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  • एयरलाइंस को संकट के समय बड़ी राहत… सरकार ने घरेलू उड़ानों के टिकटों पर से हटाया प्राइस कैप

    एयरलाइंस को संकट के समय बड़ी राहत… सरकार ने घरेलू उड़ानों के टिकटों पर से हटाया प्राइस कैप


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में जारी युद्ध (West Asia War) की वजह से बढ़ते ऊर्जा संकट पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी बीच एयरलाइंस (Airlines) को इस संकट से उबारने के लिए सरकार (Government) ने एक राहत दी है। उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Aviation) ने दिसंबर में घरेलू उड़ानों के टिकटों पर लगाई गई अस्थायी मूल्य सीमा को हटा लिया है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि दिसंबर में स्थिति बिगड़ने की वजह से ऐसा किया गया था, अब जबकि स्थिति सामान्य है, और पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से इसे हटाया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि अगर इसका गलत इस्तेमाल किया गया, तो फिर से लागू किया जाएगा।

    मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि 23 मार्च से यह प्राइस कैप आधिकारिक तौर पर हट जाएगा। इसके साथ ही डीजीसीए ने आदेश दिया है कि सभी एयरलाइंस के किराए पर बराबर नजर रखी जाएगी। आदेश में कहा गया, “वर्तमान स्थिति अब स्थिर हो चुकी है, क्षमता बहाल हो गई है और पूरे सेक्टर में संचालन सामान्य हो गया है, इसलिए समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 23 मार्च 2026 से किराया सीमा हटा दी जाए।” इसके साथ ही आदेश में जोड़ा गया कि अगर हवाई यात्रियों की संख्या वृद्धि के दौरान एयरलाइंस ने गलत तरीके से टिकटों की कीमत में वृद्धि की तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।”

    गौरतलब है कि सरकार की तरफ से यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट की वजह से एयरलाइंस को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए 18 मार्च को एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट के अधिकारी मंत्रालय पहुंचे थे। वहां पर इन्होंने किराए सीमा को हटाने की मांग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन एजेंसियों ने इस संबंध में सरकार को पत्र भी लिखा था।

    आपको बता दें, सरकार की तरफ से घरेलू उड़ानों के किराए पर यह मूल्य सीमा 6 दिसंबर को लगाई गई थी। इस दौरान सरकार द्वारा लागू किए गए एक नियम की वजह से इंडिगो की बहुत सारी फ्लाइट्स कैंसिल हो गई थीं, जिसकी वजह से अव्यवस्था फैल गई थी। उस समय सरकार ने सीमित क्षमता के दौर में यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया था। अधिकतम एकतरफा किराया ₹18,000 तय किया गया था।

  • मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच एयरलाइंस को पश्चिम एशिया के 11 देशों में उड़ान न भरने की सलाह

    मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच एयरलाइंस को पश्चिम एशिया के 11 देशों में उड़ान न भरने की सलाह


    नई दिल्ली।
    ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष और मध्य पूर्व में बढ़ते टकराव के मद्देनजर विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बड़ा फैसला लिया है। डीजीसीए ने शनिवार को भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को ईरान, सऊदी अरब और यूएई सहित 11 देशों के हवाई क्षेत्रों का उपयोग 2 मार्च तक न करने की सलाह दी है।

    डीजीसीए ने भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को जारी निर्देश में कहा कि वे 11 देशों के ऊपर से उड़ान भरने से बचें। विमानन नियामक का जारी आदेश सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। डीजीसीए के निर्देश वाले इन 11 देशों में ईरान, इजराइल, लेबनान, यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर शामिल हैं। यह नया सुरक्षा परामर्श (एडवायजरी) तुरंत लागू कर दिया गया है।

    फिलहाल यह रोक 2 मार्च तक प्रभावी रहेगी। इस पाबंदी के कारण भारतीय एयरलाइंस ने मध्य पूर्व जाने वाली अपनी कई उड़ानें कुछ समय के लिए निलंबित कर दी है। वहीं, कई फ्लाइट्स के रास्ते बदले गए हैं, जबकि कुछ को रद्द करना पड़ा है। सीधे रास्ते बंद होने से विमानों को घूमकर जाना होगा, जिससे सफर का समय बढ़ जाएगा। उड़ान के समय बढ़ने से तेल का खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा बोझ यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है।

    उल्लेखनीय है कि विमानन कंपनियां प्रभावित यात्रियों को टिकट के पैसे वापस करने यानी दूसरी तारीख पर यात्रा करने का विकल्प दे रही हैं। डीजीसीए ने एयरलाइंस को लगातार पल-पल की जानकारी (नोटम) पर नजर रखने को कहा है, ताकि किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सके। इसके साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट पर उड़ान का स्टेटस जरूर चेक कर लें।

  • शीतकालीन छुट्टियों के लिए गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन

    शीतकालीन छुट्टियों के लिए गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन


    रायपुर । इस शीतकालीन छुट्टियों में अगर आप गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो अब आपके लिए रेलवे ने एक नई सुविधा शुरू की है। रेलवे 20 दिसंबर से बिलासपुर–मडगांव के बीच साप्ताहिक शीतकालीन स्पेशल ट्रेन चलाएगा ताकि यात्रियों को छुट्टियों में गोवा पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। यह ट्रेन हर शनिवार को चलेगी और चार फेरे करेगी।

    विमान सेवाओं में अनिश्चितता के कारण रेलवे ने यह कदम उठाया है जिससे गोवा जाने वाले यात्रियों को एक आरामदायक और विश्वसनीय विकल्प मिल सके। रेलवे का यह कदम विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए राहत देने वाला है जो विमान सेवाओं में हो रही अनिश्चितता के कारण यात्रा की योजना में बदलाव कर रहे थे।

    शीतकालीन स्पेशल ट्रेन का समय और मार्ग

    यह शीतकालीन स्पेशल ट्रेन 20 दिसंबर 27 दिसंबर 3 जनवरी और 10 जनवरी को बिलासपुर से मडगांव के लिए चलेगी जो प्रत्येक शनिवार को निर्धारित है। वहीं मडगांव से बिलासपुर के लिए यह ट्रेन 22 29 दिसंबर और 5 तथा 12 जनवरी को सोमवार को चलेगी। ट्रेन की संख्या 08241 बिलासपुर–मडगांव और 08242 मडगांव–बिलासपुर होगी।

    इस ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी क्योंकि इस ट्रेन में 18 कोच की व्यवस्था की गई है जिसमें विभिन्न श्रेणियों की सीटें और सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही ट्रेन में पर्याप्त संख्या में सीटें उपलब्ध हैं जो यात्रियों की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में सहायक होगी।

    वाणिज्यिक ठहराव और कोच की सुविधा

    इस ट्रेन का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों जैसे बिलासपुर भाटापारा रायपुर दुर्ग राजनांदगांव गोंदिया और नागपुर पर होगा। इन स्टेशनों पर ट्रेन रुकने से यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव होगा।

    इसके अलावा शीतकालीन स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की विभिन्न जरूरतों के हिसाब से कोच की व्यवस्था की गई है। ट्रेन में एक एसएलआरडी तीन सामान्य दो स्लीपर दो एसी-III इकोनामी आठ एसी-III एक एसी-II और जनरेटर कार सहित कुल 18 कोच की सुविधा उपलब्ध है। यह कोच विभिन्न यात्री वर्गों के लिए उपयुक्त हैं जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान आराम और सुविधा का अनुभव होगा।

    रेलवे की यह पहल क्यों है महत्वपूर्ण

    वर्तमान में विमान सेवाओं में अनिश्चितता और टिकट की उच्च कीमतों के कारण यात्रा की योजना बनाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में रेलवे की यह पहल यात्रियों के लिए एक राहत की बात है। विशेष रूप से शीतकालीन छुट्टियों के दौरान गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए यह एक उत्तम विकल्प साबित हो सकता है।

    इसके अलावा रेलवे का यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी योगदान दे रहा है क्योंकि यात्रा के लिए कम से कम संसाधनों का उपयोग होता है। ट्रेन से यात्रा करने से यात्री जल्दी और सुरक्षित रूप से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं साथ ही यह एक किफायती और सुरक्षित विकल्प भी है।

    इस शीतकालीन सीजन में गोवा जाने की योजना बनाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे द्वारा शुरू की गई शीतकालीन स्पेशल ट्रेन एक बेहतरीन विकल्प है। रेलवे का यह कदम न केवल यात्रियों की यात्रा को आरामदायक बनाएगा बल्कि उन्हें एक सुविधाजनक और विश्वसनीय यात्रा अनुभव भी प्रदान करेगा।