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  • 85 टेस्ट के अनुभवी रहाणे अब बताएंगे क्रिकेट की बारीकियां, श्रीलंका सीरीज से कमेंट्री बॉक्स में एंट्री

    85 टेस्ट के अनुभवी रहाणे अब बताएंगे क्रिकेट की बारीकियां, श्रीलंका सीरीज से कमेंट्री बॉक्स में एंट्री


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने मैदान को अलविदा कहने के बाद अब क्रिकेट से जुड़ी अपनी नई पारी शुरू करने की तैयारी कर ली है। 38 वर्षीय रहाणे भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज से कमेंट्री की दुनिया में कदम रखेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाना है और इसी मुकाबले से रहाणे कमेंट्री बॉक्स में अपनी नई भूमिका निभाते नजर आएंगे।

    रहाणे ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। 30 जुलाई 2026 को क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद अब वह अपने लंबे खेल अनुभव को एक अलग अंदाज में क्रिकेट फैंस तक पहुंचाएंगे। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले रहाणे अब बल्ले की जगह माइक के जरिए खेल की रणनीतियों और बारीकियों पर अपनी राय साझा करेंगे।

    कमेंट्री में डेब्यू को लेकर रहाणे ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट कमेंट्री में डेब्यू करने को लेकर वह उत्साहित हैं। उनके मुताबिक टेस्ट क्रिकेट खेल का शिखर है और इतने वर्षों तक इस फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद अब खेल को एक अलग नजरिए से देखना उनके लिए सौभाग्य की बात है। रहाणे ने यह भी कहा कि वह अपने अनुभव को फैंस के साथ साझा करना चाहते हैं और उन फैसलों तथा रणनीतियों को समझाने की कोशिश करेंगे जो टेस्ट मैच की दिशा तय करते हैं।

    रहाणे का कमेंट्री में पदार्पण इसलिए भी खास है क्योंकि उनका क्रिकेट करियर मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट से गहराई से जुड़ा रहा है। उन्होंने 2013 में टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए डेब्यू किया था। इससे पहले 2011 में उन्होंने वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2023 में टेस्ट मैच के रूप में आया था।

    अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 144 पारियों में 12 शतक और 26 अर्धशतक की मदद से 5,077 रन बनाए। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 3 शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2,962 रन दर्ज हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने एक अर्धशतक की मदद से 375 रन बनाए।

    रहाणे की पहचान भारतीय क्रिकेट में एक भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर रही है। मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य के साथ बल्लेबाजी करने और टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने उन्हें खास पहचान दिलाई। अब वही अनुभव कमेंट्री के दौरान उनके लिए सबसे बड़ा हथियार होगा। टेस्ट क्रिकेट की रणनीति, बल्लेबाजों की तकनीक, गेंदबाजों की योजना और मैच के दौरान लिए जाने वाले फैसलों पर उनकी राय फैंस के लिए दिलचस्प हो सकती है।

    भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज से रहाणे की नई भूमिका की शुरुआत ऐसे समय हो रही है जब वह खुद हाल ही में पेशेवर क्रिकेट से अलग हुए हैं। मैदान पर वर्षों के अनुभव के बाद अब कमेंट्री बॉक्स में उनका नजरिया क्रिकेट प्रेमियों को खेल को और करीब से समझने का मौका दे सकता है। ऐसे में रहाणे के फैंस के लिए यह उनके पसंदीदा क्रिकेटर को एक नए अंदाज में देखने का खास मौका होगा।

  • भारत का सबसे महान क्रिकेटर कौन? अजिंक्य रहाणे ने लिया सचिन तेंदुलकर का नाम, बताया क्यों हैं सभी युगों के महान खिलाड़ी

    भारत का सबसे महान क्रिकेटर कौन? अजिंक्य रहाणे ने लिया सचिन तेंदुलकर का नाम, बताया क्यों हैं सभी युगों के महान खिलाड़ी


    नई दिल्ली। भारत में क्रिकेट को लेकर जब भी महान खिलाड़ियों की चर्चा होती है तो सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे नाम सबसे पहले सामने आते हैं। दोनों ने अलग अलग दौर में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयां दी हैं और दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में जब पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे से भारत के सबसे महान क्रिकेटर का नाम पूछा गया तो उनके सामने आसान सवाल नहीं था। हालांकि काफी सोचने के बाद रहाणे ने जिस खिलाड़ी का नाम लिया वह क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर हैं।

    हाल ही में क्रिकेट से संन्यास लेने वाले अजिंक्य रहाणे ने स्टिक टू क्रिकेट के एक एपिसोड में भारत के ऑल टाइम महान क्रिकेटर को लेकर अपनी पसंद बताई। उनसे जब पूछा गया कि भारत का अब तक का सबसे महान क्रिकेटर कौन है तो उन्होंने कहा कि एक नाम चुनना काफी मुश्किल है लेकिन शायद सचिन तेंदुलकर। रहाणे ने सचिन को सभी युगों का महान खिलाड़ी बताया। उनके इस जवाब ने एक बार फिर सचिन तेंदुलकर की महानता और भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को चर्चा के केंद्र में ला दिया।

    रहाणे की सचिन से मुलाकात केवल एक प्रशंसक और महान खिलाड़ी के तौर पर नहीं रही है। उन्हें कई बार सचिन के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका भी मिला। रहाणे ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और इसके बाद भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत के मजबूत मध्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विराट कोहली तथा चेतेश्वर पुजारा जैसे खिलाड़ियों के साथ लंबे समय तक टीम का हिस्सा रहे।

    सचिन के साथ रहाणे का जुड़ाव घरेलू क्रिकेट और आईपीएल तक भी रहा। 2009 के आईपीएल सीजन में दोनों मुंबई इंडियंस की टीम में साथ थे। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में भी दोनों ने मुंबई के लिए साथ खेला। रहाणे को भारत की ओर से सचिन के साथ टेस्ट मैच खेलने का अवसर भी मिला। ऐसे में सचिन के खेल को करीब से देखने वाले रहाणे के लिए उन्हें भारत का महानतम क्रिकेटर चुनना काफी खास माना जा रहा है।

    सचिन तेंदुलकर का अंतरराष्ट्रीय करियर करीब 24 वर्षों तक चला। उन्होंने 1989 में महज 16 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय क्रिकेट को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाईं। सचिन ने कुल 664 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जिनमें 200 टेस्ट 463 वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला शामिल है।

    टेस्ट क्रिकेट में सचिन के नाम 15,921 रन हैं जबकि वनडे क्रिकेट में उन्होंने 18,426 रन बनाए। वह टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में लंबे समय तक सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उनका नाम क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड के साथ दर्ज है जिन्हें हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद कठिन माना जाता है। वह दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने 200 टेस्ट मैच खेले हैं।

    सचिन के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2011 वनडे विश्व कप जीत भी शामिल है। भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर विश्व कप अपने नाम किया और सचिन के लिए यह ट्रॉफी उनके लंबे करियर की सबसे भावुक उपलब्धियों में से एक रही। उन्होंने वर्षों तक विश्व कप जीतने का सपना देखा था और आखिरकार 2011 में यह सपना पूरा हुआ।

    विराट कोहली भी आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाजों में शामिल हैं और उनकी उपलब्धियों की तुलना अक्सर सचिन से की जाती है। इसके बावजूद रहाणे ने अपने ऑल टाइम महान क्रिकेटर के रूप में सचिन का नाम चुना है। उनका यह चयन इस बात को दर्शाता है कि सचिन तेंदुलकर का प्रभाव केवल उनके आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने कई पीढ़ियों के क्रिकेटरों को प्रेरित किया है।

  • 'कैप नंबर 278 अब यहीं तक': अजिंक्य रहाणे ने लिया संन्यास, भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद बल्लेबाज बोला अलविदा

    'कैप नंबर 278 अब यहीं तक': अजिंक्य रहाणे ने लिया संन्यास, भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद बल्लेबाज बोला अलविदा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे शांत, संयमित और भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जाने वाले अजिंक्य रहाणे ने आखिरकार क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। 2020-21 की ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टीम इंडिया को अविस्मरणीय जीत दिलाने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अपने दो दशक लंबे क्रिकेट सफर को विराम दिया। उनके इस फैसले के साथ भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा अध्याय समाप्त हो गया, जिसे साहस, धैर्य और टीम भावना के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

    संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने लिखा कि कैप नंबर 278 अब यहीं तक है। उन्होंने अपने प्रशंसकों, साथियों और भारतीय क्रिकेट से जुड़े हर व्यक्ति का आभार जताते हुए कहा कि हर शुरुआत का एक अंत होता है और उन्हें लगता है कि अब आगे बढ़ने का यही सही समय है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी में हमेशा सही टाइमिंग पर भरोसा किया और अब संन्यास लेने के लिए भी यही सही समय है।

    मुंबई के डोंबिवली से निकलकर भारतीय टीम तक का सफर तय करने वाले रहाणे ने कहा कि उनका बचपन सिर्फ एक सपना लेकर बीता कि एक दिन भारत की जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने हमेशा देश और टीम को खुद से ऊपर रखा और पूरी ईमानदारी के साथ क्रिकेट खेला। उनका मानना रहा कि अगर नीयत साफ हो तो खेल हमेशा आपका साथ देता है।

    रहाणे के करियर का सबसे स्वर्णिम अध्याय 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा माना जाता है। एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर ऑलआउट होने और विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद टीम पूरी तरह दबाव में थी। ऐसे मुश्किल समय में रहाणे ने कप्तानी संभाली और मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शानदार शतक लगाकर टीम में नया आत्मविश्वास भरा। उनकी कप्तानी में युवा और चोटों से जूझ रही भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया। यही वजह है कि उन्हें आज भी मेलबर्न का हीरो कहा जाता है।

    रहाणे लंबे समय तक विदेशी परिस्थितियों में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5077 रन, 12 शतक और 26 अर्धशतक दर्ज हैं। वनडे में उन्होंने 2962 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और 24 अर्धशतक शामिल रहे। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 375 रन बनाए। तीनों प्रारूपों को मिलाकर रहाणे ने भारत के लिए 8414 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए और 15 शतक जड़े।

    वह 2015 विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे। इसके अलावा 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में भी उन्होंने भारत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी टेस्ट खेलने के बाद उन्हें टीम में दोबारा मौका नहीं मिला। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर वापसी की कोशिश की, लेकिन राष्ट्रीय टीम में वापसी का सपना पूरा नहीं हो सका।

    अपने विदाई संदेश में रहाणे ने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें जीत भी दिखाई और हार भी, लेकिन एक जगह वह कभी नहीं हारे और वह था लोगों का प्यार। उन्होंने कहा कि अब वह अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को अपने अनुभव और खेल से सीखे गए मूल्यों को देना चाहते हैं ताकि भारतीय क्रिकेट आगे भी नई ऊंचाइयों को छूता रहे।

    अजिंक्य रहाणे भले ही मैदान पर अब बल्लेबाजी करते नजर नहीं आएंगे, लेकिन उनकी शांत कप्तानी, कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने का जज्बा और मेलबर्न में खेली गई ऐतिहासिक पारी भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगी।

  • IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव

    IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव


    नई दिल्ली। अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे आईपीएल 2026 के 51वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) आमने-सामने हैं। टॉस के दौरान केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जीत हासिल करते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
    टॉस जीतने के बाद अजिंक्य रहाणे ने कहा कि पिच को पढ़ना आसान नहीं है और पिछले कुछ मैचों में विकेट के व्यवहार को देखते हुए पहले गेंदबाजी करना बेहतर विकल्प रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है।
    दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में दो अहम बदलाव किए हैं। विपराज निगम को करुण नायर की जगह शामिल किया गया है, जबकि मुकेश कुमार को नटराजन के स्थान पर मौका मिला है। कप्तान अक्षर पटेल ने कहा कि दिल्ली की पिच पर पहले बल्लेबाजी करना फायदेमंद रहता है, लेकिन टीम संतुलन को देखते हुए तीन स्पिनरों के साथ उतर रही है।
    दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है क्योंकि टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए हर हाल में जीत जरूरी है। अब तक खेले गए 10 मैचों में दिल्ली ने 4 जीत और 6 हार दर्ज की हैं। टीम का बल्लेबाजी क्रम निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पाया है, जबकि गेंदबाजी में भी स्थिरता की कमी दिखी है।
    वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन मिश्रित रहा है। 9 मैचों में केवल 3 जीत के साथ टीम अंक तालिका में नीचे है, हालांकि पिछले तीन मुकाबलों में लगातार जीत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। रिंकू सिंह और वरुण चक्रवर्ती इस समय अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं, जबकि गेंदबाजी में भी टीम ने सुधार दिखाया है।
    केकेआर की प्लेइंग इलेवन में सुनील नरेन, कैमरून ग्रीन और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं, जो टीम को मजबूत संतुलन प्रदान कर रहे हैं। दिल्ली की टीम में केएल राहुल, अक्षर पटेल और मिचेल स्टार्क जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
    अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या केकेआर की जीत की लय जारी रहती है या दिल्ली कैपिटल्स प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने में सफल होती है।
  • खराब फॉर्म ने बढ़ाई चिंता, क्या 2026 होगा आखिरी सीजन?

    खराब फॉर्म ने बढ़ाई चिंता, क्या 2026 होगा आखिरी सीजन?

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार रहे अजिंक्य रहाणे के लिए मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान के तौर पर मैदान में उतर रहे रहाणे का बल्ला इस साल पूरी तरह खामोश है, जिसके चलते क्रिकेट गलियारों में अब उनके आईपीएल करियर के अंत की चर्चाएं तेज हो गई हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनके प्रदर्शन में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो साल 2027 के मेगा ऑक्शन में इस दिग्गज खिलाड़ी को कोई भी फ्रेंचाइजी खरीदने का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी।

    अजिंक्य रहाणे को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 1.5 करोड़ रुपये की कीमत पर रिटेन किया था और उन पर कप्तानी का भरोसा भी जताया था। हालांकि, टीम के नेतृत्व में तो वह अपनी सूझबूझ दिखा रहे हैं, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के मोर्चे पर वह बुरी तरह विफल रहे हैं। मौजूदा सीजन में खेले गए अब तक के 8 मैचों में रहाणे ने मात्र 23.14 की औसत से केवल 162 रन बनाए हैं। उनके स्कोर कार्ड पर नजर डालें तो 67 रनों की एक पारी को छोड़कर बाकी मैचों में वह 8, 41, 28 और शून्य जैसे अंकों पर आउट हुए हैं। रविवार को लखनऊ के खिलाफ हुए मैच में भी वह 15 गेंदों पर केवल 10 रन ही बना सके, जिसने टीम की मुश्किलों को बढ़ाया।

    आईपीएल के इतिहास में रहाणे का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने अब तक 206 मैचों में 30.2 की औसत से 5194 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। लेकिन क्रिकेट की दुनिया में वर्तमान फॉर्म सबसे अधिक मायने रखती है। बढ़ती उम्र और टी-20 फॉर्मेट की मांग के अनुसार घटते स्ट्राइक रेट ने उनकी जगह पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। कोलकाता की टीम जिस आक्रामक खेल के लिए जानी जाती है, उसमें रहाणे की धीमी बल्लेबाजी फिट नहीं बैठ रही है। ऐसे में पूरी संभावना है कि आगामी सीजन से पहले टीम उन्हें रिलीज कर दे।

    आगामी समय में होने वाले मेगा ऑक्शन के दौरान सभी टीमें भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए युवाओं पर दांव लगाना पसंद करेंगी। रहाणे जैसे अनुभवी खिलाड़ी के लिए खराब फॉर्म के साथ ऑक्शन पूल में जाना एक बड़ा खतरा हो सकता है। यदि अगले कुछ मैचों में रहाणे कोई बड़ी और प्रभावपूर्ण पारी नहीं खेलते हैं, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि 2026 उनके सुनहरे आईपीएल सफर का अंतिम पड़ाव साबित हो सकता है। फिलहाल, टीम मैनेजमेंट और प्रशंसकों की नजरें उनके अगले प्रदर्शन पर टिकी हैं, जो उनके भविष्य का फैसला करेगा।

  • हार के बाद खुलासा: KKR की नाकामी पर कप्तान अंजिक्य रहाणे का बड़ा बयान

    हार के बाद खुलासा: KKR की नाकामी पर कप्तान अंजिक्य रहाणे का बड़ा बयान

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का खराब प्रदर्शन जारी है। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 32 रन की हार के बाद टीम को इस सीजन में चौथी हार झेलनी पड़ी, जबकि एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा। इस हार के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टीम की असफलता की असली वजह साफ तौर पर बताई।
    रहाणे ने बल्लेबाजी को बताया सबसे बड़ी कमजोरी
    मैच के बाद रहाणे ने माना कि KKR की हार की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजी रही। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए CSK को 200 रन से नीचे रोक दिया, जो इस पिच पर अच्छा प्रयास था। लेकिन बल्लेबाजी यूनिट इसका फायदा नहीं उठा पाई।
    पावरप्ले में धीमी शुरुआत बनी हार की वजह
    KKR की पारी की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले में धीमी शुरुआत रही। टीम शुरुआती ओवरों में सिर्फ 36-37 रन ही बना सकी, जिससे रनचेज का दबाव लगातार बढ़ता गया। रहाणे के मुताबिक बल्लेबाजों को न तो मोमेंटम मिला और न ही कोई साझेदारी बन पाई, जो हार का मुख्य कारण बना।
    गेंदबाजों की तारीफ, लेकिन बल्लेबाजों पर सवाल
    जहां कप्तान ने गेंदबाजों के प्रदर्शन की सराहना की, वहीं बल्लेबाजी यूनिट पर सीधा सवाल उठाया। उनका कहना था कि जब गेंदबाजों ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा, तब बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी।
    टीम का मनोबल बनाए रखने की अपील
    लगातार हार के बावजूद रहाणे ने खिलाड़ियों से सकारात्मक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कठिन समय है, लेकिन टीम को हर मैच में सुधार करते हुए आगे बढ़ना होगा और आत्मविश्वास बनाए रखना होगा।
    कार्तिक त्यागी की जमकर तारीफ
    हार के बीच रहाणे ने युवा तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी की विशेष तारीफ की। उन्होंने कहा कि त्यागी लगातार मेहनत कर रहे हैं और 148 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं, जो टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
    CSK की रणनीति और मजबूत गेंदबाजी
    दूसरी ओर CSK के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने टीम की जीत पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम धीरे-धीरे अपनी लय में आ रही है और खिलाड़ी अपने रोल को बेहतर तरीके से समझ रहे हैं। गेंदबाज नूर अहमद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके और KKR की रनचेज को पूरी तरह रोक दिया।
    KKR का लगातार गिरता प्रदर्शन
    इस हार के साथ KKR का सीजन बेहद खराब चल रहा है। टीम 5 में से 4 मैच हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया है। लगातार खराब प्रदर्शन ने टीम की प्लेऑफ उम्मीदों को भी मुश्किल में डाल दिया है।