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  • अठावले का अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी में आने का न्योता, बोले- मोदी हमारे कैप्टन, NDA फिर बनाएगा सरकार

    अठावले का अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी में आने का न्योता, बोले- मोदी हमारे कैप्टन, NDA फिर बनाएगा सरकार


    नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में NDA फिर सत्ता में आएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपनी टीम का कप्तान बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में गठबंधन मजबूत है। अठावले ने इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) में शामिल होने का प्रस्ताव दिया।

    अठावले महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में सूखे की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “पीएम मोदी का बेड़ा मजबूत है और 2029 के लोकसभा चुनाव में सरकार में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। मोदी हमारे कैप्टन हैं और मैं उनका प्लेयर हूं।” उन्होंने राहुल गांधी को लेकर भी राजनीतिक अंदाज में कहा कि वह उनका विकेट लेंगे।

    ‘अंबेडकरवादी हैं तो RPI(A) में शामिल होने पर विचार करें’

    अठावले ने अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता देते हुए कहा कि यदि वह अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े हैं, तो उन्हें RPI(A) के साथ आना चाहिए। उनके मुताबिक, दीपके युवाओं को पार्टी से जोड़ने और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के आधार पर संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभा सकते हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दीपके को RPI(A) में शामिल होने के प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दीपके दिल्ली में CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन को लेकर पुलिस कार्रवाई के बाद चर्चा में हैं।

    तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए गए थे दीपके

    अभिजीत दीपके को शुक्रवार को दिल्ली के झंडेवालान स्थित अपने घर से निकलने के बाद हिरासत में लिया गया था। वह कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्हें 10 अक्टूबर को दिए गए शांति बॉन्ड का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

    शनिवार को उन्हें शांति बनाए रखने संबंधी बॉन्ड के आधार पर सशर्त जमानत दे दी गई। उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था, जहां कुछ शर्तों के साथ रिहाई का आदेश दिया गया।

    शांति बॉन्ड के आधार पर मिली राहत

    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शांति बॉन्ड में दिए गए आश्वासन के आधार पर दीपके को छोड़ा गया है। अधिकारी के मुताबिक, आगे की जानकारी के लिए लिखित आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

    हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस थाने और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

    इस तरह एक ओर रामदास अठावले ने दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने का राजनीतिक न्योता दिया, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़े मामले में दीपके को शांति बॉन्ड की शर्तों के साथ रिहाई मिल गई।

  • CJP की तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके का दावा, कहा- पुलिस हिरासत में ले सकती है

    CJP की तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके का दावा, कहा- पुलिस हिरासत में ले सकती है


    नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि कुछ बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी उनके घर की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली पुलिस गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह उन्हें हिरासत में ले सकती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि पार्टी के सदस्य शुक्रवार को शांतिपूर्वक तिरंगा लहराने जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए जेल जाना पड़े, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा लहराने के मामले में CJP के सहयोगियों सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया था।

    सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च निकालने की तैयारी

    CJP ने अपने समर्थकों और आम लोगों से शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में जुटने की अपील की है। पार्टी यहां तिरंगा लहराकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताना चाहती है। यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर है।

    दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी शांतिपूर्वक तिरंगा लहराएगी। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय ध्वज फहराना अपराध माना जाता है, तो वे जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि तिरंगा लहराने के लिए किसी को अपराधी मानना गलत है।

    16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा सेंट्रल पार्क

    तिरंगा मार्च की घोषणा के बीच नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने गुरुवार को बताया कि कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। इसी स्थान पर CJP ने अपना कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी।

    पार्क बंद रखने के फैसले पर दिपके ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी 100 अलग-अलग जगहों पर तिरंगा लहराने का ऐलान कर दे, तो क्या प्रशासन सभी 100 स्थानों को बंद कर देगा? उन्होंने यह भी पूछा कि यदि किसी राजनीतिक रैली में लोग तिरंगा लेकर पहुंचें, तो क्या उस रैली को भी रद्द कर दिया जाएगा?

    ‘पुलिस कार्रवाई से डरने वाले नहीं’

    अभिजीत दिपके ने दावा किया कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि IB के कर्मचारी उनके घर के बाहर तैनात चौकीदार से उनके बारे में जानकारी जुटा रहे थे। दिपके ने आशंका जताई कि पुलिस उन्हें गुरुवार रात या शुक्रवार सुबह हिरासत में ले सकती है। उन्होंने कहा कि वे ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार बदलने की मांग नहीं कर रही है। CJP की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और उनकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति की नियुक्ति स्वतंत्र एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत की जाए।

    मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर सवाल

    दिपके ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अन्य चुनाव आयुक्तों की बात भी नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग करना क्या अपराध है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिपके ने देश में आपातकाल जैसे हालात होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपातकाल घोषित नहीं कर रहे, क्योंकि इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

    CJP के तिरंगा मार्च, सेंट्रल पार्क को बंद रखने के फैसले और पुलिस हिरासत की आशंका को लेकर दिपके के बयान ऐसे समय आए हैं, जब पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। हालांकि, उनके पीछा किए जाने और निगरानी संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

  • राहुल गांधी से लेकर अभिजीत दीपके तक, विरोध प्रदर्शनों पर BJP की जवाबी रणनीति की तैयारी

    राहुल गांधी से लेकर अभिजीत दीपके तक, विरोध प्रदर्शनों पर BJP की जवाबी रणनीति की तैयारी


    नई दिल्‍ली । दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं से बातचीत के लिए तैयार है। साथ ही, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के रुख का राजनीतिक जवाब देने तथा चुनाव आयोग के कामकाज पर तथ्य आधारित जानकारी सामने रखने की तैयारी भी की जा रही है। हालांकि, भाजपा ने अपनी रणनीति को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी से जुड़े सूत्रों ने संकेत दिया है कि मौजूदा हालात से निपटने के लिए बातचीत और राजनीतिक स्तर पर जवाब देने, दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इस बीच, विपक्षी गठबंधन INDIA, कांग्रेस से जुड़े संगठनों और अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से विरोध जारी रहने की संभावना है।

    चुनाव आयोग के मुद्दे पर फैक्टशीट तैयार करने की चर्चा

    रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए एक फैक्टशीट तैयार कर रही है। पार्टी की रणनीति में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के आरोपों का राजनीतिक जवाब देना भी शामिल बताया गया है। हालांकि, किसी भाजपा नेता ने सार्वजनिक रूप से इन तैयारियों की पुष्टि नहीं की है।

    अखबार से बातचीत में पार्टी से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि देश में कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है और प्रदर्शन सहित सभी गतिविधियां निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के दायरे में होनी चाहिए। सूत्र ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया निर्धारित है और इसके लिए महाभियोग की प्रक्रिया अपनानी होती है।

    प्रदर्शनकारियों के अधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन का दावा

    रिपोर्ट में भाजपा से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चुनाव आयोग ने SIR के मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की कोशिश की है। वहीं, सरकार ने दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में प्रदर्शनकारियों से निपटते समय संयम बरता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन रखने की कोशिश की गई।

    भाजपा से जुड़े एक सूत्र ने रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति का हवाला देते हुए कहा कि सरकार विरोध के अधिकार के खिलाफ नहीं है। पार्टी का तर्क है कि निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन होने से लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है और आम नागरिकों को होने वाली परेशानी भी कम की जा सकती है। ये दावे पार्टी से जुड़े सूत्रों के हैं; सरकार की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक रणनीति जारी नहीं की गई है।

    INDIA गठबंधन के प्रदर्शन पर लग सकता है विराम

    पिछले सप्ताह से विपक्षी गठबंधन INDIA के नेता दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, माकपा महासचिव एमए बेबी ने कहा कि उन्हें कांग्रेस की ओर से फोन आया था। कांग्रेस का मानना था कि सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और याचिका दाखिल करने के बाद मंगलवार को नए मार्च या प्रदर्शन की जरूरत नहीं है।

    हालांकि, गठबंधन के साझा प्रदर्शन पर विराम लगने की स्थिति में भी कांग्रेस से जुड़े कुछ संगठन अपना विरोध जारी रख सकते हैं। इनमें भारतीय युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के नाम शामिल हैं। ऐसे में दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों की आगे की दिशा इन संगठनों के फैसलों पर भी निर्भर करेगी।

    कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस को दिया 24 घंटे का समय

    अभिजीत दीपके से जुड़ी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सक्रिय है। सोमवार को पार्टी के प्रतिनिधि दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग लेकर पहुंचे थे। पार्टी ने पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय दिया था।

    सीजेपी नेता सौरभ दास ने कहा था कि शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार है और उनकी पार्टी इसी अधिकार के तहत प्रदर्शन करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पुलिस अक्सर प्रदर्शन की अनुमति के लिए पहले से संपर्क करने की बात कहती है, इसलिए इस बार तारीख और समय तय करने का फैसला पुलिस पर छोड़ा गया है।

    पार्टी पदाधिकारी आशुतोष रांका ने भी कहा था कि सीजेपी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पुलिस से समय मांग रही है। उनके मुताबिक, अनुमति मिलने पर पार्टी 24 घंटे के भीतर निर्धारित स्थल पर जुटने के लिए तैयार है।

    मंगलवार को नए ऐलान पर नजर

    सीजेपी की ओर से पुलिस को दिया गया 24 घंटे का समय मंगलवार को पूरा होने की बात कही जा रही है। ऐसे में पार्टी की अगली घोषणा पर नजर रहेगी। दूसरी ओर, कांग्रेस से जुड़े छात्र और युवा संगठन विरोध जारी रखने का फैसला कर सकते हैं, भले ही INDIA गठबंधन के स्तर पर साझा प्रदर्शन न हो।

    फिलहाल भाजपा की ओर से बातचीत और राजनीतिक जवाब की संभावित रणनीति की खबरें सामने आई हैं, लेकिन पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अपने अगले कदमों का खुलासा नहीं किया है। दिल्ली में आगे विरोध प्रदर्शन किस रूप में जारी रहेंगे, यह संबंधित दलों और संगठनों के फैसलों के साथ-साथ पुलिस की अनुमति पर भी निर्भर करेगा।

  • ‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर दावा: अभिजीत दीपके बोले- CJI सूर्यकांत का इशारा सौरभ दास की ओर था

    ‘कॉकरोच’ टिप्पणी पर दावा: अभिजीत दीपके बोले- CJI सूर्यकांत का इशारा सौरभ दास की ओर था


    नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ टिप्पणी को लेकर अब नया दावा सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि CJI की यह टिप्पणी CJP प्रवक्ता और पत्रकार सौरभ दास के संदर्भ में थी। हालांकि, दास ने भी इस संभावना से इनकार नहीं किया और कहा कि उस समय कई वकीलों और रिटायर्ड जजों ने उनसे संपर्क कर कहा था कि टिप्पणी शायद उन्हीं के लिए की गई है।

    एक इंटरव्यू के दौरान सौरभ दास ने अपने पत्रकारिता करियर और अदालतों से जुड़े लेखन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह कानून और खास तौर पर जजों से जुड़े मामलों पर लिखते हैं। इसी दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि CJI द्वारा इस्तेमाल किया गया ‘कॉकरोच’ शब्द सौरभ दास के लिए था।

    ‘उस समय सबसे ज्यादा यही लिख रहा था’

    दीपके ने कहा, ‘जो कॉकरोच शब्द यूज किया गया था, वह सौरभ के लिए किया गया था। यह ओजी कॉकरोच है, क्योंकि तब सबसे ज्यादा यही लिख रहा था।’

    इस पर सौरभ दास ने बताया कि उस समय कुछ वकीलों और रिटायर्ड जजों ने उनसे संपर्क किया था। उनके मुताबिक, उन लोगों का कहना था कि CJI की टिप्पणी संभवतः उनके लिए थी।

    दास ने बताया कि उस दौरान वह कारवां मैगजीन के लिए CJI सूर्यकांत पर एक प्रोफाइल लिख रहे थे। इससे पहले वह पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ पर भी प्रोफाइल लिख चुके थे। इसी सिलसिले में उन्होंने कुछ RTI आवेदन भी दाखिल किए थे।

    दास के मुताबिक, उसी समय CJI ने कहा था कि कुछ युवा लोग पेशे में नौकरी नहीं ढूंढ पाते और फिर मीडिया या RTI एक्टिविज्म की तरफ चले जाते हैं और सिस्टम पर हमला करते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि ‘कॉकरोच’ टिप्पणी उन्हीं के लिए थी, तो उन्होंने कहा, ‘पता नहीं, हां हो सकता है।’

    युवाओं पर टिप्पणी को लेकर हुआ था विवाद

    दरअसल, एक मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की मौखिक टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ था। इसे कुछ जगहों पर देश के बेरोजगार युवाओं पर टिप्पणी के तौर पर प्रचारित किया गया। बाद में CJI ने अदालत में अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा था कि उनकी टिप्पणी को मीडिया के एक हिस्से ने गलत तरीके से पेश किया।

    CJI ने कहा था कि उन्होंने उन लोगों की आलोचना की थी, जो फर्जी या नकली डिग्रियों के जरिए वकालत जैसे पेशों में प्रवेश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं और उनकी तुलना ‘परजीवियों’ से की गई थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कहना गलत है कि उन्होंने देश के युवाओं की आलोचना की थी।

    CJI की टिप्पणी के बाद बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’

    CJI की इसी ‘कॉकरोच’ टिप्पणी को आधार बनाकर अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत की थी। टिप्पणी के बाद दीपके ने एक्स पर लिखा था- ‘क्या होगा यदि सारे कॉकरोच एकत्रित हो जाएं।’

    इस पोस्ट के वायरल होने के बाद उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। दावा किया गया कि इंस्टाग्राम पर महज चार दिन में करीब 2.5 करोड़ फॉलोअर हो गए। इसके बाद दीपके चर्चा में आए और अमेरिका से भारत लौटकर उन्होंने NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन भी शुरू किया।

  • अभिजीत दिपके के परिवार और CJP फंडिंग की जांच की मांग, RTI कार्यकर्ता ने EC और GST विभाग को लिखा पत्र

    अभिजीत दिपके के परिवार और CJP फंडिंग की जांच की मांग, RTI कार्यकर्ता ने EC और GST विभाग को लिखा पत्र


    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और संगठन के लिए घोषित लीगल डिफेंस फंड को लेकर नए सवाल उठे हैं। गुजरात के सूरत के एक RTI कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग और केंद्रीय GST विभाग से पूरे मामले की वित्तीय जांच कराने की मांग की है।

    RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने शनिवार को बताया कि उन्होंने इस संबंध में दोनों संस्थाओं को पत्र भेजा है। उनकी मांग है कि CJP की फंडिंग, संगठन की वैधानिक स्थिति और अभिजीत दिपके के परिवार की वित्तीय पृष्ठभूमि की जांच की जाए।

    विदेश में पढ़ाई के खर्च पर सवाल
    तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके, जो महाराष्ट्र सरकार से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, उनके बेटे की विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च किस स्रोत से वहन किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए।

    CJP के पंजीकरण की भी जांच की मांग
    RTI कार्यकर्ता ने निर्वाचन आयोग से यह भी अनुरोध किया है कि CJP की कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना है कि यदि संगठन राजनीतिक दल की तरह गतिविधियां चला रहा है और उसके नाम पर फंड जुटाया जा रहा है, तो यह जांचना आवश्यक है कि क्या उसका पंजीकरण जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत हुआ है या नहीं। यदि पंजीकरण नहीं है, तो इस आधार पर भी जांच होनी चाहिए।

    1 करोड़ के लीगल डिफेंस फंड पर GST का मुद्दा
    अमित तिवारी ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को भी पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घोषित 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड पर लागू कर नियमों की जांच की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से इस राशि पर संभावित GST देनदारी की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

    NEET प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
    यह विवाद NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद सामने आया है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए CJP प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। इसी फंड और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं को लेकर अब जांच की मांग उठाई गई है।