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  • सीतापुर में रिश्तों का खौफनाक अंत, शराब के विवाद में 65 वर्षीय मां की हत्या, आरोपी बेटा गिरफ्तार

    सीतापुर में रिश्तों का खौफनाक अंत, शराब के विवाद में 65 वर्षीय मां की हत्या, आरोपी बेटा गिरफ्तार

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बेनियापुर गांव में शराब पीने के लिए पैसे नहीं मिलने पर एक बेटे पर अपनी 65 वर्षीय मां की हत्या करने का आरोप लगा है। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी ने पहले मां के साथ मारपीट की और फिर उनका सिर दीवार से टकरा दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पूरी रात घर में शव के पास बैठा रहा और सुबह स्वयं ग्राम प्रधान को फोन कर मां की मौत की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान सावित्री देवी के रूप में हुई है, जो अपने बेटे त्रिभुवन के साथ रहती थीं। उनके पति का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था। ग्रामीणों के मुताबिक त्रिभुवन लंबे समय से शराब का आदी था और इसी वजह से करीब दस वर्ष पहले उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी। बताया जा रहा है कि घटना वाली रात वह नशे की हालत में घर पहुंचा और मां से शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। सावित्री देवी द्वारा पैसे देने से इनकार किए जाने पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा।

    आरोप है कि विवाद के दौरान त्रिभुवन ने अपनी मां के साथ बेरहमी से मारपीट की और उनका सिर दीवार से टकरा दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने किसी को सूचना नहीं दी और पूरी रात घर में ही मौजूद रहा। अगले दिन सुबह उसने गांव के प्रधान को फोन कर बताया कि उसकी मां की मौत हो गई है और अंतिम संस्कार कराने की बात कही।

    ग्राम प्रधान जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने सावित्री देवी का शव आंगन में पड़ा देखा। शव के सिर के पास खून के निशान थे, जिससे मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद प्रधान ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घर की दीवार पर भी खून के निशान पाए, जिससे यह आशंका और मजबूत हुई कि महिला का सिर दीवार से टकराया गया था।

    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी शराब के नशे में अपनी मां के साथ मारपीट करता था। पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना से दो दिन पहले भी उसने कथित रूप से सावित्री देवी के साथ हिंसा की थी। महिला के शरीर पर पुराने चोटों के निशान मिलने की बात भी सामने आई है, जिनकी पुष्टि पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के आधार पर की जाएगी।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी त्रिभुवन को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि होगी। साथ ही घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • New Drug Rules: अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी 12% से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं…

    New Drug Rules: अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी 12% से अधिक अल्कोहल वाली दवाएं…


    नई दिल्ली।
    अगर आप भी अब तक पास के मेडिकल स्टोर (Medical Store) से ऐसी सिरप (Syrup) या दूसरी पीने वाली दवाएं ले आते थे जिनमें अल्कोहल (Alcohol) होता है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को दवा नियमों (New Drug Rules) में दसवां संशोधन जारी किया है। यह नया नियम, सरकारी गजट में प्रकाशित होने के छह महीने बाद प्रभावी होगा।

    नए नियमों (New Drug Rules) के तहत 30 एमएल से बड़ी पैकिंग और 12% से ज्यादा एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) वाली सभी ओरल दवाओं को शेड्यूल H1 में शामिल कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब ये दवाएं केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जा सकेंगी। मेडिकल स्टोर को इनकी बिक्री का रिकॉर्ड भी निर्धारित नियमों के अनुसार रखना होगा।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ड्रग्स रूल्स, 1945 में किए गए इस बड़े बदलाव का उद्देश्य उन दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकना है जिनमें एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) की मात्रा अधिक होती है। इस कदम का मकसद उन प्रोडक्ट्स को रेगुलेट करना है जिनमें अल्कोहल का ज्यादा कंसंट्रेशन होता है और जिन्हें शायद नॉन-मेडिकल इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

    अभी तक कुछ आयुर्वेदिक दवाओं जैसे इलायची, अदरक और अन्य सुगंधित टिंचर को शेड्यूल-के के तहत लाइसेंस की अनिवार्यता से छूट प्राप्त थीं। इन दवाओं में कई बार 80 से 90 प्रतिशत तक एथिल अल्कोहल होता है। सरकार को आशंका थी कि इनका इस्तेमाल इलाज की बजाय नशे के लिए किया जा सकता है। इस संबंध में कई राज्यों ने भी चिंता जताई थी।

    इसी को देखते हुए सरकार ने नियमों में संशोधन किया है। अब 12 प्रतिशत से अधिक एथिल अल्कोहल (v/v) वाली और 30 मिलीलीटर से अधिक पैकिंग में बिकने वाली ऐसी सभी दवाओं को शेड्यूल के की छूट नहीं मिलेगी। यानी इन दवाओं के निर्माण और बिक्री के लिए अब ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।


    दवाओं की निगरानी होगी बेहतर

    सरकार का कहना है कि इस बदलाव से अधिक अल्कोहल वाली दवाओं की निगरानी बेहतर होगी। इनका वितरण केवल अधिकृत दवा चैनलों के माध्यम से होगा। इससे गलत इस्तेमाल या नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका कम होगी। साथ ही, जिन मरीजों को वास्तव में इन दवाओं की जरूरत है, उन्हें ये पहले की तरह उपलब्ध होती रहेंगी। सरकार के अनुसार यह कदम देश में दवा नियमन को और मजबूत बनाने, दवाओं के सही उपयोग को बढ़ावा देने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

  • भिंड विवाद: TI नशे में पकड़े गए, कर्नल ने एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग की

    भिंड विवाद: TI नशे में पकड़े गए, कर्नल ने एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग की



    नई दिल्ली। मिहोना थाना प्रभारी टीआई विजय केन और रिटायर्ड सूबेदार मेज़र राकेश सिंह कुशवाहा के बीच विवाद अब तूल पकड़ चुका है। यह मामला तब सामने आया जब आर्मी के पूर्व जवान और वर्तमान पुलिस अधिकारी के बीच कथित दुर्व्यवहार की खबर आर्मी अधिकारियों तक पहुंची। शनिवार को ग्वालियर से आर्मी के डिप्टी कमांडेंट कर्नल विशाल मिहोना थाने पहुंचे और पुलिस जवानों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

    कर्नल ने थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों से विवाद के विवरण के साथ कुछ जवानों के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद कर्नल ने सीधे टीआई विजय केन के आवास का दौरा किया। वहां उन्होंने पाया कि टीआई नशे की हालत में थे और ठीक से संवाद करने की स्थिति में नहीं थे। कर्नल ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता बताया और कहा कि ड्यूटी के दौरान शराब पीना किसी भी अधिकारी के लिए स्वीकार्य नहीं है।

    इस गंभीर मामले को लेकर कर्नल ने भिंड के एसपी असित यादव से करीब 35 मिनट तक मुलाकात की और सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्नल ने स्पष्ट कहा कि आर्मी के पूर्व जवान के साथ दुर्व्यवहार और ड्यूटी के दौरान शराब पीने जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट आर्मी के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी और पुलिस की कार्रवाई पर निगरानी रखी जाएगी।

    एसपी असित यादव ने बताया कि टीआई विजय केन को फिलहाल लाइन अटैच कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले भी टीआई के शराब पीने की शिकायतें आ चुकी हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मिहोना थाना में इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन और आर्मी अधिकारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। कर्नल विशाल ने कहा कि आर्मी के किसी भी पूर्व जवान के साथ दुर्व्यवहार को नज़रअंदाज नहीं किया जाएगा और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। कर्नल की मांग है कि पुलिस विभाग भी ऐसे मामलों में अनुशासनहीन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे।

    किसी भी संगठन में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। यह मामला यह साबित करता है कि चाहे कोई अधिकारी कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो, उसके कार्यों की निगरानी की जाती है और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और आर्मी दोनों मिलकर इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं।

    इस विवाद ने यह भी उजागर किया है कि शराब और ड्यूटी का मेल किसी भी विभाग में गंभीर परिणाम ला सकता है। मिहोना थाना और भिंड जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल, टीआई को लाइन अटैच किया गया है, रिटायर्ड सूबेदार मेजर राकेश सिंह कुशवाहा अपनी बात प्रशासन के सामने रख चुके हैं, और पूरे मामले की निगरानी आर्मी द्वारा की जा रही है।

    स्थानीय लोग और आर्मी अधिकारी इस मामले की निष्पक्षता और उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। यह घटना पुलिस विभाग के लिए भी एक चेतावनी है कि अनुशासनहीनता के मामलों में कोई छूट नहीं होगी और हर अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदार रहेगा।

  • जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दूधमनिया में एक युवक के जन्मदिन की पार्टी ने जानलेवा मोड़ ले लिया। शराब के नशे में धुत होकर युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त हुई जब युवक अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाने गया था और अत्यधिक शराब सेवन के बाद उसने पास ही गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ने की साहसिक, लेकिन खतरनाक हरकत कर दी।

    युवक इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया कि नीचे उतरने से इंकार कर दिया। इस घटना को देखकर गांववाले घबराए और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। जैसे ही पुलिस को खबर मिली, राजेन्द्रग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने विद्युत विभाग से संपर्क किया और हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

    घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंत में युवक को समझाइश देने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि नशे में युवकों को किसी भी तरह की जोखिम से बचाना कितना जरूरी है।

  • नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे

    नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे


    सतना । कोलगवां थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक पंद्रह स्थित पानी टंकी क्षेत्र में नशेड़ियों ने पुलिस पर पत्थर से हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब पुलिसकर्मी शराब पीकर हंगामा कर रहे युवकों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। करीब एक दर्जन आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे पुलिसकर्मियों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा।

    सूचना मिलने के बाद दो पुलिसकर्मी बाइक से मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि कुछ युवक शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे और क्षेत्र में अशांति फैला रहे थे। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने नशेड़ियों को समझाने की कोशिश की, उन युवकों ने न केवल पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को अपनी जान की सुरक्षा के लिए वहां से भागना पड़ा।

    इस हमले में पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं घटी। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद नशेड़ियों का एक समूह था जो पहले तो गाली-गलौज कर रहा था और फिर अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन हमलावरों का कुछ पता नहीं चल पाया है।पुलिस ने इस हमले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई है। इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि इलाके में बढ़ते नशे के मामलों पर नियंत्रण रखने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • यूपी में शराब पीने वालों के लिए बड़ी खबर नई आबकारी नीति लागू होते ही महंगी हो जाएगी बोतल

    यूपी में शराब पीने वालों के लिए बड़ी खबर नई आबकारी नीति लागू होते ही महंगी हो जाएगी बोतल

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    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू होने जा रही है और इसके साथ ही शराब पीने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है. प्रस्तावित नीति के तहत अंग्रेजी शराब की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. विभागीय सूत्रों के अनुसार लाइसेंस शुल्क में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का मसौदा तैयार कर मुख्यालय से लखनऊ भेज दिया गया है. इस प्रस्ताव को जनवरी महीने में मंजूरी मिलने की उम्मीद है.

    नई नीति में इस बार भी शराब दुकानों के नवीनीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. यानी मौजूदा लाइसेंसधारकों को राहत देते हुए टेंडर प्रक्रिया नहीं कराई जाएगी. इससे व्यापारियों को निरंतरता मिलेगी लेकिन बढ़ी हुई लाइसेंस फीस का असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है. विभाग का मानना है कि शुल्क बढ़ोतरी से राजस्व में इजाफा होगा.

    पिछली नीति से अलग होगा असर

    गौरतलब है कि पिछले वर्ष लागू की गई आबकारी नीति में शराब की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी. लेकिन इस बार हालात अलग हैं. लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव के चलते शराब के दाम बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है. आबकारी विभाग की बैठकों में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है.

    शराब की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी

    अनुमान लगाया जा रहा है कि नई नीति लागू होने के बाद अंग्रेजी शराब के क्वार्टर की कीमत में 15 से 20 रुपये तक का इजाफा हो सकता है. वहीं हाफ बोतल करीब 50 रुपये और फुल बोतल 100 रुपये तक महंगी हो सकती है. हालांकि अंतिम फैसला शासन की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा.

    राजस्व बढ़ेगा उपभोक्ता पर असर

    आबकारी विभाग का कहना है कि बढ़े हुए शुल्क से राज्य के राजस्व को मजबूती मिलेगी. वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए यह नीति खर्च बढ़ाने वाली साबित हो सकती है. अब सभी की निगाहें जनवरी में होने वाले फैसले पर टिकी हैं.