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  • मदीना को निशाना बनाने की कोशिश! हूती विद्रोहियों ने अदन में राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर दागी मिसाइलें

    मदीना को निशाना बनाने की कोशिश! हूती विद्रोहियों ने अदन में राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर दागी मिसाइलें


    नई दिल्ली। यमन के हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को हमलों की नई लहर शुरू की। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जबकि अदन में राष्ट्रपति भवन परिसर और हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की खबर है। हालांकि, हूती प्रवक्ता ने सऊदी अरब की ओर ड्रोन भेजने के आरोपों को खारिज किया है।

    हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने शुक्रवार को बताया कि उसने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद (मस्जिद-ए-नबवी) स्थित है, जो इस्लाम के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। इससे पहले गठबंधन ने मक्का क्षेत्र में भी एक ड्रोन को रोकने की जानकारी दी थी।

    अदन में राष्ट्रपति महल और हवाई अड्डे पर मिसाइलें

    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हूतियों ने दो मिसाइलों से अदन स्थित राष्ट्रपति महल को निशाना बनाया। यमन सरकार के एक सैन्य प्रवक्ता ने भी बताया कि शुक्रवार को अदन हवाई अड्डे और अल-माशीक राष्ट्रपति महल परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मिसाइलें अपने लक्ष्य पर लगीं या नहीं। हमले में किसी के हताहत होने या नुकसान की भी पुष्टि नहीं हुई है।

    दो प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति महल परिसर की ओर एम्बुलेंस जाते देखीं। इस परिसर में कई इमारतें हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे कुछ समय पहले शहर में दो धमाकों की आवाज भी सुनाई दी थी।

    दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का प्रमुख केंद्र है। वर्ष 2014 में हूतियों ने इस सरकार को राजधानी सना से बाहर कर दिया था। इसके बाद से यमन में संघर्ष जारी है और जुलाई में लड़ाई तेज होने के बाद अदन को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है।

    शुक्रवार के मिसाइल हमलों से पहले बुधवार को भी हूतियों ने अदन हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। इस हमले से पहले संगठन ने लोगों को हवाई अड्डे से दूर चले जाने की चेतावनी दी थी। यह हवाई अड्डा दक्षिणी यमन में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है।

    मक्का और मदीना के धार्मिक महत्व के कारण बढ़ी चिंता

    मक्का में ग्रैंड मस्जिद (मस्जिद अल-हरम) और काबा स्थित हैं, जबकि मदीना में पैगंबर की मस्जिद यानी मस्जिद-ए-नबवी है। इस्लाम में दोनों शहरों का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां हर साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और आगंतुक पहुंचते हैं।

    सऊदी अरब पहले भी हूतियों पर मक्का और मदीना के आसपास हमले की कोशिश करने का आरोप लगा चुका है। सितंबर में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि उसने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को रोककर नष्ट किया। गठबंधन के मुताबिक, यह ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसने इसे मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया था।

    हूतियों ने आरोपों को किया खारिज

    हूती संगठन ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोपों को बार-बार खारिज किया है। उसका कहना है कि उसके सैन्य अभियान सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक सीमित हैं।

    शुक्रवार को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सऊदी अरब की ओर ड्रोन भेजने के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने सऊदी क्षेत्र के खिलाफ कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया है। उनके मुताबिक, हूतियों के हमलों का निशाना केवल सऊदी अरब के तेल ठिकाने और सैन्य अड्डे रहे हैं। हूतियों ने सऊदी अरब पर हमलों के झूठे दावे गढ़ने का आरोप भी लगाया है।

  • दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी सुरक्षा चूक, बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस तीन इटालियन नागरिक म्यूनिख रवाना, एयर इंडिया को नोटिस

    दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी सुरक्षा चूक, बिना इमिग्रेशन क्लीयरेंस तीन इटालियन नागरिक म्यूनिख रवाना, एयर इंडिया को नोटिस

    नई दिल्ली ।दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था से जुड़ी गंभीर चूक का मामला सामने आया है। तीन इटालियन नागरिक बिना दिल्ली में अनिवार्य डिपार्चर इमिग्रेशन कराए ही विदेश रवाना हो गए। तीनों यात्री दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार हुए। मामले के सामने आने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और संबंधित व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी गई है।

    मामला 3 और 4 सितंबर की दरमियानी रात का बताया गया है। तीनों इटालियन नागरिक अमृतसर से एयर इंडिया की हब-एंड-स्पोक उड़ान AI-1115 से दिल्ली पहुंचे थे। यह विमान रात करीब 12:50 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा। दिल्ली पहुंचने के बाद तीनों यात्रियों को डोमेस्टिक बोर्डिंग पास जारी किया गया था।

    इसके बावजूद यात्रियों को गलत तरीके से इंटरनेशनल ट्रांसफर क्षेत्र में पहुंचा दिया गया। वहां से वे सीधे अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर जोन तक पहुंच गए। इसके बाद 4 सितंबर की तड़के करीब 1:45 बजे तीनों लुफ्थांसा की उड़ान LH-763 से म्यूनिख के लिए रवाना हो गए। खास बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्होंने दिल्ली में डिपार्चर इमिग्रेशन क्लीयरेंस नहीं कराया।

    मामले में सबसे बड़ा सवाल एयरपोर्ट पर लागू मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP को लेकर उठ रहा है। यात्रियों के पास डोमेस्टिक बोर्डिंग पास होने के बावजूद वे इंटरनेशनल डिपार्चर क्षेत्र तक कैसे पहुंच गए और उन्हें वहां जाने से रोकने वाली व्यवस्था ने काम क्यों नहीं किया, इसकी जांच की जा रही है।

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालन से संबंधित SOP में पांच व्यवस्थाओं के कथित उल्लंघन को चिन्हित किया है। इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अलग रखना, केवल ‘I’ बोर्डिंग पास वाले यात्रियों को इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर डेस्क तक जाने की अनुमति देना और हब तथा स्पोक एयरपोर्ट पर चौबीसों घंटे नोडल अधिकारी एवं मॉनिटरिंग टीम की व्यवस्था शामिल है।

    मंत्रालय के अनुसार इस मामले में यात्रियों की निगरानी और उन्हें निर्धारित मार्ग से भेजने की व्यवस्था प्रभावी तरीके से काम नहीं कर सकी। इसी वजह से तीन यात्री उस प्रक्रिया को पार कर अंतरराष्ट्रीय उड़ान तक पहुंच गए, जिसे उनके लिए लागू नहीं होना चाहिए था।

    घटना को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया से जवाब मांगा है। एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी कर मामले में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यात्रियों के गलत मार्ग से इंटरनेशनल डिपार्चर तक पहुंचने के पीछे किस स्तर पर चूक हुई।

    मामले में गृह मंत्रालय ने भी गंभीरता दिखाई है। गृह मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों की मंगलवार शाम एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में घटना से जुड़े सुरक्षा और इमिग्रेशन पहलुओं पर चर्चा किए जाने की बात सामने आई है।

    फिलहाल जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि तीनों यात्रियों को घरेलू बोर्डिंग पास के बावजूद अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र तक पहुंचने की अनुमति कैसे मिली। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में एयरलाइन स्टाफ की लापरवाही थी या एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा और संबंधित एजेंसियों की व्यवस्था में कमी रही।

    मामला सामने आने के बाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही, बोर्डिंग पास की जांच और घरेलू से अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है और आगे ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

  • दिल्ली में भारी बारिश से हवाई यातायात प्रभावित, आईजीआई एयरपोर्ट पर 200 से अधिक उड़ानें हुईं लेट, यात्रियों को एडवाइजरी जारी

    दिल्ली में भारी बारिश से हवाई यातायात प्रभावित, आईजीआई एयरपोर्ट पर 200 से अधिक उड़ानें हुईं लेट, यात्रियों को एडवाइजरी जारी

    नई दिल्ली । दिल्ली में शनिवार को तेज बारिश और खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 5 सितंबर को 200 से अधिक उड़ानों के देरी से संचालित होने की जानकारी सामने आई। मौसम की स्थिति के कारण आने और जाने वाली कई उड़ानों के समय में बदलाव हुआ, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    खराब मौसम के चलते कुछ उड़ानों के दिल्ली पहुंचने में एक घंटे से अधिक की देरी हुई, जबकि कई प्रस्थान करने वाली उड़ानें करीब डेढ़ घंटे तक विलंबित रहीं। बारिश की स्थिति को देखते हुए एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी उड़ान की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

    एयरलाइंस ने यात्रियों से कहा है कि वे घर से एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर देख लें। मौसम में बदलाव के कारण उड़ानों के समय में अचानक परिवर्तन हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जानकारी हासिल करने की सलाह दी गई है।

    इंडिगो ने भी खराब मौसम को लेकर यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। एयरलाइन ने बताया कि दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानों पर मौसम का असर पड़ सकता है और कुछ फ्लाइट्स देरी से संचालित हो सकती हैं। यात्रियों से अपील की गई कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें।

    बारिश का असर केवल एयरपोर्ट के रनवे और हवाई संचालन तक सीमित नहीं है। दिल्ली में कई इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। एयरपोर्ट की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की संख्या बढ़ने और ट्रैफिक धीमा होने की स्थिति में यात्रियों को सामान्य से अधिक समय लग सकता है।

    यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए घर से पर्याप्त समय लेकर निकलें। रास्ते में बारिश और ट्रैफिक के कारण होने वाली संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय रखना जरूरी है। इससे उड़ान के लिए निर्धारित चेक-इन और बोर्डिंग समय पर एयरपोर्ट पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    एयरलाइंस और एयरपोर्ट से जुड़ी टीमें मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। परिस्थितियों के अनुसार उड़ानों के संचालन और समय में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। खराब मौसम की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानों के संचालन से जुड़े फैसले लिए जाते हैं।

    दिल्ली में बारिश के कारण शनिवार को हवाई यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह यही है कि वे केवल टिकट पर दिए गए निर्धारित समय के आधार पर यात्रा की योजना न बनाएं। एयरपोर्ट रवाना होने से पहले फ्लाइट का लाइव स्टेटस जांचना और मौसम तथा सड़क यातायात की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।

    यात्रियों से एयरलाइंस ने सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। मौसम सामान्य होने के साथ उड़ानों का संचालन भी धीरे-धीरे नियमित होने की उम्मीद है, लेकिन जिन यात्रियों की शनिवार को दिल्ली से उड़ान है, उन्हें एयरपोर्ट जाने से पहले ताजा अपडेट जरूर देखना चाहिए।

  • चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में चेन्नई के पास परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को रद्द करने की घोषणा की। इस फैसले के साथ चेन्नई में दूसरे हवाई अड्डे के निर्माण की योजना फिलहाल रोक दी गई है। सरकार के निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में इस परियोजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दल डीएमके ने विजय सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए परियोजना से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की है।

    मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा कि चेन्नई का मौजूदा मीनमबक्कम हवाई अड्डा वर्तमान में यात्रियों की जरूरतों को संभालने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक शहर की मौजूदा जरूरतों को देखते हुए अभी नए हवाई अड्डे की तत्काल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने औद्योगिक विकास और कार्गो परिवहन से जुड़ी भविष्य की जरूरतों का भी उल्लेख किया।

    विजय ने कहा कि यदि आने वाले समय में चेन्नई के लिए नए हवाई अड्डे की जरूरत महसूस होती है तो उसके लिए ऐसी जगह का चयन किया जाना चाहिए, जहां कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। सरकार के इस रुख को परंदूर परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    चेन्नई से करीब 70 किलोमीटर दूर परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विरोध होता रहा था। स्थानीय लोगों और किसानों की ओर से बहुफसली उपजाऊ कृषि भूमि के संभावित नुकसान को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके अलावा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव और परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले इलाकों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

    मुख्यमंत्री विजय विधानसभा चुनाव से पहले भी परंदूर एयरपोर्ट परियोजना के विरोध में स्थानीय लोगों और किसानों के साथ खड़े दिखाई दिए थे। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर अभियान चलाया था। अब सत्ता में आने के बाद परियोजना को रद्द करने की घोषणा को उनके पहले के राजनीतिक रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।

    हालांकि, परियोजना रद्द किए जाने के बाद विवाद खत्म होने के बजाय राजनीतिक रूप से और तेज हो गया है। डीएमके ने विजय सरकार से मांग की है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई परंदूर एयरपोर्ट परियोजना से संबंधित सभी फाइलें सार्वजनिक की जाएं। विपक्ष का कहना है कि दस्तावेज सामने आने से परियोजना की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    डीएमके ने सरकार को इसके लिए एक सप्ताह का समय देने की बात कही है। विपक्ष के अनुसार यदि निर्धारित अवधि में फाइलें सार्वजनिक नहीं की गईं तो विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाएगा। डीएमके ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में परियोजना से संबंधित जानकारी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं की।

    इस बीच, चेन्नई की भविष्य की हवाई परिवहन जरूरतों को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। सरकार का कहना है कि मौजूदा हवाई अड्डे की क्षमता फिलहाल पर्याप्त है, जबकि भविष्य में आवश्यकता बढ़ने पर कम प्रभावित क्षेत्र में नई परियोजना पर विचार किया जा सकता है।

    परंदूर परियोजना को रद्द करने का फैसला विकास, पर्यावरण और कृषि भूमि के संरक्षण के बीच संतुलन से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आगे की राजनीतिक बहस विधानसभा में देखने को मिल सकती है। डीएमके की ओर से दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम के बाद परियोजना की फाइलें सार्वजनिक करने और सरकार के फैसले पर स्पष्टीकरण देने को लेकर विजय सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।

  • वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार जांच के दौरान यात्री की बंदूक से चली गोली, दो AAICLAS कर्मचारी घायल हुए

    वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार जांच के दौरान यात्री की बंदूक से चली गोली, दो AAICLAS कर्मचारी घायल हुए

    नई दिल्ली । वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हथियार की जांच के दौरान अचानक गोली चलने से अफरा तफरी मच गई। घटना में एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच से जुड़े दो AAICLAS स्क्रीनर्स घायल हो गए। दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोली चलने की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, एक यात्री अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने वाली फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। यात्री के पास बंदूक थी और उसने विमान यात्रा के दौरान हथियार ले जाने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को पहले ही दे दी थी। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत हथियार की जांच की जा रही थी।

    बताया गया है कि हथियार की जांच के दौरान अचानक बंदूक से एक राउंड फायर हो गया। गोली चलने के बाद एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना में सुरक्षा जांच का काम कर रहे दो AAICLAS स्क्रीनर्स घायल हो गए।

    घटना के तुरंत बाद दोनों घायल कर्मचारियों को न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। घायलों की स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर आगे जानकारी दी जा सकती है।

    जिस यात्री के हथियार से गोली चली, वह मुंबई जाने वाली IX-1810 फ्लाइट से यात्रा करने वाला था। वह अपनी पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचा था। हथियार साथ होने की जानकारी पहले से दिए जाने के बावजूद जांच के दौरान अचानक फायरिंग हो गई। इस कारण अब सुरक्षा प्रक्रिया और घटना की परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके से जुड़े घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बंदूक से गोली किस परिस्थिति में चली और हथियार की जांच के समय सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रियाओं का किस तरह पालन किया जा रहा था।

    पुलिस और संबंधित अधिकारी यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि फायरिंग के समय हथियार की स्थिति क्या थी और जांच के दौरान किन परिस्थितियों में अचानक एक राउंड फायर हुआ। मामले में उपलब्ध जानकारी और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील परिसर में हथियार की जांच के दौरान गोली चलने की घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, घटना के कारणों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान घायलों के उपचार और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने पर है।

    पुलिस की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग किस वजह से हुई और इस दौरान सुरक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर चूक हुई थी या नहीं। फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है और आगे की जानकारी जांच के आधार पर सामने आने की संभावना है।

  • US में आंशिक शटडाउन के कारण 450 अधिकारियों ने दिया इस्तीफा… एयरपोर्ट पर लगी लंबी कतारें

    US में आंशिक शटडाउन के कारण 450 अधिकारियों ने दिया इस्तीफा… एयरपोर्ट पर लगी लंबी कतारें


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) में आंशिक सरकारी शटडाउन (Partial Government Shutdown) शुरू होने के बाद से अब तक 450 से अधिक परिवहन सुरक्षा प्रशासन (TSA) अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। वेतन न मिलने की स्थिति में कर्मचारियों की अनुपस्थिति बढ़ने से अमेरिकी हवाई अड्डों (American Airports) पर लंबी कतारें लग गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने इस संकट से निपटने के लिए आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) अधिकारियों को एयरपोर्ट सुरक्षा ड्यूटी पर लगाने का आदेश दिया है, जिससे कुछ सांसदों में चिंता व्यक्त की जा रही है।

    सीनेटर गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के बजट गतिरोध को खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। इस समझौते में विभाग के अधिकांश कार्यों के लिए धन मुहैया कराने का प्रावधान है, जिसमें टीएसए के हवाई अड्डा कर्मचारियों को वेतन देना भी शामिल है। हालांकि, विवाद का मुख्य मुद्दा रहे अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICEA) के निष्कासन अभियानों को इस फंडिंग से बाहर रखा गया है। डीएचएस की देखरेख अब ओक्लाहोमा के सीनेटर मार्कवेन मुलिन कर रहे हैं, जिनके नामांकन को सीनेट ने सोमवार को 54-45 के मतभेद से मंजूरी दे दी। मुलिन ने खुद को स्थिर नेतृत्वकर्ता के रूप में पेश करते हुए कहा है कि विभाग को सुर्खियों से बाहर निकालना उनका प्रमुख लक्ष्य होगा।


    शिकागो के ओ’हेयर एयरपोर्ट पर दिखे आईसीई एजेंट्स

    मंगलवार को शिकागो के ओ’हेयर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा चौकी के पास हरे रंग की सामरिक जैकेट पहने संघीय अधिकारी टीएसए एजेंटों के साथ काम करते दिखे। एक अधिकारी की जैकेट पर आईसीई कर्मी की पहचान थी, जबकि दूसरे पर ‘संघीय एजेंट’ का बैज लगा था। एयरपोर्ट के पांच टर्मिनलों में से एक पर एक्स-रे मशीन के पास ये अधिकारी टीएसए टीम के साथ खड़े थे। हालांकि, ओ’हेयर पर सुरक्षा व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही थी और देरी के कोई बड़े संकेत नहीं थे। एसोसिएटेड प्रेस के फोटोग्राफर ने पांच एजेंटों को काली जैकेट में देखा, जो होमलैंड सिक्योरिटी अधिकारी लग रहे थे। ये एजेंट बाद में एक अलग टर्मिनल से होकर बाहर खड़ी गाड़ी में बैठ गए।


    शटडाउन के बाद टीएसए में भारी अनुपस्थिति

    डीएचएस के आंकड़ों के अनुसार, 14 फरवरी से शुरू हुए शटडाउन के बाद कम से कम 458 टीएसए अधिकारी पूरी तरह इस्तीफा दे चुके हैं। सोमवार को देशभर में टीएसए के लगभग 11 प्रतिशत यानी 3200 से अधिक कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे। कुछ प्रमुख हवाई अड्डों पर अनुपस्थिति दर तीन से चार गुना तक बढ़ गई…
    – ह्यूस्टन विलियम पी. हॉबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: 40%
    – अटलांटा हार्ट्सफील्ड-जैक्सन: 37%
    – ह्यूस्टन जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल: 36%
    – न्यूयॉर्क जॉन एफ. कैनेडी: 34%
    – न्यू ऑरलियन्स लुई आर्मस्ट्रांग: 35%
    – बाल्टीमोर-वाशिंगटन: 30%

    रिपोर्ट के अनुसार, ह्यूस्टन जॉर्ज बुश एयरपोर्ट पर मंगलवार को सामान्य स्क्रीनिंग के लिए औसत प्रतीक्षा समय चार घंटे तक पहुंच गया। मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने भी कुछ चेकपॉइंट्स पर प्रायोरिटी लेन अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। ह्यूस्टन जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल एयरपोर्ट ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा लाइन में लगने से पहले बाथरूम का इस्तेमाल कर लें, क्योंकि कतारें मेट्रो सुरंग तक लंबी हो सकती हैं, जहां शौचालय या खाने-पीने की सुविधा नहीं है। न्यूयॉर्क के लागार्डिया, जेएफके और न्यू जर्सी के न्यूआर्क एयरपोर्ट पर यात्रियों को मंगलवार सुबह भी ऑनलाइन लाइव प्रतीक्षा समय नहीं दिख रहा था।