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  • अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकला रनों का तूफान, न्यूजीलैंड को रौंदने के बाद युवराज सिंह को लेकर कही दिलचस्प बात

    अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकला रनों का तूफान, न्यूजीलैंड को रौंदने के बाद युवराज सिंह को लेकर कही दिलचस्प बात


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में ऐसी विस्फोटक पारी खेली कि विरोधी टीम के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं बचा। अभिषेक ने महज 35 गेंदों में शतक पूरा किया और 38 गेंदों पर 113 रन बनाकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने इस मुकाबले में न्यूजीलैंड को छह विकेट से हराकर पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। हालांकि इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद अभिषेक की चर्चा उनकी बल्लेबाजी के साथ साथ अपने मेंटर युवराज सिंह को दिए गए मजेदार जवाब को लेकर भी हो रही है।

    मैच के बाद बातचीत के दौरान अभिषेक से युवराज सिंह की उस टिप्पणी के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि अभिषेक अभी तक 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने का कमाल नहीं कर पाए हैं। इस पर अभिषेक ने हंसते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि उस समय युवराज कौन सा क्रिकेट खेल रहे थे लेकिन 12 गेंदों में 50 रन बनाना बिल्कुल आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई बल्लेबाज केवल मैदान पर उतरकर इतनी कम गेंदों में अर्धशतक नहीं बना सकता। इसके लिए परिस्थितियों का साथ और असाधारण प्रदर्शन दोनों जरूरी होते हैं। अभिषेक का यह जवाब सुनकर क्रिकेट प्रशंसकों को उनके और युवराज के बीच गुरु शिष्य के रिश्ते की मजेदार झलक देखने को मिली।

    अभिषेक ने अपनी शानदार पारी के दौरान 11 छक्के और नौ चौके लगाए। उन्होंने केवल 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था और इसके बाद भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रही। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए महज 7.1 ओवर में 133 रन जोड़ दिए। वैभव ने 19 गेंदों पर 45 रन बनाए और उनकी तेज शुरुआत ने भारतीय टीम के लिए लक्ष्य का पीछा बेहद आसान कर दिया।

    अभिषेक ने बताया कि इस मुकाबले से पहले उन्होंने पिच और मैदान की परिस्थितियों को समझने पर खास ध्यान दिया था। फील्डिंग के दौरान उन्होंने पिच पर अतिरिक्त उछाल को महसूस किया और इसके बाद वैभव के साथ मिलकर पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करने की रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि दोनों का उद्देश्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं बल्कि टीम को जीत दिलाने के लिए तेजी से रन बनाना था। अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय कोचिंग स्टाफ और अभ्यास सत्रों को भी दिया। उनके मुताबिक मैच से पहले साइडआर्म गेंदों पर अभ्यास करने से उन्हें तेज गेंदों के खिलाफ बेहतर तैयारी करने में मदद मिली।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए डेरिल मिचेल की नाबाद 89 रन की पारी की बदौलत 20 ओवर में तीन विकेट पर 198 रन बनाए थे। फिन एलन ने 40 रन और बेवन जैकब्स ने नाबाद 39 रन का योगदान दिया। भारतीय टीम ने जवाब में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती ओवरों में ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भारत ने 13.2 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 40 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड में लगातार तीसरी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतने का सिलसिला भी बरकरार रखा। अभिषेक का तूफानी शतक और वैभव के साथ उनकी साझेदारी इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। वहीं युवराज सिंह की टिप्पणी पर उनका मजेदार जवाब भी चर्चा का विषय बन गया। मैदान पर बल्ले से धमाल मचाने वाले अभिषेक ने यह साफ कर दिया कि उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि टीम इंडिया की जीत है।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ा! टी20 में 200 के पार स्ट्राइक रेट, टॉप-5 में चार भारतीयों का दबदबा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपने तूफानी बल्लेबाजी अंदाज से टी20 क्रिकेट में अलग पहचान बना ली है। महज 15 साल की उम्र में इस बल्लेबाज ने ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया है जिसने बड़े-बड़े बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। टी20 क्रिकेट में कम से कम 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों के स्ट्राइक रेट की सूची में वैभव सूर्यवंशी पहले स्थान पर हैं। उनके नाम 214.83 का शानदार स्ट्राइक रेट दर्ज है। इस सूची में भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी शामिल हैं जो 178.32 के स्ट्राइक रेट के साथ चौथे पायदान पर हैं। खास बात यह है कि शीर्ष पांच बल्लेबाजों में चार भारतीय खिलाड़ी मौजूद हैं। यह आंकड़ा भारतीय क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

    वैभव सूर्यवंशी ने अब तक इंटरनेशनल आईपीएल और घरेलू टी20 क्रिकेट को मिलाकर 42 पारियों में 1723 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 42.02 और स्ट्राइक रेट 214.83 रहा है। उनका बाउंड्री प्रतिशत भी 36.15 बताया गया है। इतनी कम उम्र में इतने आक्रामक अंदाज से रन बनाना उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दिखाता है। वैभव मैदान पर उतरते ही तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं और बड़े शॉट खेलने से नहीं हिचकते। यही वजह है कि वह टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक युवा बल्लेबाजों में गिने जाने लगे हैं। हालांकि उनके करियर में अभी तक पारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है और आगे लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनके लिए अहम होगा।

    इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक बल्लेबाज मिच ओवन दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 86 टी20 पारियों में 1813 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 181.30 और औसत 22.66 है। ओवन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कई मौकों पर टीम को तेज शुरुआत दिलाई है लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में वह वैभव से काफी पीछे हैं। तीसरे स्थान पर भारतीय बल्लेबाज उर्विल पटेल हैं जिनका स्ट्राइक रेट 180.69 है। उन्होंने 64 पारियों में 1554 रन बनाए हैं और उनका औसत 25.90 रहा है। इस तरह सूची के शुरुआती तीन स्थानों में दो भारतीय बल्लेबाजों की मौजूदगी भारत की टी20 प्रतिभा को सामने लाती है।

    भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने 215 पारियों में 6466 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 32.65 और स्ट्राइक रेट 178.32 है। अभिषेक अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं और पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। पांचवें स्थान पर भारतीय बल्लेबाज प्रियांश आर्या हैं जिनका स्ट्राइक रेट 176.78 है। उन्होंने 59 पारियों में 1683 रन बनाए हैं और उनका औसत 29.01 है।

    अब सबकी नजर भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले पर है। ईशान किशन के चोटिल होने के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है। यदि उन्हें खेलने का अवसर मिलता है तो उनके पास अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव छोड़ने का मौका होगा। हालांकि अंतिम एकादश में उनका चयन टीम प्रबंधन के फैसले पर निर्भर करेगा। वैभव के रिकॉर्ड ने उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता बनाए रखना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

  • अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज

    अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में खेले जा रहे टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक ने अपनी पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर इतिहास रच दिया। यह सातवीं बार था जब उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाया। इस उपलब्धि के साथ अभिषेक इस प्रारूप में सबसे ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता को चर्चा में ला दिया है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक को भारतीय पारी की छठी गेंद पर स्ट्राइक मिली। सामने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी थे लेकिन अभिषेक ने बिना समय गंवाए गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया। टी20 क्रिकेट में पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक ने इस छक्के के साथ अपने रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ ली। इस मामले में अफगानिस्तान के शफीकुल्लाह शिनवारी छह बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव पांच बार ऐसा कर चुके हैं।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट के नुकसान पर 225 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने नाबाद 82 रन की शानदार पारी खेली जबकि फिन एलन ने 45 रन और बेवॉन जैकब्स ने 31 रन का योगदान दिया। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और निर्धारित 20 ओवर में रन गति को तेज बनाए रखा। भारत के सामने जीत के लिए बड़ा लक्ष्य था और ऐसे में सलामी बल्लेबाजों से तेज शुरुआत की उम्मीद थी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए केवल 35 गेंदों में 93 रन जोड़ दिए। अभिषेक ने 12 गेंदों में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 29 रन बनाए। दूसरी ओर संजू सैमसन ने 33 गेंदों में चार छक्कों और आठ चौकों की मदद से 67 रन की शानदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया और बड़े लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीदों को बढ़ाया।

    अभिषेक और संजू की जोड़ी ने इस मुकाबले में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। दोनों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान पांचवीं बार 50 या उससे अधिक रन की ओपनिंग साझेदारी की। इससे पहले अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने 2025 में पांच बार यह कारनामा किया था। वहीं रोहित शर्मा और केएल राहुल की जोड़ी ने 2021 में पांच बार 50 से अधिक रन की शुरुआती साझेदारी की थी। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने 2018 में चार बार ऐसा किया था।

    इस मुकाबले में अर्धशतक लगाने वाले संजू सैमसन ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। वह 2026 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए। इस सूची में सूर्यकुमार यादव 2022 में 11 अर्धशतकों के साथ शीर्ष पर हैं जबकि विराट कोहली ने 2022 में और अभिषेक शर्मा ने 2026 में नौ नौ बार 50 से अधिक रन बनाए हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन 2026 में आठ आठ बार यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इस तरह न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ साझेदारी में भी अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया।

  • अभिषेक शर्मा के तूफान से पस्त हुआ वेस्टइंडीज, हार के बाद कप्तान शाई होप का बड़ा बयान, भारतीय गेंदबाजों की तारीफ में कही ये बात

    अभिषेक शर्मा के तूफान से पस्त हुआ वेस्टइंडीज, हार के बाद कप्तान शाई होप का बड़ा बयान, भारतीय गेंदबाजों की तारीफ में कही ये बात


    नई दिल्ली । भारत के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 14 रन से मिली हार के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने अपनी टीम की गेंदबाजी को लेकर अहम बात कही है। उन्होंने माना कि गेंदबाज कुछ मौकों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे और भारतीय बल्लेबाजों को कुछ अतिरिक्त बाउंड्री देने से बचना चाहिए था। रविवार को खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट खोकर 209 रन तक ही पहुंच सकी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है।
    मैच के बाद शाई होप ने कहा कि क्रिकेट में जीत और हार का अंतर कई बार बेहद कम होता है। ऐसे मुकाबलों में कुछ अहम पल पूरे परिणाम को बदल सकते हैं। उनके मुताबिक वेस्टइंडीज की टीम ने मैच में वापसी करने की कोशिश की और कुछ विकेट लेकर मुकाबले पर पकड़ भी बनाई। हालांकि गेंदबाजी के दौरान कुछ मौकों पर टीम बेहतर कर सकती थी। होप ने माना कि भारतीय बल्लेबाजों को बाउंड्री लगाने के अवसर मिले और इसका असर अंतिम परिणाम पर पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती साझेदारी काफी खतरनाक साबित हो सकती थी लेकिन रोस्टन चेज की मदद से टीम को जरूरी विकेट मिले।
    वेस्टइंडीज के कप्तान ने टीम की सलामी जोड़ी के प्रदर्शन पर भी बात की। सीरीज के शुरुआती तीनों मुकाबलों में ओपनिंग साझेदारी टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रही है। होप ने कहा कि किसी भी टीम के लिए अच्छी शुरुआत बेहद जरूरी होती है क्योंकि इससे आगे आने वाले बल्लेबाजों को पारी संभालने और बड़े लक्ष्य का पीछा करने में मदद मिलती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खराब शुरुआत के लिए केवल एक या दो खिलाड़ियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। टीम को सामूहिक रूप से बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है।
    होप ने मुकाबले में ओस की स्थिति और गेंद की स्विंग का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक टीम को उम्मीद थी कि परिस्थितियां अलग होंगी लेकिन पारी के अंतिम हिस्से में गेंद अपेक्षाकृत ज्यादा स्विंग करती दिखाई दी। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अच्छी लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की और यॉर्कर का प्रभावी इस्तेमाल किया। होप के अनुसार भारतीय गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में सटीक गेंदें डालकर अपनी क्षमता दिखाई और उन्हें इसका श्रेय मिलना चाहिए।
    इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। अभिषेक शर्मा ने केवल 30 गेंदों पर 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। ईशान किशन ने 18 गेंदों पर 37 रन बनाकर तेजी से रन जोड़े। तिलक वर्मा ने भी 16 गेंदों पर 28 रन की उपयोगी पारी खेली। इन योगदानों की मदद से भारतीय टीम 223 रन के बड़े स्कोर तक पहुंची और वेस्टइंडीज के सामने 224 रन का लक्ष्य रखा।
    लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने मुकाबले में बने रहने की कोशिश की। कामिल पूरन ने 27 गेंदों पर 42 रन और शिमरोन हेटमायर ने 26 गेंदों पर 43 रन बनाए। रदरफोर्ड ने 32 रन का योगदान दिया जबकि शमर स्प्रिंगर ने केवल 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन बनाकर आखिरी ओवरों में तेजी से रन जुटाए। इसके बावजूद टीम लक्ष्य से 14 रन दूर रह गई। अब वेस्टइंडीज के सामने अगले मुकाबले में वापसी करने की चुनौती होगी जबकि भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करने के इरादे से उतरेगी।

  • वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रिंस यादव की तूफानी बल्लेबाजी से प्रभावित हुए अभिषेक, बोले- बड़े शॉट लगाने का हुनर आने वाले समय में और निखरेगा

    वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रिंस यादव की तूफानी बल्लेबाजी से प्रभावित हुए अभिषेक, बोले- बड़े शॉट लगाने का हुनर आने वाले समय में और निखरेगा


    नई दिल्ली । भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारतीय टीम ने 14 रन से जीत दर्ज की। इस मैच में जहां भारतीय बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर की नींव रखी वहीं आखिरी ओवरों में प्रिंस यादव की छोटी लेकिन उपयोगी पारी भी चर्चा में रही। प्रिंस ने महज छह गेंदों पर नाबाद 13 रन बनाकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। उनकी इस बल्लेबाजी से अभिषेक शर्मा भी प्रभावित नजर आए। अभिषेक ने प्रिंस की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनकी बल्लेबाजी पहले देख चुके हैं और दिल्ली के क्रिकेट सर्कल में उनके नाम की चर्चा होती है।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से साझा किए गए वीडियो में प्रिंस यादव ने बताया कि तीसरे टी20 मुकाबले में बल्लेबाजी के लिए अभिषेक शर्मा ने उन्हें अपना बल्ला दिया था। प्रिंस के मुताबिक टीम के लिए किसी भी तरह से योगदान देना उनके लिए खुशी की बात है। चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी अथवा फील्डिंग हर खिलाड़ी की कोशिश रहती है कि वह टीम की सफलता में अपना हिस्सा दे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि अभिषेक ने बल्ला देते समय उनसे कहा था कि उसकी बेइज्जती नहीं होनी चाहिए। प्रिंस ने कहा कि उन्होंने बल्ले की इज्जत रखते हुए कुछ अच्छे शॉट लगा दिए।
    वीडियो में प्रिंस के साथ मौजूद अभिषेक शर्मा ने उनकी बल्लेबाजी की क्षमता पर भरोसा जताया। अभिषेक ने कहा कि यदि किसी ने प्रिंस को बल्लेबाजी करते हुए नहीं देखा है तो उन्होंने उन्हें खेलते देखा है। दिल्ली में होने वाले सिंगल विकेट क्रिकेट में खिलाड़ियों को आमने-सामने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का हुनर दिखाना पड़ता है। अभिषेक के अनुसार प्रिंस में बड़े शॉट लगाने की क्षमता है और इसकी झलक वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में भी देखने को मिली। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रिंस का यह हुनर और निखरेगा। अभिषेक ने यह भी कहा कि बल्ला उनका था लेकिन गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने में प्रिंस की ताकत और प्रतिभा का योगदान था।
    प्रिंस ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि इंग्लैंड में भी उन्होंने अभिषेक के बल्ले से बल्लेबाजी की थी और छक्का लगाया था। इसी वजह से अब वह जब भी बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे तो अभिषेक से ही बल्ला लेने की कोशिश करेंगे। मैदान पर इस हल्की-फुल्की बातचीत ने दोनों खिलाड़ियों के बीच अच्छे तालमेल की झलक भी दिखाई।
    मैच में प्रिंस यादव ने भारत की ओर से नंबर 10 या 11 पर बल्लेबाजी करते हुए टी20 इंटरनेशनल में तीन या उससे अधिक बाउंड्री लगाने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में जगह बनाई। उन्होंने अपनी नाबाद 13 रन की पारी में तीन चौके लगाए। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट गंवाकर 209 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 14 रन से अपने नाम कर लिया।
    इस जीत में भारतीय टीम के सामूहिक प्रदर्शन की अहम भूमिका रही। हालांकि प्रिंस यादव की छोटी पारी ने यह भी दिखाया कि निचले क्रम के बल्लेबाजों का योगदान टी20 क्रिकेट में कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। अभिषेक शर्मा की तारीफ से प्रिंस का आत्मविश्वास बढ़ने की उम्मीद है और अब नजरें उनके आगे के प्रदर्शन पर रहेंगी।
  • IND vs WI: इंदौर में भारत की जीत के बीच वेस्टइंडीज ने बनाया महारिकॉर्ड, T20I में छक्कों का दोहरा हजार पूरा, जानें किस नंबर पर है टीम इंडिया

    IND vs WI: इंदौर में भारत की जीत के बीच वेस्टइंडीज ने बनाया महारिकॉर्ड, T20I में छक्कों का दोहरा हजार पूरा, जानें किस नंबर पर है टीम इंडिया


    नई दिल्ली । भारत और वेस्टइंडीज के बीच इंदौर में खेले गए तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में टीम इंडिया ने 14 रन से जीत दर्ज कर पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। हालांकि इस हार के बावजूद वेस्टइंडीज की टीम ने ऐसा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक कोई दूसरी टीम हासिल नहीं कर सकी थी। वेस्टइंडीज टी20 इंटरनेशनल में 2000 छक्के लगाने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है। भारतीय टीम भी इस रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुकी है और आने वाले मुकाबलों में उसके पास इस आंकड़े को पार करने का मौका होगा।
    वेस्टइंडीज की टीम ने भारत के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में कुल 13 छक्के लगाए। इसी के साथ उसके टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छक्कों की संख्या 2000 के पार पहुंच गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वेस्टइंडीज के नाम 2010 छक्के दर्ज हैं और वह इस सूची में पहले स्थान पर है। दूसरी ओर भारतीय टीम 1997 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर मौजूद है। इंदौर में खेले गए मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने आठ छक्के लगाए थे। इस तरह दोनों टीमों के बीच छक्कों के मामले में अंतर बेहद कम रह गया है। भारत को वेस्टइंडीज के आंकड़े से आगे निकलने के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ सकता।
    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छक्के लगाने के मामले में भारत और वेस्टइंडीज का दबदबा साफ दिखाई देता है। दोनों टीमों में कई ऐसे बल्लेबाज हैं जो तेजी से रन बनाने और बड़े शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं। इस सूची में न्यूजीलैंड तीसरे स्थान पर है जिसके नाम 1585 छक्के दर्ज हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 412 छक्कों का बड़ा अंतर है। पाकिस्तान 1500 छक्कों के साथ चौथे स्थान पर है जबकि दक्षिण अफ्रीका 1407 छक्कों के साथ पांचवें नंबर पर मौजूद है। इंग्लैंड के खाते में 1406 और ऑस्ट्रेलिया के नाम 1400 छक्के दर्ज हैं। श्रीलंका 1045 छक्कों के साथ आठवें स्थान पर है। अफगानिस्तान के 1014 बांग्लादेश के 986 और जिम्बाब्वे के 931 छक्के हैं। ये आंकड़े टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी के लिहाज से टीमों के प्रदर्शन को दर्शाते हैं।
    इंदौर में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने तूफानी अर्धशतक लगाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई और भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 223 रन बनाए। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट के नुकसान पर 209 रन ही बना सकी। शिमरोन हेटमायर ने 26 गेंदों में 43 रन बनाए जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल रहे। कामिल पूरन ने भी 27 गेंदों पर 42 रन की उपयोगी पारी खेली। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा और मेहमान टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।
    वेस्टइंडीज की ओर से पारी के अंतिम ओवरों में शमार स्प्रिंगर ने तेजी से रन बनाकर मुकाबले में रोमांच पैदा किया। उन्होंने केवल 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन ठोक दिए जिसमें चार छक्के और दो चौके शामिल थे। इसके बावजूद टीम को जीत नहीं मिल सकी। भारत की तरफ से अर्शदीप सिंह ने 44 रन देकर तीन विकेट हासिल किए जबकि नमन धीर ने 39 रन देकर दो बल्लेबाजों को आउट किया। गेंदबाजों के इस प्रदर्शन ने भारत की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
    इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले की खास बात यह भी रही कि मौजूदा भारत दौरे में पहली बार किसी टीम ने लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव किया। एक तरफ भारतीय टीम सीरीज में बढ़त बनाकर उत्साहित है तो दूसरी तरफ वेस्टइंडीज ने हार के बावजूद छक्कों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर भारतीय टीम पर रहेगी कि वह कितनी जल्दी 2000 छक्कों का आंकड़ा पार कर इस उपलब्धि को हासिल करती है।

  • होलकर स्टेडियम में आज बनेगा इतिहास? अभिषेक शर्मा तोड़ सकते हैं सूर्या के दो रिकॉर्ड, ईशान और श्रेयस के पास भी बड़ा मौका

    होलकर स्टेडियम में आज बनेगा इतिहास? अभिषेक शर्मा तोड़ सकते हैं सूर्या के दो रिकॉर्ड, ईशान और श्रेयस के पास भी बड़ा मौका


    नई दिल्ली। इंदौर के होलकर स्टेडियम में रविवार 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की नजरें सूर्यकुमार यादव के दो बड़े रिकॉर्ड पर टिकी हैं। वहीं ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर के पास भी भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने का मौका है। ऐसे में इस मुकाबले में रोमांचक क्रिकेट के साथ कई व्यक्तिगत उपलब्धियों पर भी दर्शकों की निगाहें रहेंगी।
    अभिषेक शर्मा इस समय शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और उनके पास टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 2000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है। अभिषेक अब तक 64 मुकाबलों की 63 पारियों में 1967 रन बना चुके हैं और इसके लिए उन्होंने 1009 गेंदों का सामना किया है। तीसरे टी20 में 33 रन बनाते ही वह 2000 रन के आंकड़े तक पहुंच जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड सूर्यकुमार यादव के नाम है जिन्होंने अपनी 1164वीं गेंद पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 रन पूरे किए थे। अभिषेक को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए सूर्यकुमार से कम गेंदों में यह आंकड़ा पार करना होगा। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया के आरोन फिंच और ग्लेन मैक्सवेल भी शामिल हैं।
    अभिषेक के निशाने पर सूर्यकुमार का एक और बड़ा रिकॉर्ड है। एक कैलेंडर वर्ष में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सूर्यकुमार शीर्ष पर हैं। उन्होंने 2022 में 31 मुकाबलों में 68 छक्के लगाए थे। अभिषेक 2026 में अब तक 31 मैचों में 63 छक्के जड़ चुके हैं। उन्हें सूर्यकुमार का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तीसरे टी20 में कम से कम छह छक्के लगाने होंगे। अगर अभिषेक ऐसा करने में सफल रहते हैं तो वह एक कैलेंडर वर्ष में पूर्ण सदस्य देशों के बल्लेबाजों के बीच सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन सकते हैं।
    अभिषेक के पास टी20 क्रिकेट के सभी मुकाबलों में भी अपना ही रिकॉर्ड बेहतर करने का मौका है। उन्होंने 2025 में 41 मैचों में 108 छक्के लगाए थे। इस साल वह 46 मुकाबलों में 106 छक्के लगा चुके हैं। यानी अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के लिए उन्हें तीन और छक्कों की जरूरत है। इंदौर में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी इस उपलब्धि को खास बना सकती है।
    ईशान किशन भी इस मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। उन्होंने 2026 में अब तक 31 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 1085 रन बनाए हैं। भारत के लिए एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल सूर्यकुमार यादव के नाम है जिन्होंने 2022 में 1164 रन बनाए थे। ईशान को इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए तीसरे टी20 में कम से कम 80 रन बनाने होंगे। ऐसे में उनकी बल्लेबाजी भी मैच का अहम आकर्षण रहेगी।
    भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर के पास भी रिकॉर्ड बनाने का अवसर है। उन्होंने 2026 में भारत की कप्तानी करते हुए 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 551 रन बनाए हैं। एक कैलेंडर वर्ष में भारतीय कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है। रोहित ने 2022 में 29 मैचों में 656 रन बनाए थे। श्रेयस को उनसे आगे निकलने के लिए 106 रन बनाने होंगे। कुल मिलाकर इंदौर में होने वाला यह मुकाबला भारतीय बल्लेबाजों के लिए उपलब्धियों के लिहाज से बेहद खास हो सकता है। अब देखना होगा कि अभिषेक ईशान और श्रेयस में से कौन अपने प्रदर्शन से नया इतिहास रचता है।
  • टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में

    टी20 क्रिकेट में अभिषेक शर्मा का तूफानी धमाका तय, सूर्यकुमार यादव और बाबर आजम का रिकॉर्ड खतरे में


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के पास रांची में इतिहास रचने का शानदार मौका है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में खेला जाएगा। इस मैच में अभिषेक की नजर अपने बल्ले से बड़ा कमाल करने पर होगी। वह पूर्व भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का ऐसा रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं जो टी20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और तेजी से रन बनाने की क्षमता को दर्शाता है। अगर अभिषेक रांची में अपने अंदाज में बल्लेबाजी करने में सफल रहे तो उनके नाम एक खास उपलब्धि दर्ज हो सकती है।

    सूर्यकुमार यादव के नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदों का सामना करने के लिहाज से सबसे तेज दो हजार रन पूरे करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने केवल 1164 गेंदों पर यह मुकाम हासिल किया था। अब अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड को चुनौती देने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। वह 63 मैचों की 62 पारियों में 997 गेंदों का सामना करते हुए 1947 रन बना चुके हैं। यानी दो हजार रन पूरे करने के लिए उन्हें केवल 53 रन और बनाने हैं। गेंदों के हिसाब से भी वह सूर्यकुमार से आगे निकलने की मजबूत स्थिति में हैं। यदि वह अगले कुछ ही गेंदों में जरूरी रन बना लेते हैं तो नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं।

    अभिषेक की बल्लेबाजी शैली को देखते हुए इस उपलब्धि की संभावना पर खास नजर रहेगी। वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने और बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी विरोधी टीम की रणनीति को शुरुआती ओवरों में ही बिगाड़ सकती है। हालांकि टी20 क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने के लिए रन बनाने के साथ विकेट पर टिके रहना भी जरूरी होता है। ऐसे में रांची में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए भी काफी अहम रहेगा।

    लखनऊ में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक शर्मा अच्छी लय में नजर आए थे। उन्होंने केवल 10 गेंदों पर 21 रन बनाए लेकिन अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। अब रांची में उनके पास पिछली पारी से आगे बढ़ने और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने का अवसर होगा। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को मुश्किल में डालेंगे और रिकॉर्ड के करीब पहुंचने के बजाय उसे अपने नाम कर लेंगे।

    इस रिकॉर्ड की दौड़ में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान भी शामिल हैं। बाबर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो हजार रन पूरे करने के लिए 1289 गेंदों का सामना किया था। वहीं रिजवान ने यह उपलब्धि 1326 गेंदों में हासिल की थी। फिलहाल सूर्यकुमार यादव इस सूची में सबसे आगे हैं। यदि अभिषेक उनसे कम गेंदों में दो हजार रन पूरे कर लेते हैं तो वह इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल कर लेंगे और बाबर तथा रिजवान की स्थिति भी नीचे खिसक जाएगी।

    अभिषेक शर्मा इस समय आईसीसी टी20 रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें दुनिया के प्रमुख टी20 सलामी बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। रांची का मुकाबला उनके लिए केवल सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने का मौका नहीं बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का भी बड़ा अवसर है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अभिषेक अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी से सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़कर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ पाते हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा

    वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा


    नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। महज कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज के नाम छह मुकाबलों में दो अर्धशतक भी दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल सकी। अब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव की स्थिति को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। गंभीर के मुताबिक वैभव को फिलहाल अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

    अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज में भारत ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी। दोनों बल्लेबाजों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। खासकर तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 37 गेंदों में शतक जड़ दिया। उनके इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान को 127 रन से हराया और तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

    सीरीज के बाद गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम मैनेजमेंट का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वैभव के साथ इस विषय पर बातचीत बिल्कुल साफ है। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा। टीम मैनेजमेंट उनकी प्रतिभा से पूरी तरह वाकिफ है और जानता है कि वह क्या कर सकते हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव और लगातार प्रदर्शन की भी अपनी अहमियत होती है।

    गंभीर के मुताबिक जो खिलाड़ी पिछले दो तीन साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जिसने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है। ऐसे में फिलहाल अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को हटाकर वैभव को मौका देने की जल्दबाजी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि टीम मैनेजमेंट वैभव को नजरअंदाज कर रहा है बल्कि उन्हें सही समय पर मौका देने की योजना है।

    गंभीर ने यह भी संकेत दिया कि जब वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी तो उन्हें सिर्फ एक या दो मैचों का मौका नहीं दिया जाएगा। टीम मैनेजमेंट उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर देगा। यानी युवा बल्लेबाज को एक लंबी अवधि के मौके के लिए तैयार रहना होगा।

    गंभीर ने उम्र को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका कहना है कि क्रिकेट में इंतजार की स्थिति खिलाड़ी की उम्र देखकर नहीं बदलती। खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का उसे अगर अपनी बारी का इंतजार करना है तो करना होगा। टीम में प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा होना जरूरी है लेकिन हर खिलाड़ी को अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ता है।

    अभिषेक और संजू को लगातार मौका देने के पीछे एक और वजह भी है। गंभीर के मुताबिक टीम मैनेजमेंट अफगानिस्तान सीरीज में उस ओपनिंग कॉम्बिनेशन को दोबारा आजमाना चाहता था जिसने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। सिर्फ तीन चार मैचों के खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं माना गया। दोनों बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के खिलाफ फिर साबित किया कि उन्हें लगातार मौके क्यों दिए जा रहे हैं।

    वैभव ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसके बाद छह मुकाबलों में दो अर्धशतक लगाकर उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है। गंभीर के संदेश से इतना स्पष्ट है कि टीम मैनेजमेंट युवा बल्लेबाज की प्रतिभा पर भरोसा करता है। फिलहाल वैभव को इंतजार करना होगा और जब उनकी बारी आएगी तो उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएंगे।

  • संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन

    संजू की वापसी से बदला टीम इंडिया का ओपनिंग प्लान! अब 15 साल के वैभव के साथ उतर सकते हैं सैमसन


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में प्रयोग का दौर अभी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से पहले संजू सैमसन की वापसी ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ संजू सैमसन को पारी की शुरुआत करने का मौका दे सकता है। खास बात यह है कि भारत के लिए अभिषेक शर्मा के साथ संजू और वैभव दोनों ओपनिंग कर चुके हैं लेकिन संजू और वैभव की जोड़ी को अभी तक आजमाया नहीं गया है।

    टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम ने अपनी पारी की शुरुआत को लेकर कई प्रयोग किए हैं। आईपीएल में अपने तूफानी अंदाज से पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में मौका मिला और उन्हें अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते देखा गया। दूसरी तरफ संजू सैमसन भी अभिषेक के साथ पारी की शुरुआत कर चुके हैं। ऐसे में अब टीम के सामने एक नया विकल्प मौजूद है जिसमें संजू का अनुभव और वैभव का बेखौफ अंदाज एक साथ दिखाई दे सकता है।

    इस संभावना को पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने भी दिलचस्प बताया है। उनका मानना है कि जब अभिषेक वैभव और अभिषेक संजू की जोड़ी को आजमाया जा चुका है तो संजू और वैभव को साथ भेजकर देखने में भी कोई नुकसान नहीं है। हालांकि यह सिर्फ एक संभावित प्रयोग है और अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर निर्भर करेगा।

    संजू और वैभव की जोड़ी इसलिए भी खास हो सकती है क्योंकि दोनों बल्लेबाज आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए जाने जाते हैं। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है जबकि वैभव बेहद कम उम्र में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से सुर्खियां बटोर चुके हैं। अगर दोनों एक साथ पावरप्ले में उतरते हैं तो भारत शुरुआत के छह ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों पर जबरदस्त दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है।

    हालांकि इस प्रयोग के साथ एक बड़ा सवाल अभिषेक शर्मा की भूमिका को लेकर भी खड़ा होगा। अभिषेक खुद टी20 क्रिकेट में बेहद आक्रामक बल्लेबाज हैं और पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में अगर संजू और वैभव को ओपनिंग का मौका मिलता है तो अभिषेक को किस नंबर पर उतारा जाएगा यह भी देखने वाली बात होगी। टीम मैनेजमेंट के पास विकल्पों की कमी नहीं है लेकिन सही संतुलन बनाना चुनौती जरूर होगी।

    वैभव के लिए यह सीरीज खास महत्व रखती है। महज 15 साल की उम्र में सीनियर टीम का हिस्सा बनना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनके प्रदर्शन पर हर किसी की नजर है और टीम मैनेजमेंट भी उन्हें लंबे समय के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में उन्हें अलग अलग बल्लेबाजी संयोजनों में मौका देना भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज 13 सितंबर से शुरू होगी। पहला मुकाबला 13 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को होगा। ऐसे में सीरीज शुरू होने से पहले सबसे ज्यादा उत्सुकता इसी बात को लेकर है कि टीम इंडिया पारी की शुरुआत के लिए किस संयोजन पर भरोसा करती है। अभिषेक संजू और वैभव तीनों विकल्प मौजूद हैं लेकिन अगर संजू और वैभव को साथ उतारा गया तो यह टीम इंडिया का एक नया और बेहद आक्रामक ओपनिंग प्रयोग होगा।