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  • MP में Air कनेक्टिविटी के बड़े विस्तार की तैयारी, 10 एयरपोर्ट… 230 विधानसभा में बनेंगे स्थायी हेलीपैड

    MP में Air कनेक्टिविटी के बड़े विस्तार की तैयारी, 10 एयरपोर्ट… 230 विधानसभा में बनेंगे स्थायी हेलीपैड


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में हवाई कनेक्टिविटी (Air Connectivity) को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेश में एयरपोर्ट (Airport), एयरस्ट्रिप और हेलीपैड का नेटवर्क मजबूत कर रही है. सरकार की योजना के तहत आने वाले समय में प्रदेश में 10 एयरपोर्ट, हर 150 किमी पर एयरपोर्ट, हर 75 किमी पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किमी पर हेलीपैड विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    इतना ही नहीं, प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना है. सरकार का दावा है कि इससे आम नागरिकों के साथ-साथ स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और निवेश को भी बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा।

    अभी MP में कितने एयरपोर्ट हैं?
    मध्य प्रदेश में फिलहाल 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और करीब 220 हेलीपैड हैं. साल 2023-24 में प्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो के 5 प्रमुख एयरपोर्ट संचालित थे। इसके बाद रीवा, दतिया और सतना को जोड़कर एयरपोर्ट की संख्या 8 हो गई. अब उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं. इनके तैयार होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी।


    5 नए एयरपोर्ट की मंजूरी का इंतजार

    राज्य सरकार पांच नए एयरपोर्ट विकसित करने के प्रस्ताव पर भी काम कर रही है. इनकी स्वीकृति केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है. इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है. इसके अलावा उड़ान योजना के तहत प्रदेश की 10 मौजूदा एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है. इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।


    हर 45 किमी पर हेलीपैड का लक्ष्य

    सरकार प्रदेश में हवाई सुविधाओं को जिला मुख्यालयों तक सीमित रखने के बजाय ज्यादा व्यापक नेटवर्क तैयार करना चाहती है. इसके तहत हर 150 किमी पर एयरपोर्ट, 75 किमी पर एयरस्ट्रिप और 45 किमी पर हेलीपैड विकसित करने की योजना है। साथ ही प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे आपात स्थिति, वीआईपी मूवमेंट, मेडिकल इमरजेंसी और दूरदराज के क्षेत्रों तक तेज पहुंच में मदद मिलने की उम्मीद है।


    एयर एंबुलेंस से अब तक 186 मरीजों को मदद

    मध्य प्रदेश में पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा 29 मई 2024 से संचालित है. आयुष्मान कार्डधारियों को प्रदेश के भीतर और प्रदेश से बाहर सरकारी तथा आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों तक निःशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा दी जाती है. गैर-आयुष्मान हितग्राहियों को प्रदेश के सरकारी अस्पताल तक निःशुल्क और प्रदेश के बाहर निर्धारित दरों पर यह सुविधा उपलब्ध है. सरकार के अनुसार अब तक 186 मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है।


    हेली टूरिज्म से उज्जैन, ओंकारेश्वर और चंदेरी तक पहुंच आसान

    मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा भी शुरू की गई है. इसके तहत आध्यात्मिक, हेरिटेज और वाइल्डलाइफ पर्यटन के लिए अलग-अलग सेक्टर निर्धारित किए गए हैं।
    – आध्यात्मिक पर्यटन: इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर
    – हेरिटेज पर्यटन: भोपाल-चंदेरी-ओरछा
    – वाइल्डलाइफ पर्यटन: जबलपुर-मैहर-चित्रकूट-कान्हा-बांधवगढ़

    चंदेरी और ओरछा में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध है. सरकार के मुताबिक अब तक 5,200 से ज्यादा यात्रियों ने हेली सेवा का इस्तेमाल किया है और 680 से अधिक जॉय राइड संचालित की जा चुकी हैं।


    इंदौर से अबूधाबी की सीधी उड़ान

    मध्य प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी भी लगातार बढ़ रही है. इंदौर से पहले दुबई के लिए हवाई संपर्क स्थापित हुआ और अब अबूधाबी के लिए सीधी उड़ान शुरू हुई है. इंदौर-अबूधाबी सीधी उड़ान मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत वित्त पोषित प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान बताई गई है. करीब 3 घंटे 15 मिनट की इस उड़ान से मध्य प्रदेश का खाड़ी क्षेत्र से सीधा हवाई संपर्क मजबूत हुआ है।


    सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में नया एयरपोर्ट

    सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आरसीएस उड़ान 5.2 के तहत शुरुआती चरण में 1,800 मीटर लंबा रनवे विकसित किया जा रहा है. भविष्य में इसे बढ़ाकर 2,700 मीटर किया जाएगा. एयरपोर्ट के तैयार होने के बाद सिंहस्थ के दौरान देशभर से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिल सकता है।


    MP को मिलेगा अपना सरकारी विमान

    मध्य प्रदेश सरकार के बेड़े में नया शासकीय विमान भी शामिल होने जा रहा है. सरकार के मुताबिक अभी चार्टर्ड विमान के इस्तेमाल पर होने वाला खर्च ज्यादा है. नया सरकारी विमान मिलने के बाद विमान संचालन पर होने वाला मासिक खर्च करीब एक-तिहाई रह जाने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार कोविड-19 के दौरान प्रदेश का विमान रेमडेसिविर जैसी जरूरी दवाओं की आपूर्ति करते समय ग्वालियर में क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद से राज्य सरकार चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल कर रही है।

    MP का हवाई नेटवर्क कितना बड़ा होने वाला है?
    मध्य प्रदेश सरकार की योजना सिर्फ नए एयरपोर्ट बनाने तक सीमित नहीं है. एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप, हेलीपैड, एयर एंबुलेंस, हेली टूरिज्म और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को एक साथ विस्तार देने की तैयारी है। 10 एयरपोर्ट + 75 किमी पर एयरस्ट्रिप + 45 किमी पर हेलीपैड + 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड का यह नेटवर्क आने वाले वर्षों में प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया स्वरूप दे सकता है. खासतौर पर सिंहस्थ-2028, मेडिकल इमरजेंसी, पर्यटन और निवेश के लिहाज से इसे अहम माना जा रहा है।

  • 400 करोड़ का आधुनिक डुमना एयरपोर्ट, लेकिन जबलपुर में उड़ानों की कमी बनी चुनौती..

    400 करोड़ का आधुनिक डुमना एयरपोर्ट, लेकिन जबलपुर में उड़ानों की कमी बनी चुनौती..


    जबलपुर :डुमना एयरपोर्ट का विस्तार और आधुनिकीकरण पर केंद्र सरकार ने करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं उम्मीद जताई गई थी कि इससे जबलपुर को देश के बड़े शहरों से सीधी और नियमित हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी लेकिन हालात इसके उलट हैं अत्याधुनिक टर्मिनल और लंबा रनवे होने के बावजूद उड़ानों की संख्या अपेक्षाकृत कम बनी हुई है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में विस्तारित एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था और यात्रियों ने इससे नई उम्मीदें लगाईं लेकिन आज भी कई अहम रूट्स पर फ्लाइट न होने के कारण लोग ट्रेन या सड़क मार्ग पर निर्भर हैं इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है

    क्षमता बढ़ी है लेकिन कनेक्टिविटी अभी भी कम है विस्तार से पहले डुमना एयरपोर्ट का रनवे लगभग 1998 मीटर लंबा था जिसे अब बढ़ाकर 2750 मीटर कर दिया गया है टर्मिनल की क्षमता भी 150 यात्रियों से बढ़ाकर 800 यात्रियों तक पहुंचाई गई है अब एयरबस ए-320 जैसे बड़े विमान उतर सकते हैं इसके बावजूद उड़ानों की संख्या में अपेक्षित इजाफा नहीं हुआ

    दूसरे शहरों से तुलना में जबलपुर पिछड़ गया है इंदौर से जहां 20 से ज्यादा शहरों के लिए 40-50 उड़ानें संचालित हो रही हैं वहीं भोपाल से भी दर्जनों फ्लाइट्स उपलब्ध हैं लेकिन संभागीय मुख्यालय होने के बावजूद जबलपुर में सीमित उड़ानें यात्रियों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही हैंभोपाल और प्रयागराज के लिए सीधी उड़ानों की चर्चाएं पिछले वर्ष से जारी हैं और इन रूट्स पर मांग काफी अधिक है लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ इससे व्यापारियों छात्रों और धार्मिक यात्रियों को नुकसान हो रहा है

    एयरपोर्ट विस्तार से पहले दिल्ली मुंबई हैदराबाद इंदौर बेंगलुरु और पुणे के लिए रोजाना चार से आठ विमानों की आवाजाही थी लेकिन अब उड़ानों की संख्या छह से बढ़कर केवल सात तक ही सीमित है फिलहाल जबलपुर से दिल्ली मुंबई हैदराबाद इंदौर बेंगलुरु बिलासपुर और जगदलपुर के लिए फ्लाइट्स संचालित हो रही हैंएयरपोर्ट डायरेक्टर राजीव रत्न पांडे का कहना है कि एयरपोर्ट में अतिरिक्त उड़ानों को संभालने की पूरी क्षमता है लेकिन नए रूट शुरू करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय लेना जरूरी है यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों और एयरपोर्ट की क्षमताओं के बीच यह संतुलन अभी तक नहीं बन पाया है

  • इंदौर-रीवा विमान सेवा15 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में विंध्य क्षेत्र को मिलेगी नई हवाई कनेक्टिविटी

    इंदौर-रीवा विमान सेवा15 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में विंध्य क्षेत्र को मिलेगी नई हवाई कनेक्टिविटी

    इंदौर । इंदौर और रीवा के बीच 22 दिसंबर से इंडिगो एयरलाइंस की सीधी उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है जो विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगी। पहले जहां यह यात्रा ट्रेन या बस से करीब 15 घंटे में पूरी होती थी वहीं अब यह महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। इस नई हवाई सेवा से विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि यह क्षेत्र पहले मुख्य रूप से सड़क और रेल मार्गों पर निर्भर था।

    यह सेवा देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट इंदौर से रीवा के लिए प्रतिदिन 70 सीटों वाले विमान का संचालन करेगी। यात्रा की कम कीमत के कारण भी यह सेवा लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है और इसके लिए पहले दिन की सभी सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। इस सेवा से न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा होगी बल्कि व्यापार शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे।

    किराया और सुविधाएँ

    इंदौर और रीवा के बीच विमान सेवा का किराया करीब 4700 रुपये रहेगा जो एक तरह से इस क्षेत्र के लिए किफायती विकल्प बन सकता है। इस किराए में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी जो यात्रियों के लिए आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। इस हवाई सेवा के शुरू होने से यात्रा की गति में तेज़ी आएगी और अब लोग कम समय में एक शहर से दूसरे शहर तक आसानी से पहुँच सकेंगे। खासतौर पर व्यापारिक और सरकारी कामकाज के लिए यात्रियों को राहत मिलेगी जो पहले लंबी दूरी के कारण रेल या बस यात्रा पर निर्भर रहते थे।

    विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को मिलेगा फायदा

    यह उड़ान सेवा विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इन जिलों में रीवा सागर कटनी सीधी उमरिया शहडोल अनूपपुर और दमोह शामिल हैं। इन जिलों के लोग अब इंदौर तक आसानी से पहुँच सकेंगे जिससे रोजगार और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।यह सेवा क्षेत्रीय विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है क्योंकि हवाई कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से रीवा और आसपास के इलाकों में पर्यटन स्थलों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह हवाई सेवा यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी।

    नई हवाई सेवा का भविष्य

    इस नई विमान सेवा के साथ इंदौर और रीवा के बीच यात्रा की सहजता में इंकलाब आने की संभावना है। हवाई यात्रा से क्षेत्र के दूरदराज इलाकों तक आसानी से पहुँचने के साथ ही लोग विभिन्न सरकारी और निजी कार्यों के लिए इंदौर जैसे बड़े शहरों में समय से पहुँच सकेंगे। इस कनेक्टिविटी से न केवल लोगों के जीवन में सुधार आएगा बल्कि यह क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इंदौर और रीवा के बीच उड़ान सेवा का शुभारंभ विंध्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह हवाई कनेक्टिविटी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ ही स्थानीय लोगों को यात्रा की सुविधा और समय की बचत भी प्रदान करेगी। अब देखते हैं कि भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी ऐसी हवाई सेवाओं का विस्तार होता है या नहीं।