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  • बड़े सपनों ने बदली किस्मत आर माधवन बोले सड़क पर मिला ऑफर बना जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट

    बड़े सपनों ने बदली किस्मत आर माधवन बोले सड़क पर मिला ऑफर बना जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली और बहुमुखी अभिनेताओं में गिने जाने वाले आर माधवन की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस अभिनेता ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़ा ऐसा किस्सा साझा किया जिसने यह साबित कर दिया कि बड़े सपने देखने वालों की किस्मत भी कभी न कभी उनका दरवाजा जरूर खटखटाती है। दिलचस्प बात यह है कि माधवन को अभिनय का पहला प्रस्ताव किसी ऑडिशन या फिल्मी दफ्तर में नहीं बल्कि सड़क पर मिला था और उस समय उन्हें यह पूरा मामला किसी स्कैम जैसा लगा था।

    एक बातचीत के दौरान आर माधवन ने बताया कि उन्होंने महज 17 वर्ष की उम्र में अपनी जिंदगी के लक्ष्य तय कर लिए थे। उन्होंने अपनी नोटबुक में साफ शब्दों में लिखा था कि वह एक दिन अमीर और मशहूर अभिनेता बनना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि वह जीवन में हर क्षेत्र की थोड़ी बहुत जानकारी हासिल करेंगे लेकिन कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ऐसी महारत बनाएंगे जिससे उनकी अलग पहचान बने। आज भी वह नोटबुक उनके पास सुरक्षित है और उसे देखकर उन्हें अपने शुरुआती सपनों की याद आती है।

    माधवन का मानना है कि इंसान को सपने देखने से कभी डरना नहीं चाहिए। उनके अनुसार अधिकांश लोग अपनी क्षमताओं से पहले ही समझौता कर लेते हैं और यह मान बैठते हैं कि उनके सपने पूरे नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि ऐसे सपने देखने चाहिए जिन्हें सुनकर लोग आपको पागल समझें क्योंकि असंभव दिखने वाले सपने ही इंसान को असाधारण सफलता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन महानायक अमिताभ बच्चन उनके जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं देंगे लेकिन जिंदगी ने उन्हें यह खुशी भी दी।

    सबसे रोचक किस्सा उनके अभिनय करियर की शुरुआत से जुड़ा है। माधवन ने बताया कि वह मूल रूप से अभिनेता बनने मुंबई नहीं आए थे। उस समय वह टेक कम्युनिकेशन और पब्लिक स्पीकिंग का प्रशिक्षण देते थे और अच्छी खासी कमाई कर रहे थे। उनकी मासिक आय उस दौर में सत्तर से अस्सी हजार रुपए के बीच थी जो उस समय बेहद बड़ी रकम मानी जाती थी। वह अपने काम और जीवन से संतुष्ट थे और फिल्मों में आने की कोई योजना नहीं थी।

    इसी दौरान एक दिन सड़क पर एक अनजान व्यक्ति ने उनसे पूछा कि क्या वह अभिनय करना चाहेंगे। माधवन ने स्वीकार किया कि पहली प्रतिक्रिया यही थी कि शायद कोई धोखाधड़ी करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि बाद में उन्होंने उस प्रस्ताव को गंभीरता से लिया और यही छोटा सा अवसर उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसी मौके ने उन्हें मॉडलिंग और विज्ञापनों की दुनिया तक पहुंचाया और फिर धीरे धीरे फिल्मों के दरवाजे भी खुल गए।

    आज आर माधवन भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने हिंदी के साथ तमिल और अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी शानदार पहचान बनाई है। उन्होंने अपने अभिनय से यह साबित किया कि सफलता केवल किस्मत से नहीं बल्कि स्पष्ट लक्ष्य आत्मविश्वास और लगातार मेहनत से मिलती है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने से घबराते हैं। माधवन का मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो जिंदगी किसी भी मोड़ पर सफलता का ऐसा मौका दे सकती है जो पूरी दुनिया बदल दे।

  • रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी

    रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी


    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री रिमी सेन ने हाल ही में जॉन अब्राहम के शुरुआती करियर और उनकी एक्टिंग को लेकर खुलासा किया। रिमी सेनजिन्होंने जॉन अब्राहम के साथ धूम 4 में काम किया हैने बताया कि जॉन को एक्टिंग नहीं आती थी और वह इसे बड़ी समझदारी से छुपाते थे।

    रिमी सेन ने कहा कि जॉन ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और शुरुआती दिनों में लोग कहते थे कि उन्हें एक्टिंग नहीं आती। हालांकि जॉन ने कभी इस पर कुछ नहीं कहा और हमेशा अपने काम में पूरी मेहनत की। उन्होंने ऐसे रोल्स चुने जिसमें उन्हें ज्यादा एक्टिंग नहीं करनी पड़ती थीजैसे एक्शन फिल्मों में। रिमी के अनुसार जॉन ने अपनी समझदारी का इस्तेमाल कर ऐसी फिल्में चुनीं जिसमें वह अच्छे लगें और लोग उनकी एक्टिंग की कमियों पर सवाल न कर सकें।

    रिमी ने आगे बताया कि धीरे-धीरे जब जॉन को लोकप्रियता मिली और लोग उन्हें पहचानने लगेतो उन्होंने एक्टिंग सीखना शुरू किया। कैमरे के सामने लगातार काम करने से एक्सपीरियंस आया और इसके बाद जॉन ऐसे रोल्स लेने लगे जिनमें उन्हें एक्टिंग का मौका मिलता। रिमी कहती हैं कि जॉन अपनी लिमिटेशन्स को अच्छी तरह जानते हैं और इसी वजह से उन्होंने अपने करियर को सफल बनाया।

    रिमी ने कहा कि उन्हें जॉन पर्सनली जानती हैं और वह उन्हें एक इंटेलिजेंट एक्टर मानती हैं। जॉन ने अपने करियर में न केवल एक्टिंग बल्कि प्रोडक्शन और बिजनेस में भी हाथ आजमाया और कई हिट फिल्में दी हैं।रिमी ने अपने खुद के करियर के फैसलों के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने क्यों फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर दुबई शिफ्ट होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि दुबई एक स्वागत करने वाला शहर हैयहां 95 प्रतिशत आबादी प्रवासियों की है और बाकी अमीराती लोग हैंयही वजह थी कि उन्होंने नई जिंदगी की शुरुआत वहां की।

    जॉन अब्राहम की बात करें तो वह अपनी आखिरी फिल्म तेहरान में नजर आए थे जो पिछले साल रिलीज हुई थी। अब वह रोहित शेट्टी के साथ एक नई फिल्म करने वाले हैं। खबर है कि यह फिल्म पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की जिंदगी पर आधारित होगी।रिमी सेन के खुलासे से यह साफ हो गया है कि जॉन अब्राहम ने अपने करियर की शुरुआत में काफी मेहनत और समझदारी से काम किया। उन्होंने शुरुआती कमजोरियों को छुपायासही रोल्स चुने और धीरे-धीरे एक्टिंग में खुद को साबित किया।