Tag: administrative reshuffle

  • मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 29 IAS अधिकारियों के तबादले, भोपाल-रीवा को मिले नए कमिश्नर

    मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 29 IAS अधिकारियों के तबादले, भोपाल-रीवा को मिले नए कमिश्नर


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 29 आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश में भोपाल और रीवा संभाग के आयुक्तों सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस प्रशासनिक पुनर्संरचना को आगामी नीतिगत और प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सरकार ने भोपाल संभाग के आयुक्त संजीव सिंह और रीवा संभाग के आयुक्त बाबू सिंह जामोद को उनके पदों से हटाकर मंत्रालय में नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। अब कर्मवीर शर्मा को भोपाल संभाग का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि शैलेंद्र सिंह को रीवा संभाग की कमान सौंपी गई है। इन दोनों अधिकारियों की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री सचिवालय में भी बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार सिंह को उनके पद से हटाकर पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक मुद्रांक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री सचिवालय को राज्य शासन की सबसे प्रभावशाली इकाइयों में गिना जाता है।

    इस फेरबदल में जबलपुर नगर निगम के अपर आयुक्त अरविंद कुमार शाह का नाम भी चर्चा में रहा। हाल ही में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के साथ विवाद के बाद उनका तबादला कर दिया गया है। हालांकि सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

    राज्य सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। बाबू सिंह जामोद को नगरीय विकास एवं आवास विभाग का सचिव बनाया गया है। मुकेश चंद्र गुप्ता को जेल विभाग का प्रमुख सचिव, डॉ. ई. रमेश कुमार को राजस्व विभाग का प्रमुख सचिव तथा विवेक कुमार पोरवाल को खनिज साधन विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है।

    इस सूची में एक और महत्वपूर्ण नाम अमन वीर सिंह का है। पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के पुत्र अमन वीर सिंह पर सरकार ने भरोसा जताते हुए उन्हें ओएसडी सह आयुक्त कोष एवं लेखा तथा पदेन अपर सचिव वित्त विभाग की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले वे ऊर्जा विकास निगम में प्रबंध संचालक के रूप में कार्यरत थे।

    वित्त विभाग और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। अपर सचिव वित्त रोहित सिंह को मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उनके पास स्कूल शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। वहीं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर्षिका सिंह को बजट संचालक नियुक्त किया गया है।

    प्रशासनिक फेरबदल के दौरान शैलेंद्र सिंह की नियुक्ति भी चर्चा में रही। हाल ही में उनके ‘वॉश ऑन व्हील्स’ नवाचार को लेकर आईएएस एसोसिएशन के समूह में चर्चा और विवाद की स्थिति बनी थी। बाद में मुख्य सचिव ने उनके कार्यों की सराहना की थी। अब उन्हें नगरीय विकास विभाग के सचिव पद से हटाकर रीवा संभाग का आयुक्त बनाया गया है।

    इसके अलावा सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। मनु श्रीवास्तव को कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। गुलशन बामरा को अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि अनिरुद्ध मुखर्जी को पर्यावरण विभाग और एपको की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

    राज्य सरकार का यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे आगामी रणनीतिक बदलावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

  • MP: आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 62 IPS अधिकारियों का तबादला, 19 जिलों के एसपी बदले

    MP: आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 62 IPS अधिकारियों का तबादला, 19 जिलों के एसपी बदले


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में शनिवार देर रात बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। गृह विभाग द्वारा जारी इस जंबो आदेश में एडीजी, डीआईजी, एसपी और डीसीपी स्तर तक व्यापक फेरबदल किया गया है। यह लंबे समय से लंबित सूची मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाणा के बीच चर्चा के बाद जारी हुई।

    सिंगरौली में हाल ही में हुए बैंक डकैती कांड के बाद एसपी मनीष खत्री को हटा दिया गया है। उन्हें एआईजी पीएचक्यू बनाया गया है। सिवनी जिले में सामने आए हवाला कांड के चलते एसपी सुनील मेहता को भी हटा दिया गया है। उन्हें डीसीपी इंदौर बनाया गया है। एडीजी प्रशिक्षण राजा बाबू सिंह को एडीजी रेल बनाया गया है। छह जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दोबारा कप्तानी मिली है। जिन पुलिस अधीक्षकों को बदल गया है, उन में कुछ ऐसे भी हैं जिनमें तीन वर्ष पूरे हो गए थे। साथ ही 13 पुलिस अधीक्षक डीआईजी के पद पर पदोन्नति होने के कारण उनकी जगह नई पदस्थापना की गई है।


    किसे कहां से कहां भेजा

    रवि कुमार गुप्ता स्पेशल डीजी रेल से स्पेशल डीजी प्रशिक्षण ,राजा बाबू सिंह एडीजी प्रशिक्षण से एडीजी रेल , डीपी गुप्ता एडीजी शिकायत से एडीजी सामुदायिक पुलिसिंग, सोलोमन यश कुमार मिंज एडीजी पुलिस मुख्यालय से एडीजी शिकायत लेखा एवं कल्याण, अमित सिंह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर से डीआईजी बिस्वाल इंदौर, अवधेश गोस्वामी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल से डीआइजी पुलिस मुख्यालय ,अमित सांघी डीआइजी ग्वालियर रेंज से डीआइजी होमगार्ड , बीरेंद्र कुमार सिंह ,डीआईजी चयन से डीआइजी नर्मदापुरम, प्रशांत खरे डीआइजी नर्मदापुरम से-डीआइजी पुलिस मुख्यालय

    मनीष अग्रवाल डीआईजी होमगार्ड से डीआईजी पुलिस मुख्यालय ,मनोज कुमार राय -एसपी खंडवा से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, रियाज इकबाल एसएसपी रेडियो से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, राहुल कुमार लोढ़ा एसपी रेल भोपाल से डीआइजी पुलिस मुख्यालय, सिमाला प्रसाद एसपी रेल जबलपुर से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, असित यादव पुलिस अधीक्षक भिंड से डीआईजी ग्वालियर, विवेक सिंह पुलिस उपायुक्त भोपाल से डीआईजी शहडोल,

    शैलेंद्र सिंह चौहान पुलिस अधीक्षक रीवा से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल, कुमार प्रतीक पुलिस उपायुक्त इंदौर से डीआईजी नारकोटिक्स इंदौर, शिवदयाल एसपी झाबुआ से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, मयंक अवस्थी एसपी धार से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर,

    अरविंद तिवारी सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से सेनानी 34वीं वाहिनी विशसबल , सूरज कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक दतिया से पुलिस अधीक्षक भिंड, यांगचीन भूरिया पुलिस अधीक्षक देहात इंदौर से पुलिस अधीक्षक शिवपुरी, गुरुकरण सिंह सेनानी 24वी वाहिनी से पुलिस अधीक्षक रीवा, दीपक कुमार शुक्ला पुलिस अधीक्षक सीहोर से सेनानी 32 में वाहिनी,

    अमन सिंह राठौड़ पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से पुलिस उपायुक्त इंदौर, अनुराग सुजानिया सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक सागर, सचिन शर्मा संयुक्त आवासीय आयुक्त मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली से पुलिस अधीक्षक धार, वाहिनी सिंह पुलिस अधीक्षक डिंडोरी से पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर,

    विकास कुमार सहवाल पुलिस अधीक्षक सागर से पुलिस उपायुक्त भोपाल, धर्मराज मीणा सेनानी 32वीं वाहिनी से पुलिस अधीक्षक मुरैना, समीर सौरभ पुलिस अधीक्षक मुरैना से एसएसपी रेडियो भोपाल, रजत सकलेचा पुलिस अधीक्षक मंडला से पुलिस अधीक्षक छतरपुर, आगम जैन पुलिस अधीक्षक छतरपुर से पुलिस अधीक्षक खंडवा, मनीष खत्री पुलिस अधीक्षक सिंगरौली से सहायक पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय भोपाल,

    सुनील कुमार मेहता पुलिस अधीक्षक सिवनी से पुलिस उपयुक्त इंदौर, देवेंद्र कुमार पाटीदार पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर से पुलिस अधीक्षक झाबुआ, रामशरण प्रजापति पुलिस अधीक्षक देहात भोपाल से सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय, सुंदर सिंह कनेस पुलिस अधीक्षक पांढुर्णा से पुलिस अधीक्षक रेल जबलपुर, राजेश व्यास पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक नीमच,

    विनोद कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक आगर मालवा से सेनानी 24वी वाहिनी, पंकज कुमार पांडेय सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस से अधीक्षक देहात भोपाल, प्रकाश चंद्र परिहार पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक पांढुरना, दिलीप कुमार सोनी पुलिस अधीक्षक मऊगंज से पुलिस से अधिक आगर मालवा, राजेंद्र कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर से पुलिस अधीक्षक देहात इंदौर, विक्रांत मुराब सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस से अधीक्षक अनूपपुर,

    सुरेंद्र कुमार जैन पुलिस अधीक्षक पीटीएस रीवा से पुलिस से अधीक्षक मऊगंज, आशीष खरे जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा जबलपुर से पुलिस अधीक्षक डिंडोरी, अंकित जायसवाल पुलिस अधीक्षक नीमच से पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल, राजेश रघुवंशी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खंडवा से पुलिस अधीक्षक मंडला, मोतिउर रहमान पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से सेनानी 9वी वाहिनी रीवा, श्रुति कीर्ति सोमवंशी पुलिस अधीक्षक जिला दमोह से सेनानी 13वीं वाहिनी ग्वालियर, मयूर खंडेलवाल पुलिस उपायुक्त भोपाल से पुलिस अधीक्षक दतिया, सोनाक्षी सक्सेना पुलिस उपायुक्त भोपाल से पुलिस अधीक्षक सीहोर,

    सियाज के एम सेनानी हाकफोर्स बालाघाट से पुलिस अधीक्षक सिंगरौली, आनंद कलगी पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक दमोह, कृष्ण लालचंदानी पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक सिवनी, आयुष गुप्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर से पुलिस उपायुक्त जोन 3 भोपाल, आदर्श कांत शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर से पुलिस उपायुक्त जोन 4 भोपाल, नरेंद्र रावत, राज्यपाल के परिसहाय से पुलिस उपायुक्त जोन एक इंदौर, अभिषेक रंजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन से पुलिस उपायुक्त जोन 3 इंदौर और राहुल देशमुख सीएसपी कोतवाली उज्जैन से राज्यपाल के परिसहाय।

  • मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर

    मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर


    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 26 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार रात आदेश जारी कर नई पदस्थापनाएं तय कीं। इस फेरबदल में 14 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, जिन आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है, उनमें 14 जिलों के कलेक्टरों को इधर से उधर किया गया है।
    इनमें धार जिले के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि मौजूदा भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव पद के साथ आयुक्त सह-संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग की पदेन सचिव शिल्पा गुप्ता को हटाकर गृह विभाग में सचिव बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह पर गृह विभाग में सचिव अभिषेक सिंह को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय पदस्थ किया गया है।

    महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटाकर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है।

    संभाग स्तर पर भी बदलाव

    नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है। वहीं, शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है, जबकि उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव पदस्थ किया गया है। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    अन्य जिलों में भी फेरबदल

    इसके अलावा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है।

    इसी प्रकार श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।

  • पॉवर गॉसिप: शिवालय में गुप्त पूजा से इंदौर नगर में फेरबदल तक, अफसरशाही के हलकों में हलचल

    पॉवर गॉसिप: शिवालय में गुप्त पूजा से इंदौर नगर में फेरबदल तक, अफसरशाही के हलकों में हलचल


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश  की प्रशासनिक और नगरीय सत्ता के गलियारों में इन दिनों चर्चा का एक नया माहौल बन रहा है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जहां पूरे प्रदेश में भोलेनाथ की भक्ति और साधना का दौर जारी है, वहीं सत्ता गलियारों में भी ‘गुप्त पूजा’ और अफसरशाही की हलचल सुर्खियों में है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश के एक बड़े अफसर ने शिवालय में गुप्त अनुष्ठान आयोजित किया है, जो महाशिवरात्रि के दिन संपन्न होगा। यह साधना आठ घंटे तक चलेगी और अफसर को उम्मीद है कि पूजा सिद्ध होने के बाद उनका डेढ़ साल से अटका हुआ नर्मदा क्षेत्र का प्रोजेक्ट पूरी तरह से पूरा हो जाएगा। प्रशासनिक हलकों में इसे महाशिवरात्रि के दिन शक्ति और करिश्मा दोनों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    इसी बीच आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम के प्रमुख पदों पर फेरबदल की चर्चा जोरों पर है। कुछ समय पहले गंदे पानी के मुद्दे के चलते नगर निगम के कई पदों में बदलाव हुए थे, लेकिन अब नए संकेत मिलने लगे हैं कि बजट सत्र समाप्त होते ही शीर्ष पदों पर नए चेहरों की ताजपोशी की जाएगी। अफसरशाही के इन फेरबदल के पीछे राजनीतिक और प्रशासनिक समीकरणों का गहरा प्रभाव माना जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी और कर्मचारी इस बदलाव की संभावित दिशा पर निगाह लगाए हुए हैं।

    प्रदेश के प्रमुख नगर निगम क्षेत्र में तैनात कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी इन दिनों चर्चाओं में हैं। अफसरशाही में प्रोटोकॉल का पालन हर अधिकारी करता है, लेकिन इस मामले में साहब का अंदाज अलग बताया जा रहा है। अपने पद के प्रभाव को दिखाने के लिए उन्होंने निजी वाहन पर भी बड़े अक्षरों में ‘कार्यपालिक मजिस्ट्रेट’ लिखवाया है। इसके अलावा बच्चों के स्कूल, मेमसाहब की किटी पार्टी या अन्य सामाजिक आयोजनों में भी उनके पद और प्रभाव की झलक दिखाई देती है। प्रशासनिक हलकों में इसे अपने अधिकार और प्रतिष्ठा का प्रदर्शन माना जा रहा है।

    वहीं, पदोन्नति के लिए प्रयासरत कलेक्टर भी चर्चा में हैं। आम तौर पर पदोन्नति की चाह रखने वाले अधिकारी नए-नए नवाचार और काम के जरिए अपनी छवि मजबूत करते हैं, लेकिन महाराज के प्रभाव वाले जिले में पदस्थ कलेक्टर अपने काम को सीमित रखते हैं। वे उतना ही काम करते हैं जितना उन्हें स्पष्ट रूप से कहा जाए। माना जा रहा है कि कलेक्टर इस रणनीति के जरिए पदोन्नति के बाद कमिश्नर बनने की राह आसान करना चाहते हैं। प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरणों के बीच यह रणनीति अफसरशाही की परंपराओं और महत्वाकांक्षा का एक दिलचस्प उदाहरण है।

    कुल मिलाकर महाशिवरात्रि की आध्यात्मिकता और अफसरशाही की रणनीति एक साथ चल रही है। गुप्त पूजा से लेकर नगर निगम में संभावित फेरबदल और पदोन्नति की चाल तक, प्रशासनिक गलियारों में हलचल और उत्सुकता लगातार बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना रोचक होगा कि कौन-सी साधना और कौन-सा रणनीतिक कदम प्रशासनिक समीकरण बदलता है।