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  • चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में चेन्नई के पास परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को रद्द करने की घोषणा की। इस फैसले के साथ चेन्नई में दूसरे हवाई अड्डे के निर्माण की योजना फिलहाल रोक दी गई है। सरकार के निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में इस परियोजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दल डीएमके ने विजय सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए परियोजना से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की है।

    मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा कि चेन्नई का मौजूदा मीनमबक्कम हवाई अड्डा वर्तमान में यात्रियों की जरूरतों को संभालने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक शहर की मौजूदा जरूरतों को देखते हुए अभी नए हवाई अड्डे की तत्काल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने औद्योगिक विकास और कार्गो परिवहन से जुड़ी भविष्य की जरूरतों का भी उल्लेख किया।

    विजय ने कहा कि यदि आने वाले समय में चेन्नई के लिए नए हवाई अड्डे की जरूरत महसूस होती है तो उसके लिए ऐसी जगह का चयन किया जाना चाहिए, जहां कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। सरकार के इस रुख को परंदूर परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    चेन्नई से करीब 70 किलोमीटर दूर परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विरोध होता रहा था। स्थानीय लोगों और किसानों की ओर से बहुफसली उपजाऊ कृषि भूमि के संभावित नुकसान को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके अलावा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव और परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले इलाकों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

    मुख्यमंत्री विजय विधानसभा चुनाव से पहले भी परंदूर एयरपोर्ट परियोजना के विरोध में स्थानीय लोगों और किसानों के साथ खड़े दिखाई दिए थे। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर अभियान चलाया था। अब सत्ता में आने के बाद परियोजना को रद्द करने की घोषणा को उनके पहले के राजनीतिक रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।

    हालांकि, परियोजना रद्द किए जाने के बाद विवाद खत्म होने के बजाय राजनीतिक रूप से और तेज हो गया है। डीएमके ने विजय सरकार से मांग की है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई परंदूर एयरपोर्ट परियोजना से संबंधित सभी फाइलें सार्वजनिक की जाएं। विपक्ष का कहना है कि दस्तावेज सामने आने से परियोजना की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    डीएमके ने सरकार को इसके लिए एक सप्ताह का समय देने की बात कही है। विपक्ष के अनुसार यदि निर्धारित अवधि में फाइलें सार्वजनिक नहीं की गईं तो विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाएगा। डीएमके ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में परियोजना से संबंधित जानकारी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं की।

    इस बीच, चेन्नई की भविष्य की हवाई परिवहन जरूरतों को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। सरकार का कहना है कि मौजूदा हवाई अड्डे की क्षमता फिलहाल पर्याप्त है, जबकि भविष्य में आवश्यकता बढ़ने पर कम प्रभावित क्षेत्र में नई परियोजना पर विचार किया जा सकता है।

    परंदूर परियोजना को रद्द करने का फैसला विकास, पर्यावरण और कृषि भूमि के संरक्षण के बीच संतुलन से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आगे की राजनीतिक बहस विधानसभा में देखने को मिल सकती है। डीएमके की ओर से दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम के बाद परियोजना की फाइलें सार्वजनिक करने और सरकार के फैसले पर स्पष्टीकरण देने को लेकर विजय सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।

  • वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार जांच के दौरान यात्री की बंदूक से चली गोली, दो AAICLAS कर्मचारी घायल हुए

    वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार जांच के दौरान यात्री की बंदूक से चली गोली, दो AAICLAS कर्मचारी घायल हुए

    नई दिल्ली । वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हथियार की जांच के दौरान अचानक गोली चलने से अफरा तफरी मच गई। घटना में एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच से जुड़े दो AAICLAS स्क्रीनर्स घायल हो गए। दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोली चलने की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, एक यात्री अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने वाली फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। यात्री के पास बंदूक थी और उसने विमान यात्रा के दौरान हथियार ले जाने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को पहले ही दे दी थी। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत हथियार की जांच की जा रही थी।

    बताया गया है कि हथियार की जांच के दौरान अचानक बंदूक से एक राउंड फायर हो गया। गोली चलने के बाद एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना में सुरक्षा जांच का काम कर रहे दो AAICLAS स्क्रीनर्स घायल हो गए।

    घटना के तुरंत बाद दोनों घायल कर्मचारियों को न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। घायलों की स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर आगे जानकारी दी जा सकती है।

    जिस यात्री के हथियार से गोली चली, वह मुंबई जाने वाली IX-1810 फ्लाइट से यात्रा करने वाला था। वह अपनी पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचा था। हथियार साथ होने की जानकारी पहले से दिए जाने के बावजूद जांच के दौरान अचानक फायरिंग हो गई। इस कारण अब सुरक्षा प्रक्रिया और घटना की परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके से जुड़े घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बंदूक से गोली किस परिस्थिति में चली और हथियार की जांच के समय सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रियाओं का किस तरह पालन किया जा रहा था।

    पुलिस और संबंधित अधिकारी यह भी समझने की कोशिश कर रहे हैं कि फायरिंग के समय हथियार की स्थिति क्या थी और जांच के दौरान किन परिस्थितियों में अचानक एक राउंड फायर हुआ। मामले में उपलब्ध जानकारी और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील परिसर में हथियार की जांच के दौरान गोली चलने की घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, घटना के कारणों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान घायलों के उपचार और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने पर है।

    पुलिस की जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग किस वजह से हुई और इस दौरान सुरक्षा प्रक्रिया में किसी स्तर पर चूक हुई थी या नहीं। फिलहाल मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है और आगे की जानकारी जांच के आधार पर सामने आने की संभावना है।

  • US में आंशिक शटडाउन के कारण 450 अधिकारियों ने दिया इस्तीफा… एयरपोर्ट पर लगी लंबी कतारें

    US में आंशिक शटडाउन के कारण 450 अधिकारियों ने दिया इस्तीफा… एयरपोर्ट पर लगी लंबी कतारें


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) में आंशिक सरकारी शटडाउन (Partial Government Shutdown) शुरू होने के बाद से अब तक 450 से अधिक परिवहन सुरक्षा प्रशासन (TSA) अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। वेतन न मिलने की स्थिति में कर्मचारियों की अनुपस्थिति बढ़ने से अमेरिकी हवाई अड्डों (American Airports) पर लंबी कतारें लग गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने इस संकट से निपटने के लिए आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) अधिकारियों को एयरपोर्ट सुरक्षा ड्यूटी पर लगाने का आदेश दिया है, जिससे कुछ सांसदों में चिंता व्यक्त की जा रही है।

    सीनेटर गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के बजट गतिरोध को खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। इस समझौते में विभाग के अधिकांश कार्यों के लिए धन मुहैया कराने का प्रावधान है, जिसमें टीएसए के हवाई अड्डा कर्मचारियों को वेतन देना भी शामिल है। हालांकि, विवाद का मुख्य मुद्दा रहे अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICEA) के निष्कासन अभियानों को इस फंडिंग से बाहर रखा गया है। डीएचएस की देखरेख अब ओक्लाहोमा के सीनेटर मार्कवेन मुलिन कर रहे हैं, जिनके नामांकन को सीनेट ने सोमवार को 54-45 के मतभेद से मंजूरी दे दी। मुलिन ने खुद को स्थिर नेतृत्वकर्ता के रूप में पेश करते हुए कहा है कि विभाग को सुर्खियों से बाहर निकालना उनका प्रमुख लक्ष्य होगा।


    शिकागो के ओ’हेयर एयरपोर्ट पर दिखे आईसीई एजेंट्स

    मंगलवार को शिकागो के ओ’हेयर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा चौकी के पास हरे रंग की सामरिक जैकेट पहने संघीय अधिकारी टीएसए एजेंटों के साथ काम करते दिखे। एक अधिकारी की जैकेट पर आईसीई कर्मी की पहचान थी, जबकि दूसरे पर ‘संघीय एजेंट’ का बैज लगा था। एयरपोर्ट के पांच टर्मिनलों में से एक पर एक्स-रे मशीन के पास ये अधिकारी टीएसए टीम के साथ खड़े थे। हालांकि, ओ’हेयर पर सुरक्षा व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही थी और देरी के कोई बड़े संकेत नहीं थे। एसोसिएटेड प्रेस के फोटोग्राफर ने पांच एजेंटों को काली जैकेट में देखा, जो होमलैंड सिक्योरिटी अधिकारी लग रहे थे। ये एजेंट बाद में एक अलग टर्मिनल से होकर बाहर खड़ी गाड़ी में बैठ गए।


    शटडाउन के बाद टीएसए में भारी अनुपस्थिति

    डीएचएस के आंकड़ों के अनुसार, 14 फरवरी से शुरू हुए शटडाउन के बाद कम से कम 458 टीएसए अधिकारी पूरी तरह इस्तीफा दे चुके हैं। सोमवार को देशभर में टीएसए के लगभग 11 प्रतिशत यानी 3200 से अधिक कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे। कुछ प्रमुख हवाई अड्डों पर अनुपस्थिति दर तीन से चार गुना तक बढ़ गई…
    – ह्यूस्टन विलियम पी. हॉबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: 40%
    – अटलांटा हार्ट्सफील्ड-जैक्सन: 37%
    – ह्यूस्टन जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल: 36%
    – न्यूयॉर्क जॉन एफ. कैनेडी: 34%
    – न्यू ऑरलियन्स लुई आर्मस्ट्रांग: 35%
    – बाल्टीमोर-वाशिंगटन: 30%

    रिपोर्ट के अनुसार, ह्यूस्टन जॉर्ज बुश एयरपोर्ट पर मंगलवार को सामान्य स्क्रीनिंग के लिए औसत प्रतीक्षा समय चार घंटे तक पहुंच गया। मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने भी कुछ चेकपॉइंट्स पर प्रायोरिटी लेन अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। ह्यूस्टन जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल एयरपोर्ट ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा लाइन में लगने से पहले बाथरूम का इस्तेमाल कर लें, क्योंकि कतारें मेट्रो सुरंग तक लंबी हो सकती हैं, जहां शौचालय या खाने-पीने की सुविधा नहीं है। न्यूयॉर्क के लागार्डिया, जेएफके और न्यू जर्सी के न्यूआर्क एयरपोर्ट पर यात्रियों को मंगलवार सुबह भी ऑनलाइन लाइव प्रतीक्षा समय नहीं दिख रहा था।