Tag: AmarnathYatra

  • अमरनाथ यात्रियों से भरे काफिले में बड़ा हादसा जम्मू श्रीनगर हाईवे पर चार वाहन भिड़े 18 श्रद्धालु घायल

    अमरनाथ यात्रियों से भरे काफिले में बड़ा हादसा जम्मू श्रीनगर हाईवे पर चार वाहन भिड़े 18 श्रद्धालु घायल

    नई दिल्ली । अमरनाथ यात्रा के दौरान सोमवार को जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। रामबन जिले के चंदरकोट क्षेत्र में यात्रा काफिले के साथ चल रहे चार वाहन आपस में टकरा गए जिससे अफरा तफरी मच गई। हादसे में 18 अमरनाथ श्रद्धालु घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि सभी को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत राहत एवं बचाव अभियान चलाया और सभी घायलों को रामबन जिला अस्पताल पहुंचाया।

    जानकारी के अनुसार हादसा चंदरकोट स्थित लंगर स्थल के पास उस समय हुआ जब पहलगाम की ओर जा रहे अमरनाथ यात्रा काफिले में शामिल वाहन एक दूसरे से टकरा गए। सबसे पहले जम्मू कश्मीर सड़क परिवहन निगम की एक बस आगे चल रही दूसरी एसआरटीसी बस से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि दूसरी बस आगे चल रही कार से टकरा गई और कार ने सामने मौजूद एक निजी बस को जोरदार टक्कर मार दी। देखते ही देखते चारों वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए और यात्रियों में चीख पुकार मच गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल रामबन ले जाया गया जहां उनका उपचार शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी यात्री की हालत गंभीर नहीं है और सभी खतरे से बाहर हैं।

    अब तक दस घायलों की पहचान हो चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी हर्ष राजपूत विशाल गुप्ता और पंकज सुवनकर शामिल हैं। महाराष्ट्र के यवतमाल निवासी सुहास जीवन मोवाडे भी हादसे में घायल हुए हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी भारत भूषण और विनोद कुमार को भी चोटें आई हैं। इसके अलावा राजस्थान के बीकानेर की किरण पंजाब की सीमा रानी राजस्थान के पवन कुमार और गंगा सिन्हा भी घायलों में शामिल हैं। शेष आठ यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

    दुर्घटना के कारण जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर मार्ग को दोबारा सुचारु कराया। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई या किसी तकनीकी खराबी की वजह से।

    गौरतलब है कि इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई है और यह 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू कश्मीर पहुंच रहे हैं। अब तक दो लाख पैंतालीस हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं लेकिन इस हादसे ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षित संचालन की चुनौती को एक बार फिर सामने ला दिया है।

  • अमरनाथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में, पहली पूजा के साथ सुरक्षा व्यवस्था हुई मजबूत, 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

    अमरनाथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में, पहली पूजा के साथ सुरक्षा व्यवस्था हुई मजबूत, 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

    नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत से पहले सोमवार को बाबा बर्फानी की पहली पूजा विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने पूजा-अर्चना कर यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन की कामना की। इस वर्ष पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन तक चलेगी। कुल 57 दिनों तक चलने वाली इस धार्मिक यात्रा के लिए प्रशासन ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

    इस बार श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग दोनों से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना होंगे। प्रशासन के अनुसार 15 अप्रैल से अब तक चार लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं। यात्रा का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना किया जाएगा।

    यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया है। बालटाल और चंदनवाड़ी में बेस अस्पताल शुरू कर दिए गए हैं, जबकि दोनों यात्रा मार्गों पर चिकित्सा सुविधाएं और आपातकालीन सहायता केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का तुरंत उपचार मिल सके, इसके लिए डॉक्टरों और मेडिकल टीमों की तैनाती भी की गई है।

    प्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्गों पर बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि महागणेश टॉप के पास जमी बर्फ को हटाने का कार्य अंतिम चरण में है। अधिकारियों के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में यह काम भी पूरा कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह सुगम हो सकेगी।

    यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को भी अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोड ओपनिंग पार्टी लगातार गश्त कर रही है। इसके साथ ही इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को सक्रिय कर पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी की जा रही है। पुलिस, अर्धसैनिक बलों और प्रशासनिक एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर मॉक ड्रिल और सुरक्षा अभ्यास भी आयोजित किए गए हैं। यात्रा मार्ग और बेस कैंपों पर आने वाले श्रद्धालुओं तथा साधु-संतों की नियमित जांच भी की जा रही है।

    अमरनाथ यात्रा के लिए दो प्रमुख मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पारंपरिक पहलगाम मार्ग लगभग 41 किलोमीटर लंबा है, जहां से पवित्र गुफा तक पहुंचने में सामान्यतः तीन से चार दिन का समय लगता है। यह मार्ग अपेक्षाकृत आसान माना जाता है और ऊंचाई धीरे-धीरे बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को अनुकूल वातावरण मिलता है। वहीं बालटाल मार्ग करीब सात किलोमीटर लंबा है, लेकिन इसकी चढ़ाई अधिक खड़ी और कठिन होने के कारण यह अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

    यात्रा शुरू होने से पहले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रायल काफिले का सफल ड्राई रन भी किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का परीक्षण किया गया। ट्रायल काफिला तय समय के भीतर रामबन पहुंचा, जिससे प्रशासन ने यात्रा की तैयारियों पर संतोष जताया। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

  • अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ा अपडेट, रजिस्ट्रेशन ने पकड़ी रफ्तार; सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर

    अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ा अपडेट, रजिस्ट्रेशन ने पकड़ी रफ्तार; सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर


    नई दिल्ली । अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और इसका असर रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। अब तक 3.5 लाख से अधिक भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि इस वर्ष यात्रा को लेकर आस्था और उत्साह दोनों चरम पर हैं। यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी और यह 57 दिनों तक चलेगी, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

    प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यात्रा मार्गों पर बर्फ हटाने और ट्रैक बहाली का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें बालटाल और पहलगाम दोनों प्रमुख मार्गों पर कई किलोमीटर तक बर्फ हटाई जा चुकी है। हालांकि अभी भी कुछ ऊंचाई वाले हिस्सों में भारी बर्फ जमा है, जिसे हटाने का काम जारी है। अधिकारियों का मानना है कि जून के मध्य तक दोनों मार्ग पूरी तरह से यात्रा के लिए तैयार कर दिए जाएंगे।

    श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार कई नए यात्री निवास तैयार किए गए हैं, जहां हजारों यात्रियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। पहलगाम, बालटाल, सोनमर्ग और बिजबेहड़ा जैसे प्रमुख स्थानों पर सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा न हो। इसके साथ ही मेडिकल सुविधा, पेयजल, बिजली और संचार व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यात्रा मार्गों के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना बनाई गई है और निगरानी व्यवस्था को भी और मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जो लोग अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं, वे जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    इसके साथ ही यात्रियों को मौसम और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी आवश्यक सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है, क्योंकि यह यात्रा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से होकर गुजरती है। बदलते मौसम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों को देखते हुए प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में काम तेज कर दिया है।

    कुल मिलाकर, इस बार अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह और प्रशासन की तैयारियां दोनों ही उच्च स्तर पर हैं, जिससे उम्मीद की जा रही है कि यह यात्रा अब तक की सबसे व्यवस्थित और सुरक्षित यात्राओं में से एक होगी।