Tag: Aam Aadmi Party

  • AAP में बगावत पर सियासी संग्राम: 7 सांसदों के BJP में जाने पर बोले संजय सिंह, यह असंवैधानिक, सदस्यता रद्द हो

    AAP में बगावत पर सियासी संग्राम: 7 सांसदों के BJP में जाने पर बोले संजय सिंह, यह असंवैधानिक, सदस्यता रद्द हो


    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की खबर के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अवैध और असंवैधानिक करार दिया है।  संजय सिंह ने कहा कि राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों का यह कदम संसदीय नियमों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति को पत्र लिखकर इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग करेंगे।

    पार्टी के प्रति जिम्मेदारी पर उठाए सवाल

    संजय सिंह ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें पार्टी ने अवसर और पहचान दी, उनसे अपेक्षा थी कि वे जनता और संगठन के हित में काम करेंगे। उन्होंने खासतौर पर पंजाब के संदर्भ में कहा कि इन नेताओं को राज्य और पार्टी के विस्तार में योगदान देना चाहिए था।

    सोशल मीडिया पर भी उठाया मुद्दा

    संजय सिंह ने यह भी दावा किया कि पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम और फेसबुक को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे व्हाट्सऐप और अन्य माध्यमों के जरिए पार्टी का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब राजनीतिक नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्यसभा में इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया जाता है और क्या वाकई इन सांसदों की सदस्यता पर कोई कार्रवाई होती है। फिलहाल इतना तय है कि यह मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा गरमाने वाला है।
  • राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर शेयर की खास रील, अब राजनीतिक भविष्य को लेकर लग रही ये नई अटकलें

    राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर शेयर की खास रील, अब राजनीतिक भविष्य को लेकर लग रही ये नई अटकलें


    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पार्टी के बीच चल रहे विवाद के बीच अब सबकी निगाहें उनके अगले कदम पर लगी हैं। हाल ही में चड्ढा ने सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक रील ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर नई अटकलों को जन्म दिया है।

    सोशल मीडिया पर की रील शेयर


    चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रील शेयर की जिसे seedhathok नाम के यूजर रिहान ने बनाया था। रील में सुझाव दिया गया कि चड्ढा को अपनी खुद की पार्टी बनानी चाहिए जिससे उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिल सकता है। वीडियो में सीधे चड्ढा को संबोधित करते हुए कहा गया कि जेन-जी पार्टी या कोई अन्य उपयुक्त नाम से नई पार्टी शुरू करना युवाओं का समर्थन पाने का सही तरीका होगा।

    दूसरी पार्टी में शामिल होने का खतरा

    वीडियो में यह भी कहा गया कि अगर चड्ढा किसी अन्य पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें वर्तमान समर्थन नहीं मिलेगा और जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि चड्ढा ने रील शेयर की लेकिन अभी तक उन्होंने आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की कि वे क्या कदम उठाएंगे।

    AAP ने उठाए कठोर कदम
    करीब एक हफ्ते पहले AAP ने चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया और उनकी जगह अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया। इसके साथ ही उन्हें संसद में पार्टी के कोटे से बोलने की अनुमति भी नहीं मिली।

    पार्टी के आरोपों की लंबी सूची

    AAP ने चड्ढा पर कई आरोप लगाए हैं:- बीजेपी के प्रति नरम रुख: पार्टी का कहना है कि चड्ढा ने संसद में पार्टी का समय हवाई अड्डों पर समोसे की कीमत जैसे मामूली मुद्दों के लिए इस्तेमाल किया।
    मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग: चड्ढा ने महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया।
    अतिशी के सवाल: AAP नेता अतिशी ने चड्ढा से पूछा कि वे पीएम नरेंद्र मोदी या लोकतंत्र पर हो रहे सवालों पर बोलने में क्यों डरते हैं।
    केजरीवाल की गिरफ्तारी पर गैरमौजूदगी: ED द्वारा अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान चड्ढा की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए गए।

    चड्ढा का जवाब और किताब के जरिए संदेश

    चड्ढा ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी उन्हें चुप कर रही है। उन्होंने बताया कि संसद में जब भी उन्हें बोलने का मौका मिलता है वे जनता के मुद्दों को उठाते हैं। साथ ही सोमवार को उन्होंने अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन की किताब The 48 Laws of Power पढ़ते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा किसी ने मुझे इस हफ्ते एक किताब गिफ्ट की मैंने चैप्टर 1 पलटा नेवर आउटशाइन द मास्टर’। कुछ किताबें उसी समय पर आती हैं जब उन्हें आना होता है।

  • ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री और AAP नेता आमने-सामने: भू-माफिया संरक्षण के आरोप पर बंगले के बाहर गरमाया माहौल

    ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री और AAP नेता आमने-सामने: भू-माफिया संरक्षण के आरोप पर बंगले के बाहर गरमाया माहौल


    ग्वालियर। ग्वालियर में गुरुवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता रोहित गुप्ता के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला मंत्री के रेस कोर्स रोड स्थित बंगले के बाहर उस समय गरमा गया जब AAP नेता ने मंत्री पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया। दोनों के बीच हुई बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार AAP नेता रोहित गुप्ता एडवोकेट गुरुवार दोपहर ओबीसी महासभा के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार के साथ ऊर्जा मंत्री के बंगले पर पहुंचे थे। उनका आरोप था कि गांधीनगर क्षेत्र में मंत्री के करीबी गुड्डू उर्फ गौरव बाजपेयी ने पानी की टंकी के पास स्थित विजय कुमार के फ्लैट पर अवैध कब्जा कर रखा है। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

    बताया गया कि जब रोहित गुप्ता ने मंत्री से इस मुद्दे पर सवाल उठाए तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इस दौरान मंत्री कथित तौर पर नाराज हो गए और कहा, “तुम्हारी औकात क्या है, बकवास मत करो। मुझे शिकायत करने क्यों आए हो, मैं कोई कार्रवाई नहीं करवाऊंगा।” घटना के दौरान मौजूद लोगों ने पूरी बातचीत का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पीड़ित विजय कुमार का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस थाना, कलेक्टर, आईजी और डीआईजी सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत दी थी। इसके अलावा उन्होंने ऊर्जा मंत्री को भी कई बार आवेदन देकर मदद की मांग की, लेकिन अब तक फ्लैट खाली नहीं कराया गया। उनका आरोप है कि आरोपी मंत्री के नाम का डर दिखाकर उन्हें लगातार धमका रहा है।

    घटना के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पीड़ित से माफी नहीं मांगते और फ्लैट को कब्जे से मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

    इस पूरे घटनाक्रम ने ग्वालियर की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो सकती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • दिल्ली विधानसभा विवाद मामले में AAP का जवाब, आतिशी के वॉइस सैंपल की नहीं जरूरत, बस कान चाहिए!

    दिल्ली विधानसभा विवाद मामले में AAP का जवाब, आतिशी के वॉइस सैंपल की नहीं जरूरत, बस कान चाहिए!


    नई दिल्ली।  दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष और AAP की नेता आतिशी को लेकर जारी विवाद अब सियासी घमासान का रूप ले चुका है। भाजपा नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सवाल उठाया कि जब आतिशी का वॉइस सैंपल लिया ही नहीं गया, तो वीडियो की फॉरेंसिक जांच कैसे संभव हुई। सिरसा का आरोप है कि आतिशी ने गुरुओं का अपमान किया, लेकिन पंजाब पुलिस मामले में उनके झूठ को छुपाने का काम कर रही है।
    उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनके एक अधिकारी की ऑडियो जांच इस आधार पर रोकी गई थी कि वॉइस सैंपल नहीं मिला, जबकि पंजाब पुलिस बिना वॉइस सैंपल के ही जांच कर रही है।

    इस पर AAP ने शुक्रवार को जवाब दिया। पार्टी के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कहा कि वीडियो में विवादित गुरु शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ, इसलिए किसी वॉइस सैंपल की जरूरत ही नहीं थी। उन्होंने कहा, “सिरसा जी कह रहे थे कि आतिशी का वॉइस सैंपल लिया नहीं गया, लेकिन इसमें वॉइस सैंपल की क्या जरूरत? किसी के वॉइस में गुरु शब्द ही नहीं आ रहा है। इसके लिए सिर्फ कान चाहिए। अगर सिरसा जी ध्यान से सुनेंगे, तो उन्हें भी सुनाई दे जाएगा।

    सौरभ भारद्वाज ने प्रिवलेज कमिटी के लेटर के मीडिया तक लीक होने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि यह लीक उनके दफ्तर से हुआ है, तो कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मीडिया के लिए किया जा रहा है, न कि प्रिवलेज कमिटी के लिए।

    विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले में सियासी टकराव और बढ़ गया है। BJP और AAP दोनों ने अपने-अपने पक्ष में बयान जारी किए हैं। सिरसा का आरोप है कि AAP अपने झूठ और विवाद को छुपाने के लिए फॉरेंसिक जांच का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है, जबकि AAP का जवाब है कि जांच साफ-सुथरी और कानूनी तौर पर वैध है, क्योंकि वीडियो में विवादित शब्द मौजूद ही नहीं है।

    इस विवाद ने दिल्ली विधानसभा में राजनीतिक माहौल को और गरम कर दिया है। जनता और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर निगाह बनाए हुए हैं, और सियासी घमासान अब और तेज होने की संभावना है।

  • सत्य की जीत हुई है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष पर बरसे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम

    सत्य की जीत हुई है, हाईकोर्ट के आदेश के बाद विपक्ष पर बरसे भाजपा नेता दुष्यंत गौतम


    नई दिल्ली । अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने कांग्रेसआम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद दुष्यंत गौतम ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर हमेशा से पूरा भरोसा रहा है और अदालत के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि झूठ कितनी भी जोर से फैलाया जाएअंततः टिक नहीं पाता।

    दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत करते हुए दुष्यंत गौतम ने कहा कि वे हमेशा संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करते आए हैं। उन्होंने कहा“सत्यमेव जयते। अंत में सच की ही जीत होती है। आज अदालत के आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झूठ और दुष्प्रचार की एक सीमा होती है।उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। दुष्यंत गौतम ने कहा कि एक बेटी की निर्मम हत्या को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर छह महीने बाद एक नया नैरेटिव गढ़ा जाता हैकभी उनका नाम जोड़ा जाता हैतो कभी किसी और का। इससे न तो सच्चाई सामने आती है और न ही पीड़ित बेटी को न्याय मिलता है।

    भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेसआम आदमी पार्टी और उत्तराखंड क्रांति दल मिलकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे थे।मेरी मानहानि की गईमेरी छवि को नुकसान पहुंचाया गया और उस बेटी का बार-बार अपमान किया गया। सोशल मीडिया पर जो वीडियो और पोस्ट डाली गईंवे पूरी तरह झूठी थीं और उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए, उन्होंने कहदुष्यंत गौतम ने स्पष्ट किया कि घटना के समय वे उत्तराखंड गए ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनकी लोकेशनकार्यक्रम और आधिकारिक रिकॉर्ड यह साफ दिखाते हैं कि उनके खिलाफ फैलाया गया प्रचार पूरी तरह झूठा और द्वेषपूर्ण था। इसके बावजूद उन्होंने लंबे समय तक चुप रहना उचित समझाक्योंकि वे सत्य के साथ खड़े थे।

    उन्होंने यह भी बताया कि लगातार आरोपों और सोशल मीडिया ट्रायल के कारण उन्हें मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।मैं विचलित भी हुआदुखी भी। मेरी छवि को नुकसान पहुंचा। लेकिन जब झूठ पूरे देश में फैलाया जाने लगा और पानी सिर के ऊपर चला गयातब मुझे मानहानि का मुकदमा दर्ज कराना पड़ा, उन्होंने कहा।इस बीचदिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्यंत कुमार गौतम की मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को निर्देश दिया कि वे 24 घंटे के भीतर सभी सोशल मीडिया पोस्ट हटाएंजिनमें उन्हें अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने अंतरिम आदेश में दोनों दलों को भविष्य में भी ऐसी कोई सामग्री पोस्ट करने से रोक दिया है।