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  • रियाद के बाद दम्माम एयरपोर्ट पर हूतियों का हमला, सऊदी अरब में हवाई सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

    रियाद के बाद दम्माम एयरपोर्ट पर हूतियों का हमला, सऊदी अरब में हवाई सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली। सऊदी अरब में हवाई अड्डों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले की खबरों के बाद रविवार देर शाम पूर्वी प्रांत के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, दम्माम को भी निशाना बनाए जाने की सूचना सामने आई। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है।

    सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने दम्माम एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक, हवाई अड्डे की सुविधाओं को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और सुरक्षा जांच जारी है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक स्थिति, किसी के हताहत होने और उड़ानों के संचालन पर पड़े प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

    रियाद एयरपोर्ट हमले में भारतीय नागरिक की भी मौत

    इससे पहले शनिवार को रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले के बाद सऊदी अधिकारियों ने शुरुआत में एक अमेरिकी नागरिक समेत 12 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। बाद में भारतीय दूतावास ने बताया कि हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। इसके बाद मृतकों की संख्या 13 बताई गई, जबकि घायलों की संख्या 300 से अधिक रही।

    रविवार को रियाद एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 को भी एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, इस घटना के बाद आग लग गई। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू किया। गठबंधन ने एयरपोर्ट के आसपास एक क्रूज मिसाइल को रोकने का दावा भी किया।

    हूतियों की चेतावनी- हमले और तेज हो सकते हैं

    हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारे ने टेलीविजन संबोधन में रियाद पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा करते हुए चेतावनी दी थी कि जब तक सऊदी अरब यमन में अपनी कथित ‘आक्रामकता’ बंद नहीं करता, तब तक हालात और बिगड़ सकते हैं।

    समाचार एजेंसी अनादोलु की रिपोर्ट के मुताबिक, हूतियों ने दम्माम और रियाद एयरपोर्ट के अलावा सऊदी अरब की प्रमुख ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा भी किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि होना अभी बाकी है।

    हवाई अड्डों पर हमलों की खबरें ऐसे समय सामने आई हैं, जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच सैन्य तनाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने हाल के हफ्तों में यमन में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज की है और वहां की सरकारी सेनाओं को समर्थन दिया है।

    यमन पर 124 हवाई हमलों का हूतियों का दावा

    हूती-नियंत्रित विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि सऊदी अरब ने यमन में सैन्य कार्रवाई और हस्तक्षेप बंद नहीं किया, तो जवाबी हमले और तेज किए जा सकते हैं। हूती पक्ष ने पिछले 24 घंटों में यमन पर 124 हवाई हमले किए जाने का आरोप भी लगाया है। इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

    दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सैन्य कार्रवाई के दावों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की खबरें इस तनाव के व्यापक असर की आशंका बढ़ाती हैं।

    तेल उद्योग के लिहाज से अहम है दम्माम

    दम्माम सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत का प्रमुख शहर है और तेल एवं गैस उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र का प्रमुख हवाई संपर्क केंद्र है।

    रियाद के बाद दम्माम एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने की खबर से सऊदी अरब के नागरिक विमानन ढांचे की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल हवाई अड्डे पर नुकसान, संभावित हताहतों और उड़ानों के संचालन पर प्रभाव के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि इस घटना का हवाई यातायात पर कितना असर पड़ा है।

  • ईरान के हमलों के बीच कतर से सीमित उड़ानें शुरू, भारत के लिए भी विशेष विमान रवाना

    ईरान के हमलों के बीच कतर से सीमित उड़ानें शुरू, भारत के लिए भी विशेष विमान रवाना


    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में ईरान की ओर से जारी हमलों के बीच नागरिक उड़ानों पर भारी असर पड़ा है। दूसरे देशों के नागरिक इस तनावपूर्ण माहौल में फंसे हुए हैं। इसी बीच कतार वायुमार्ग ने 12 मार्च से दोहा से सीमित उड़ानों का संचालन शुरू करने की घोषणा की है। एयरलाइन ने बताया कि 12 से 17 मार्च तक दोहा के लिए और दोहा से सीमित विमान चलाए जाएंगे।

    एयरलाइन के अपडेटेड शेड्यूल के अनुसार 12 मार्च को हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कुल 29 विमान उड़ान भरेंगे जिनमें 15 प्रस्थान और 14 आगमन होंगे। दोहा से उड़ानें मुंबई नई दिल्ली कोच्चि इस्लामाबाद न्यूयॉर्क फ्रैंकफर्ट बीजिंग लंदन काहिरा और जोहान्सबर्ग के लिए होंगी। वहीं दोहा आने वाली उड़ानों में सोल जेद्दा नई दिल्ली हांगकांग मस्कट मेलबर्न डलास और बैंकॉक शामिल हैं।

    भारत के लिए उड़ानों का विशेष शेड्यूल भी तैयार किया गया है। 13 मार्च को दोहा से कोच्चि के लिए उड़ान होगी। 14 मार्च को मुंबई 15 मार्च को नई दिल्ली और 16 मार्च को कोच्चि और मुंबई के लिए उड़ानें संचालित होंगी। वहीं कोच्चि से दोहा 14 मार्च को मुंबई से 15 मार्च और नई दिल्ली से 16 मार्च को विमान रवाना होंगे। 17 मार्च को दोहा से कोच्चि और मुंबई के लिए उड़ानें जारी रहेंगी।

    कतर एयरवेज ने कहा कि कतर नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अस्थायी प्राधिकरण मिलने के बाद लिमिटेड ऑपरेटिंग कॉरिडोर का इस्तेमाल कर विमान संचालित किए जा रहे हैं। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि ये उड़ानें नियमित कमर्शियल ऑपरेशन की वापसी नहीं हैं। इन अस्थायी उड़ानों का उद्देश्य प्रभावित यात्रियों को उनके परिवार और प्रियजनों से मिलाना है। कतर एयरस्पेस की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही नियमित संचालन फिर से शुरू होगा।

    कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कैबिनेट मीटिंग में कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संघर्ष के दौरान देश की तैयारियों और क्षमता को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने नागरिक सुरक्षा और एयरलाइन संचालन की स्थिरता पर जोर दिया।

    इस बीच बहरीन के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ जासूसी के आरोप में चार बहरीन नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें उम्र 22 से 36 वर्ष के लोग शामिल हैं जबकि एक 25 वर्षीय व्यक्ति विदेश में फरार है। मंत्रालय के अनुसार आरोपियों ने हाई रिजॉल्यूशन कैमरा और एन्क्रिप्टेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें ली और उन्हें IRGC को भेजा। सुरक्षा और यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए कतर एयरवेज का यह कदम संकटग्रस्त क्षेत्र में फंसे यात्रियों के लिए राहत का संकेत देता है खासकर भारत समेत अन्य देशों के नागरिकों के लिए।