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  • मैदानों से लेकर पहाड़ों तक झमाझम बारिश…. कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात, आज इन राज्यों में अलर्ट

    मैदानों से लेकर पहाड़ों तक झमाझम बारिश…. कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात, आज इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मानसून (Monsoon) अब पूरी तरह से एक्टिव हो चुका है. मैदानों से लेकर पहाड़ों तक में बरसात जमकर (Heavy rainfall) हो रही है. पहाड़ों में भूस्खलन (Landslide) से कई जगहें रास्ते ठप पड़े हैं. मैदानी इलाकों में कई जगह बाढ़ के हालात भी बन रहे हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में आज भी हल्की से मध्यम और कुछ राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है. जहां दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बौछारें पड़ने से मौसम सुहावना रहेगा. वहीं पहाड़ी राज्यों और तटीय इलाकों में मानसूनी हवाओं की वजह से अलर्ट जारी किया गया है।

    दिल्ली-एनसीआर में आज कैसा रहेगा मौसम?
    सबसे पहले बात दिल्ली-एनसीआर की कर लेते हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, इस क्षेत्र में बादलों का डेरा बना रहेगा और हल्की बारिश की संभावना है. दिन भर में एक या दो बार हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. आज बारिश के साथ-साथ 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं. हालांकि, बारिश के बीच के उमस ज्यादा रहने की वजह से लोगों को हल्की चिपचिपाहट का सामना करना पड़ सकता है।


    पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा

    उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मानसून की रफ्तार तेज बनी हुई है. मौसम विभाग ने इन राज्यों के कई संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही, पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन होने और नदियां उफान पर रहने का खतरा जताया गया है. ऐसे में यात्रियों और स्थानीय निवासियों को पहाड़ों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

    मुंबई में रुक-रुक होती रहेगी तेज बारिश
    देश के मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत की बात की जाए तो यहां पर मानसून पूरी तरह मेहरबान है. कोंकण, गोवा और गुजरात के तटीय क्षेत्रों में मानसूनी बारिश पूरी तरह जारी है. अनुमान है कि मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में आज भी रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के आसार जताए गए हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड में भी तेज बारिश की उम्मीद है. बिहार और ओडिशा में बारिश के साथ गर्जन के साथ तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है।


    पूर्वोत्तर भारत झमाझम बरसेंगे बादल

    दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक और केरल में मध्यम से व्यापक बारिश की संभावना है. वहीं तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत में आने वाले असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में भी मानसूनी बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर झमाझम बारिश होगी. तेज बरसात की वजह से कई जगहों पर बिजली गिरने और भूस्खलन होने का खतरा बना रहेगा।

  • मानसून की सक्रियता से देशभर में हो रही झमाझम बारिश, 29 जुलाई तक कई राज्यों में अलर्ट

    मानसून की सक्रियता से देशभर में हो रही झमाझम बारिश, 29 जुलाई तक कई राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देश में मानसून (Monsoon) की सक्रियता बढ़ने से बारिश की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 16 से 22 जुलाई के दौरान देश में लगभग सामान्य बारिश (Normal Rainfall) दर्ज की गई, जिससे 1 जून से शुरू हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) सीजन में वर्षा की कुल कमी घटकर 17 प्रतिशत रह गई है। हालांकि, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Niño) के लगातार मजबूत होने से मानसून के शेष सीजन को लेकर चिंता बरकरार है।


    देश के किन हिस्सों में कितनी बारिश हुई?

    आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम, मध्य तथा पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा सामान्य के आसपास रही, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 23 जुलाई तक देश में सामान्य 370.9 मिलीमीटर के मुकाबले 306.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है। इस तरह मानसून सीजन में अब भी 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। क्षेत्रवार देखें तो पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है, जहां अब तक सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है। दक्षिण भारत में यह कमी 26 प्रतिशत है। इसके मुकाबले उत्तर-पश्चिम भारत में 10 प्रतिशत और मध्य भारत में केवल 6 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।


    किन राज्यों में सामान्य से ज्यादा और किनमें कम बारिश हुई?

    लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, गुजरात, गोवा, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में सामान्य से 20 से 58 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।


    अल नीनो को लेकर मौसम विभाग की चिंता क्यों बढ़ी हुई है?

    आईएमडी के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अल नीनो लगातार मजबूत हो रहा है। मौसम संबंधी विभिन्न मॉडल इसके आगे और प्रभावी होने के संकेत दे रहे हैं। अल नीनो का असर आमतौर पर भारतीय मानसून को कमजोर करने और बारिश के क्षेत्रीय वितरण में असंतुलन पैदा करने के रूप में देखा जाता है। इसलिए मानसून के बाकी सीजन में इसकी स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


    24 से 29 जुलाई के बीच मौसम का मिजाज कैसा रहेगा?

    24 से 29 जुलाई के दौरान देशभर में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय रहने का अनुमान है। इसके कारण पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान, गुजरात, उत्तर कोंकण और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी व्यापक वर्षा होने का अनुमान है।


    गुजरात में बारिश ने कितनी तबाही मचाई?

    गुजरात में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण 38 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा 352 से अधिक लोगों का सुरक्षित बचाव किया गया है। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों गांवों का संपर्क बाकी क्षेत्रों से टूट गया है।


    असम में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?

    असम में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। राज्य में सात लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।


    जम्मू-कश्मीर में यात्रा व्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?

    जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा बालटाल मार्ग से फिर शुरू कर दी गई है। हालांकि, भूस्खलन के कारण श्री मचैल माता यात्रा फिलहाल बंद है। वहीं वैष्णो देवी यात्रा भी शनिवार से दोबारा बहाल किए जाने की तैयारी की जा रही है।