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  • एबीडी की बिक्री में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि, दूसरी तिमाही में 1 करोड़ केस का आंकड़ा पार

    एबीडी की बिक्री में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि, दूसरी तिमाही में 1 करोड़ केस का आंकड़ा पार


    मुंबई।
    भारत की प्रमुख स्पिरिट्स कंपनियों में शामिल अलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स लिमिटेड (एबीडी) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत बिक्री वृद्धि दर्ज की है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा करते हुए कंपनी ने बताया कि दूसरी तिमाही में उसकी कुल बिक्री 1 करोड़ केस तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 11.1 प्रतिशत अधिक है।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक अमर सिन्हा ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही एबीडी के लिए महत्वपूर्ण रही। सभी उत्पाद श्रेणियों में वृद्धि के दम पर पहली बार कंपनी की तिमाही बिक्री 1 करोड़ केस के पार पहुंची है। कंपनी अपने सुपर-प्रीमियम और लक्जरी उत्पाद पोर्टफोलियो के विस्तार के लिए ब्रांड निर्माण और वितरण से जुड़ी पहलों में निवेश जारी रखे हुए है।

    उन्होंने कहा कि क्षमता विस्तार परियोजनाओं के हाल में शुरू होने से कंपनी की विनिर्माण क्षमता मजबूत हुई है। इससे आपूर्ति शृंखला की दक्षता बेहतर होने और मार्जिन में वृद्धि की संभावनाएं हैं। त्योहारी सीजन को देखते हुए कंपनी को आय में वृद्धि की रफ्तार बने रहने की उम्मीद है। साथ ही, महंगाई के रुझानों पर नजर रखते हुए परिचालन दक्षता बढ़ाने और पूंजीगत व्यय कार्यक्रम को अनुशासित तरीके से लागू करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    दूसरी तिमाही में 11.1 प्रतिशत बढ़ा बिक्री वॉल्यूम

    एबीडी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 10.0 मिलियन यानी 1 करोड़ केस की बिक्री की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 9.0 मिलियन यानी 90 लाख केस था। इस तरह कंपनी के कुल बिक्री वॉल्यूम में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी में मास प्रीमियम एवं अन्य श्रेणियों के साथ प्रेस्टीज और उससे ऊपर (पीएंडए) श्रेणी का भी योगदान रहा।

    कंपनी के अनुसार, पहली छमाही में भी बिक्री की मजबूत रफ्तार बनी रही। इस दौरान तीन बार रिकॉर्ड मासिक बिक्री दर्ज की गई। सितंबर 2026 में मासिक बिक्री 3.5 मिलियन यानी 35 लाख केस से अधिक पहुंच गई, जो कंपनी का अब तक का सर्वोच्च स्तर है।

    प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी में बदलाव

    कंपनी के पोर्टफोलियो में प्रीमियम उत्पादों का महत्व बना हुआ है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में प्रेस्टीज और उससे ऊपर (पीएंडए) श्रेणी की मूल्य आधारित हिस्सेदारी बढ़कर 58 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 56 प्रतिशत थी।

    हालांकि, कुल बिक्री वॉल्यूम में इस श्रेणी की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत से घटकर 46 प्रतिशत रही। कंपनी के प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उसके मिलियनेयर ब्रांड्स ने वृद्धि में योगदान दिया।

    आईकॉनिक व्हाइट की बिक्री में 20.6 प्रतिशत उछाल

    एबीडी के प्रमुख ब्रांड आईकॉनिक व्हाइट ने भी दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी के अनुसार, यह ब्रांड लगातार तीन कैलेंडर वर्षों 2023, 2024 और 2025 में दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला मिलियनेयर व्हिस्की ब्रांड रहा है।

    वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में आईकॉनिक व्हाइट की बिक्री बढ़कर 3.2 मिलियन यानी 32 लाख केस हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2.6 मिलियन यानी 26 लाख केस थी। इस तरह ब्रांड की बिक्री में 20.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसकी औसत मासिक बिक्री भी लगातार 10 लाख केस से अधिक बनी हुई है।

    कंपनी के मुताबिक, बिक्री में बढ़ोतरी, प्रीमियम उत्पादों पर जोर और विनिर्माण क्षमता के विस्तार से कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। आगामी त्योहारी सीजन के दौरान भी कंपनी अपनी वृद्धि की गति बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

  • एबी डिविलियर्स ने बताया विराट कोहली को देखकर कैसा था पहला इंप्रेशन, बोले- शुरुआत में घमंडी लगते थे भारतीय स्टार बल्लेबाज

    एबी डिविलियर्स ने बताया विराट कोहली को देखकर कैसा था पहला इंप्रेशन, बोले- शुरुआत में घमंडी लगते थे भारतीय स्टार बल्लेबाज

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स की दोस्ती क्रिकेट जगत में काफी लोकप्रिय रही है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए साथ खेलते हुए दोनों ने कई यादगार पारियां खेलीं और अपनी बल्लेबाजी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। मैदान पर उनकी साझेदारी जितनी प्रभावशाली रही, मैदान के बाहर भी दोनों के बीच दोस्ती उतनी ही मजबूत दिखाई दी। हालांकि, डिविलियर्स ने हाल ही में विराट कोहली को पहली बार देखने के बाद बनी अपनी शुरुआती धारणा के बारे में दिलचस्प खुलासा किया है।

    एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान डिविलियर्स से पूछा गया कि विराट कोहली को पहली बार देखने पर उनके मन में क्या विचार आए थे। इस सवाल के जवाब में उन्होंने मजाकिया अंदाज में स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें विराट घमंडी और मगरूर लगते थे। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है विराट खुद भी उनकी इस बात से सहमत हों। हालांकि, डिविलियर्स ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी को पूरी तरह गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। वह इसे हल्के-फुल्के अंदाज में कह रहे थे और उनका मकसद विराट के व्यक्तित्व पर नकारात्मक टिप्पणी करना नहीं था।

    डिविलियर्स के मुताबिक, जब विराट कोहली 19, 20 या 21 साल के थे, तब उनके अंदर आत्मविश्वास भरपूर था। युवा उम्र में ही विराट अपने खेल को लेकर काफी दृढ़ दिखाई देते थे और उन्हें खुद की क्षमताओं पर पूरा भरोसा था। डिविलियर्स ने इसी आत्मविश्वास को उनके शुरुआती व्यवहार की एक प्रमुख वजह बताया। उनके अनुसार, कई बार किसी खिलाड़ी का खुद पर मजबूत भरोसा दूसरों को घमंड या मगरूर होने जैसा लग सकता है, जबकि वास्तविकता में वह अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त होता है।

    उन्होंने यह भी समझाया कि शीर्ष स्तर पर क्रिकेट खेलने और सफलता हासिल करने के लिए आत्मविश्वास बेहद जरूरी होता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह बनाए रखने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ी को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना पड़ता है। युवा खिलाड़ियों में यह विश्वास कभी-कभी उनके व्यवहार में अधिक आक्रामकता के रूप में नजर आ सकता है। विराट कोहली के मामले में भी डिविलियर्स ने उनके शुरुआती अंदाज को इसी नजरिए से देखा।

    समय के साथ विराट के व्यक्तित्व में आए बदलाव का जिक्र करते हुए डिविलियर्स ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ वह एक खिलाड़ी और इंसान के तौर पर अधिक परिपक्व हुए। उनके शुरुआती करियर में खुद को साबित करने की चुनौती काफी बड़ी थी। ऐसे दौर में उनका आक्रामक रवैया और खुद पर जरूरत से ज्यादा भरोसा होने की छवि कुछ लोगों को अलग तरह से दिखाई दे सकती थी। लेकिन अनुभव बढ़ने और क्रिकेट में लगातार आगे बढ़ने के साथ उनके व्यवहार में भी बदलाव आया।

    विराट कोहली ने अपने करियर में बल्लेबाजी के दम पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी आक्रामकता और जीत के लिए लगातार प्रयास करने की प्रवृत्ति उनके खेल की पहचान रही है। मैदान पर उनका जोशीला अंदाज कई बार चर्चा का विषय बनता रहा है, लेकिन उनके प्रशंसक इसी प्रतिस्पर्धी भावना को उनकी ताकत भी मानते हैं। डिविलियर्स की टिप्पणी इसी शुरुआती छवि और समय के साथ आए बदलाव को सामने लाती है।

    आईपीएल के दौरान विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए लंबे समय तक साथ खेला। दोनों के बीच तालमेल ने टीम को कई मुकाबलों में मजबूत स्थिति दिलाई। बल्लेबाजी के दौरान एक-दूसरे की शैली को समझना और मैदान पर बेहतरीन साझेदारियां करना उनकी जोड़ी की खासियत रही। साथ खेलने के दौरान उनकी दोस्ती भी मजबूत हुई और दोनों कई मौकों पर एक-दूसरे की तारीफ करते दिखाई दिए।

    डिविलियर्स का यह बयान विराट कोहली के शुरुआती दिनों की उनकी व्यक्तिगत धारणा पर आधारित है। उन्होंने इसे मजाकिया संदर्भ में रखते हुए विराट के आत्मविश्वास और समय के साथ उनके परिपक्व होने की बात कही। उनकी टिप्पणी से यह भी स्पष्ट होता है कि किसी खिलाड़ी के शुरुआती व्यवहार को समझने के लिए उसकी उम्र, अनुभव और करियर की परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।