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  • चुनौतियों के बीच मजबूत हुई अदाणी समूह की वित्तीय स्थिति, ब्रोकरेज ने पोर्ट्स और पावर शेयरों पर बढ़ाया भरोसा

    चुनौतियों के बीच मजबूत हुई अदाणी समूह की वित्तीय स्थिति, ब्रोकरेज ने पोर्ट्स और पावर शेयरों पर बढ़ाया भरोसा

    नई दिल्ली ।वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने अदाणी समूह को लेकर अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन और अदाणी पावर को अपनी प्रमुख निवेश पसंद में शामिल किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में नियामकीय और बाजार से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद समूह की परियोजनाओं को पूरा करने और कारोबार का विस्तार करने की क्षमता मजबूत बनी हुई है।

    बर्नस्टीन ने अदाणी समूह से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों के दौरान कंपनी के प्रदर्शन का आकलन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनौतियों के बावजूद समूह की परिचालन क्षमता पर बड़ा असर नहीं पड़ा और विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की गति बनी रही।

    ब्रोकरेज के आकलन में समूह की वित्तीय स्थिति में भी सुधार का उल्लेख किया गया है। शेयरों को गिरवी रखने की प्रवृत्ति लगभग समाप्त होने और कर्ज के स्तर में कमी को वित्तीय मजबूती के सकारात्मक संकेत के रूप में देखा गया है। इससे समूह की बैलेंस शीट को पहले की तुलना में बेहतर स्थिति मिलने की बात कही गई है।

    अदाणी पोर्ट्स को लेकर बर्नस्टीन ने आउटपरफॉर्म रेटिंग कायम रखी है। ब्रोकरेज ने कंपनी का लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर 1,973 रुपये प्रति शेयर कर दिया है, जो पहले 1,880 रुपये था। अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह कारोबार में मजबूत वृद्धि को देखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कार्गो वॉल्यूम वृद्धि का अनुमान भी बढ़ाया गया है।

    कंपनी के जुलाई कारोबार में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने का उल्लेख किया गया है, जबकि पहले वृद्धि का अनुमान 10 प्रतिशत रखा गया था। इसके साथ ही अदाणी पोर्ट्स के लक्षित ईवी से ईबीआईटीडीए अनुपात को भी 16 गुना से बढ़ाकर 16.5 गुना किया गया है।

    बर्नस्टीन के अनुसार, अदाणी पोर्ट्स की प्रमुख ताकतों में मूल्य निर्धारण क्षमता, लॉजिस्टिक्स कारोबार का विस्तार और प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक मूल्यांकन शामिल हैं। कंपनी द्वारा परिसंपत्तियों का अधिग्रहण कर उन्हें विकसित करने की क्षमता को भी सकारात्मक पहलू माना गया है।

    अदाणी पावर पर भी ब्रोकरेज ने आउटपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखी है। कंपनी के लिए लक्ष्य मूल्य 203.56 रुपये से बढ़ाकर 220 रुपये प्रति शेयर किया गया है। अनुमान के अनुसार आने वाले वर्षों में कंपनी का परिचालन लाभ मजबूत रह सकता है।

    रिपोर्ट में वर्ष 2027 के लिए अदाणी पावर का ईबीआईटीडीए 2,41,272 मिलियन रुपये और वर्ष 2028 के लिए 3,02,594 मिलियन रुपये रहने का अनुमान जताया गया है। इससे कंपनी की भविष्य की परिचालन क्षमता को लेकर सकारात्मक धारणा का संकेत मिलता है।

    हालांकि, अदाणी ग्रीन एनर्जी को लेकर बर्नस्टीन का रुख अलग है। ब्रोकरेज ने कंपनी पर अंडरपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखी है और लक्ष्य मूल्य 1,000 रुपये से घटाकर 980 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

    ब्रोकरेज के अनुसार, अदाणी ग्रीन का मौजूदा मूल्यांकन अपेक्षाकृत ऊंचा है, जिससे निकट अवधि में शेयर में तेजी की संभावनाएं सीमित हो सकती हैं। कंपनी से जुड़े संशोधित अनुमानों में वित्त वर्ष 2027 के ईबीआईटीडीए अनुमान में 10 प्रतिशत की कमी का भी उल्लेख किया गया है।

    कुल मिलाकर, बर्नस्टीन ने अदाणी समूह की वित्तीय और परिचालन स्थिति में सुधार को रेखांकित किया है। घटते कर्ज, बेहतर नकदी प्रवाह और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में समूह की व्यापक मौजूदगी को दीर्घकालिक विकास के लिए सकारात्मक माना गया है। हालांकि, समूह की सभी कंपनियों को लेकर ब्रोकरेज का नजरिया समान नहीं है और अदाणी ग्रीन एनर्जी पर उसने सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • बिजली कारोबार में अदाणी पावर की शानदार छलांग, पहली तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा, बढ़ी बिक्री और विस्तार योजनाओं से भविष्य को मिली नई रफ्तार

    बिजली कारोबार में अदाणी पावर की शानदार छलांग, पहली तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा, बढ़ी बिक्री और विस्तार योजनाओं से भविष्य को मिली नई रफ्तार

    नई दिल्ली । अदाणी समूह की प्रमुख ऊर्जा कंपनी अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए कारोबार के कई प्रमुख मानकों पर नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत बढ़कर 4,867 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,305 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार परिचालन क्षमता में सुधार, वित्तीय लागत पर प्रभावी नियंत्रण और लगातार जारी पूंजीगत निवेश के कारण यह उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी।

    पहली तिमाही के दौरान कंपनी के कुल समेकित राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का राजस्व 26.6 प्रतिशत बढ़कर 17,936 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 14,167 करोड़ रुपये था। प्रबंधन का कहना है कि बिजली की बिक्री में बढ़ोतरी और बेहतर औसत टैरिफ के कारण आय में यह मजबूत वृद्धि देखने को मिली। देश में बिजली की लगातार बढ़ती मांग ने भी कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती प्रदान की।

    अदाणी पावर ने परिचालन लाभ के मोर्चे पर भी नया इतिहास रचा है। कंपनी का समेकित निरंतर ईबीआईटीडीए 21.6 प्रतिशत बढ़कर 6,983 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही ईबीआईटीडीए है। ईंधन लागत में वृद्धि के बावजूद प्रभावी लागत प्रबंधन, उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग और परिचालन दक्षता के कारण कंपनी यह उपलब्धि हासिल करने में सफल रही।

    बिजली उत्पादन और बिक्री के क्षेत्र में भी कंपनी ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। पहली तिमाही में बिजली बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट हो गई, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 24.6 बिलियन यूनिट थी। कंपनी का कहना है कि उत्पादन क्षमता में विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों से लगातार बढ़ती मांग ने बिक्री को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    पावर परचेज एग्रीमेंट के तहत बिजली की बिक्री में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई। इस श्रेणी में बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई। वहीं प्रति यूनिट औसत टैरिफ 8.5 प्रतिशत बढ़कर 5.95 रुपये हो गया। मर्चेंट और शॉर्ट-टर्म बाजार में भी कंपनी को बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ, जहां औसत प्राप्ति 13.1 प्रतिशत बढ़कर 7.04 रुपये प्रति यूनिट रही। मजबूत बाजार मांग और अनुकूल व्यावसायिक परिस्थितियों का लाभ कंपनी को मिला।

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. बी. ख्यालिया ने कहा कि अदाणी पावर ने एक बार फिर अपनी लागत-कुशल उत्पादन क्षमता और परिचालन उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी 45 गीगावाट उत्पादन क्षमता के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और विभिन्न नई परियोजनाओं पर निर्धारित समयसीमा के भीतर काम जारी है। उनका कहना है कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता का लगातार विस्तार कर रही है।

    कारोबार विस्तार की रणनीति के तहत कंपनी ने कई महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों का अधिग्रहण भी किया है। कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया के अंतर्गत स्वीकृत योजना के अनुसार कंपनी ने 180 मेगावाट क्षमता वाले चुर्क थर्मल पावर प्लांट के साथ जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड और प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड में हिस्सेदारी हासिल की है। इसके अलावा कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जलविद्युत परियोजनाओं में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है तथा भविष्य में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संभावित अवसरों पर भी नजर बनाए हुए है। कंपनी का मानना है कि इन विस्तार योजनाओं से आने वाले वर्षों में उसकी उत्पादन क्षमता और बाजार में प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत होगी।