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  • ‘हनुमान अंश’ ने तीसरे हफ्ते में मचाया धमाल, कमाए 12 करोड़, प्रेमानंद की सलाह मानी, 8 भंडारों से किया प्रमोशन

    ‘हनुमान अंश’ ने तीसरे हफ्ते में मचाया धमाल, कमाए 12 करोड़, प्रेमानंद की सलाह मानी, 8 भंडारों से किया प्रमोशन


    नई दिल्ली। बड़े बजट और चर्चित सितारों वाली फिल्मों के बीच महज करीब 2 करोड़ रुपये में बनी ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर चौंकाने वाला प्रदर्शन किया है। 31 जुलाई को रिलीज हुई इस फिल्म ने शुरुआती दो हफ्तों में करीब 1.5 करोड़ रुपये ही कमाए थे, लेकिन तीसरे हफ्ते में इसकी कमाई ने अचानक रफ्तार पकड़ ली। फिल्म ने अकेले तीसरे हफ्ते में 10.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई करीब 12 करोड़ रुपये पहुंच गई है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का निर्माण करीब 1.8 से 2 करोड़ रुपये के बजट में हुआ है। इस लिहाज से फिल्म ने अपने बताए गए प्रोडक्शन बजट की तुलना में 500 फीसदी से ज्यादा का मुनाफा कमाया है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

    10 लाख की ओपनिंग, फिर तीसरे हफ्ते में बदली तस्वीर

    ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने पहले दिन सिर्फ 10 लाख रुपये कमाए थे। पहले हफ्ते में फिल्म का कलेक्शन 1.08 करोड़ रुपये रहा। दूसरे सप्ताह में कमाई घटकर करीब 40 लाख रुपये रह गई। इस तरह दो हफ्तों के बाद फिल्म करीब 1.5 करोड़ रुपये ही जुटा सकी थी।

    तीसरे सप्ताह में फिल्म की कमाई में अचानक बड़ा उछाल आया। इस दौरान 10.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ, जिसने फिल्म को कम बजट की सरप्राइज हिट के तौर पर चर्चा में ला दिया।

    रिलीज से पहले प्रेमानंद जी महाराज से ली थी सलाह

    फिल्म की कमाई के साथ उसकी रिलीज से पहले की कहानी भी सुर्खियों में है। डायरेक्टर और राइटर विशाल चतुर्वेदी ने आज तक से बातचीत में बताया कि शूटिंग पूरी होने के बाद फिल्म के एक प्रोड्यूसर प्रेमानंद जी महाराज के पास सलाह लेने पहुंचे थे।

    विशाल के मुताबिक, महाराज जी ने फिल्म के मुख्य किरदार को लाइफस्टाइल को लेकर सावधानी बरतने और शाकाहारी भोजन करने की सलाह दी थी। मेकर्स ने इस सलाह को गंभीरता से लिया और मुख्य कलाकार को भी इन बातों का ध्यान रखने के लिए कहा गया।

    शूटिंग सेट पर भी लागू किए गए नियम

    मेकर्स ने शूटिंग के दौरान भी कई नियम तय किए थे। सेट पर गाली-गलौज, लड़ाई या बहस की मनाही थी। सभी के लिए केवल शाकाहारी भोजन रखा जाता था और फिल्म से जुड़े किसी भी व्यक्ति को शराब पीने की अनुमति नहीं थी।

    शूटिंग की शुरुआत हनुमान चालीसा के पाठ से होती थी और दिन का समापन भी इसी के साथ किया जाता था। नीम करोली बाबा का किरदार निभाने वाले अभिनेता शोभिनाव सत्य ने भी सेट के अनुभव साझा किए। उनके मुताबिक, शूटिंग में परेशानी आने पर पूरी टीम हनुमान चालीसा का पाठ करती थी।

    कैमरा रुकता तो टीम करती थी हनुमान चालीसा

    विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि कई बार शूटिंग सुबह 7 बजे शुरू होनी होती थी, लेकिन तकनीकी या अन्य कारणों से कैमरा 10 बजे तक शुरू नहीं हो पाता था। ऐसे में वह टीम से हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए कहते थे।

    उनका कहना था कि खाली बैठने से बेहतर है कि इस समय कुछ सकारात्मक किया जाए। डायरेक्टर के अनुसार, कई मौकों पर हनुमान चालीसा पूरी होने तक शूटिंग में आई समस्या का समाधान भी निकल आया।

    प्रमोशन का बजट नहीं था, 8 भंडारों को बनाया कैंपेन

    फिल्म के प्रमोशन के लिए भी मेकर्स ने पारंपरिक तरीके से अलग रास्ता अपनाया। विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक, प्रमोशनल कैंपेन शुरू करते समय उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे। ऐसे में उन्होंने तय किया कि प्रचार के जरिए नीम करोली बाबा का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

    मेकर्स ने इसके लिए 8 भंडारों का आयोजन किया। इन्हीं भंडारों को फिल्म के प्रमोशन का माध्यम बनाया गया। विशाल ने यह भी बताया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद CBFC ने फिल्म को बिना किसी परेशानी के U सर्टिफिकेट दे दिया।

    आध्यात्मिक फिल्मों के लिए बढ़ती उम्मीद

    ‘हनुमान अंश’ का प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है, जब कम बजट और आध्यात्मिक विषयों पर बनी फिल्मों को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म के मेकर्स में रागिनी एस, नम्रता जी सिंह, अनुप्रिया ए नगर और विशाल चतुर्वेदी शामिल हैं।

    बिना बड़े सितारों और भारी-भरकम बजट के दर्शकों तक पहुंच बनाने वाली फिल्मों में अब ‘हनुमान अंश’ का नाम भी जुड़ गया है। पिछले करीब छह महीनों में ‘लालो’ और ‘देऊल बंद 2’ जैसी फिल्मों ने भी आध्यात्मिक विषयों के जरिए दर्शकों का ध्यान खींचा है।

    ऐसे में ‘हनुमान अंश’ की तीसरे सप्ताह की कमाई यह संकेत देती है कि कम बजट, आध्यात्मिक कहानी और बिना बड़े स्टार्स के भी कोई फिल्म दर्शकों के बीच मजबूत पकड़ बना सकती है।

  • सुपरस्टार सलमान खान से गोविंदा ने क्यों कहा था कि तुम हीरो जैसे नहीं दिखते, इंटरव्यू में सामने आया सच

    सुपरस्टार सलमान खान से गोविंदा ने क्यों कहा था कि तुम हीरो जैसे नहीं दिखते, इंटरव्यू में सामने आया सच

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दो दिग्गज अभिनेताओं गोविंदा और सलमान खान की जोड़ी ने वर्ष 2007 में प्रदर्शित फिल्म ‘पार्टनर’ के जरिए बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की थी। निर्देशक डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्म की शूटिंग के दौरान के अनुभवों को याद करते हुए गोविंदा ने एक बड़ा खुलासा किया है। एक हालिया साक्षात्कार में गोविंदा ने साझा किया कि उन्होंने उस समय सलमान खान को उनके व्यक्तिगत जीवन, शारीरिक फिटनेस और करियर के दृष्टिकोण से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे।

    गोविंदा ने बताया कि ‘पार्टनर’ की शूटिंग के समय सलमान खान एक कठिन दौर से गुजर रहे थे और काफी अंतर्मुखी हो गए थे। उस समय दोनों ने साथ बैठकर बातचीत की, जिसमें गोविंदा ने उन्हें जीवन की प्राथमिकताओं को समझने और अपने भीतर झांकने का परामर्श दिया। गोविंदा के अनुसार, उस दौर में सलमान खान का आभामंडल काफी उदास और नकारात्मकता से घिरा हुआ महसूस होता था, जिससे उबरने की उन्हें सख्त जरूरत थी।

    बातचीत के दौरान गोविंदा ने सलमान खान को स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्हें अपनी फिटनेस पर ध्यान देकर वजन कम करना चाहिए, ताकि वे पर्दे पर दोबारा मुख्य अभिनेता यानी हीरो के रूप में प्रभावी दिख सकें। गोविंदा ने मजाकिया लेकिन व्यावहारिक अंदाज में कहा कि यदि समय रहते वजन नहीं घटाया गया तो उद्योग उन्हें चरित्र अभिनेता के रूप में देखने लगेगा। उन्होंने सलमान खान को सलाह दी कि वे उस दौर की नकारात्मक वाइब्स को पीछे छोड़कर अपने वास्तविक आकर्षण को पुनः प्राप्त करें।

    इंटरव्यू में गोविंदा ने सलमान खान के व्यक्तित्व और सिनेमाई प्रभाव की खुलकर सराहना भी की। उन्होंने कहा कि दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के बाद सलमान खान ही हिंदी फिल्म उद्योग के ऐसे एकमात्र स्टार हैं, जिन्हें एक शानदार चेहरा, बेहतरीन व्यक्तित्व और स्वाभाविक आकर्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि उनमें आज भी वह प्रभाव छोड़ने की क्षमता है जिससे दर्शक उन्हें देखते ही सच्चा हीरो मानने लगें।

    फिल्म ‘पार्टनर’ के बाद से ही प्रशंसक इस हिट जोड़ी को दोबारा बड़े पर्दे पर साथ देखने का इंतजार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में भी इन दोनों कलाकारों की बड़ी प्रशंसक संख्या मौजूद है, जहां आज भी इस फिल्म की कॉमेडी को बेहद पसंद किया जाता है। राज्य के सिनेमाप्रेमियों के बीच दोनों अभिनेताओं के पुनर्मिलन और ‘पार्टनर 2’ के निर्माण को लेकर समय-समय पर उत्सुकता बनी रहती है।

    कलाकारों द्वारा एक-दूसरे को दिए जाने वाले इस प्रकार के पारस्परिक मार्गदर्शन और सहयोग को हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक सकारात्मक उदाहरण माना जाता है। गोविंदा के इस वक्तव्य से यह स्पष्ट होता है कि फिल्मों में प्रतिस्पर्धा के बावजूद अभिनेताओं के बीच व्यक्तिगत और सहयोगात्मक संबंध बने रहते हैं, जो संकट के समय में एक-दूसरे के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं।

  • MP: पांचवें बच्चे का जन्म सुनकर दंग रह गईं मैहर कलेक्टर…. प्रसूता को दी समझाइश

    MP: पांचवें बच्चे का जन्म सुनकर दंग रह गईं मैहर कलेक्टर…. प्रसूता को दी समझाइश


    मैहर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मैहर की कलेक्टर (Maihar: Collector) IAS बिदिशा मुखर्जी (IAS Bidisha Mukherjee) इन दिनों अपने सख्त और संवेदनशील तेवरों के लिए चर्चा में हैं. हाल ही में जब वे मैहर के सिविल अस्पताल (Maihar Civil Hospital) का औचक जायजा लेने पहुंचीं, तो वहां का नजारा देख वह खुद को रोक नहीं पाईं और एक ‘सुपर वुमेन’ की तरह समाज की कुरीतियों पर दहाड़ती नजर आईं. पांचवें बच्चे का जन्म सुनकर दंग रह गईं…

    अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को जब यह पता चला कि एक महिला ने अपने पांचवें बच्चे को जन्म दिया है, तो वे दंग रह गईं. उन्होंने महिला के पास जाकर बड़ी ही आत्मीयता, लेकिन दृढ़ता के साथ उसे समझाइश दी कि आज के महंगाई के दौर में इतने बच्चों का पालन-पोषण, उनकी अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना कितना चुनौतीपूर्ण है. कलेक्टर ने महिला से सीधे सवाल किया कि आखिर इतने बड़े परिवार का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा?


    अस्पताल में उनके इस तेवर ने वहां मौजूद कर्मचारियों और मरीजों के परिजनों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया. यह पूरा घटनाक्रम समाज की उस गहरी सोच पर प्रहार करता है जहां आज भी ‘पुत्र प्राप्ति’ या अन्य सामाजिक कारणों से लगातार बच्चे पैदा किए जाते हैं।


    महिला सशक्तिकरण का दिया उदाहरण

    कलेक्टर ने समाज को आईना दिखाते हुए कहा कि आज जमाना बदल गया है. उन्होंने उदाहरण दिया कि “आज मध्य प्रदेश में 31% कलेक्टर महिलाएं हैं, हमारी पूरी टीम महिलाओं की है. फिर यह भेदभाव क्यों?”


    ग्राउंड स्टाफ को फटकार

    उन्होंने केवल महिला को ही नहीं टोका, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अमले और मैदानी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल दागे. कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आखिर परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता अभियान कहां है? उन्होंने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि विभाग सिर्फ कागजों पर काम न करे, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों को छोटे परिवार के फायदों और मातृ स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक करे।

    कलेक्टर ने अस्पताल में मिल रहे भोजन की क्वालिटी की भी जांच की और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए यह भी स्वीकार किया कि मैहर एक नया जिला है और यहां महिला रोग विशेषज्ञ, नेफ्रोलॉजिस्ट और ऑर्थोपेडिक सर्जन जैसे विशेषज्ञों की कमी एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने के लिए वे निरंतर प्रयास कर रही हैं।

  • किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?

    किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?


    नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला है। रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना अधिकार है, लेकिन आलोचना करते समय देश की छवि को नुकसान पहुँचाना बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं है। उनका यह बयान एलन मस्क की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के संदर्भ में आया, जिसमें मस्क ने कहा कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक आर्थिक विकास में लगभग 43.6 प्रतिशत का योगदान देंगे।

    रिजिजू का राहुल गांधी को संदेश
    रिजिजू ने कहा कि आमतौर पर वे विदेशी हस्तियों की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस बार मस्क की पोस्ट का हवाला इसलिए दिया ताकि राहुल गांधी को एक सीख दी जा सके। उन्होंने साफ किया कि आलोचना और राष्ट्रहित के बीच स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक भारतीय के रूप में हमें देश की प्रगति और उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए।

    संदर्भ: राहुल गांधी की आलोचना

    राहुल गांधी लंबे समय से केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि बजट में बेरोजगारी, कमजोर विनिर्माण क्षेत्र, पूंजी निकासी और किसानों की समस्याओं जैसी गंभीर चुनौतियों को नजरअंदाज किया गया।

    सरकार का रुख

    वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट को 21वीं सदी में भारत की आर्थिक प्रगति की नींव बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अहम कदम करार दिया।

  • नवनीत राणा की 4 बच्चों वाली नसीहत पर भड़की प्रियंका चतुर्वेदी… बोलीं- पहले अपने पति कन्विन्स को करें…

    नवनीत राणा की 4 बच्चों वाली नसीहत पर भड़की प्रियंका चतुर्वेदी… बोलीं- पहले अपने पति कन्विन्स को करें…


    नई दिल्ली।
    महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टी शिवसेना (उद्धव ठाकरे) (Shiv Sena -Uddhav Thackeray) की नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) के उस बयान की तीखी आलोचना की है, जिसमें राणा ने देशभर के हिन्दुओं को हिंदुस्तान को बचाने लिए तीन-चार बच्चे पैदा (Three-Four Children) करने की नसीहत दी थी। एक टीवी चैनल से बात करते हुए चतुर्वेदी ने कहा, “वो पहले अपने पति से इस बारे में बात करें। वो भी अपने बच्चे बढ़ाएं, फिर अपने पड़ोसियों को कन्विन्स करें। जो अपने पड़ोसियों को कन्विन्स नहीं कर सकते, अपने पति को कन्विन्स नहीं कर सकते वो देश की महिलाओं को कन्विन्स करना बंद करें।”

    दरअसल, भाजपा नेता नवनीत राणा ने दो दिन पहले मंगलवार (23 दिसंबर) को कहा था कि हिंदुओं को कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करना चाहिए ताकि उन लोगों की साजिशों का मुकाबला किया जा सके जो बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं। पूर्व निर्दलीय सांसद राणा ने पत्रकारों से कहा था, “मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं। सुनिए, ये लोग खुलेआम कहते हैं कि इनकी चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं। मेरा सुझाव है कि हमें कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करना चाहिए।”


    नवनीत राणा ने क्यों दी ऐसी सलाह

    राणा ने अमरावती में यह टिप्पणी तब की थी, जब वह मीडिया को एक एक सवाल का जवाब दे रही थीं। राणा ने कहा,‘‘मुझे नहीं पता कि वह मौलाना है या कोई और, लेकिन उसने कहा कि उसके 19 बच्चे और चार पत्नियां हैं, परंतु वह 30 बच्चों की संख्या पूरी नहीं कर पाया। वे बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं, तो हम सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट हो जाएं? हमें भी तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए।’’

    इस दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव के लिए गठबंधन की संभावनाओं को भाव नहीं दिया। उन्होंने कहा,‘‘उद्धव ठाकरे बेबसी का पर्याय बन गए हैं। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को प्रचार के लिए बाहर नहीं निकाला। अगर कोई उद्धव ठाकरे के साथ जुड़ता भी है, तो उसका प्रदर्शन स्थानीय निकाय चुनाव से भी बदतर होगा।’’