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  • यूसीसी लागू होना बड़ी उपलब्धि, इस कानून के फायदों को जनता तक पहुंचाएं

    यूसीसी लागू होना बड़ी उपलब्धि, इस कानून के फायदों को जनता तक पहुंचाएं


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने सोमवार को भाजपा विधायक दल की बैठक को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक सदन में पेश हो गया है। उसे आगामी दिनों में चर्चा के बाद पारित कराया जाएगा। यूसीसी लागू करना बड़ी उपलब्धि है। भाजपा विधायकगण अपने-अपने क्षेत्र में यूसीसी से होने वाले लाभों की जानकारी जनता तक पहुंचाएं। जनता को बताएं कि यूसीसी सभी नागरिकों को समान अधिकार एवं कानूनी संरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आमजन को यह भी बताएं कि यूसीसी में महिला-पुरुष को संपत्ति में समान अधिकार देकर आधी आबादी के हितों का संरक्षण होगा। नए कानून में जनजातीय समाज की परंपराओं और मान्यताओं के संरक्षण के लिए उन्हें इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता लागू कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को पूरा करने जा रहा है। जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में यूसीसी के प्रावधानों से जनता को अवगत कराएं, ताकि कांग्रेस और विपक्षी दलों की वोटबैंक एवं तुष्टिकरण की राजनीति की सच्चाई जनता तक पहुंचाई जा सके। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मंचासीन रहे। बैठक का संचालन विधायक श्री शैलेन्द्र जैन ने किया।

    सरकार की उपलब्धियां जनता तक और जनता का फीडबैक सरकार तक पहुंचाएं – डॉ. मोहन यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी समानता, न्याय और सशक्त समाज की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यूसीसी लागू होने पर मध्यप्रदेश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान अधिकार एवं समान अवसर मिलने की परिकल्पना साकार होगी। यह बात जनता तक पहुंचाने का कार्य सभी विधायकों को करना है। हमने धार्मिक परंपराओं और आस्था को अलग रखा है तथा जनजातीय समुदाय को भी यूसीसी से अलग रखा गया है। इस तथय को भी हमें जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है। इसलिए हमारी सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों के हितों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। देश की सबसे बड़ी टनल के माध्यम से सिंचाई का पानी विंध्य तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी परियोजना से जबलपुर, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर एवं रीवा जिले की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। विधायकगण डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएं। साथ ही अपने विधानसभा क्षेत्र को मॉडल विधानसभा के रूप में विकसित करने के लिए विकास कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाएं। सरकार के पास विकास कार्यों और जनकल्याण के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान कानूनी व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य पंथ या व्यक्तिगत परंपराओं के आधार पर अलग-अलग न होकर संविधान की भावना के अनुरूप सभी पर समान रूप से लागू हों। यह निर्णय सामाजिक समरसता, न्यायिक समानता तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। इन तथयों को जनता तक पहुंचाते हुए विपक्ष के तथयहीन आरोपों का तथयों एवं प्रमाणों के साथ जवाब देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने पर सबसे अधिक लाभ हमारी मुस्लिम बहनों को मिलेगा। विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास करेगा, लेकिन उसके भ्रामक प्रचार का हमें तथयों के साथ जवाब देकर यूसीसी के लाभ आमजन तक पहुंचाने हैं।
    निवेश के लिए नियमों का सरलीकरण कर मध्यप्रदेश नीति आयोग में प्रथम स्थान पर आया
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार जनता के समग्र कल्याण के लिए कार्य कर रही है। निवेशकों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की अवधारणा पर सचिवालय बनाया जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने और सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनेक विभागों की नीतियों में सुधार तथा नियमों का सरलीकरण किया गया है। नीति आयोग ने भी निवेशकों के अनुकूल नियमों के सरलीकरण के मामले में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान दिया है।
    विधायकगण सरकार के साथ संगठन की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाएं – श्री हेमंत खण्डेलवाल
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि यूसीसी लागू होने पर मध्यप्रदेश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान अधिकार एवं समान अवसर मिलने की परिकल्पना साकार होगी। यूसीसी में धार्मिक आस्था एवं परंपराओं का सम्मान करते हुए उन्हें यथावत रखा गया है। साथ ही महिलाओं को अधिक अधिकार-संपन्न बनाते हुए उनके हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इन बातों को हमें जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत व्यापक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। साथ ही प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अपने-अपने क्षेत्र के शत-प्रतिशत बूथों पर कार्यक्रम का श्रवण कराया जाए। हम सभी कार्यकर्ताओं को सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए पर्यावरण, जल और प्रकृति के संरक्षण के लिए कार्य करना है। श्री खण्डेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय समाज की परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए उन्हें यूसीसी के दायरे से बाहर रखने का सराहनीय निर्णय लिया है। भाजपा सरकार का यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प तथा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला है। सभी विधायकगण यूसीसी के लाभों एवं उससे मिलने वाले अधिकारों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ संगठन की गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करें।
  • हिजाब विवाद नुसरत परवीन को झारखंड ने दिया नौकरी का ऑफर बिहार में जॉइनिंग के दिन आया नया ट्विस्ट

    हिजाब विवाद नुसरत परवीन को झारखंड ने दिया नौकरी का ऑफर बिहार में जॉइनिंग के दिन आया नया ट्विस्ट


    पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हिजाब हटाने पर चर्चित हुईं डॉक्टर नुसरत परवीन को अब झारखंड सरकार से एक आकर्षक नौकरी का ऑफर मिला है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उन्हें 3 लाख रुपये प्रतिमाह की सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव दिया है। इस ऑफर के साथ नुसरत को एक सरकारी फ्लैट और पूरी सुरक्षा का आश्वासन भी दिया गया है।
    इस बीच नुसरत को बिहार में आज जॉइनिंग के दिन कुछ नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिजाब विवाद के बाद नुसरत ने बिहार में जॉइनिंग से मना कर दिया था। लेकिन उनके करीबी दोस्तों का कहना है कि नुसरत इस पूरे मामले से भावनात्मक रूप से आहत हुई थीं लेकिन वह तय समय पर ड्यूटी जॉइन करने के लिए तैयार हैं।

    झारखंड सरकार का प्रस्ताव

    झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान में कोई समझौता नहीं करेगी। बिहार में डॉक्टर नुसरत परवीन के साथ हुई घटना को लेकर उनकी पार्टी ने कहा कि यह केवल एक महिला का अपमान नहीं बल्कि संविधान और मानवता का उल्लंघन था। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा झारखंड में महिलाओं का सम्मान किया जाता है और नुसरत परवीन को सम्मान देने के लिए 3 लाख रुपये महीने की नौकरी का प्रस्ताव दिया गया है।

    नुसरत का फैसला और विवाद

    डॉ. नुसरत परवीन पिछले चार दिनों से पटना के सरकारी तिब्बी कॉलेज में नहीं आईं जिसके बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह इस विवाद से मानसिक रूप से आहत हैं। हालाँकि उनके करीबी दोस्त और सहपाठी बिलकिस ने पुष्टि की है कि नुसरत 20 दिसंबर को अपना कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं। नुसरत परवीन के हिजाब को लेकर यह विवाद तब शुरू हुआ जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक सार्वजनिक समारोह में उनके हिजाब को हटा लिया गया था। यह घटना एक वीडियो क्लिप के जरिए सामने आई जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी। इसके बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाए कि उन्होंने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का अपमान किया है।

    कॉलेज की स्थिति

    पटना के सरकारी तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. महफूजुर रहमान ने कहा कि नुसरत परवीन पिछले सात वर्षों से हिजाब पहनकर कॉलेज आ रही थीं और वह एक होशियार और अनुशासित छात्रा थीं। हालांकि इस घटना के बाद उन्होंने चुप्पी साध ली थी लेकिन अब वह अपने पेशेवर जिम्मेदारियों को फिर से शुरू करने का फैसला कर चुकी हैं। नुसरत परवीन के हिजाब विवाद ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। हालांकि झारखंड सरकार द्वारा दिए गए इस सम्मानजनक प्रस्ताव ने इस विवाद को एक नया मोड़ दिया है। अब यह देखना होगा कि नुसरत अपने करियर और व्यक्तिगत निर्णयों में किस दिशा में आगे बढ़ती हैं।