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    MP: मैहर के इस गांव में कुएं में गिरे बैल को बचाने की कोशिश में 3 लोगों की मौत, एक गंभीर


    मैहर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मैहर जिले (Maihar district) के अमरपाटन थाना (Amarpatan Police Station) क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां के ग्राम खरामसेड़ा (Village Kharamseda) के अहिरान टोला में शुक्रवार की रात कुएं में गिरे एक बैल की जान बचाने के चक्कर में तीन घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।

    दरअसल बैल को बाहर निकालने की कोशिश में चार ग्रामीण एक-एक कर कुएं की गहराई में उतरे, लेकिन भीतर मौजूद जहरीली गैस और ऑक्सीजन की भारी कमी के चलते चारों अचेत हो गए। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक की हालत नाजुक बनी हुई है।

    इस हादसे की शुरुआत शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे उस वक्त हुई, जब गांव के रामनिवास कुशवाहा के घर के पास बने करीब 35 फीट गहरे कुएं में अचानक एक बैल गिर गया। बैल को कुएं में तड़पता देख गांव के दो युवक उसे सुरक्षित बाहर निकालने की नीयत से रस्सी के सहारे गहराई में उतरे और कुएं की तली में पहुंचते ही ऑक्सीजन ना मिल पाने के कारण दोनों का दम घुटने लगा और कुछ ही देर में ऊपर खड़े लोगों को उनकी आवाज आना बंद हो गई। उन्हें अचेत होते देख, बाहर खड़े दो अन्य ग्रामीण भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उन्हें बचाने के लिए फौरन कुएं में कूद गए, लेकिन अफसोस वे भी उसी जहरीली हवा की चपेट में आकर वहीं निढाल हो गए।


    रस्सियों और कांटों के सहारे ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू

    चार लोगों के नीचे उतरने के बाद भी जब काफी देर तक जब कुएं के भीतर से कोई हलचल नहीं हुई और किसी की आवाज बाहर नहीं आई, तो कुएं के मुहाने पर खड़े ग्रामीणों के होश उड़ गए और किसी अनहोनी की आशंका से वहां चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए खुद ही बचाव अभियान शुरू किया। रस्सियों, हुक और कांटों के सहारे चारों अचेत लोगों को भारी मशक्कत के बाद एक-एक कर कुएं से बाहर निकाला गया। इसी बीच डायल-112 पुलिस को भी सूचना दी गई। रात करीब 9 बजे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों को तत्काल सिविल अस्पताल अमरपाटन ले जाया गया।


    अस्पताल पहुंचते ही तीन को मृत घोषित किया

    अमरपाटन सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तीन ग्रामीणों को मृत घोषित कर दिया, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतकों की पहचान कृष्ण कुमार यादव (28 वर्ष) पिता रामदास यादव, वीरेंद्र यादव (47 वर्ष) पिता जगदीश यादव और राहुल यादव (34 वर्ष) पिता मोतीलाल यादव के रूप में हुई है। ये तीनों मृतक अहिरान टोला, खरमसेड़ा के ही रहने वाले थे। वहीं, चौथे ग्रामीण रामचंद्र यादव की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका डॉक्टरों की देखरेख में आईसीयू में इलाज जारी है।


    कुएं में भरा था घुटनों तक पानी, पीएम रिपोर्ट का इंतजार

    बताया जा रहा है कि कुआं लगभग 35 फीट गहरा है, जिसमें घुटनों तक पानी भरा हुआ था। लेकिन लंबे समय से बंद रहने या हवा का प्रवाह न होने के कारण कुएं के निचले हिस्से में जानलेवा कार्बन मोनोऑक्साइड या अन्य जहरीली गैसें जमा हो गई थीं। अमरपाटन एसडीओपी ख्याति मिश्रा ने बताया कि ‘रामनिवास कुशवाहा के कुएं में एक बैल गिर गया था, जिसे बचाने के लिए चार लोग नीचे उतरे थे। समय पर वापस नहीं आने पर ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां तीन लोगों की मौत हो चुकी है और एक का इलाज जारी है। प्रथम दृष्टया मामला दम घुटने का लग रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।’

  • चीन ने लॉन्च किया शेनझोउ 23 अंतरिक्ष यान… 3 लोगों को भेजा स्पेस स्टेशन

    चीन ने लॉन्च किया शेनझोउ 23 अंतरिक्ष यान… 3 लोगों को भेजा स्पेस स्टेशन


    बीजिंग।
    चीन (China) ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम (Space Program) को नई रफ्तार देते हुए रविवार रात शेनझोउ-23 अंतरिक्ष यान (Shenzhou-23 spacecraft) को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। इस मिशन के जरिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों को चीन के तियांगोंग स्पेस स्टेशन (Tiangong Space Station) भेजा गया है। खास बात यह है कि इस मिशन में शामिल एक अंतरिक्ष यात्री पूरे एक साल तक अंतरिक्ष में रहेगा। चीन इसे इंसानी शरीर और दिमाग पर लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के असर को समझने का बड़ा प्रयोग मान रहा है। इस मिशन को चीन के 2030 तक इंसान को चांद पर उतारने के लक्ष्य से भी जोड़कर देखा जा रहा है।


    क्या है शेनझोउ-23 मिशन की सबसे बड़ी खासियत?

    शेनझोउ-23 अंतरिक्ष यान को उत्तर-पश्चिम चीन स्थित जियुक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया। मिशन में कमांडर झू यांगझू के साथ झांग झियुआन और लाई का-यिंग शामिल हैं। लाई का-यिंग को चीनी अधिकारियों ने ली जियायिंग नाम से भी पहचान दी है। वह हांगकांग में जन्मी पहली महिला अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्हें किसी स्पेस मिशन में भेजा गया है। उनके पास कंप्यूटर फॉरेंसिक में डॉक्टरेट की डिग्री भी है। चीन ने इस मिशन को तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में अपनी बड़ी उपलब्धि बताया है।


    अंतरिक्ष स्टेशन पर क्या काम करेंगे वैज्ञानिक और यात्री?

    चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक यह टीम अंतरिक्ष स्टेशन पर कई वैज्ञानिक प्रयोग और तकनीकी परियोजनाओं पर काम करेगी। इसके साथ ही शेनझोउ-21 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ इन-ऑर्बिट रोटेशन भी किया जाएगा। शेनझोउ-21 की टीम पिछले 200 दिनों से ज्यादा समय से तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर मौजूद है। मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से शरीर पर पड़ने वाले असर, काम करने की क्षमता और मानसिक स्थिति का अध्ययन करना होगा। चीन का कहना है कि इससे भविष्य के लंबे अंतरिक्ष मिशनों, खासकर चांद और उससे आगे की यात्राओं की तैयारी मजबूत होगी।


    क्या अमेरिका-चीन की अंतरिक्ष होड़ अब और तेज होगी?

    चीन लगातार अपने स्पेस प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहा है। तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर पहले भी कई मिशन भेजे जा चुके हैं। चीन ने यह स्टेशन तब विकसित किया था, जब उसे राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कार्यक्रम से लगभग बाहर कर दिया गया था। अब चीन और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष को लेकर मुकाबला और तेज होता दिख रहा है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी 2028 तक फिर से इंसानों को चांद पर उतारने की तैयारी कर रही है। ऐसे में चीन का यह मिशन सिर्फ वैज्ञानिक अभियान नहीं बल्कि ताकत और तकनीक का प्रदर्शन भी माना जा रहा है।


    तियांगोंग स्टेशन क्यों बन रहा है चीन की नई ताकत?

    तियांगोंग स्पेस स्टेशन का मतलब स्वर्गीय महल होता है। इस स्टेशन ने पहली बार 2021 में अंतरिक्ष यात्रियों की मेजबानी की थी। चीन का शेनझोउ कार्यक्रम लगातार विस्तार कर रहा है। पिछले साल इसी कार्यक्रम के तहत एक आपातकालीन मिशन भी चलाया गया था, जिसमें खराब अंतरिक्ष यान की वजह से स्टेशन पर फंसे अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लाया गया था। अब शेनझोउ-23 मिशन के जरिए चीन यह दिखाना चाहता है कि वह लंबे समय तक अंतरिक्ष में इंसानों को सुरक्षित रखने और बड़े वैज्ञानिक मिशन चलाने में सक्षम है। यही वजह है कि दुनिया की नजर इस मिशन पर टिकी हुई है।

  • MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल

    MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा (Tragic Road Accident) हो गया। बिजावर रोड स्थित मतगुवा पेट्रोल पंप के पास ई-रिक्शा और ट्रक की जोरदार टक्कर में एक ही परिवार के तीन लोगों (Three people) की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    जानकारी के मुताबिक, हटनाई थाना ईशानगर निवासी करंजू आदिवासी अपने परिवार के साथ बटन नंदगाय, सटई से ई-रिक्शा में सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मतगुवा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे में सुमन आदिवासी (16 वर्ष), सोमवती आदिवासी (8 वर्ष) और भूरा आदिवासी (5 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वहीं हादसे में करंजू आदिवासी (41 वर्ष), कन्हैया आदिवासी (14 वर्ष), गेंदा आदिवासी (38 वर्ष) और अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    बताया गया है कि घायल किशन आदिवासी विजयपुरा सटई निवासी हैं, जो टैक्सी चालक और मृतकों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हादसे के बाद मृतकों के परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

  • Rajasthan: दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर भिड़ंत के बाद पिकअप में लगी आग, 3 लोग जिंदा जले

    Rajasthan: दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर भिड़ंत के बाद पिकअप में लगी आग, 3 लोग जिंदा जले


    अलवर।
    राजस्थान (Rajasthan) के अलवर (Alwar) में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर बुधवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे (Terrible Road Accident) में 3 लोग जिंदा जलकर मर गए, जबकि गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। मृतकों की अभी पहचान नहीं सकी है। हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसा बेहद दर्दनाक था।

    जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के दिल्ली से जयपुर की और जा रही एक पिकअप गाड़ी दूसरे वाहन से जा टकराई। इसके बाद देखते ही देखते पिकअप में आग लग गई। गाड़ी में बैठे लोगों को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन सब बेकार गया। पिकअप गाड़ी में सवार तीनों लोग जिंदा जल गए। भीषण सड़क हादसे में पिकअप ड्राइवर भी गम्भीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया है।

    रैणी पुलिस ने तीनों शवों को रैणी अस्पताल की मोर्चरी मे रखवाया दिया है। मृतकों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। पिकअप गाड़ी दिल्ली से जयपुर जा रही थी। यह हादसा रैणी थाना क्षेत्र के दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 131 पर हुआ।

    धू-धू कर जली पिकअप गाड़ी
    दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर हुई जबर्दस्त टक्कर के बाद पिकअप गाड़ी धू-धू कर जलती रही। उसमें सवार तीनों लोगों अपनी जान बचाने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर के बाद पिकअप गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से छतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण गाड़ी में सवार तीनों लोग बुरी तरह से फंस गए थे और बाहर नहीं निकल पाए। वहीं पुलिस मृतकों के बारे के जानकारी जुटा रही है कि वो कहां के रहने वाले थे ओर कहां जा रहे थे।