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  • जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे

    जैंपा का बड़ा कारनामा: 200 वनडे विकेट पूरे कर शेन वॉर्न का रिकॉर्ड तोड़ा, इस मामले में भारतीय गेंदबाज भी पीछे


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के स्टार स्पिन गेंदबाज एडम जैंपा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है। हरारे में खेले गए मुकाबले में जैंपा ने दो विकेट हासिल किए और इसी के साथ वनडे क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह ऑस्ट्रेलिया की ओर से वनडे में सबसे तेज 200 विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज बन गए हैं। जैंपा ने इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। वॉर्न ने 125 वनडे मुकाबलों में 200 विकेट पूरे किए थे जबकि जैंपा ने यह मुकाम 123 मैचों में हासिल किया।

    ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे वनडे में कंगारू टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार स्कोर खड़ा किया। ट्रैविस हेड के तूफानी शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 356 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 48.3 ओवर में 272 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 84 रन से जीतकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। जैंपा ने गेंद से अहम भूमिका निभाते हुए दो विकेट चटकाए और इसी दौरान अपने वनडे करियर के 200 विकेट पूरे कर लिए।

    जैंपा के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने शेन वॉर्न जैसे दिग्गज गेंदबाज का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा है। वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट में 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। अब जैंपा 123 मैचों में यह आंकड़ा हासिल करके ऑस्ट्रेलिया के सबसे तेज स्पिनर बन गए हैं। हालांकि पूरी दुनिया में सबसे तेज 200 वनडे विकेट लेने वाले स्पिन गेंदबाज का रिकॉर्ड अभी भी पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक के नाम है।

    सकलैन मुश्ताक ने केवल 104 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इस मामले में अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान दूसरे स्थान पर हैं। राशिद ने 115 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की थी। अब 123 मैचों के साथ जैंपा इस खास सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके बाद शेन वॉर्न का नाम आता है जिन्होंने 125 मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे। इंग्लैंड के आदिल रशिद 137 मैचों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

    इस रिकॉर्ड सूची में भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो टॉप पांच में कोई भी भारतीय शामिल नहीं है। भारत की ओर से सबसे ऊपर अनिल कुंबले का नाम है। कुंबले ने वनडे क्रिकेट में 200 विकेट तक पहुंचने के लिए 147 मैच खेले थे और वह इस सूची में सातवें स्थान पर हैं। उनके बाद हरभजन सिंह का नाम आता है जिन्होंने 178 वनडे मैचों में 200 विकेट पूरे किए थे।

    एडम जैंपा के लिए यह उपलब्धि उनके वनडे करियर में एक और बड़ा पड़ाव है। ऑस्ट्रेलियाई टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में लगातार दूसरी जीत दिलाने में उनकी गेंदबाजी का भी अहम योगदान रहा। अब जैंपा की नजर अपने प्रदर्शन को आगे और मजबूत करने पर होगी जबकि क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह आने वाले मुकाबलों में अपनी विकेटों की संख्या को कहां तक पहुंचाते हैं।

  • टीम हित में लिया बड़ा कदम, एडम जांपा खिताबी मैच से हटे… तनवीर सांघा को मिला मौका

    टीम हित में लिया बड़ा कदम, एडम जांपा खिताबी मैच से हटे… तनवीर सांघा को मिला मौका


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट में एक दिलचस्प और सराहनीय फैसला देखने को मिला है। Adam Zampa ने वनडे कप के फाइनल मुकाबले से खुद को अलग कर लिया है, ताकि युवा लेग स्पिनर Tanveer Sangha को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सके। दरअसल, 11 मार्च को Tasmania cricket team और New South Wales cricket team के बीच वनडे कप का फाइनल खेला जाना है। इस बड़े मुकाबले से पहले जांपा ने टीम के हित और युवा खिलाड़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए खुद को मैच से अलग करने का फैसला लिया।

    टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं तनवीर सांघा
    इस सीजन में तनवीर सांघा का प्रदर्शन शानदार रहा है। वह फिलहाल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उन्होंने 7 मुकाबलों में 18 विकेट लेकर विपक्षी टीमों को काफी परेशान किया है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट भी चाहता था कि उनका शानदार फॉर्म बरकरार रहे और उन्हें फाइनल जैसे अहम मैच में खेलने का मौका मिले।

    जांपा ने टीम हित को रखा सबसे ऊपर
    सीजन की शुरुआत में स्थिति यह थी कि एडम जांपा टीम के लिए उपलब्ध थे और वह फाइनल मुकाबला खेलना भी चाहते थे। लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि होबार्ट की परिस्थितियां दो लेग स्पिनर्स के लिए अनुकूल नहीं होंगी, तो जांपा ने खुद ही टीम से हटने का फैसला कर लिया।

    न्यू साउथ वेल्स के चीफ परफॉर्मेंस ऑफिसर Greg Mail ने बताया कि जांपा हमेशा यह ध्यान रखते हैं कि उनकी मौजूदगी से युवा खिलाड़ियों के मौके प्रभावित न हों। उन्होंने साफ कहा कि चूंकि तनवीर इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए उनकी जगह किसी भी तरह प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

    होबार्ट की परिस्थितियों ने भी बदला फैसला
    फाइनल मुकाबला होबार्ट के Bellerive Oval में डे-नाइट प्रारूप में खेला जाना है। टीम प्रबंधन का मानना था कि इस मैदान पर दो लेग स्पिनर्स को एक साथ खिलाना सही रणनीति नहीं होगी। हालांकि, पिछले कुछ सालों में न्यू साउथ वेल्स ने कई मैचों में जांपा और सांघा को साथ में खिलाया है, लेकिन इस बार परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा करना सही नहीं समझा गया। इसी वजह से जांपा ने खुद को टीम से अलग कर लिया, ताकि सांघा की जगह पक्की हो सके।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बना चुके हैं पहचान
    युवा लेग स्पिनर तनवीर सांघा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। अब तक वह 11 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 18.05 की औसत से 18 विकेट हासिल कर चुके हैं। उनकी शानदार गेंदबाजी ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के उभरते हुए खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।

    न्यू साउथ वेल्स की टीम
    फाइनल मुकाबले के लिए न्यू साउथ वेल्स की टीम में Curtis Patterson (कप्तान), Sean Abbott, जोएल डेविस, Ben Dwarshuis, मैथ्यू गिल्क्स, Chris Green, रयान हैडली, लियाम हैचर, सैम कोंस्टास, जोश फिलिप, विलियम साल्जमैन, लाचलान शॉ और तनवीर सांघा शामिल हैं। इस फैसले ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिस्पर्धा ही नहीं बल्कि खेल भावना और टीम भावना का भी खेल है।