Tag: Amarnath Yatra

  • 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, सफर से पहले जान लें क्या रखें साथ और किन चीजों से करें परहेज

    3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, सफर से पहले जान लें क्या रखें साथ और किन चीजों से करें परहेज


    नई दिल्ली। बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए बहुप्रतीक्षित अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होगी, जो 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु इस कठिन लेकिन आस्था से भरपूर यात्रा में शामिल होते हैं। यदि आप भी इस वर्ष अमरनाथ यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो सफर को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए जरूरी सामान और आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखना बेहद जरूरी है।

    यात्रा में ये जरूरी सामान साथ रखें

    जरूरी दवाइयां
    नियमित रूप से ली जाने वाली दवाइयां।
    सिरदर्द, बुखार, उल्टी और सर्दी-जुकाम की दवाएं।
    फर्स्ट एड किट।
    बैंडेज, एंटीसेप्टिक क्रीम और अन्य प्राथमिक उपचार का सामान।

    मौसम के अनुसार कपड़े रखें
    अमरनाथ यात्रा ऊंचाई वाले और ठंडे इलाके में होती है, इसलिए मौसम को ध्यान में रखते हुए सामान पैक करें।
    – गर्म कपड़े।
    – रेनकोट या बरसाती।
    – छाता।
    – वाटरप्रूफ ट्रेकिंग जूते।
    – अतिरिक्त ऊनी मोजे और मौसम के अनुसार कपड़े।

    इन जरूरी चीजों को भी रखें साथ
    – सनस्क्रीन।
    – धूप का चश्मा।
    – हेडलैंप या टॉर्च।
    – ट्रेकिंग स्टिक।
    – मोबाइल के लिए वाटरप्रूफ कवर।
    – बैग के लिए रेन कवर।

    जरूरी दस्तावेज रखना न भूलें
    यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर सुरक्षा जांच होती है। इसलिए अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज रखें।
    वैध पहचान पत्र।
    यात्रा पंजीकरण से जुड़े सभी दस्तावेज।
    संबंधित विभाग द्वारा बताए गए अन्य जरूरी प्रमाण पत्र।

    क्या साथ नहीं ले जाना चाहिए?
    जरूरत से ज्यादा सामान लेकर यात्रा पर न जाएं।
    बैग हल्का रखें ताकि पैदल यात्रा में परेशानी न हो।
    महंगे गहने या कीमती सामान साथ ले जाने से बचें।
    ऐसी वस्तुएं न रखें जिनके खोने या क्षतिग्रस्त होने का जोखिम हो।

    सही तैयारी और आवश्यक सावधानियों के साथ अमरनाथ यात्रा न केवल सुरक्षित बल्कि अधिक आरामदायक भी बन सकती है।

  • जम्मू-कश्मीर में सीमा पर हाई अलर्ट, LoC पार करते पकड़ा गया PoK निवासी; जांच शुरू

    जम्मू-कश्मीर में सीमा पर हाई अलर्ट, LoC पार करते पकड़ा गया PoK निवासी; जांच शुरू


    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षाबलों ने एक संदिग्ध घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के एक नागरिक को हिरासत में लिया है। सुरक्षा एजेंसियां पकड़े गए व्यक्ति से गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि उसके भारत में प्रवेश के उद्देश्य और संभावित संपर्कों का पता लगाया जा सके। घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही हाई अलर्ट पर है।

    अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है जो रफीक का पुत्र और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के पोलास क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। नियमित गश्त और निगरानी के दौरान सुरक्षाबलों ने उसकी संदिग्ध गतिविधियां देखीं जिसके बाद उसे रोककर हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वह गलती से सीमा पार आया या किसी विशेष उद्देश्य से भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था।

    इस बीच जम्मू-कश्मीर में आगामी श्री अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। उधमपुर रियासी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक शिव कुमार शर्मा ने कटड़ा में उच्चस्तरीय संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पुलिस सेना सीआरपीएफ इंटेलिजेंस ब्यूरो सीआईडी रेलवे ट्रैफिक पुलिस और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

    बैठक में कटड़ा शहर यात्रा मार्ग और भवन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। सीसीटीवी निगरानी प्रणाली जवानों की तैनाती आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा बलों की रणनीतिक तैनाती के निर्देश दिए।

    कटड़ा से भवन तक पूरे यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था का भी बारीकी से आकलन किया गया ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिल सके। इसके अलावा होटल लॉज गेस्ट हाउस होमस्टे और अन्य ठहरने की जगहों के नियमित सत्यापन और निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

    सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रा के दौरान किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को पूरी तरह सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और जम्मू-कश्मीर में धार्मिक यात्राओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।

  • जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर छह ब्लैक स्पॉट…. हल्की बारिश में भूस्खलन, अमरनाथ यात्रा को लेकर बढ़ी चिंता

    जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर छह ब्लैक स्पॉट…. हल्की बारिश में भूस्खलन, अमरनाथ यात्रा को लेकर बढ़ी चिंता


    जम्मू।
    जम्मू-कश्मीर हाईवे (Jammu Kashmir Highway) पर लगातार भूस्खलन (Frequent Landslides) ने अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) से पहले चिंता बढ़ा दी है। जम्मू से श्रीनगर के बीच करीब छह जगह ब्लैक स्पॉट (Black spot) चिह्नित किए गए हैं। हल्की बारिश के बाद यहां भारी भूस्खलन हो रहा है, जिससे हाल ही में कई बार हाईवे बाधित हो चुका है।

    अप्रैल में हुई बारिश के बाद रामबन-बनिहाल सेक्शन में बन रही लगभग तीन किलोमीटर लंबी सुरंग का काम भी फंस गया है। पहले मई में काम पूरा होने की संभावना थी, लेकिन अब कार्य आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे यात्रा के दौरान जाम से मुक्ति मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है।

    जम्मू से श्रीनगर के बीच यात्रा के दौरान सबसे संवेदनशील हिस्सा उधमपुर से बनिहाल तक है। पिछले साल अप्रैल में रामबन में बादल फटने के बाद आई बाढ़ ने हाईवे का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त कर दिया था। सितंबर में उधमपुर-रामबन के बीच करीब 200 मीटर हिस्सा दलदल में बदल गया, जिससे कश्मीर की सप्लाई चेन बाधित हुई।

    इस साल अप्रैल में हल्की बारिश के बाद सात अप्रैल को डिगडोल और खूनी नाला के बीच भारी भूस्खलन से तीन दिन तक यातायात बाधित रहा। अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी और बारिश होने पर भूस्खलन की संभावना बनी रहेगी। हालांकि एनएचएआई ने संभावित जगहों पर विशेषज्ञों की मदद से सुरक्षा इंतजाम किए हैं और हाईवे की समीक्षा पूरी की है।


    हाईवे पर खतरे के ब्लैक स्पॉट

    रामबन, बनिहाल, नाशरी–चिनैनी, पंथियाल मेहर-कैफेटेरिया मोड़ और खूनी नाला शामिल हैं। अमरनाथ यात्रा के दौरान 2023 में रामबन के पास हाईवे पर भूस्खलन हुआ था। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।


    विशेषज्ञों की मदद से पूरे हो रहे सुधार कार्य

    हाईवे पर अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। संभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञों की मदद से सुधार कार्य पूरे किए जा रहे हैं। टनल निर्माण का कार्य जारी है। यात्रा प्रभावित न हो इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
    -आरएस यादव, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई


    जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर कब-कब भूस्खलन

    – रामबन में 6 अप्रैल, 2026 को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित हुई।
    – रामबन में 20 अप्रैल 2025 को बादल फटा। जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने से सैकड़ों वाहन फंस गए। कश्मीर की सप्लाई चेन टूट गई।
    – 30 अगस्त 2025 को रामबन में फिर बादल फटसे भारी भूस्खलन हुआ। हाईवे बाधित होने से कश्मीर जा रहे सैकड़ों ट्रक हाईवे पर फंस गए।
    – सितंबर 2025 में उधमपुर-रामबन के बीच हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्सा दलदल में बदल गया। यह हादसा सेब सीजन के दौरान हुआ और इससे कश्मीर की आर्थिकी पर असर पड़ा।
    – चिनैनी-नाशनी टनल के बाहर और उधमपुर क्षेत्र में अगस्त-सितंबर में भूस्खलन की छोटी-बड़ी कई घटनाएं हुईं। इससे आवाजाही प्रभावित हुई।

  • रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू, 13 से 70 वर्ष पात्र के श्रद्धालु होंगे अमरनाथ यात्रा होगी अधिक सुरक्षित और सुगम

    रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू, 13 से 70 वर्ष पात्र के श्रद्धालु होंगे अमरनाथ यात्रा होगी अधिक सुरक्षित और सुगम


    नई दिल्ली:जम्मू-कश्मीर में हर वर्ष होने वाली पवित्र Amarnath Yatra की इस बार की आधिकारिक तारीखों की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष यह पवित्र तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी और कुल 57 दिनों तक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने की संभावना है।

    प्रशासन के अनुसार यात्रा का पहला जत्था जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से रवाना होगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

    इस वर्ष यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी। श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम के साथ साथ देशभर में निर्धारित बैंक शाखाओं के जरिए भी अपना पंजीकरण करा सकेंगे। रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को सरल और सुलभ बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के यात्रा में शामिल हो सकें।

    निर्धारित नियमों के अनुसार 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु इस यात्रा में भाग ले सकेंगे, बशर्ते वे निर्धारित स्वास्थ्य मानकों को पूरा करें। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मेडिकल फिटनेस को अनिवार्य किया गया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    इस वर्ष यात्रा व्यवस्था में लगभग 25 प्रतिशत सुधार का दावा किया गया है। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है और श्रद्धालुओं की निगरानी के लिए RFID कार्ड सिस्टम लागू किया गया है, जिससे यात्रा मार्ग पर उनकी ट्रैकिंग और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

    इसके अलावा बीमा सुरक्षा को भी बढ़ाया गया है और ग्रुप एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बढ़ाकर दस लाख रुपये कर दिया गया है। यह व्यवस्था किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

    यात्रा दो प्रमुख मार्गों से पूरी की जाएगी, जिनमें पहलगाम और बालटाल मार्ग शामिल हैं। पहलगाम मार्ग अपेक्षाकृत लंबा लेकिन आसान माना जाता है, जबकि बालटाल मार्ग छोटा होने के बावजूद अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण है। दोनों मार्गों पर सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को पहले से अधिक मजबूत किया गया है।

    समुद्र तल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर वर्ष श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले पूरी तैयारी करें और आवश्यक दस्तावेज तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करें।

    इस वर्ष की यात्रा को लेकर प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा, चिकित्सा और आधारभूत ढांचे को पहले से अधिक मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित धार्मिक अनुभव मिल सके।

  • अमरनाथ यात्राः 15 अप्रैल से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन…. पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा परमिट

    अमरनाथ यात्राः 15 अप्रैल से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन…. पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा परमिट


    जम्मू।
    अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण (Registration) कराया जा सकेगा। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (Shri Amarnathji Shrine Board) ने बुधवार को इसका एलान कर दिया। पंजीकरण देश भर के निर्धारित बैंक शाखाओं के माध्यम से होगा। यात्रा परमिट (Travel permit.) ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर जारी होगा। यात्रा की तारीख भी जल्द घोषित की जाएगी। देश भर की 554 बैंक शाखाओं में पंजीकरण होगा।

    पंजीकरण के दौरान प्रत्येक बैंक शाखा को प्रतिदिन, प्रति मार्ग एक निश्चित कोटा आवंटित किया गया है। 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का पंजीकरण नहीं होगा। इसी तरह छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती का भी पंजीकरण नहीं होगा।

    बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा परमिट आधार-आधारित बायोमीट्रिक ई-केवाईसी प्रमाणीकरण के बाद सिस्टम से एनआईसी पोर्टल (https://jksasb.nic.in) पर जारी किया जाएगा। यदि प्रमाणीकरण में तकनीकी खराबी आती है तो बैंक शाखा मैनुअल फोटो और डेटा प्रविष्टि के माध्यम से पंजीकरण कर सकेगी।


    पंजीकरण के लिए आवश्यक जानकारियां

    – यात्रियों को पंजीकरण के लिए वैध अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जमा करना होगा। यह आठ अप्रैल या उसके बाद अधिकृत डॉक्टर/मेडिकल संस्थान की ओर से जारी किया गया हो। पंजीकरण शुल्क प्रति यात्रा परमिट 150 रुपये निर्धारित किया गया है।
    – यात्रा परमिट पर मार्ग (बालटाल या पहलगाम और यात्रा तिथि स्पष्ट रूप से अंकित होगी। बैंक शाखाओं में पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। शाखाओं के कर्मचारियों को यात्रियों के अग्रिम पंजीकरण के हर पहलू में प्रशिक्षित किया जाएगा।
    – यात्री सही मोबाइल और आधार नंबर का उपयोग करें। सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कराएं।
    – यात्रियों को मौसम और ऊंचाई के अनुसार उचित स्वास्थ्य व सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा की तारीख की घोषणा के साथ ही सभी आवश्यक दिशानिर्देश सार्वजनिक किए जाएंगे।