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  • सेवानिवृत्ति के बाद ओमप्रकाश श्रीवास्तव को मिली नई जिम्मेदारी, राज्य आनंद संस्थान की कमान सौंपी गई

    सेवानिवृत्ति के बाद ओमप्रकाश श्रीवास्तव को मिली नई जिम्मेदारी, राज्य आनंद संस्थान की कमान सौंपी गई


    भोपाल। मध्यप्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है। सेवानिवृत्त IAS अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव को राज्य आनंद संस्थान का मुख्य कार्यपालन अधिकारी यानी CEO बनाया गया है। इस नई जिम्मेदारी के साथ अब वे संस्थान के कामकाज और विभिन्न गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को राज्य आनंद संस्थान की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि नियुक्ति से संबंधित विस्तृत आदेश और कार्यकाल की जानकारी उपलब्ध होने पर इस फैसले से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति भी स्पष्ट होगी।

    राज्य आनंद संस्थान मध्यप्रदेश में आनंद और खुशहाली से जुड़े विचारों तथा गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करता है। संस्थान की गतिविधियों का केंद्र लोगों के जीवन में सकारात्मकता को प्रोत्साहित करना और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने के प्रयास करना है। ऐसे में संस्थान के प्रमुख पद पर नई नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। CEO की जिम्मेदारी संभालने के बाद ओमप्रकाश श्रीवास्तव संस्थान की योजनाओं और गतिविधियों के संचालन से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। उनके नेतृत्व में संस्थान के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और व्यवस्थाओं के संचालन पर ध्यान रहेगा।

    राज्य आनंद संस्थान की अवधारणा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य समाज में आनंद और संतुष्टि के महत्व को समझने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है। आज की व्यस्त जीवनशैली में तनाव और मानसिक दबाव जैसी चुनौतियों के बीच जीवन में संतुलन और सकारात्मक सोच को महत्व दिया जा रहा है। ऐसे में संस्थान की गतिविधियां लोगों को अपने जीवन में बेहतर दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में भूमिका निभा सकती हैं। संस्थान की योजनाओं को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए प्रशासनिक समन्वय और नियमित निगरानी भी महत्वपूर्ण होती है।

    ओमप्रकाश श्रीवास्तव भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा में कार्य करने का अनुभव सरकारी व्यवस्थाओं और योजनाओं के संचालन की समझ विकसित करने में सहायक हो सकता है। राज्य आनंद संस्थान के CEO के रूप में उनकी भूमिका संस्थान के दैनिक कामकाज को संचालित करने और निर्धारित गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़ी होगी। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे संस्थान के कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने की अपेक्षा रहेगी। हालांकि उनके आगामी कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संस्थान की गतिविधियों में किन क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    इस नियुक्ति के बाद राज्य आनंद संस्थान के कामकाज और आगामी योजनाओं पर नजर रहेगी। संस्थान के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करना और उनके उद्देश्यों को लोगों तक पहुंचाना नई जिम्मेदारी का अहम हिस्सा होगा। ओमप्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में संस्थान की गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल उनकी नियुक्ति मध्यप्रदेश के प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है।

  • IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना से बदली अहम मंत्रालयों की कमान नरेंद्र भूषण पर्यावरण मंत्रालय के सचिव नियुक्त

    IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना से बदली अहम मंत्रालयों की कमान नरेंद्र भूषण पर्यावरण मंत्रालय के सचिव नियुक्त


    नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS के दो वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। प्रशासनिक स्तर पर हुए इस बदलाव के तहत 1992 बैच के IAS अधिकारी नरेंद्र भूषण को पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं 1995 बैच के अधिकारी दिलीप कुमार को ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग में सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापना के साथ केंद्र सरकार के दो महत्वपूर्ण विभागों में प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव हुआ है।
    नरेंद्र भूषण इससे पहले ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव तन्मय कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद किया गया है। तन्मय कुमार 1993 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी थे और 30 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए। उनके कार्यकाल के बाद पर्यावरण मंत्रालय में सचिव के पद पर नरेंद्र भूषण की नियुक्ति की गई है।

    नरेंद्र भूषण के पास प्रशासनिक क्षेत्र में लंबे अनुभव के साथ केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में काम करने का अनुभव है। भूमि संसाधन विभाग में सचिव के तौर पर उनकी जिम्मेदारी के दौरान भूमि प्रबंधन और उससे जुड़े प्रशासनिक विषयों से संबंधित कामकाज उनके अधीन रहा। अब नई भूमिका में उनके सामने पर्यावरण संरक्षण वन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर मंत्रालय के प्रशासनिक कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

    इसी प्रशासनिक फेरबदल में दिलीप कुमार को भी नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। 1995 बैच के IAS अधिकारी दिलीप कुमार फिलहाल कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में महानिदेशक प्रशिक्षण के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग का सचिव बनाया गया है। वह नरेंद्र भूषण का स्थान लेंगे और विभाग के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे।

    भूमि संसाधन विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। भूमि से संबंधित नीतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के साथ भूमि रिकॉर्ड में सुधार और भूमि संसाधन प्रबंधन जैसे विषय इसके कामकाज का हिस्सा हैं। ऐसे में दिलीप कुमार की नई नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। उनके सामने विभाग की मौजूदा योजनाओं और कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

    केंद्र सरकार में वरिष्ठ IAS अधिकारियों की नियुक्तियां प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा होती हैं। अलग अलग मंत्रालयों और विभागों में अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी देकर सरकार अपने कामकाज को आगे बढ़ाती है। इस ताजा बदलाव में भी दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनके अनुभव के अनुरूप महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।

    एक ओर नरेंद्र भूषण अब पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में सचिव के रूप में काम करेंगे तो दूसरी ओर दिलीप कुमार भूमि संसाधन विभाग में सचिव की भूमिका संभालेंगे। दोनों नियुक्तियों के साथ संबंधित मंत्रालयों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया क्रम प्रभावी हो गया है। यह बदलाव 30 सितंबर को तन्मय कुमार की सेवानिवृत्ति के बाद सामने आया है और केंद्र सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर इसे महत्वपूर्ण पदस्थापना के तौर पर देखा जा रहा है।