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  • ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर प्रशासन सक्रिय: खंडवा में 26 पंजीयन केंद्र बनाए गए

    ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर प्रशासन सक्रिय: खंडवा में 26 पंजीयन केंद्र बनाए गए


    खंडवा  खंडवा जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर जिलेभर में 26 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसान 25 मई से 15 जून 2026 तक अपना निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे।प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी फसल को सरकारी खरीदी व्यवस्था से जोड़ सकें और उन्हें उचित मूल्य मिल सके।

    26 केंद्रों पर मुफ्त पंजीयन की सुविधा
    किसानों की सुविधा के लिए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और मार्केटिंग संस्थाओं को पंजीयन केंद्र बनाया गया है। इनमें टेमीकला, सिहाड़ा, गुड़ीखेड़ा, सिंगोट, कालमुखी, अमलपुरा, छैगांवमाखन, पंधाना, मूंदी, भगवानपुरा, सुलगांव, पुनासा, मोहना, दौलतपुरा, छनेरा, बरूड़, सोमगांवखुर्द, किल्लौद, बड़केश्वर, खालवा, खेड़ी और आशापुर सहित कई केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा खालवा की कृषक सहकारी विपणन समिति और हरसूद की को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी में भी पंजीयन की व्यवस्था की गई है। सभी केंद्रों पर यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी।

    ऑनलाइन भी कर सकेंगे पंजीयन
    निशुल्क केंद्रों के अलावा किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क देकर पंजीयन करा सकते हैं। इससे किसानों को अपने नजदीकी स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध होगी।

    गांव-गांव पहुंचेगा प्रचार अभियान
    प्रशासन ने तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि कोटवारों और पटवारियों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कर सकें और खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

  • किसानों के खाते में बड़ी राहत, PM-Kisan Yojana की कुल राशि 4.27 लाख करोड़ के पार

    किसानों के खाते में बड़ी राहत, PM-Kisan Yojana की कुल राशि 4.27 लाख करोड़ के पार


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi ने किसानों को आर्थिक मजबूती देने में नया मुकाम हासिल कर लिया
    है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक 4.27 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। हाल ही में Narendra Modi द्वारा जारी 22वीं किस्त ने इस आंकड़े को और आगे बढ़ा दिया है।

    22वीं किस्त से 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को राहत

    इस महीने जारी की गई 22वीं किस्त के तहत 18,640 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई, जिससे 9.32 करोड़ से ज्यादा किसानों को सीधा लाभ मिला। इनमें करीब 2.15 करोड़ महिला किसान भी शामिल हैं, जो इस योजना की व्यापक पहुंच को दर्शाता है।

    दुनिया की सबसे बड़ी DBT योजनाओं में शामि

    पीएम-किसान आज दुनिया की सबसे बड़ी Direct Benefit Transfer आधारित योजनाओं में गिनी जाती है। आधार-आधारित सत्यापन और डिजिटल भूमि रिकॉर्ड के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि सहायता सीधे सही लाभार्थी तक पहुंचे। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है।

    किसानों की आय बढ़ाने में मददगार

    NITI Aayog और International Food Policy Research Institute के आकलन के अनुसार, इस योजना ने किसानों की आय बढ़ाने और उनकी कर्ज पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभाई है। समय पर मिलने वाली सहायता से किसान बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों में निवेश कर पा रहे हैं।

    जमीनी स्तर पर दिख रहा असर

    देश के अलग-अलग हिस्सों में किसानों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। केरल की किसान भामिनी के मुताबिक, समय पर मिलने वाली राशि से वह अपनी खेती को बेहतर बना पा रही हैं। अंडमान-निकोबार के किसान अनिल हलदार ने इस मदद से तरबूज की खेती शुरू कर फसल विविधता बढ़ाई। वहीं जम्मू-कश्मीर के किसान दीपक सिंह नेगी इस राशि से खेती के जरूरी इनपुट खरीदकर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों सुधार रहे हैं।

    बजट में भी मिला बड़ा समर्थन

    सरकार ने किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे साफ है कि सरकार इस योजना को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    क्या है पीएम-किसान योजना?

    2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो 2,000 रुपए की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।