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  • वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को भारतीय टी20 टीम में शामिल किए जाने की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर Aakash Chopra का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वैभव को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने के लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगहों के लिए पहले से ही कड़ा मुकाबला है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे वैभव के लिए तत्काल अवसर बनना मुश्किल दिखाई देता है।

    चोपड़ा ने विशेष रूप से संजू सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टी20 विश्व कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। ऐसे में उनकी जगह किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा पिछले काफी समय से टी20 क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में गिने जा रहे हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके स्थान पर भी बदलाव करने की जल्दी में नहीं होगा।

    हालांकि आकाश चोपड़ा ने वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय बल्लेबाज असाधारण क्षमता रखते हैं और भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर पाने के लिए उन्हें थोड़ा धैर्य रखना होगा और लगातार प्रदर्शन जारी रखना होगा।

    आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास
    वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन बेहद शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। पूरे टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी चर्चा का विषय रही।

    इतना ही नहीं, वैभव ने टी20 दिग्गज Chris Gayle का एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालिफायर में उनकी मैच जिताऊ पारियों ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी।

    अब श्रीलंका दौरे पर नजरें
    वैभव को श्रीलंका में होने वाली त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 9 जून से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। यदि वे यहां भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, तो निकट भविष्य में राष्ट्रीय टी20 टीम के दरवाजे उनके लिए और मजबूती से खुल सकते हैं।

    फिलहाल क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं, लेकिन टीम इंडिया में स्थायी जगह बनाने के लिए उन्हें अपने प्रदर्शन की निरंतरता बनाए रखनी होगी।

  • IPL 2026: चोपड़ा की नजर में सबसे खास खिलाड़ी, ओपनर और गेंदबाज दोनों तय

    IPL 2026: चोपड़ा की नजर में सबसे खास खिलाड़ी, ओपनर और गेंदबाज दोनों तय


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन रोमांच, रिकॉर्ड और व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से बेहद यादगार रहा। इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra ने इस सीजन के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों की अपनी पसंद साझा की है, जिसमें युवा बल्लेबाजों से लेकर अनुभवी गेंदबाजों तक को जगह मिली है।

    आकाश चोपड़ा ने सबसे पहले इस सीजन की सर्वश्रेष्ठ पारी के रूप में KL Rahul की धमाकेदार 152 रनों की नाबाद पारी को चुना। यह पारी Delhi Capitals की ओर से खेलते हुए आई थी, जिसमें राहुल ने 67 गेंदों पर 16 चौके और 9 छक्के लगाए थे। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर दिल्ली ने 20 ओवर में 264 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जो सीजन के सबसे बड़े स्कोरों में से एक रहा।

    सर्वश्रेष्ठ ओपनर के तौर पर आकाश चोपड़ा ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को चुना, जिन्होंने Rajasthan Royals के लिए शानदार प्रदर्शन किया। वैभव ने 16 मैचों में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237 रहा। इस सीजन उन्होंने 72 छक्के लगाकर कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए और सबसे युवा ऑरेंज कैप विजेता बनने का गौरव हासिल किया।

    मिडिल ऑर्डर में आकाश चोपड़ा ने Heinrich Klaasen को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना। Sunrisers Hyderabad की ओर से खेलते हुए क्लासेन ने 15 मैचों में 624 रन बनाए और पूरे सीजन में 160 के स्ट्राइक रेट से आक्रामक बल्लेबाजी की। वह इस सीजन टॉप रन स्कोरर्स में भी शामिल रहे।

    फिनिशर की भूमिका में आकाश चोपड़ा ने Donovan Ferreira को सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी माना, जिन्होंने दबाव की परिस्थितियों में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    गेंदबाजी में सबसे बड़ा नाम Bhuvneshwar Kumar का रहा, जिन्हें आकाश चोपड़ा ने आईपीएल 2026 का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज चुना। Royal Challengers Bengaluru के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर ने 16 मैचों में 28 विकेट हासिल किए और 17.89 की शानदार इकॉनमी से रन रोके। वह इस सीजन दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे।

    आईपीएल 2026 में आकाश चोपड़ा की यह टीम चयन इस बात को दिखाता है कि इस सीजन युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया। वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारे जहां भविष्य की झलक देते हैं, वहीं भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज आज भी अपनी उपयोगिता साबित करते हैं।

  • आकाश चोपड़ा का फूटा गुस्सा: खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को गाली देने वालों को बताया ‘घटिया बदमाश’

    आकाश चोपड़ा का फूटा गुस्सा: खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को गाली देने वालों को बताया ‘घटिया बदमाश’


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच खेले गए मुकाबले के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुए विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। मैच के दौरान Virat Kohli और Travis Head के बीच हुई तीखी बहस के बाद ट्रेविस हेड के परिवार को ऑनलाइन ट्रोलिंग और अपशब्दों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन लोगों की तीखी आलोचना की, जो खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने लिखा कि जो लोग खिलाड़ियों के परिवारों को गाली देते हैं, वे “सबसे घटिया किस्म के बदमाश” हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को दोगला बताते हुए कहा कि ये वही लोग हैं जो अपने पसंदीदा खिलाड़ी या खुद के बारे में जरा सी आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर पाते।

    पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब आरसीबी और एसआरएच के मैच के बाद विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच हाथ न मिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा गया कि मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे, तभी ट्रेविस हेड ने विराट की ओर हाथ बढ़ाया, लेकिन विराट बिना प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

    इस वायरल वीडियो के बाद ट्रेविस हेड की पत्नी Jessica Head ने खुलासा किया कि उनके परिवार और करीबी लोगों को सोशल मीडिया पर लगातार अपमानजनक संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार पहले भी देखा जा चुका है, खासकर उन मौकों पर जब ऑस्ट्रेलिया ने बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत को हराया था।

    जेसिका हेड ने कहा कि खेल में जुनून होना स्वाभाविक है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि खिलाड़ियों के पीछे असली इंसान और परिवार भी होते हैं। उन्होंने खेलों में बढ़ती ऑनलाइन नफरत और मानसिक स्वास्थ्य पर असर को लेकर चिंता जताई। उनके मुताबिक, अब समय आ गया है कि लोग सोशल मीडिया पर अपनी भाषा और व्यवहार को लेकर जिम्मेदारी समझें।

    क्रिकेट जगत में यह मुद्दा लगातार गंभीर होता जा रहा है। कई पूर्व खिलाड़ी और विशेषज्ञ पहले भी सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर चिंता जता चुके हैं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना और निजी जिंदगी पर हमला, दोनों के बीच फर्क समझने की जरूरत बताई जा रही है।

  • आकाश चोपड़ा की प्रतिक्रिया के बाद बढ़ी बहस, युवा खिलाड़ी के साथ अन्याय का आरोप..

    आकाश चोपड़ा की प्रतिक्रिया के बाद बढ़ी बहस, युवा खिलाड़ी के साथ अन्याय का आरोप..


    नई दिल्ली: बेंगलुरु में खेले गए आईपीएल 2026 के 23वें मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराकर अंकतालिका में पहला स्थान हासिल किया, लेकिन मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चयन को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। इस मुकाबले में आरसीबी की जीत में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा, खासकर रसिख सलाम डार का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, लेकिन इसके बावजूद उन्हें यह सम्मान नहीं दिया गया।

    आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था और गेंदबाजों ने इस निर्णय को पूरी तरह सही साबित किया। लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम को आरसीबी के गेंदबाजी आक्रमण ने दबाव में रखते हुए 20 ओवर में 146 रनों पर सीमित कर दिया। इस दौरान सभी गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया, लेकिन रसिख सलाम डार सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने चार ओवर में 24 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह प्रभावित किया। भुवनेश्वर कुमार ने तीन विकेट, क्रुणाल पांड्या ने दो विकेट और जोश हेजलवुड ने एक विकेट हासिल किया।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी ने 15.1 ओवर में पांच विकेट पर 149 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। हालांकि जीत में गेंदबाजों की भूमिका निर्णायक रही, लेकिन मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जोश हेजलवुड को दिया गया। इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि आंकड़ों के आधार पर रसिख सलाम डार का प्रदर्शन अधिक प्रभावशाली माना जा रहा था। उनके चार विकेट और किफायती गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया था।

    इस निर्णय को लेकर क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाए जाने की जरूरत है ताकि खिलाड़ियों के प्रदर्शन का सही मूल्यांकन हो सके। इसी बीच मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी और चयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी के साथ इस तरह का निर्णय उचित नहीं लगता और इससे उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।

    यह पूरा मामला अब क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर आरसीबी की जीत की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चयन को लेकर असंतोष भी देखने को मिल रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या केवल नाम और अनुभव के आधार पर नहीं बल्कि पूरे प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार तय होना चाहिए।

  • उस्मान तारिक के स्टॉप एंड पॉज एक्शन पर संग्राम, अश्विन का समर्थन, आकाश चोपड़ा ने उठाए तकनीकी सवाल

    उस्मान तारिक के स्टॉप एंड पॉज एक्शन पर संग्राम, अश्विन का समर्थन, आकाश चोपड़ा ने उठाए तकनीकी सवाल


    नई दिल्ली । पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक इन दिनों अपने अनोखे स्टॉप एंड पॉज और साइड-आर्म बॉलिंग एक्शन को लेकर क्रिकेट जगत में बहस के केंद्र में हैं। कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले उनके एक्शन पर चर्चा तेज हो गई है। जहां इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने उनके गेंद डालते समय रुकने की शैली को संदिग्ध बताया वहीं भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने खुलकर तारिक का समर्थन किया है और इसे नियमों के दायरे में बताया है।

    तारिक ने अभी तक केवल चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं लेकिन 11 विकेट लेकर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। प्रोफेशनल टी20 करियर में 42 मैचों में 70 विकेट उनके प्रभाव का प्रमाण हैं। खासकर धीमी पिचों पर उनका अंदाज बल्लेबाजों को असहज कर देता है। अमेरिका के बल्लेबाज मिलिंद कुमार जैसे खिलाड़ी भी उनकी गेंदों के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए। कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम की धीमी सतह पर वे आक्रामक भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं।

    तारिक के गेंद डालने से पहले हल्का रुकने या पॉज लेने की आदत ने विवाद को जन्म दिया है। केविन पीटरसन ने इसे अवैध करार देने की बात कही लेकिन अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया कि किसी भी गेंदबाज के एक्शन की वैधता का फैसला केवल आईसीसी के बॉलिंग एक्शन टेस्टिंग सेंटर में ही हो सकता है। अश्विन ने 15 डिग्री नियम का जिक्र करते हुए कहा कि गेंदबाज अपनी कोहनी को निर्धारित सीमा से अधिक सीधा नहीं कर सकता लेकिन मैदान पर खड़े अंपायर के लिए इसे सटीक रूप से आंक पाना लगभग असंभव है। उनके मुताबिक यह एक ग्रे एरिया है और जब तक वैज्ञानिक परीक्षण में एक्शन गलत साबित न हो तब तक किसी पर आरोप लगाना ठीक नहीं।

    अश्विन ने यह भी कहा कि अगर क्रीज पर रुकना किसी गेंदबाज की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है तो वह पूरी तरह वैध है। बल्लेबाज के ट्रिगर मूवमेंट का इंतजार करना या लय में बदलाव करना रणनीति का हिस्सा हो सकता है इसे नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व टीम प्रदर्शन विश्लेषक प्रसन्ना अघोरम ने भी तारिक का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से तारिक चकिंग नहीं कर रहे हैं और उनके एक्शन को पहले भी दो बार हरी झंडी मिल चुकी है। उनका मानना है कि अगर दोबारा जांच भी हुई तो एक्शन सही ही पाया जाएगा।

    हालांकि भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक दिलचस्प तकनीकी सवाल उठाया है। उन्होंने पॉज को गलत नहीं बताया लेकिन पूछा कि यदि रन-अप से खास मोमेंटम नहीं बन रहा तो बिना हाथ मोड़े कुछ गेंदों पर 20-25 किमी प्रति घंटे की अतिरिक्त रफ्तार कैसे पैदा हो रही है? उनका सवाल नियमों से ज्यादा तकनीकी विश्लेषण पर केंद्रित है।पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने भी स्पष्ट किया कि तारिक का एक्शन अलग जरूर है लेकिन अवैध नहीं।

    उनके अनुसार चूंकि वह हर गेंद लगभग एक ही तरीके से डालते हैं और बांह में कोई संदिग्ध सीधापन नहीं दिखता इसलिए इसे नियमों के खिलाफ नहीं कहा जा सकता।कुल मिलाकर उस्मान तारिक का अनोखा एक्शन क्रिकेट जगत में चर्चा जरूर छेड़ रहा है लेकिन फिलहाल विशेषज्ञों की राय उन्हें नियमों के दायरे में ही रखती है। अब सबकी निगाहें मैदान पर उनके प्रदर्शन पर टिकी होंगी जो इस बहस को नई दिशा दे सकता है।

  • BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल

    BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया है लेकिन इस बार की लिस्ट ने क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच आई इस घोषणा में सबसे चौंकाने वाला फैसला A+ कैटेगरी को पूरी तरह हटाना रहा। बीसीसीआई के इस नए वर्गीकरण को लेकर अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रदर्शन और अनुभव के बावजूद कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ‘नाइंसाफी’ हुई है?

    इस बार के कॉन्ट्रैक्ट में सबसे बड़ा उलटफेर सीनियर खिलाड़ियों के साथ देखने को मिला। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज जो अब केवल चुनिंदा फॉर्मेट में ही सक्रिय हैं उन्हें ‘ग्रेड-बी’ में डिमोट कर दिया गया है। वहीं बीसीसीआई ने भविष्य की ओर देखते हुए शुभमन गिल जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ‘ग्रेड-ए’ में जगह दी है। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब तुलना हार्दिक पांड्या केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ियों से की गई।

    क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि अगर दो फॉर्मेट खेलने वाले रवींद्र जडेजा ‘ग्रेड-ए’ के हकदार हैं तो केएल राहुल और हार्दिक पांड्या को ‘ग्रेड-बी’ में क्यों रखा गया है? केएल राहुल लगातार टेस्ट और वनडे टीम का अहम स्तंभ रहे हैं वहीं कुलदीप यादव की फिरकी का जादू तीनों फॉर्मेट में चलता है। बावजूद इसके इन मैच-विनर खिलाड़ियों को शीर्ष कैटेगरी से बाहर रखना समझ से परे नजर आता है।

    सबसे ज्यादा हैरानी अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह के ग्रेड को लेकर हो रही है। अक्षर पटेल आज की तारीख में भारतीय टीम के लिए ‘थ्री-फॉर्मेट प्लेयर’ हैं और टी20 में टीम के उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं फिर भी उन्हें ‘ग्रेड-सी’ में रखा गया है। यही स्थिति अर्शदीप सिंह की है जो टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे और अब वनडे में भी अपनी धाक जमा रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर अक्षर पटेल को अपना हक पाने के लिए और क्या करना होगा?

    वहीं यशस्वी जयसवाल मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत जैसे नाम ‘ग्रेड-बी’ में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। ‘ग्रेड-सी’ की लंबी सूची में संजू सैमसन रिंकू सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे युवाओं को शामिल कर बीसीसीआई ने अपनी मंशा साफ की है कि वे नए टैलेंट को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। लेकिन सीनियर और ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों के ग्रेड में जो असंतुलन दिख रहा है उसने बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।