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  • Canada के अल्बर्टा सैन्य अड्डे पर लगी भीषण आग….. कई लोगों की मौत

    Canada के अल्बर्टा सैन्य अड्डे पर लगी भीषण आग….. कई लोगों की मौत


    टोरंटो।
    कनाडा (Canada) के अल्बर्टा प्रांत ( of Alberta) में स्थित सैन्य अड्डे ( Canadian Military Base ) पर एक गंभीर घटना के बाद भीषण आग लग गई। इस घटना में कई लोगों की मौत हुई है और अन्य घायल हुए हैं। कनाडा के रक्षा मंत्री डेविड मैकगिन्टी (Defence Minister David McGinty) ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने मृतकों और घायलों की संख्या या घटना के कारणों का खुलासा नहीं किया है।

    एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, आग तेज हवाओं के कारण तेजी से फैल रही है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आग सैन्य अड्डे की बाड़ पार कर आसपास के इलाके की ओर बढ़ गई थी। कई क्षेत्रों के अग्निशमन दल आग बुझाने के अभियान में जुटे हैं। फिलहाल, प्रशासन ने आसपास के लोगों के लिए किसी तरह का निकासी आदेश जारी नहीं किया है।


    रक्षा मंत्री बोले- स्थिति बेहद संवेदनशील

    कनाडा के रक्षा मंत्री डेविड मैकगिन्टी ने कहा कि सैन्य अड्डे पर हुई घटना में लोगों की जान गई है और कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा “मुझे यह बताते हुए दुख हो रहा है कि सैन्य अड्डे पर हुई घटना के परिणामस्वरूप लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल भी हुए हैं।”

    मैकगिन्टी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थिति को बेहद सक्रिय और संवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारी अभी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर हुआ क्या था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मामले में आगे और जानकारी दी जाएगी। रक्षा मंत्री के मुताबिक, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस भी जांच में शामिल है।


    तेज हवाओं के कारण तेजी से फैल रही आग

    वेनराइट के म्युनिसिपल डिस्ट्रिक्ट ने बताया कि शनिवार को आग सैन्य अड्डे की बाड़ पार कर गई और तेज हवाओं के कारण तेजी से फैलने लगी। आग पर काबू पाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से अग्निशमन दल बुलाए गए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कनाडाई सशस्त्र बलों के साथ संघीय, प्रांतीय और स्थानीय अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं। आसपास के वेनराइट समुदाय की ओर से अस्पताल और अग्निशमन संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।


    पीएम कार्नी ने बताया गंभीर घटना

    कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अल्बर्टा स्थित सीएफबी वेनराइट सैन्य अड्डे पर आग लगने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक गंभीर घटना के कारण यहां बड़ी आग लगी है। कार्नी ने घटना से प्रभावित सभी महिला और पुरुष सैन्यकर्मियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सोच और प्रार्थनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं। वहीं, अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने आग को गंभीर और दुखद घटना बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना से कई सैन्यकर्मी प्रभावित हुए हैं। संघीय और प्रांतीय प्रशासन के अधिकारी राहत एवं आपातकालीन कार्रवाई के समन्वय में जुटे हैं।

    कनाडा के प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों में शामिल है वेनराइट

    सीएफबी वेनराइट सैन्य अड्डा अल्बर्टा में एडमंटन से करीब 180 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह कनाडा के प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों में से एक है, जहां सैनिकों को युद्ध अभियानों की तैयारी कराई जाती है। यहां कनाडाई मैन्यूवर ट्रेनिंग सेंटर स्थित है, जहां युद्धक्षेत्र जैसी परिस्थितियों में सैन्य अभ्यास कराया जाता है। इसके अलावा, यहां तीसरे कनाडाई डिवीजन का प्रशिक्षण केंद्र भी है, जो सैनिकों को सैन्य प्रशिक्षण देता है।

  • अल्बर्टा में कनाडा से अलग होने की मांग तेज: 3 लाख हस्ताक्षर जुटे, अक्टूबर में रेफरेंडम की संभावना

    अल्बर्टा में कनाडा से अलग होने की मांग तेज: 3 लाख हस्ताक्षर जुटे, अक्टूबर में रेफरेंडम की संभावना



    नई दिल्ली। देश के पश्चिमी प्रांत अल्बर्टा में अलग देश बनने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अलगाववादी समूहों ने दावा किया है कि उन्होंने जनमत संग्रह (रेफरेंडम) के लिए जरूरी संख्या से कहीं ज्यादा, करीब 3 लाख हस्ताक्षर जुटा लिए हैं, जबकि नियमों के अनुसार लगभग 1.78 लाख हस्ताक्षर ही पर्याप्त थे।

    रेफरेंडम की राह में अभी कई अड़चनें
    हालांकि इतने हस्ताक्षर जुटा लेना अंतिम मंजूरी नहीं है। अब इन हस्ताक्षरों की जांच चुनाव आयोग करेगा। इसके अलावा कानूनी अड़चनें भी मौजूद हैं, जिनकी वजह से फिलहाल प्रक्रिया पर अदालत की रोक भी लगी हुई है।अगर सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं, तो प्रस्तावित जनमत संग्रह 19 अक्टूबर को कराया जा सकता है, जिसमें अलगाव के मुद्दे पर भी मतदान संभव है।

    क्या पूछे जाएंगे सवाल?
    अगर वोटिंग होती है, तो जनता से पूछा जाएगा कि क्या अल्बर्टा को कनाडा से अलग होकर एक स्वतंत्र देश बनना चाहिए। लेकिन मौजूदा सर्वे बताते हैं कि अभी सिर्फ करीब 30% लोग ही अलग देश बनने के पक्ष में हैं।

    आर्थिक और राजनीतिक नाराजगी बनी वजह
    अल्बर्टा लंबे समय से कनाडा सरकार से असंतुष्ट रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं

    तेल और गैस से भारी कमाई के बावजूद कम लाभ मिलने की शिकायत

    टैक्स और संसाधनों के फैसलों पर ओटावा (केंद्र सरकार) का नियंत्रण

    पर्यावरण नियमों को लेकर टकराव

    अलग राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान की भावनाअल्बर्टा कनाडा के कुल तेल उत्पादन का बड़ा हिस्सा (लगभग 84%) देता है, जिससे वहां अलगाव की भावना और मजबूत होती गई है।

    सरकार का रुख अलग
    अल्बर्टा की प्रीमियर डेनिएल स्मिथ ने कहा है कि यदि कानूनी रूप से आवश्यक हस्ताक्षर पूरे होते हैं, तो वे जनमत संग्रह की अनुमति देंगी, लेकिन वह स्वयं अलग देश बनने के पक्ष में नहीं हैं।

    अमेरिका से जुड़ते आरोप और चर्चा
    कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका में कुछ राजनीतिक समूह अल्बर्टा के अलगाववादी नेताओं से संपर्क में हैं। यहां तक कि कुछ लोग इसे अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की भी बात कर रहे हैं, हालांकि यह विचार आधिकारिक नहीं है।

    कनाडा का कड़ा रुख
    कनाडा में पहले भी अलगाववाद को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार कोई भी प्रांत बिना स्पष्ट बहुमत और केंद्र सरकार की बातचीत के अलग नहीं हो सकता। इसके बाद 2000 में Clarity Act लागू किया गया, जिसने अलग होने की प्रक्रिया को और सख्त बना दिया।

    अल्बर्टा का अलगाव आंदोलन एक बार फिर चर्चा में जरूर है, लेकिन कानूनी बाधाएं, कम जन समर्थन और केंद्र सरकार का सख्त रुख इसे एक जटिल और लंबी प्रक्रिया बना देता है।