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  • नव संवत्सर पर महाकाल मंदिर में नीम मिश्रित जल से अभिषेक, ब्रह्मध्वज से हुई परंपरा की पुनःस्थापना

    नव संवत्सर पर महाकाल मंदिर में नीम मिश्रित जल से अभिषेक, ब्रह्मध्वज से हुई परंपरा की पुनःस्थापना


    उज्जैन । उज्जैन में गुड़ी पड़वा और नव संवत्सर के अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। भक्तों ने ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः के जयघोष के साथ नूतन वर्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर भगवान महाकाल का परंपरानुसार नीम मिश्रित जल से अभिषेक किया गया जो नववर्ष की शुरुआत में शुद्धि और आरोग्यता की कामना का प्रतीक है।

    नीम के औषधीय गुणों को ध्यान में रखते हुए यह अभिषेक न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी देता है। भक्तों ने इस मौके पर सुख शांति और निरोग जीवन की प्रार्थना की।

    इसके साथ ही महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुड़ी पड़वा के दिन मंदिर के शिखर पर ब्राह्मध्वज का भव्य ध्वजारोहण किया गया। यह परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल की लगभग 2000 साल पुरानी गौरवशाली परंपरा का पुनरुद्धार है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस पहल के तहत विक्रम संवत और ध्वज परंपरा को फिर से व्यापक स्वरूप दिया गया है।

    यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है बल्कि भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता और प्राचीन गौरव का प्रतीक भी माना जाता है। बाबा महाकाल के दरबार में नव संवत्सर की शुरुआत विशेष पूजा अभिषेक और ब्रह्मध्वज के साथ हुई जिससे श्रद्धालुओं में उल्लास और आस्था का माहौल बना रहा।

  • तुलसी नगर में शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर का भव्य ध्वजा महोत्सव: श्रद्धालुओं ने अभिषेक और भव्य वरघोड़े से मनाई आस्था की अनूठी धूम

    तुलसी नगर में शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर का भव्य ध्वजा महोत्सव: श्रद्धालुओं ने अभिषेक और भव्य वरघोड़े से मनाई आस्था की अनूठी धूम


    नई दिल्ली। राजधानी के तुलसी नगर में स्थित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर में दो दिवसीय ध्वजा महोत्सव का भव्य आयोजन शनिवार और शुक्रवार को संपन्न हुआ। इस महोत्सव में देशभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे और भगवान पार्श्वनाथ की जिन प्रतिमाओं का अभिषेक कर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत अनुभव किया। मंदिर परिसर पूरी तरह से भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक आनंद से गूंज उठा। मंदिर समिति के अध्यक्ष आईएल मेहता ने बताया कि इस अवसर पर सभी धार्मिक अनुष्ठानों और विधियों को बड़े श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न कराया गया।

    इस ध्वजा महोत्सव में विशेष रूप से आचार्य मुक्ति सागर सूरीश्वर महाराज और आचार्य अचल मुक्ति सागर महाराज ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भक्तों को धर्म, भक्ति और संयम की सीख दी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को भगवान के प्रति आस्था बनाए रखने और धार्मिक कृत्यों में भाग लेने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर मंदिर की मूलनायक प्रतिमा शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के अभिषेक का सौभाग्य तुलसी नगर मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कोठारी और उनके परिवार को प्राप्त हुआ। यह पल न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे जैन समाज के लिए गौरव का अवसर बना।

    ध्वजा महोत्सव के पहले दिन, शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मंदिर में विविध धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। अभिषेक, पूजन, प्रार्थना और भजन कीर्तन के माध्यम से भक्तों ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। मंदिर में भक्ति और उल्लास का माहौल पूरे दिन बना रहा। इस दौरान चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री ललित तातेड, श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अध्यक्ष राजेश तातेड, मनोज संघवी, शिल्पा कोठारी सहित जैन समाज के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

    महत्वपूर्ण बात यह है कि महोत्सव का दूसरा दिन शनिवार 7 मार्च को सुबह 8 बजे प्रारंभ होगा। इस दिन आचार्य संघ के मार्गदर्शन में ध्वजाओं का भव्य वरघोड़ा निकाला जाएगा। इस भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और भगवान पार्श्वनाथ की भक्ति में डूबेंगे। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि जैन समाज के सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को भी मजबूती प्रदान करता है।

    ध्वजा महोत्सव के माध्यम से मंदिर समिति ने यह संदेश दिया कि भक्ति, अनुशासन और श्रद्धा के साथ किए गए धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाते हैं। तुलसी नगर का यह आयोजन जैन धर्म के इतिहास और परंपरा का प्रतीक बनकर उभरा है। महोत्सव ने लोगों को न केवल भगवान के प्रति आस्था बढ़ाने का अवसर दिया, बल्कि समाज में मेलजोल, सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों को भी जीवित रखा।

    इस प्रकार, शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर में ध्वजा महोत्सव ने भक्ति, उल्लास और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया, जो आने वाले वर्षों तक श्रद्धालुओं के लिए यादगार रहेगा।

  • खतरों के खिलाड़ी 15 में दिखेंगे अभिषेक, दिग्विजय और बसीर सहित फरहाना

    खतरों के खिलाड़ी 15 में दिखेंगे अभिषेक, दिग्विजय और बसीर सहित फरहाना


    मुंबई। बिग बॉस के बाद अब टीवी ऑडियंस के लिए रोहित शेट्टी अपना शो खतरों के खिलाड़ी 15 लेकर आ रहे हैं। टीवी का सबसे पॉपुलर स्टंट बेस्ड एडवेंचर शो अब नए कंटेस्टेंट के साथ धमाका करने के लिए तैयार है। ये शो एक साल के गैप के बाद टीवी पर आने वाला है ऐसे में ऑडियंस ज्यादा एक्साइटेड है। अब शो में नजर आने वाले कंटेस्टेंट से जुड़ी खबर सामने आ रही है। इस बार खतरों के खिलाड़ी का ये सीजन एंटरटेनमेंट दुनिया के सबसे मशहूर सेलेब्रिटीज के साथ होगा।
    खतरों के लिए कंटेस्टेंट के नाम

    रिपोर्ट की मानें तो इस बार खतरों के खिलाड़ी में बिग बॉस 18 के अविनाश मिश्रा, चुम दरांग, दिग्विजय राठी, श्रुतिका अर्जुन और इस बिग बॉस 19 से अभिषेक बजाज, बसीर अली, नेहल चुडासमा, फरहाना भट्ट और प्रणित मोरे जैसे सेलेब्स नजर आ सकते हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी नाम की पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन इन सभी सेलेब्स को एक शो में देखना मजेदार होने वाला है।
    जनवरी में हो रहा है शुरू

    एक साल के गैप के बाद खतरों के खिलाड़ी की वापसी, दमदार सेलेब्रिटी लाइनअप और रोहित शेट्टी की होस्टिंग, इन सबके चलते शो को अब तक का सबसे बड़ा और चर्चित सीजन माना जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि नए सीजन की शुरुआत जनवरी 2026 में हो सकती है। कुछ नए नाम भी इस शो से जुड़ सकते हैं। बिग बॉस में झगड़ते नजर आए इन कंटेस्टेंट को खतरों के शो में देखना मजेदार होने वाला है।
    खतरों के खिलाड़ी 14 हुआ था हिट

    बता दें, रोहित शेट्टी के इस शो का पिछला सीजन साल 2023 में आया था। खतरों के खिलाड़ी 14 में टाइगर श्रॉफ की बहन कृष्णा श्रॉफ, शालीन भनोट, अभिषेक कुमार, गश्मीर महाजनी, शिल्पा शिंदे और आसिम रियाज जैसे सेलेब्स नजर आए थे। वहीं करणवीर मेहरा इस सीजन के विनर बने थे। बाद में उन्होंने बिग बॉस 18 का खिताब भी जीता था। अब नए सीजन का इंतजार हो रहा है।