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  • लंदन के फाइव स्टार होटल में सऊदी राजकुमार की मौत का खुलासा, शराब-ड्रग्स और दवाओं के घातक मिश्रण ने ली जान

    लंदन के फाइव स्टार होटल में सऊदी राजकुमार की मौत का खुलासा, शराब-ड्रग्स और दवाओं के घातक मिश्रण ने ली जान


    नई दिल्ली ।
    लंदन के एक प्रतिष्ठित होटल में पिछले वर्ष मृत पाए गए 29 वर्षीय सऊदी राजकुमार की मौत को लेकर आठ महीने बाद हुई आधिकारिक जांच में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जांच में निष्कर्ष निकाला गया कि अत्यधिक शराब, पार्टी में इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थ और चिंता व अवसाद की दवाओं के संयुक्त प्रभाव के कारण उन्हें घातक हृदय संबंधी समस्या हुई, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। इस खुलासे ने एक बार फिर नशीले पदार्थों और दवाओं के अनियंत्रित सेवन से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों पर ध्यान केंद्रित कर दिया है।

    मृतक की पहचान अब्दुल्ला बिन फहद बिन अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज बिन जलावी अल सऊद के रूप में हुई है। वह पिछले वर्ष 19 नवंबर को एक सप्ताह के लिए लंदन के केंसिंग्टन स्थित एक लग्जरी होटल में ठहरे थे। जांच के अनुसार, मौत से एक शाम पहले उन्हें होटल के बाहर धूम्रपान करते हुए सीसीटीवी कैमरों में देखा गया था। इसके बाद वह अपने कमरे में लौटे और फिर सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए।

    कुछ समय बाद जब होटल के एक कर्मचारी ने कमरे की सफाई के लिए प्रवेश किया, तो राजकुमार बाथरूम के फर्श पर अचेत अवस्था में मिले। होटल प्रबंधन ने तुरंत सुरक्षा कर्मियों और आपातकालीन चिकित्सा सेवा को सूचना दी। चिकित्सकीय टीम ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर ही उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद मामले की विस्तृत फोरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी जांच शुरू की गई।

    आधिकारिक जांच में सामने आया कि राजकुमार के रक्त में शराब की मात्रा सामान्य कानूनी सीमा से कई गुना अधिक थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनके शरीर में गामा-हाइड्रॉक्सीब्यूटायरेट (जीएचबी) नामक नशीले पदार्थ की भी खतरनाक मात्रा मौजूद थी, जिसे अक्सर पार्टी ड्रग के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा शरीर में कैनबिस के अंश, अल्प्राजोलम सहित चिंता कम करने वाली दवाओं और अन्य चिकित्सीय दवाओं के तत्व भी पाए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि इन सभी पदार्थों का संयुक्त प्रभाव हृदय और श्वसन प्रणाली पर गंभीर असर डाल सकता है।

    जांच अधिकारियों ने माना कि अलग-अलग पदार्थों का यह मिश्रण शरीर के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, शराब और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाली दवाओं तथा नशीले पदार्थों के एक साथ सेवन से शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। इसी कारण राजकुमार को अचानक हृदय संबंधी गंभीर समस्या हुई, जिसने उनकी जान ले ली।

    ब्रिटेन में हुई न्यायिक जांच के दौरान उपलब्ध फोरेंसिक साक्ष्यों, चिकित्सकीय रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए तथ्यों का विस्तार से परीक्षण किया गया। जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या आपराधिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि यह मृत्यु नशीले पदार्थों, शराब और दवाओं के संयुक्त प्रभाव से हुई एक दुर्घटनात्मक घटना थी।

    यह मामला दुनियाभर में इसलिए भी चर्चा का विषय बना क्योंकि इसमें एक शाही परिवार के सदस्य की असामयिक मृत्यु शामिल थी। साथ ही यह घटना इस बात की भी गंभीर चेतावनी है कि चिकित्सकीय दवाओं का बिना उचित निगरानी के शराब या अन्य नशीले पदार्थों के साथ सेवन जानलेवा परिणाम पैदा कर सकता है। विशेषज्ञ लगातार आगाह करते रहे हैं कि ऐसी परिस्थितियों में शरीर की प्रतिक्रिया अप्रत्याशित और अत्यंत घातक हो सकती है, इसलिए दवाओं का उपयोग हमेशा चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।

  • कश्मीरियों को निशाना बनाने वालों पर भड़के फारुख अब्दुल्ला

    कश्मीरियों को निशाना बनाने वालों पर भड़के फारुख अब्दुल्ला

    नई दिल्‍ली। देश में कई जगह पर कश्मीरियों के साथ हुई हिंसा को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने अपनी भड़ास निकाली है। ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में कश्मीरियों को निशाना बनाने वाले यह लोग ‘हिटलर के रास्ते पर’ चल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि एक समय के बाद यह ‘अतिवादी’ लोग खत्म हो जाएंगे।

    कश्मीरियों के हाथ देश में हुई हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग हिटलर जैसा शासन बनाना चाहते हैं।

    उन्होंने कहा, “यह हमारी किस्त्म है कि कुछ लोग ऐसे हैं, जिनका मकसद कुछ और ही है। यह हिटलर के रास्ते पर चलकर हिटलर जैसा शासन बनाना चाहते हैं। लेकिन इन्हें याद रखना चाहिए कि हिटलर ने भी खुद को गोली मार ली और खत्म हो गया। वहीं, नाजीवाद का भी अंत हो गया। यहां भी एक समय आएगा जब यह अतिवादी चले जाएंगे।”

    गौरतलब है कि हाल ही में देश के कुछ इलाकों में कश्मीरियों के साथ हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। इनमें दिल्ली, हरियाणा तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में हुई घटनाएं शामिल थीं। इसमें शॉल बेचने के लिए आने वाले कश्मीरी युवाओं के साथ मारपीट करने और परेशान करने की घटनाएं दर्ज हुई थी। इसी मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी राय रखी थी।

    विदेश मंत्री जयशंकर की खालिदा जिया के निधन पर बांग्लादेश यात्रा को लेकर अपनी बात रखते हुए फारुख ने कहा कि यह अच्छा है। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश हमारा पुराना मित्र है। हमें इस दोस्ती को आगे बढ़ाना होगा और इसे और मजबूत करना होगा।”

    पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को लेकर अपनी बात रखते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि यह साल भारत की पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती को बढ़ाए, ताकि हम इन मुश्किलों से निकल सकें। उन्होंने कहा,, “नया साल शुरू हो गया है। ईश्वर बारिश और बर्फ भेजे ताकि हमारी परेशानियां कम हों। मैं प्रार्थना करता हूं कि हमारे देश में शांति बनी रहे और हम पड़ोसी देशों के साथ दोस्ती करें, ताकि इन मुश्किलों से बाहर निकल सकें।