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  • अदाणी एंटरप्राइजेज ने पहली तिमाही में बनाया नया रिकॉर्ड, एबिटडा 49 प्रतिशत बढ़कर 5,642 करोड़ रुपये पहुंचा

    अदाणी एंटरप्राइजेज ने पहली तिमाही में बनाया नया रिकॉर्ड, एबिटडा 49 प्रतिशत बढ़कर 5,642 करोड़ रुपये पहुंचा

    नई दिल्ली ।अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज करते हुए अब तक का सबसे अधिक तिमाही एबिटडा हासिल किया है। कंपनी के अनुसार, जून तिमाही में एबिटडा 5,642 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 49 प्रतिशत अधिक है। मजबूत परिचालन प्रदर्शन और विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में बढ़ती गतिविधियों ने कंपनी के परिणामों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कंपनी की कुल आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पहली तिमाही के दौरान कुल आय सालाना आधार पर 50 प्रतिशत बढ़कर 33,546 करोड़ रुपये हो गई। यह वृद्धि कंपनी के विविध कारोबारी पोर्टफोलियो और अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार विस्तार का संकेत मानी जा रही है। कंपनी का कहना है कि स्थापित व्यवसायों के साथ उभरते क्षेत्रों में निवेश का लाभ अब वित्तीय परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

    तिमाही के दौरान कर से पहले मुनाफा 1,295 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस आंकड़े में एक विशेष सेटलमेंट से जुड़े प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है। इस अवधि में अदाणी एयरपोर्ट्स का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जहां एबिटडा 49 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 1,633 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विमानन क्षेत्र में बढ़ती परिचालन क्षमता और यात्री गतिविधियों ने इस वृद्धि को समर्थन दिया।

    कंपनी का कहना है कि उसके इंफ्रास्ट्रक्चर और इनक्यूबेशन प्लेटफॉर्म लगातार मजबूत हो रहे हैं। इसी कारण कारोबार का विस्तार केवल राजस्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिचालन दक्षता और लाभप्रदता में भी लगातार सुधार देखने को मिला है। विविध क्षेत्रों में मौजूदगी के कारण कंपनी को स्थिर विकास का आधार भी मिला है।

    पहली तिमाही के दौरान कई प्रमुख परियोजनाओं में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय परिचालन की शुरुआत कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर रही। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पर टोल संग्रह शुरू होने से भी परिचालन गतिविधियों में नई गति आई। ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी ने सोलर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता का विस्तार किया, जबकि डेटा सेंटर कारोबार में बड़े हाइपरस्केल ऑर्डर मिलने से भविष्य की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

    कॉपर कारोबार ने भी तिमाही के प्रदर्शन में अहम योगदान दिया। क्षमता विस्तार के बाद इस कारोबार से 749 करोड़ रुपये का एबिटडा प्राप्त हुआ। वहीं अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज ने 1.7 गीगावॉट क्षमता वाली नई मॉड्यूल उत्पादन लाइन शुरू की, जिससे स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है।

    कंपनी ने हाल ही में 15,000 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रबंधन का मानना है कि इससे संस्थागत निवेशकों का कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति और विकास योजनाओं पर भरोसा मजबूत हुआ है। कंपनी का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ती बुनियादी ढांचा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वह वैश्विक स्तर के प्रतिस्पर्धी कारोबार विकसित करने और दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

    कंपनी का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में किए गए अनुशासित निवेश अब बेहतर परिचालन क्षमता और वित्तीय प्रदर्शन में बदलने लगे हैं। आने वाले समय में परिसंपत्तियों का अधिक प्रभावी उपयोग, नई परियोजनाओं का विस्तार और परिचालन दक्षता कंपनी की विकास यात्रा को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • 8वें वेतन आयोग से EPF ब्याज और शेयर बाजार की तेजी तक, जानिए दिनभर की 5 सबसे बड़ी कारोबारी हलचलें

    8वें वेतन आयोग से EPF ब्याज और शेयर बाजार की तेजी तक, जानिए दिनभर की 5 सबसे बड़ी कारोबारी हलचलें

    नई दिल्ली । कारोबारी जगत के लिए शुक्रवार का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से भरा रहा। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ा नया अपडेट सामने आया, वहीं करोड़ों कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाताधारकों के लिए ब्याज जमा होने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। इसके अलावा पूंजी बाजार में अदाणी एंटरप्राइजेज की बड़ी फंड जुटाने की पहल, सोने-चांदी की कीमतों में तेजी और घरेलू शेयर बाजार की मजबूत बढ़त दिनभर चर्चा का केंद्र बनी रही।

    सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े 8वें वेतन आयोग ने आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराने की समय-सीमा बढ़ा दी है। आयोग के लिए विभिन्न विभागों से प्राप्त होने वाला यह डेटा भविष्य में वेतन, पेंशन और भत्तों से संबंधित सिफारिशों का आधार बनेगा। समय-सीमा बढ़ाए जाने से संबंधित विभागों और संस्थानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

    इधर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़े करोड़ों खाताधारकों के लिए भी राहतभरी खबर रही। वित्त वर्ष के लिए घोषित ब्याज राशि खातों में जमा किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से पात्र खाताधारकों के खातों में ब्याज की राशि पहुंचाई जाएगी। इससे नौकरीपेशा वर्ग को अपनी बचत पर अतिरिक्त लाभ मिलेगा और लंबे समय से जारी इंतजार समाप्त होगा।

    कॉरपोरेट क्षेत्र में अदाणी एंटरप्राइजेज की क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) को निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला। घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से उम्मीद से अधिक रुचि दिखाई गई, जिसके बाद कंपनी ने अपने फंड जुटाने के आकार में भी वृद्धि की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेशकों के बढ़ते विश्वास और कंपनी की दीर्घकालिक योजनाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का संकेत है।

    कीमती धातुओं के बाजार में भी शुक्रवार को तेजी का रुख देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के प्रभाव से सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो आने वाले समय में दोनों धातुओं की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ती रुचि भी इस तेजी का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।

    शेयर बाजार ने भी सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। प्रमुख सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई और निवेशकों की खरीदारी से बाजार का रुख सकारात्मक बना रहा। बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया। हालांकि विशेषज्ञों ने निवेशकों को वैश्विक बाजारों, विशेषकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में जारी उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम घरेलू बाजार की दिशा को भी प्रभावित कर सकते हैं।

    कुल मिलाकर शुक्रवार का कारोबारी दिन नौकरीपेशा वर्ग, निवेशकों और पूंजी बाजार से जुड़े सभी वर्गों के लिए महत्वपूर्ण रहा। वेतन आयोग और EPF से जुड़े अपडेट जहां आम कर्मचारियों के लिए अहम रहे, वहीं पूंजी बाजार, बुलियन और कॉरपोरेट गतिविधियों में आई तेजी ने आर्थिक गतिविधियों को नई चर्चा का विषय बना दिया।