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  • ऋतिक-सुजैन के तलाक पर वर्षों बाद टूटी चुप्पी, 400 करोड़ एलिमनी की चर्चाओं पर परिवार ने बताई पूरी सच्चाई

    ऋतिक-सुजैन के तलाक पर वर्षों बाद टूटी चुप्पी, 400 करोड़ एलिमनी की चर्चाओं पर परिवार ने बताई पूरी सच्चाई

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन और उनकी पूर्व पत्नी सुजैन खान के तलाक से जुड़ी वर्षों पुरानी चर्चाएं एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लंबे समय से यह दावा किया जाता रहा कि दोनों के तलाक के दौरान सुजैन खान ने सैकड़ों करोड़ रुपये की एलिमनी ली थी। अब इस पूरे मामले पर पहली बार परिवार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताया गया है।

    सुजैन खान की बहन और जानी-मानी ज्वेलरी डिजाइनर फराह खान अली ने एक साक्षात्कार में कहा कि तलाक के दौरान 400 करोड़ रुपये की एलिमनी दिए जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं थी। उनके अनुसार वर्षों से सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस तरह की बातें दोहराई जाती रही हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अफवाहों ने बिना किसी तथ्य के लोगों के बीच गलत धारणा बना दी।

    फराह खान अली ने स्पष्ट किया कि उनकी बहन को आर्थिक लाभ के लिए विवाह या तलाक से जोड़कर देखना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि सुजैन खान एक सम्मानित परिवार से आती हैं और उन्होंने हमेशा अपने व्यक्तिगत जीवन को गरिमा और संतुलन के साथ आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार तलाक के बाद भी दोनों परिवारों के बीच आपसी सम्मान और अच्छे संबंध बने हुए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि उनके रिश्ते में किसी प्रकार का आर्थिक विवाद प्रमुख कारण नहीं था।

    उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सुजैन खान को लेकर अनुचित टिप्पणियां कीं और उन्हें बिना आधार के ‘गोल्ड डिगर’ जैसे शब्दों से संबोधित किया। फराह के अनुसार यह पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण था, क्योंकि वास्तविक घटनाओं से इन आरोपों का कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रिश्तों को लेकर इस प्रकार की अटकलें किसी भी व्यक्ति की छवि को प्रभावित करती हैं।

    फराह ने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार अपनी बहन को सार्वजनिक रूप से इन अफवाहों का खंडन करने की सलाह दी थी, लेकिन सुजैन खान ने कभी ऐसा आवश्यक नहीं समझा। उनका मानना था कि लोगों की राय से अधिक महत्वपूर्ण उनका आत्मसम्मान और निजी जीवन है। उन्होंने हमेशा अपने परिवार, बच्चों और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी तथा सार्वजनिक विवादों से दूरी बनाए रखी।

    ऋतिक रोशन और सुजैन खान की दोस्ती बचपन से रही थी। दोनों ने वर्ष 2000 में विवाह किया और उनके दो बेटे हैं। कई वर्षों तक साथ रहने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और वर्ष 2014 में उनका तलाक कानूनी रूप से पूरा हुआ। अलग होने के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते में सम्मान बनाए रखा और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी मिलकर निभाई।

    तलाक के बाद भी दोनों कई पारिवारिक अवसरों और बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों में साथ दिखाई देते रहे हैं। यही कारण है कि उनके संबंधों को अक्सर परिपक्व और सौहार्दपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जाता है। परिवार की ओर से आए ताजा बयान ने वर्षों से चली आ रही एलिमनी संबंधी चर्चाओं पर नई स्पष्टता प्रदान की है।

    यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के बारे में बिना प्रमाण फैलने वाली खबरें लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहती हैं। ऐसे मामलों में आधिकारिक या प्रत्यक्ष पक्ष सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाती है।

  • नारायण साईं को इंदौर कोर्ट से बड़ा झटका… तलाक मंजूर. पत्नी को दो करोड़ रुपये एलुमनी देने का आदेश

    नारायण साईं को इंदौर कोर्ट से बड़ा झटका… तलाक मंजूर. पत्नी को दो करोड़ रुपये एलुमनी देने का आदेश


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) स्थित फैमिली कोर्ट (Family Court) ने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद (Marital dispute) में अहम फैसला सुनाते हुए स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम (Asaram) के पुत्र नारायण साईं (Narayan Sai) और उनकी पत्नी जानकी हरपालानी के विवाह को समाप्त घोषित कर दिया है. अदालत ने तलाक की याचिका मंजूर करते हुए नारायण साईं को पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 2 करोड़ रुपये अदा करने का निर्देश दिया है. नारायण साईं फिलहाल दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सूरत जेल में सजा काट रहा है.

    जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब आठ वर्षों से अदालत में लंबित था. सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद 2 अप्रैल को निर्णय सुरक्षित रखा गया था, जिसकी जानकारी बाद में जानकी के वकील अनुराग गोयल ने साझा की।

    याचिका में बताया गया कि दोनों की शादी वर्ष 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से ही दोनों अलग-अलग रह रहे हैं. पत्नी ने आरोप लगाया कि उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ा और उन्हें परित्यक्त जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा. मौजूदा समय में वह अपनी मां के साथ रह रही हैं. याचिका में यह भी कहा गया कि नारायण साईं के अन्य महिलाओं से संबंध थे और उनके खिलाफ दुष्कर्म मामले में सजा का भी जिक्र किया गया।

    5 करोड़ रुपये की हुई थी मांग

    भरण-पोषण को लेकर पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की मांग की थी, हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद 2 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया. वहीं, वकील अनुराग गोयल के मुताबिक, पहले से ही अदालत ने प्रति माह 50 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन इसका नियमित भुगतान नहीं हुआ. इस कारण करीब 50 लाख रुपये की बकाया राशि हो गई है, जिसकी वसूली की प्रक्रिया अब शुरू की जाएगी.

    सूत्रों की मानें तो इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. साथ ही, संपत्तियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी अब तक पूरी तरह प्रस्तुत नहीं होने के कारण आगे भी विवाद की स्थिति बनी रह सकती है.