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  • MP: मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की मची होड़…. अक्टूबर के शुरुआती 13 दिन में 4 लाख से ज्यादा आवेदन

    MP: मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की मची होड़…. अक्टूबर के शुरुआती 13 दिन में 4 लाख से ज्यादा आवेदन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मतदाता सूची (Voter List) में नाम जुड़वाने के लिए 1 अक्टूबर से अब तक Form 6 के 4,06,338 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 18 से 19 वर्ष की उम्र के युवाओं के 1,92,851 आवेदन शामिल हैं. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) संजीव कुमार झा ने यह जानकारी दी।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा (Chief Electoral Officer Sanjeev Kumar Jha) के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के निर्देशों के तहत प्रदेशभर में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) Form 6 के आवेदन एकत्र कर रहे हैं. पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य पात्र नागरिकों को आवेदन जमा करने में मदद करना और उनका नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।


    क्या है Form 6 और कौन कर सकता है आवेदन?

    Form 6 भारतीय नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने का निर्धारित आवेदन पत्र है. इसके लिए आवेदक की उम्र निर्धारित अर्हता तिथि पर कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए. साथ ही, उसे उस निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना जरूरी है, जहां वह मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना चाहता है।

    ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकते हैं आवेदन
    भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, पात्र नागरिक Form 6 के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं.
    ऑनलाइन: निर्वाचन आयोग के Voter Services Portal के माध्यम से.
    ऑफलाइन: संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास आवेदन जमा करके।

    Form 6 पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
    इस बीच, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision यानी SIR) से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की. सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने स्पष्ट किया कि अदालत ने नए Form 6 को न तो मंजूरी दी है और न ही उसे खारिज किया है। पीठ के अनुसार, बिहार में SIR से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर न्यायिक निर्णय नहीं दिया गया था.

    दरअसल, निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में संकेत दिया था कि सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 के बिहार SIR से संबंधित फैसले में Form 6 के घोषणा-पत्र को बरकरार रखा था. अब शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि उस सुनवाई में नए Form 6 की वैधता या स्वीकार्यता पर फैसला नहीं हुआ था।

    युवाओं के लिए मतदाता बनने का अवसर
    मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से अब तक मिले कुल 4,06,338 आवेदनों में करीब 47.45 प्रतिशत आवेदन 18 से 19 वर्ष के युवाओं के हैं. यह आंकड़ा नए मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी को दर्शाता है. पात्र नागरिक Form 6 के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने से पहले निर्धारित पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है।

  • दिल्ली में मतदाता सूची में नाम जोड़ने का एक और मौका मिलेगा…. SIR में छूटे वोटरों की टेंशन हुई कम

    दिल्ली में मतदाता सूची में नाम जोड़ने का एक और मौका मिलेगा…. SIR में छूटे वोटरों की टेंशन हुई कम


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार (Chief Electoral Officer Ashok Kumar) ने सोमवार को कहा कि एसआईआर प्रक्रिया (SIR Process) के दौरान मतदाता सूची से छूटे पात्र मतदाताओं के लिए 18 और 25 अक्तूबर को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इनमें जवाब दाखिल कर निस्तारण करा सकेंगे, वहीं पात्र लोग फॉर्म-6 भरकर जमा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि फॉर्म-6 (Form-6) के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने वाले सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची (Voter List) में शामिल किए जाएंगे। कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं छूटेगा।

    दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के मुताबिक 33 लाख नोटिस पाने वाले मतदाताओं में से करीब 20 लाख मतदाताओं के नोटिस का निस्तारण किया जा चुका है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में सभी एसडीएम ने अपने-अपने क्षेत्रों में जारी नोटिस के निस्तारित हो चुके मामलों की जानकारी दी।

    सीईओ कार्यालय का कहना है कि तार्किक विसंगतियों और नो-मैपिंग के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुए थे, उनकी ओर से दस्तावेज जमा कराकर नोटिस का निस्तारण कराया जा रहा है। अब तक ऐसे चार विशेष कैंप लगाए जा चुके हैं।


    पिछले हफ्ते मिले थे विपक्षी दल

    इससे पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बीते बुधवार को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की थी और एसआईआर को रद्द करने और राष्ट्रीय राजधानी की मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 47.56 लाख लोगों के नाम पुनः जोड़ने की मांग की थी। विपक्षी दलों द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, कश्मीरी गेट से दिल्ली निर्वाचन कार्यालय तक मार्च निकालने के बाद कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, माले और तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ अशोक कुमार को एक ज्ञापन सौंपा।

    जानकारी के मुताबिक एसआईआर के दौरान तैयार की गई मसौदा सूची से 47 लाख से अधिक नाम बाहर कर दिए गए हैं, जबकि रिकॉर्ड में विसंगतियां होने के कारण 33 लाख से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। बयान में कहा गया था कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने नोटिस वापस लेने और उन सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बहाल करने की मांग की, जिनके नाम हटा दिए गए हैं।