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  • सप्ताह में 4 दिन काम…. 3 दिन आराम का रास्ता साफ… सरकार ने नोटिफाई किया नया लेबर कोड

    सप्ताह में 4 दिन काम…. 3 दिन आराम का रास्ता साफ… सरकार ने नोटिफाई किया नया लेबर कोड


    नई दिल्ली।
    सरकार (Government) ने चारों लेबर कोड (All four Labor Codes) के तहत नियमों को नोटिफाई कर दिया है। इन नए नियमों से कुछ चुनिंदा सेक्टरों में सप्ताह में चार दिन काम और 3 दिन की छुट्टी लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। नए केंद्रीय कोड ऑन वेज के अनुसार, किसी भी कर्मचारी के लिए साप्ताहिक काम के घंटे 48 घंटे से अधिक नहीं होंगे। यानी अब कंपनी और कर्मचारी चाहें तो इन 48 घंटों को केवल 4 दिनों में बांट सकते हैं यानी प्रतिदिन 12 घंटे काम करके। बदले में उन्हें 3 दिन की छुट्टी यानी सप्ताह में तीन रेस्ट डे मिल सकती है।

    हालांकि, यह सुविधा सभी के लिए समान नहीं है। दिहाड़ी मजदूरों के लिए एक सामान्य कार्य दिवस 8 घंटे का ही रहेगा, इससे अधिक काम पर ओवरटाइम मिलेगा। साथ ही, ओवरटाइम की दर अब सामान्य दर की दोगुनी कर दी गई है।

    नए श्रम कानून कर्मचारियों को अधिक लचीलापन और बेहतर सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। हालांकि यह चार-दिवसीय कार्य सप्ताह अभी शुरुआती चरण में है और केवल चुनिंदा सेक्टरों में ही संभव है, फिर भी यह भारत में कामकाज के भविष्य का एक नया मॉडल पेश करता है।


    किन क्षेत्रों में 4 डे वर्क वीक की संभावना?

    बिजनेस स्टैंडर्ड की खबरे के अनुसार, जिन क्षेत्रों में शिफ्ट-बेस्ड या प्रोजेक्ट-ड्रिवन काम होता है, वहां इसे आसानी से लागू किया जा सकता है। जैसे, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, IT और शेयर्ड सर्विसेज।

    हालांकि, जिन सेक्टरों में ग्राहकों की तत्काल जरूरतें और रियल-टाइम डिलीवरी की उम्मीद होती है, जैसे कुछ बैंकिंग, रिटेल या कस्टमर सपोर्ट, उनके लिए यह व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


    अंतिम नियमों में बड़े बदलाव

    गौरतलब है कि सरकार ने शुक्रवार (10 मई, 2026) को सभी चार लेबर कोड के अंतिम नियम जारी किए। इनमें शामिल हैं। इनमें इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020, कोड ऑन वेज 2019, सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 और ऑक्यूपेशन सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020 शामिल हैं।

    संसद द्वारा ये कानून पारित किए लगभग 6 साल बाद, 30 से अधिक गजेट नोटिफिकेशन के जरिए इन नियमों को अंतिम रूप दिया गया। दिसंबर 2025 में जो ड्राफ्ट जारी किया गया था, उसमें न्यूनतम वेतन तय करने के लिए कैलोरी इनटेक, कपड़े, किराया, ईंधन खर्च आदि के मानदंड थे। लेकिन अंतिम नियमों में इन्हें हटा दिया गया है। अब सरकार बाद में अलग से आदेश जारी करेगी।


    कर्मचारियों पर क्या क्या होगा असर?

    कंपनी या संस्थान को अनिवार्य नियुक्ति पत्र हर कर्मचारी को देना होगा। ओवरटाइम भुगतान के स्पष्ट प्रावधान होगा। वर्कर रिस्किलिंग फंड में योगदान करना होगा। एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी देनी होगी। इस नए कोड में आश्रित माता-पिता के लिए मासिक आय सीमा ₹9,000 से बढ़ाकर ₹14,000 कर दी गई है।


    कंपनियों के लिए क्या हैं चुनौतियां

    कंपनियों को अब ओवरटाइम भुगतान और रिस्किलिंग योगदान के कारण लागत में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, उन्हें एचआर प्रथाओं को औपचारिक रूप देना होगा, काम के घंटे ट्रैक करने होंगे और अनिवार्य स्वास्थ्य लाभ देने होंगे।

  • Iran War: 3 दिन में एक हजार से अधिक फ्लाइट्स हुई रद्द, जानें दिल्ली Airport के हाल?

    Iran War: 3 दिन में एक हजार से अधिक फ्लाइट्स हुई रद्द, जानें दिल्ली Airport के हाल?


    नई दिल्ली।
    ईरान युद्ध (Iran War) के कारण दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। मंगलवार को परिचालन संबंधी बाधाओं की वजह से 80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (International Flights) रद्द करनी पड़ीं जिनमें 36 प्रस्थान और 44 आगमन उड़ानें शामिल थीं। पिछले तीन दिनों में कुल 1,117 उड़ानें प्रभावित हुई हैं। दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन डायल ने फंसे हुए यात्रियों की सुविधा के लिए बैठने की अतिरिक्त व्यवस्थाएं अधिक चिकित्सा दल और सफाई टीमें तैनात की हैं ताकि यात्रियों को कम परेशानी हो।

    एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण मंगलवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर कुल 80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इनमें 36 प्रस्थान और 44 आगमन उड़ानें शामिल हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि एमिरेट्स जैसी कुछ एयरलाइन्स ने पश्चिम एशिया के लिए अपनी सेवाएं आंशिक रूप से फिर से शुरू कर दी हैं।

    उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुबई जा रही एमिरेट्स की उड़ान ईके-513 हवाई क्षेत्र के प्रतिबंधों की वजह से दिल्ली वापस आ गई। दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन डायल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि पश्चिम एशिया की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी हो रही है या समय-सारिणी में बदलाव किया जा रहा है।

    पिछले 3 दिन में पश्चिम एशिया संकट की वजह से भारतीय एयरलाइनों ने 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। इसी दौरान एयर इंडिया ने मंगलवार को दुबई से दिल्ली के लिए एक उड़ान भरी जिसमें 149 यात्री शामिल थे। एयरलाइन ने एक्स पर जानकारी दी कि वे उड़ान एआई 916डी से दुबई से आए यात्रियों और चालक दल का स्वागत करते हैं। पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के बीच यह किसी भारतीय एयरलाइन की पहली उड़ान है जो आज 149 यात्रियों और चालक दल के आठ सदस्यों के साथ नई दिल्ली पहुंची।

    दुबई में फंसे एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के 143 क्रू सदस्य मंगलवार को एअर इंडिया की विशेष उड़ान एआई918डी से दिल्ली लौट आए। इसके साथ ही दुबई से एमिरेट्स की एक अन्य उड़ान ईके512 भी मंगलवार तड़के दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरी जबकि संकट के कारण रद्द हुई उड़ानों के यात्रियों की मदद के लिए डायल ने कई जरूरी कदम उठाए हैं। अधिकारी ने बताया कि फंसे हुए यात्रियों के लिए बैठने की 400 से अधिक अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं। यही नहीं दो अतिरिक्त मेडिकल टीम भी तैनात की गई हैं।