह की सक्रियता:
    गृह मंत्री अमित शाह 29-30 जनवरी को असम में बैठकें और चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे। इसके बाद 30-31 जनवरी को कोलकाता में संगठन की गतिविधियों और नए अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। भाजपा की यह रणनीति दक्षिण और पूर्वी भारत में दोनों मोर्चों पर चुनावी स्थिति मजबूत करने के लिए तैयार की जा रही है।

  • ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया, कहा- अगला लक्ष्य दिल्ली होगा

    ममता बनर्जी ने 2026 विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया, कहा- अगला लक्ष्य दिल्ली होगा

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित एक रैली में 2026 के विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का दावा किया। ममता ने कहा कि भाजपा कितनी भी कोशिश कर ले, वह बंगाल में सत्ता हासिल नहीं कर पाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बंगाल में जीतने के बाद उनका अगला राजनीतिक लक्ष्य राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली होगा।

    भाजपा और केंद्र सरकार पर हमला

    रैली में ममता ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा अब लंबे समय तक भारत पर शासन नहीं कर सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां भाजपा के राजनीतिक फायदे के लिए काम कर रही हैं और कई राज्यों में सत्ता पर जबरदस्ती कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं।

    निर्वाचन आयोग और धरना की तैयारी

    सीएम ममता बनर्जी ने अपने सांसद कल्याण बनर्जी को निर्देश दिए कि आगामी राजनीतिक कदम के तहत उनका अगला धरना स्थल निर्वाचन आयोग होगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार में चुनाव आयोग की मदद से सत्ता हासिल की। ममता ने पूछा कि क्या भाजपा बंगाल पर भी इसी तरह कब्जा करने का प्रयास करेगी।

    ईडी छापेमारी पर ममता का बयान

    ममता ने आईपैक कार्यालय पर हुई ईडी की छापेमारी के संदर्भ में अपने फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि ईडी उनकी पार्टी की रणनीति से जुड़ी जानकारियां चुराने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा, “मैंने जो किया, टीएमसी अध्यक्ष के रूप में किया और इसमें कोई गलत बात नहीं है।”

    राजनीतिक संकेत और भविष्य की योजना

    ममता बनर्जी की यह रैली सिर्फ विधानसभा चुनाव में जीत का जश्न नहीं थी, बल्कि आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के संकेत भी थे। उन्होंने साफ किया कि टीएमसी का अगला लक्ष्य केवल बंगाल तक सीमित नहीं है और उनकी नजर राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत उपस्थिति बनाने पर है।
    ममता बनर्जी की कोलकाता रैली में भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखे आरोप, निर्वाचन आयोग के प्रति सवाल और 2026 विधानसभा चुनाव में जीत का दावा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उनका यह स्पष्ट संदेश है कि टीएमसी केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं रहेगी और दिल्ली की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाने का इरादा रखती है।