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  • PM मोदी आज मना रहे अपना 76वां जन्मदिन, जानिए उनकी उपलब्धियां और कीर्तिमान…

    PM मोदी आज मना रहे अपना 76वां जन्मदिन, जानिए उनकी उपलब्धियां और कीर्तिमान…


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज अपना 76वां जन्मदिन (76th Birthday) मना रहे हैं। केंद्र की सत्ता में रहते हुए यह उनका 13वां जन्मदिन है। गुरुवार सुबह से ही उन्हें देश-विदेश से बधाई मिलने का सिलसिला जारी है। अगर मोदी के पीएम के तौर पर कार्यकाल को देखा जाए तो बीते 12 वर्षों के अपने शासन में प्रधानमंत्री (Prime Minister) के तौर पर उन्होंने कई उपलब्धियां (Achievements) हासिल की हैं। फिर चाहे देश की अर्थव्यवस्था को गति देने की बात हो या इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने का विषय। इन पहलुओं के साथ पीएम मोदी ने निजी तौर पर भी कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

    उनके कीर्तिमानों मे सबसे लंबे समय तक अलग-अलग स्तरों पर सरकार चलाने वाले नेता के साथ-साथ सबसे लंबे समय तक गैर-कांग्रेसी पीएम रहने तक की उपलब्धि शामिल है। इसी साल पीएम मोदी ने भारत पर लगातार सबसे लंबा शासन करने वाले प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान भी अपने नाम किया। वे लगातार शासन के मामले में पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के लगातार 4398 दिन शासन (चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर) करने के रिकॉर्ड को जून में तोड़ चुके हैं।

    हालांकि, यह सिर्फ कुछ रिकॉर्ड हैं, जिन्हें पीएम मोदी ने छुआ है। अभी कई और कीर्तिमान उनकी झोली में गिरना बाकी है। वहीं, कुछ और रिकॉर्ड ऐसे भी हैं, जो फिलहाल उनकी पहुंच से दूर हैं और उन्हें पार करने के लिए मोदी को कम से कम एक और कार्यकाल के लिए पीएम बनना होगा।

    ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक कौन-कौन से रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं? इनके जरिए उन्होंने किन नेताओं के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ा? अब वे कौन सा रिकॉर्ड तोड़ने के बेहद करीब आ चुके हैं? इसके अलावा वे कौन से और किन नेताओं के रिकॉर्ड हैं, जो फिलहाल पीएम मोदी की पहुंच से दूर हैं और इन्हें हासिल करने में कितना समय लग सकता है?

    पीएम मोदी ने अब तक कौन-कौन से रिकॉर्ड तोड़े?
    1. भारत में सरकार के प्रमुख के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल (राज्य और केंद्र मिलाकर)
    22 मार्च 2026 को पीएम मोदी राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों को मिलाकर भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बन गए थे। लगातार कार्यकारी पद पर बने रहने के मामले में उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

    पीएम मोदी के लिए यह पूरी उपलब्धि सिर्फ किसी एक सरकार का नेतृत्व करते हुए नहीं आई है। बल्कि उनकी इस उपलब्धि में 15 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड और अब लगातार करीब 12 साल से प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड शामिल है।

    गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 12 वर्ष से अधिक (अक्तूबर 2001 – मई 2014)
    भारत के प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष से अधिक (मई 2014 – वर्तमान)


    2. सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री

    पीएम मोदी कांग्रेस पार्टी से बाहर के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने इस मामले में अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को काफी पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा, वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता हैं, जिन्होंने संसद में लगातार दो बार पूर्ण बहुमत (2014 और 2019 दोनों में) की सरकार बनाई। इनमें जहां भाजपा अपनी दम पर बहुमत के आंकड़े- 272 के पार थी, वहीं एनडीए का आंकड़ा 300 के पार ही था।


    3. लगातार तीन आम चुनाव में जीत

    2024 के आम चुनावों के बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीन कार्यकाल के लिए चुने जाने वाले इतिहास के दूसरे भारतीय नेता बने। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल जवाहरलाल नेहरू के नाम थी।


    4. अजेय कार्यकारी सफर

    अक्तूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार नियुक्त होने के बाद से, वह सत्ता में रहते हुए कभी कोई चुनाव नहीं हारे हैं और उन्होंने एक भी दिन निर्वाचित कार्यकारी पद से बाहर नहीं बिताया है।

    पीएम मोदी ने अब कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा?
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जून 2026 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले चुने हुए लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बन गए। वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार कार्यकाल वाले 64 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार, आजादी के बाद देश के पहले आम चुनावों के बाद गठित पहली लोकसभा का गठन 17 अप्रैल 1952 को हुआ था। उसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई थी और इसी दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उस लिहाज से देखा जाए तो जहां नेहरू पहला चुनाव जीतने के बाद लगातार 4398 दिन (12 साल 15 दिन) तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वहीं, पीएम मोदी ने आज (बुधवार) को कुल 4399 दिन लगातार पीएम रहने का गौरव हासिल कर लिया। यानी वे लगातार सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त कर चुके हैं।

    इस रिकॉर्ड की बारीक समझ भी हासिल करना जरूरी है। दरअसल, जवाहरलाल नेहरू का प्रधानमंत्री के रूप में कुल कार्यकाल कुल 6,131 दिन का था। इसकी वजह यह है कि उन्होंने भारत की कमान 1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी के बाद ही संभाल ली थी। तब पीएम पद के लिए कोई चुनाव नहीं हुआ था। देश में पहली बार आम चुनाव 1952 में ही हुए। यानी 1947 से 1952 तक नेहरू पीएम तो रहे, लेकिन उनकी सरकार चुनाव के जरिए नहीं आई थी यानी निर्वाचित नहीं थी। इस लिहाज से आम चुनाव के बाद लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहने की अवधि को देखा जाए, तो पीएम मोदी अब नेहरू के रिकॉर्ड को पार कर चुके हैं।


    अभी कौन से रिकॉर्ड पीएम मोदी की पहुंच से दूर?
    1. प्रधानमंत्री के रूप में कुल सबसे लंबा कार्यकाल

    भले ही पीएम मोदी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर लगातार सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री बनने के करीब हैं, लेकिन प्रधानमंत्री पद पर कुल दिनों के मामले में जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड अभी भी सबसे ऊपर है। जवाहरलाल नेहरू का कुल कार्यकाल (1947-1964) 16 वर्ष और 286 दिन का रहा है यानी कुल 6,131 दिन। इसी तरह इंदिरा गांधी ने भी अलग-अलग कार्यकालों में देश पर 15 साल से ज्यादा शासन किया है।

    पीएम मोदी की स्थिति: मई 2014 से अब तक उनका कार्यकाल लगभग 12 वर्ष का हुआ है। नेहरू के इस कुल कार्यकाल के रिकॉर्ड को पार करने के लिए पीएम मोदी को साल 2030 के अंत तक देश का प्रधानमंत्री बने रहना होगा। यानी भाजपा का अगला लोकसभा चुनाव जीतना जरूरी होगा। साथ ही पीएम मोदी का 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद अगले करीब दो साल तक लगातार प्रधानमंत्री बना रहना भी अनिवार्य होगा। तभी नेहरू का यह रिकॉर्ड टूटना संभव हो सकता है।


    2. सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड

    पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल से अधिक (4,610 दिन) का समय बिताया, जो एक बड़ा रिकॉर्ड है, लेकिन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सर्वकालिक इतिहास में उनसे आगे कई नेता हैं। सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग (24 वर्ष, 165 दिन) और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (24 वर्ष, 99 दिन) के नाम भारत में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। चूंकि पीएम मोदी अब पूरी तरह राष्ट्रीय राजनीति में हैं, इसलिए मुख्यमंत्री के इस व्यक्तिगत रिकॉर्ड में अब बदलाव होने की संभावना कम ही है।


    3. लोकसभा चुनाव में किसी एक पार्टी द्वारा सर्वाधिक सीटें जीतने का रिकॉर्ड

    चुनावी सफलता के मामले में भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में 2014 (282 सीटें) और 2019 (303 सीटें) में पूर्ण बहुमत हासिल किया, लेकिन भारत के संसदीय इतिहास में एक पार्टी द्वारा सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अभी भी कांग्रेस के नाम है। यह जीत राजीव गांधी के समय में कांग्रेस को मिली थी। तब पार्टी ने 414 सीट जीत कर इतिहास रच दिया था। यह अब तक का रिकॉर्ड है, जिसे कोई भी दल या यहां तक कि गठबंधन भी नहीं तोड़ पाया है।


    4. चार या अधिक कार्यकाल का रिकॉर्ड

    पीएम मोदी इस समय अपने तीसरे कार्यकाल में हैं, जिससे उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के लगातार तीन बार प्रधानमंत्री चुने जाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। अगर वह 2029 में चौथे कार्यकाल के लिए निर्वाचित होते हैं, तो वह भारत के इतिहास में चार बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता बनकर एक नया रिकॉर्ड कायम करेंगे और चार बार चुने जाने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुजालपुर नगरपालिका परिषद ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुजालपुर नगरपालिका परिषद ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं


    भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नगरपालिका परिषद का शताब्दी वर्ष शुजालपुर के हर नागरिक के सम्मान का उत्सव है। यह हमारी विरासत, उपलब्धियों और सामूहिक संकल्प का पर्व है। जटाशंकर महादेव की असीम कृपा से शुजालपुर नगरपालिका ने जन सेवा और लोक कल्याण के 100 वर्ष पूर्ण किए हैं।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर नगरपालिका के नए भवन के लिए 3 करोड़ रुपए और नगरपालिका क्षेत्र में सड़कों सहित अन्य विकास कार्य के लिए दो करोड़ रुपए नगरपालिका परिषद शुजालपुर को उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को शुजालपुर नगरपालिका परिषद के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शुजालपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। शुजालपुर में हुए कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह सिंह परमार, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार उपस्थित रही।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर में स्वच्छता से संबंधित गतिविधियों में निरंतर प्रगति हो रही है। नगर को राष्ट्रीय रैंकिंग में और बेहतर स्थान पर लाने के लिए आगामी वर्षों में अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गत 2 वर्षों में शुजालपुर में ऑडिटोरियम और सीसी रोड के लिए 5 करोड़ रुपए, कायाकल्प योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 6 करोड़ 60 लाख रुपए, अमृत 2 के अंतर्गत जलप्रदाय के लिए 12 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुजालपुर वीरों की भूमि रही है। जब पेशवा बाजीराव प्रथम ने मालवा में विजय का परचम लहराया तब शुजालपुर उनकी रणनीतिक प्राथमिकता में था। इस पावन धरा पर पेशवाओं की सेना का नेतृत्व करते हुए राणो जी शिंदे ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनकी स्मृति में बना भव्य शिव मंदिर और ऐतिहासिक छतरी आज भी हमें शौर्य की प्रेरणा देते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शौर्य और संकल्प की नींव पर आज से ठीक 100 वर्ष पहले 1926 में नगरपालिका परिषद का गठन शुजालपुर में हुआ था। एक उज्जवल भविष्य का संकल्प आज वट वृक्ष बन चुका है। वर्तमान में शुजालपुर विकास का मॉडल बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में जारी गतिविधियों के परिणाम स्वरूप शुजालपुर क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा सुविधाओं, व्यापार-व्यवसाय गतिविधियों आदि में निरंतर प्रगति हो रही है।

    परिषद के माध्यम से राज्य सरकार हर घर तक सड़क-बिजली और पानी पहुंचाने के संकल्प को सिद्ध कर रही है। शहर की पेयजल समस्या का समाधान काफी हद तक करने का प्रयास किया गया है। नगर में 21 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से जमघड़ नदी को साफ रखने की तैयारी है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उपहार के समान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुजालपुर को विकास के शिखर पर ले जाने के लिए जन भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आहवान किया।

    उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गत 2 वर्षों में विकास और जनकल्याण की दृष्टि से क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है। मंत्री श्री परमार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से नए और बड़े बस स्टैंड के लिए भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम को नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती बबीता परमार ने भी संबोधित किया। शुजालपुर के कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री विजेंद्र सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

  • दो वर्ष पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड: सांसद-विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर देंगे अपने क्षेत्र के कार्यों की जानकारी

    दो वर्ष पूरे होने पर रिपोर्ट कार्ड: सांसद-विधायक मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर देंगे अपने क्षेत्र के कार्यों की जानकारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार ने सफलतापूर्वक दो वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस अवसर को चिह्नित करने के लिएसरकार ने अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को जनता के बीच ले जाने की एक सुनियोजित रणनीति तैयार की है।

    जनता के बीच सरकार की उपलब्धियां

    राज्य सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने का जिम्मा प्रभारी मंत्रियों को सौंपा गया है। शनिवार कोसभी प्रभारी मंत्रियों ने अपने-अपने जिलों में पत्रकारवार्ता आयोजित की। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विस्तार से बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने पिछले दो वर्षों में जनता के हित में कौन-कौन से महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
    उपलब्धियों की जानकारी देने के अलावामंत्रियों ने अपने व्यक्तिगत विभागों के कामकाज का ब्योरा भी जनता के समक्ष रखा। यह प्रयास सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रदर्शित करने पर केंद्रित है।

    सांसद और विधायकों का रिपोर्ट कार्ड

    इस प्रचार अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राज्य के सांसदों और विधायकों के प्रदर्शन को भी शामिल करता है। यह सुनिश्चित किया गया है कि केवल सरकार की ही नहींबल्कि क्षेत्रवार जनप्रतिनिधियों के कार्यों की जानकारी भी उच्च स्तर पर संकलित की जाए। योजना के अनुसारसभी सांसद और विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पिछले दो वर्षों के दौरान किए गए विकास कार्योंयोजनाओं के क्रियान्वयनऔर महत्वपूर्ण पहलों का विवरण तैयार करेंगे। 

    वे यह पूरी जानकारी एक पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपकर उन्हें अवगत कराएंगे। यह कदम न केवल जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यों का लेखा-जोखा तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करेगाबल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी राज्य के हर क्षेत्र में हो रहे जमीनी स्तर के विकास की एक स्पष्ट तस्वीर प्रदान करेगा। यह पहल पार्टी और सरकार के भीतर एक आंतरिक रिपोर्ट कार्ड और प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली के रूप में भी कार्य कर सकती है। इस प्रकारमोहन सरकार की दो साल की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार एक बहु-आयामी दृष्टिकोण से किया जा रहा हैजिसमें सरकारी विभागों के कामकाजमंत्रियों की रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन का समावेश है।