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  • सर्दियों में बढ़ती डैंड्रफ से हैं परेशान, दही, एलोवेरा और मेथी समेत ये 5 घरेलू हेयर मास्क आजमाएं

    सर्दियों में बढ़ती डैंड्रफ से हैं परेशान, दही, एलोवेरा और मेथी समेत ये 5 घरेलू हेयर मास्क आजमाएं

    नई दिल्ली ।सर्दियों में बालों में रूसी और सिर की त्वचा यानी स्कैल्प में खुजली की समस्या बढ़ सकती है। काले या गहरे रंग के कपड़े पहनने पर कंधों पर सफेद परत दिखाई देने से कई लोग असहज महसूस करते हैं। डैंड्रफ की समस्या बालों की खूबसूरती और रोजमर्रा की देखभाल को प्रभावित कर सकती है। ठंड के मौसम में स्कैल्प का रूखापन और हेयर केयर रूटीन में बदलाव परेशानी को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में बालों को साफ रखने के साथ स्कैल्प की उचित देखभाल करना भी जरूरी है। कुछ घरेलू हेयर मास्क बालों को मुलायम बनाने और उनकी कंडीशनिंग में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इन नुस्खों को डैंड्रफ का पक्का इलाज नहीं मानना चाहिए। लगातार रूसी या खुजली रहने पर उचित उपचार की जरूरत हो सकती है।

    दही और एलोवेरा से बना हेयर मास्क बालों की देखभाल के लिए एक विकल्प है। एलोवेरा त्वचा को ठंडक देने में मदद कर सकता है, जबकि दही बालों को कंडीशन करने में सहायक हो सकता है। इसे बनाने के लिए दो चम्मच सादे दही में एक चम्मच शुद्ध एलोवेरा जेल मिलाएं। तैयार मिश्रण को थोड़ी देर बालों और स्कैल्प पर लगाकर रखें। इसके बाद हल्के शैंपू से अच्छी तरह धो लें। अगर इस मिश्रण को लगाने के बाद खुजली या जलन बढ़ती है, तो इसे तुरंत धो देना चाहिए। दूसरा विकल्प मेथी और दही का हेयर पैक है। इसके लिए एक से दो चम्मच मेथी दानों को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह दानों को पीसकर पेस्ट बना लें और उसमें थोड़ा दही मिलाएं। इस मिश्रण को कुछ देर बालों पर लगाकर रखें और फिर अच्छी तरह धो लें। यह पैक बालों को कंडीशन करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे डैंड्रफ का निश्चित उपचार नहीं माना जाना चाहिए।

    तीसरा विकल्प शुद्ध एलोवेरा जेल का इस्तेमाल है। स्कैल्प में रूखापन या हल्की खुजली महसूस होने पर कुछ लोग इसे आजमा सकते हैं, लेकिन इसका असर हर व्यक्ति और हर तरह की रूसी में समान नहीं होता। इस्तेमाल से पहले थोड़ी मात्रा में जेल स्कैल्प के छोटे हिस्से पर लगाकर जांच करना जरूरी है। अगर कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे थोड़ी देर लगाकर बाद में धो सकते हैं। खुशबू या अल्कोहल वाले जेल से संवेदनशील त्वचा में जलन हो सकती है, इसलिए उत्पाद का चुनाव सावधानी से करना चाहिए। चौथा विकल्प केला और नारियल तेल का हेयर मास्क है। यह खास तौर पर बालों के रूखेपन को कम करने और उन्हें मुलायम बनाने के लिए उपयोगी हो सकता है। इसे तैयार करने के लिए आधे पके केले को अच्छी तरह मैश करें और उसमें एक छोटा चम्मच नारियल तेल मिलाएं। इस मिश्रण को बालों की लंबाई पर लगाएं और लगभग 15 से 20 मिनट बाद शैंपू से धो लें। इसे डैंड्रफ खत्म करने का प्रमाणित तरीका नहीं समझना चाहिए।

    पांचवां विकल्प अंडे और ऑलिव ऑयल से बना हेयर मास्क है। इस मिश्रण का इस्तेमाल बालों की लंबाई को मुलायम बनाने के लिए किया जाता है। इसे बनाने के लिए एक अंडे में एक चम्मच ऑलिव ऑयल मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इसे बालों की लंबाई पर लगाएं और फिर ठंडे या हल्के गुनगुने पानी से अच्छी तरह धो लें। गर्म पानी का इस्तेमाल करने से अंडा बालों में जम सकता है और उसे निकालना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, इस मास्क से डैंड्रफ खत्म होने के मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इसे मुख्य रूप से बालों की कंडीशनिंग के लिए ही देखना चाहिए। किसी भी नए घरेलू मिश्रण को इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर जांच करना बेहतर है। नींबू का रस, एसेंशियल ऑयल या अन्य घरेलू सामग्री सीधे स्कैल्प पर लगाने से जलन हो सकती है।

    डैंड्रफ बार-बार लौटता है, तो केवल घरेलू हेयर मास्क पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसे में स्कैल्प की स्थिति के अनुसार विशेष रूप से तैयार एंटी-डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल अधिक उपयोगी हो सकता है। शैंपू चुनते समय उसके लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करना चाहिए। अगर रूसी के साथ तेज खुजली, लालिमा, घाव या बाल झड़ने की समस्या हो, अथवा नियमित देखभाल के बावजूद डैंड्रफ ठीक न हो, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। घरेलू मास्क बालों को मुलायम बनाने और उनकी देखभाल में मदद कर सकते हैं, लेकिन लगातार बनी रहने वाली रूसी के लिए सही उपचार को प्राथमिकता देना जरूरी है।

  • रूखे और फ्रिजी बालों को मुलायम बनाने के लिए घर पर बनाएं ये 5 आसान हेयर मास्क, जानिए इस्तेमाल का तरीका

    रूखे और फ्रिजी बालों को मुलायम बनाने के लिए घर पर बनाएं ये 5 आसान हेयर मास्क, जानिए इस्तेमाल का तरीका

    नई दिल्ली । रूखे, बेजान और उलझे बाल अक्सर पूरे लुक को प्रभावित करते हैं। धूल मिट्टी, प्रदूषण, बार बार शैंपू करना, गर्म पानी, हीट स्टाइलिंग और बालों में नमी की कमी जैसी वजहों से बालों की प्राकृतिक चमक कम हो सकती है। ऐसे में बालों को मुलायम बनाए रखने के लिए नियमित देखभाल जरूरी है। इसके लिए हर बार महंगे हेयर ट्रीटमेंट कराने की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों से भी आसान हेयर मास्क तैयार किए जा सकते हैं।

    बालों की जरूरत हर व्यक्ति में अलग होती है। किसी के बाल बहुत ज्यादा रूखे हो सकते हैं तो किसी का स्कैल्प तैलीय हो सकता है। इसलिए कोई भी घरेलू हेयर मास्क इस्तेमाल करने से पहले अपनी हेयर टाइप और संवेदनशीलता को ध्यान में रखना चाहिए। अगर किसी सामग्री से पहले एलर्जी या जलन हुई है तो उसका इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है।

    एलोवेरा और दही का मास्क रूखे बालों के लिए एक आसान विकल्प हो सकता है। इसे तैयार करने के लिए दो चम्मच एलोवेरा जेल और दो चम्मच सादा दही मिलाकर चिकना पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को बालों की लंबाई पर लगाएं और करीब 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद पानी से बाल धोकर जरूरत के अनुसार हल्का शैंपू किया जा सकता है। यह मास्क बालों को कंडीशनिंग देने और मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है।

    केला और शहद भी बालों की देखभाल में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। एक पके केले को अच्छी तरह मैश करके उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं। तैयार मिश्रण को बालों की लंबाई पर लगाकर करीब 15 से 20 मिनट तक रहने दें। इसके बाद बालों को अच्छी तरह धो लें। केला बालों को कंडीशनिंग देने में मदद कर सकता है, जबकि शहद नमी बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

    नारियल तेल और एलोवेरा का मास्क भी रूखे बालों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है। थोड़ी मात्रा में नारियल तेल लेकर उसमें एलोवेरा जेल मिलाएं और इसे बालों की लंबाई तथा खासकर सूखे सिरों पर लगाएं। करीब 20 से 30 मिनट बाद बाल धो लें। ऑयली स्कैल्प वाले लोग इस मिश्रण को मुख्य रूप से बालों की लंबाई तक सीमित रख सकते हैं। ज्यादा तेल लगाने से बाल भारी या चिपचिपे महसूस हो सकते हैं।

    अंडे और दही से भी एक साधारण हेयर मास्क तैयार किया जा सकता है। एक अंडे को अच्छी तरह फेंटकर उसमें दो चम्मच सादा दही मिलाएं। इसे बालों की लंबाई पर लगाकर लगभग 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद ठंडे या सामान्य तापमान के पानी से बालों को अच्छी तरह साफ करें और हल्के शैंपू का इस्तेमाल करें। अंडे में प्रोटीन होता है और दही कंडीशनिंग में मदद कर सकता है। अंडे से एलर्जी या संवेदनशीलता होने पर इसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    ओट्स और दही का मास्क भी कम सामग्री वाला विकल्प है। दो चम्मच बारीक पिसे ओट्स में दो चम्मच दही मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इसे बालों की लंबाई पर लगाएं और 15 से 20 मिनट बाद धो लें। इस मिश्रण को स्कैल्प पर जोर से रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जलन या रूखापन बढ़ सकता है।

    इन घरेलू उपायों का असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। किसी भी मास्क को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना उपयोगी हो सकता है। बालों को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पोषण, संतुलित खानपान, नियमित सफाई और अत्यधिक हीट स्टाइलिंग से बचना भी जरूरी है। अगर बाल लगातार टूट रहे हों, बहुत ज्यादा झड़ रहे हों या स्कैल्प में खुजली और जलन बनी रहे तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

  • झुर्रियों के लिए घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले जानें अलसी और एलोवेरा मिश्रण बनाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    झुर्रियों के लिए घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले जानें अलसी और एलोवेरा मिश्रण बनाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में प्राकृतिक बदलाव दिखाई देना सामान्य है। समय के साथ त्वचा की लोच कम हो सकती है और चेहरे पर फाइन लाइन्स तथा झुर्रियां नजर आने लगती हैं। इन्हें कम करने के लिए लोग अलग-अलग एंटी-एजिंग उत्पादों और घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। अलसी, एलोवेरा जेल और बादाम तेल से तैयार किया जाने वाला मिश्रण भी इसी तरह के घरेलू स्किन केयर उपायों में शामिल है।

    इस मिश्रण को तैयार करने के लिए सबसे पहले अलसी के बीजों से जेल बनाया जाता है। इसके लिए दो बड़े चम्मच अलसी के बीज लेकर उन्हें एक कप पानी में डालें और मध्यम आंच पर करीब पांच से सात मिनट तक पकाएं। जब पानी गाढ़ा और कुछ चिपचिपा दिखाई देने लगे, तब गैस बंद कर दें।

    अलसी और पानी के इस मिश्रण को गर्म रहते हुए बारीक छलनी या साफ सूती कपड़े से छान लें। इससे बीज अलग हो जाएंगे और जेल जैसा पदार्थ बच जाएगा। इसके बाद इस जेल को पूरी तरह ठंडा करना जरूरी है, ताकि आगे इसमें मिलाए जाने वाले दूसरे पदार्थों का टेक्सचर प्रभावित न हो।

    ठंडे अलसी जेल में दो बड़े चम्मच एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इसके बाद इसमें एक छोटा चम्मच बादाम तेल डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। चम्मच या छोटे व्हिस्कर की सहायता से मिश्रण को कुछ मिनट तक फेंटने पर इसका टेक्सचर अपेक्षाकृत चिकना और क्रीमी हो सकता है।

    तैयार मिश्रण को साफ और सूखे कांच के छोटे कंटेनर में रखना चाहिए। इसमें पानी और पौधों से प्राप्त ताजा सामग्री होती है तथा इसमें सामान्य कॉस्मेटिक प्रिजर्वेटिव मौजूद नहीं होते। इसलिए इसे लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना उचित नहीं है। फ्रिज में रखने के बावजूद खराब होने के संकेतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

    रंग, गंध या टेक्सचर में बदलाव नजर आए तो मिश्रण का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। घरेलू मिश्रण के लिए एक निश्चित अवधि तक सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं दी जा सकती, क्योंकि इसकी स्वच्छता, सामग्री और भंडारण की स्थिति के आधार पर इसकी गुणवत्ता बदल सकती है।

    अगर त्वचा इस मिश्रण को सहन करती है तो रात में चेहरा साफ करने के बाद थोड़ी मात्रा लगाई जा सकती है। हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर इसे लगाया जा सकता है। हालांकि इसे लगाने से झुर्रियां खत्म होने या त्वचा में कोलेजन उत्पादन बढ़ने की गारंटी नहीं है।

    दरअसल, अलसी, एलोवेरा और बादाम तेल से बने इस घरेलू मिश्रण को सीधे तौर पर कोलेजन बढ़ाने वाली प्रमाणित क्रीम कहना सही नहीं होगा। इनके त्वचा को मॉइश्चराइज करने या मुलायम बनाए रखने से जुड़े संभावित फायदे हो सकते हैं, लेकिन एंटी-एजिंग और कोलेजन उत्पादन पर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।

    इस मिश्रण का इस्तेमाल शुरू करने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। थोड़ी मात्रा हाथ या कान के पीछे की त्वचा पर लगाकर देखें। लालिमा, खुजली, जलन या किसी अन्य प्रतिक्रिया की स्थिति में इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। संवेदनशील त्वचा, एलर्जी या पहले से त्वचा संबंधी समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

    त्वचा की देखभाल में पर्याप्त मॉइश्चराइजिंग के साथ धूप से बचाव और नियमित स्किन केयर अधिक महत्वपूर्ण हैं। झुर्रियों या उम्र से जुड़े त्वचा परिवर्तन को लेकर किसी खास उपचार की जरूरत हो तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक सुरक्षित विकल्प है।

  • गर्मियों में होंठ फट रहे हैं? जानें 5 कारण और घर बैठे सॉफ्ट लिप्स पाने के उपाय..

    गर्मियों में होंठ फट रहे हैं? जानें 5 कारण और घर बैठे सॉफ्ट लिप्स पाने के उपाय..


    नई दिल्ली: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही कई लोगों को होंठ फटने और ड्राई होने की समस्या होने लगती है, अक्सर इसे लोग केवल ठंड से जोड़कर देखते हैं, लेकिन दरअसल ये किसी भी मौसम में हो सकती है, होंठ की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है और इसमें ऑयल ग्लैंड्स नहीं होते, इसलिए यह मॉइश्चराइज नहीं रह पाती, तेज धूप, गर्म या शुष्क हवा में लिप्स डैमेज होने लगते हैं, अगर आपके होंठ भी गर्मी में ड्राई हो रहे हैं या फट रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसके कारणों को समझना और समय रहते उपाय करना बेहद जरूरी है

    सबसे आम कारण डिहाइड्रेशन है, यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं, तो लिप्स सूखने लगते हैं, इसके अलावा विटामिन की कमी भी फटे होंठों का कारण बन सकती है, खासकर विटामिन बी9, बी2, बी6 और बी12, अगर शरीर में इनका लेवल कम हो तो होंठ जल्दी फटते हैं, वहीं थायरॉइड की समस्या होने पर भी लिप्स फटने लगते हैं, लगातार ड्राई लिप्स या फटने की समस्या हो तो थायरॉइड चेकअप कराना जरूरी है, इसी तरह आयरन की कमी से भी होंठ फट सकते हैं, आमतौर पर लोग इसे थकान और कमजोरी से जोड़ देते हैं, लेकिन ध्यान दें कि फटे होंठ भी एक संकेत हो सकते हैं

    इसके अलावा एलर्जी या इंफेक्शन की वजह से भी होंठ फट सकते हैं, इस स्थिति में पपड़ी जमना, जलन या दर्द जैसी समस्याएं भी दिखाई देती हैं, ऐसे में होंठों की सही देखभाल और नेचुरल उपाय अपनाना बेहद जरूरी है, सबसे पहला और जरूरी उपाय है पर्याप्त पानी पीना, गर्मियों में पसीना और उच्च तापमान के कारण शरीर में पानी की मात्रा तेजी से घटती है, इसलिए दिनभर नियमित रूप से पानी पीते रहें

    इसके बाद लिप्स को हफ्ते में एक से दो बार एक्सफोलिएट करना चाहिए, इससे डेड स्किन निकल जाती है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, इसके लिए एक चम्मच चीनी को शहद में मिलाकर लिप्स पर 1-2 मिनट तक हल्के हाथों से रगड़ें, इसके बाद नारियल तेल से मसाज करें, नारियल तेल में नेचुरल औषधीय गुण होते हैं, जो होंठों को मॉइश्चराइज और सॉफ्ट बनाते हैं, रोजाना मसाज करना फटे होंठों को जल्दी ठीक करता है

    अगर लिप बाम या पेट्रोलियम जेली पर्याप्त असर नहीं कर रहे हैं, तो एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करें, इसे सीधे या नारियल तेल के साथ मिलाकर होंठों पर लगा सकते हैं, खासकर रात में सोने से पहले लगाने पर यह बेहद फायदेमंद होता है, एलोवेरा होंठों को गहराई से मॉइश्चराइज करता है और उन्हें सॉफ्ट और हेल्दी बनाए रखता है

    गर्मी में फटे और ड्राई होंठ आम समस्या हैं, लेकिन सही देखभाल, पर्याप्त पानी पीना, एक्सफोलिएशन, नारियल तेल और एलोवेरा जेल जैसे प्राकृतिक उपाय अपनाकर आप होंठों को सॉफ्ट और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं, इससे न केवल दिखने में सुधार होगा बल्कि होंठों की संवेदनशील स्किन भी सुरक्षित रहेगी