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  • दमोह में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 25 अप्रैल को अहम बैठक

    दमोह में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 25 अप्रैल को अहम बैठक


    दमोह, 24 अप्रैल:
    जिले में संचालित गौशालाओं की व्यवस्था को बेहतर और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में विभिन्न गौशालाओं के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में खामियां सामने आईं, जिन्हें सुधारने के लिए अब ठोस रणनीति तैयार की जा रही है।

    इसी क्रम में कलेक्टर ने 25 अप्रैल को गौशाला संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में गौशालाओं के संचालन, उपलब्ध संसाधनों, साफ-सफाई, पशुओं के स्वास्थ्य, चारे-पानी की व्यवस्था और गौवंश की समुचित देखभाल जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

    निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई गौशालाओं में मूलभूत सुविधाओं की कमी है, जिससे गौवंश के रखरखाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन अब इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने जा रहा है, ताकि हर गौशाला में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

    कलेक्टर श्री यादव ने आमजन से भी इस पहल में सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही गौशालाओं की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। नागरिक अपने सुझाव देकर इस अभियान को मजबूत बना सकते हैं।

    प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि जिले की सभी गौशालाओं में गौ माताओं को बेहतर सुविधा, पर्याप्त पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी देखभाल उच्च स्तर पर सुनिश्चित हो सके।

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”

    मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”



    नई दिल्ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि उनकी गतिविधियां छुपी रहती हैं। उन्होंने कहा कि “किसके यहां क्या पक रहा है, सब मालूम है”, इसलिए सभी अधिकारियों को करप्शन से दूर रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के हितों के अनुरूप काम करना चाहिए।
    सीएस जैन ने यह भी कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और मुख्यमंत्री के पास भी पहुंची हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि अधिकारी जल्द ही अपनी कार्यशैली सुधारें।

    यह चेतावनी उन्होंने सात और आठ अक्टूबर को हुई दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में दी। इस बैठक में सीएस जैन ने कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और टॉप थ्री तथा बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधारने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई।

    साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने पर उनकी तलाश के लिए चलाए जा रहे मुस्कान अभियान की प्रगति भी ली गई, जिसमें बताया गया कि अब तक 1900 से अधिक बालिकाओं को बरामद किया गया है। जन जागरूकता अभियान में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल रहे, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम थ्री जिलों में रहे।

    कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तारीखों को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि इसे आयोजित करने के लिए कई बार तारीख बदलती रही। सीएस अनुराग जैन ने पिछले माह 31 दिसंबर को बैठक की तारीख तय की थी, फिर इसे 5 जनवरी कर दिया गया। फिर भी कॉन्फ्रेंस समय पर नहीं हो सकी और 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रशासनिक कारणों से यह भी संभव नहीं हो पाया। अंततः यह बैठक चौथी बार तय तारीख पर ही हो सकी।