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  • अमेजन ने इस माह दूसरी बार किया छंटनी का ऐलान…. 250 लोगों को दिखाया बाहर का रास्ता!

    अमेजन ने इस माह दूसरी बार किया छंटनी का ऐलान…. 250 लोगों को दिखाया बाहर का रास्ता!


    सैन फ्रांसिस्को ।
    अमेजन (Amazon) ने इस महीने दूसरी बार छंटनी (Layoffs) का एलान किया है। कंपनी अपने डिवाइस और सर्विसेज यूनिट में 250 तक कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर रही है। इससे पहले इसी महीने कंपनी के मुख्य रिटेल कारोबार (Core Retail Business) में करीब 1,000 पदों पर कटौती की गई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम कंपनी की ओर से किंडल ई-रीडर और टैबलेट जैसे नए उत्पाद पेश किए जाने के कुछ सप्ताह बाद उठाया गया है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस छंटनी से मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट टीमों के कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने कहा है कि यह फैसला कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने और उत्पादों की योजनाओं के अनुरूप संगठन को तैयार करने के लिए लिया गया है।


    सुबह ईमेल और टेक्स्ट मैसेज से दी गई जानकारी

    कर्मचारियों को बुधवार सुबह ईमेल और टेक्स्ट मैसेज के जरिए इसकी जानकारी दी गई। डिवाइस और सर्विसेज यूनिट में मानव संसाधन की उपाध्यक्ष चेरी रॉबिन्सन की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया कि कंपनी ने अपने संगठनात्मक ढांचे की विस्तृत समीक्षा की, जिसके बाद कुछ पदों को खत्म करने का फैसला लिया गया।


    कंपनी ने क्या कहा?

    रॉयटर्स की पूछताछ के बाद अमेजन के प्रवक्ता ने छंटनी की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हमने कम संख्या में पद खत्म करने का कठिन फैसला लिया है।” कंपनी के मुताबिक, इस कदम से कामकाज को अधिक कुशल बनाने और उत्पाद योजनाओं के साथ बेहतर तालमेल बैठाने में मदद मिलेगी। इस साल जनवरी में भी अमेजन ने करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। इससे पहले अक्तूबर 2025 में कंपनी ने लगभग 14,000 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म की थीं।

    जनवरी में कंपनी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेथ गैलेट्टी ने कर्मचारियों को बताया था कि छंटनी का उद्देश्य प्रबंधन के स्तर कम करना, जिम्मेदारी बढ़ाना और नौकरशाही को घटाना है। उन्होंने कहा था कि कंपनी की योजना हर कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर छंटनी करने की नई परंपरा शुरू करने की नहीं है। हालांकि, हर टीम अपने कामकाज, गति और ग्राहकों के लिए नए उत्पाद विकसित करने की क्षमता की समीक्षा करती रहेगी।


    उत्पाद योजनाओं के अनुरूप बदलाव का दावा

    कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि छंटनी का उद्देश्य अमेजन को अधिक कुशलता से काम करने में मदद करना और उसके उत्पादों की योजनाओं के अनुरूप संगठन को तैयार करना है। बुधवार को कंपनी ने एलेक्सा से लैस नई अलार्म घड़ी और फोटो फ्रेम की भी घोषणा की। कंपनी की परंपरा के अनुसार, बुधवार सुबह कर्मचारियों को टेक्स्ट मैसेज और ईमेल के जरिए छंटनी की जानकारी दी गई।

    रॉयटर्स के अनुसार, डिवाइस और सर्विसेज यूनिट में मानव संसाधन की उपाध्यक्ष चेरी रॉबिन्सन ने एक संदेश में कहा कि कंपनी ने अपने संगठनात्मक ढांचे की विस्तृत समीक्षा की थी। इसके बाद कुछ पदों को खत्म करने की जरूरत सामने आई।


    गुरुवार को तीसरी तिमाही के नतीजे

    अमेजन गुरुवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने वाली है। इस साल जनवरी में कंपनी ने करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी लगभग 14,000 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म की गई थीं।

    रिपोर्टों में पहले की छंटनी के संभावित कारणों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई में कंपनी के बड़े निवेश का भी उल्लेख किया गया था। बताया गया है कि अमेजन डेटा सेंटर और बुनियादी ढांचे पर 125 अरब डॉलर निवेश कर रही है। कंपनी इस क्षेत्र में गूगल और माइक्रोसॉफ्ट से प्रतिस्पर्धा कर रही है।


    माइक्रोसॉफ्ट और ड्रॉपबॉक्स में भी कटौती

    तकनीकी क्षेत्र में इस सप्ताह कर्मचारियों की संख्या घटाने वाली अमेजन अकेली कंपनी नहीं है। मंगलवार को माइक्रोसॉफ्ट ने अपने करीब 60,000 कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का विकल्प देने की घोषणा की। कंपनी बदलती कारोबारी प्राथमिकताओं और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश के बीच अपने कार्यबल में बदलाव कर रही है।

    वहीं, बुधवार को फाइल साझा करने वाली कंपनी ड्रॉपबॉक्स ने वैश्विक स्तर पर अपने 9 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी की योजना बताई। कंपनी के मुताबिक, इसका उद्देश्य संसाधनों को उन क्षेत्रों पर केंद्रित करना है, जहां ग्राहकों को अधिक लाभ पहुंचाने और कारोबार बढ़ाने की संभावना सबसे ज्यादा है।

    2026 में टेक कंपनियों में बड़े पैमाने पर छंटनी
    तकनीकी उद्योग में छंटनी के आंकड़े जुटाने वाली संस्था ट्रूअप के अनुसार, 2026 में अब तक 670 टेक कंपनियों ने छंटनी की घोषणा की है। इससे 1,97,123 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। यानी औसतन हर दिन 655 लोगों की नौकरी गई है। वर्ष 2025 में 783 टेक कंपनियों ने 2,45,953 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। उस साल औसतन हर दिन 674 लोगों की नौकरी प्रभावित हुई थी।

  • अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल की अर्ली डील्स लाइव, कई श्रेणियों में साल की सबसे कम कीमतों का दावा

    अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल की अर्ली डील्स लाइव, कई श्रेणियों में साल की सबसे कम कीमतों का दावा


    बेंगलुरु। अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2026 की अर्ली डील्स Amazon.in पर शुरू हो गई हैं। कंपनी के अनुसार, ग्राहकों को विभिन्न श्रेणियों के लाखों उत्पादों पर साल की सबसे कम कीमतों में खरीदारी का मौका मिलेगा। स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, ब्यूटी, होम एवं किचन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े उत्पादों के साथ तेज डिलीवरी के विकल्प भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    कंपनी के मुताबिक, एसबीआई क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान करने वाले ग्राहकों को ईएमआई लेनदेन सहित 10 प्रतिशत इंस्टेंट डिस्काउंट मिलेगा। वहीं, ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 2026 के दौरान खरीदारी करने वाले प्राइम सदस्यों को 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त लाभ मिलने की बात कही गई है।

    अमेजन पे से खरीदारी पर अतिरिक्त फायदे

    त्योहारी खरीदारी के दौरान अमेजन पे के जरिए भी ग्राहकों को कई ऑफर मिलेंगे। अमेजन पे आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले प्राइम सदस्यों को अनलिमिटेड पांच प्रतिशत कैशबैक और नॉन-प्राइम सदस्यों को तीन प्रतिशत कैशबैक मिलेगा। इसके अलावा ग्राहकों को 2,500 रुपये तक के वेलकम रिवॉर्ड दिए जाएंगे। कार्ड पर जॉइनिंग और वार्षिक शुल्क से पूरी तरह छूट भी उपलब्ध होगी।

    अमेजन पे लैटर के जरिए चुनिंदा खरीदारी पर 10 प्रतिशत तक कैशबैक का लाभ लिया जा सकता है। 1,500 रुपये या इससे अधिक के कार्ट मूल्य पर तीन ब्याज-मुक्त ईएमआई में भुगतान की सुविधा भी मिलेगी। कंपनी के अनुसार, इस सुविधा पर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    फैशन, ब्यूटी, होम और किचन श्रेणियों में 300 रुपये या इससे अधिक के अमेजन पे बैलेंस ऑर्डर पर 20 रुपये का फ्लैट कैशबैक मिलेगा। पहली बार बिल भुगतान करने वाले ग्राहकों को 500 रुपये तक के रिवॉर्ड और रिचार्ज व बिल भुगतान पर 50 रुपये तक का कैशबैक दिया जाएगा।

    त्योहारी छुट्टियों की तैयारी कर रहे प्राइम सदस्य अमेजन पे आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड के जरिए फ्लाइट और होटल बुकिंग पर 15 प्रतिशत तक की छूट के साथ पांच प्रतिशत कैशबैक का लाभ ले सकेंगे।

    अमेजन नाउ पर भी अर्ली डील्स

    अमेजन नाउ पर भी हजारों उत्पादों की अर्ली डील्स उपलब्ध हैं। कंपनी के अनुसार, इन उत्पादों की डिलीवरी कुछ ही मिनटों में की जा सकती है। अमेजन नाउ ने 10 सप्ताह से कम समय में अपनी पहुंच चार गुना बढ़ाकर 65 से अधिक भारतीय शहरों और कस्बों तक कर ली है।

    इसके अलावा कंपनी 10 लाख से अधिक उत्पादों की उसी दिन डिलीवरी, 40 लाख से अधिक उत्पादों की अगले दिन डिलीवरी और लाखों अन्य उत्पादों पर प्राइम सदस्यों के लिए अनलिमिटेड मुफ्त डिलीवरी की सुविधा दे रही है।

    खरीदारी में एआई टूल्स की मदद

    अमेजन इंडिया खरीदारी के अनुभव को आसान बनाने के लिए एआई आधारित टूल्स का भी इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी के अनुसार, इनका उद्देश्य ग्राहकों को उत्पाद खोजने और खरीदारी का फैसला लेने में मदद करना है।

    रुफस की सहायता से ग्राहक सामान्य भाषा में अपनी जरूरत बताकर व्यक्तिगत सुझाव प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर ग्राहक 40 हजार रुपये से कम कीमत में स्मार्टफोन की डील या दिवाली के लिए शुरुआती ऑफर पूछ सकते हैं।

    लेन्स एआई के जरिए ग्राहक किसी प्रोडक्ट की तस्वीर खींचकर उसे ऑनलाइन खोज सकते हैं। रुफस 30 से 90 दिनों का प्राइस हिस्ट्री ट्रैकर भी उपलब्ध कराता है। ग्राहक अपनी पसंदीदा कीमत तय कर सकते हैं और प्रोडक्ट उस कीमत तक पहुंचने पर खरीदारी पूरी करने के लिए अलर्ट प्राप्त कर सकते हैं।

    एआई रिव्यू हाइलाइट्स, क्विक लर्न और बाइंग गाइड्स जैसे फीचर उत्पादों को समझने और उनकी तुलना करने में मदद करते हैं। कंपनी के अनुसार, अधिक व्यक्तिगत होमपेज भी ग्राहकों की पसंद के अनुरूप प्रासंगिक उत्पाद खोजने में सहायता करता है।

    8 अक्टूबर से शुरू होगा मुख्य फेस्टिवल

    अर्ली डील्स के जरिए ग्राहक 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल से पहले ही त्योहारी खरीदारी शुरू कर सकते हैं। Amazon.in पर इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सेसरीज सहित कई श्रेणियों में चुनिंदा डील्स लाइव हो चुकी हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सेसरीज पर 80 प्रतिशत तक की छूट का दावा किया गया है।

    वनप्लस एन6एक्स पर भी ऑफर

    अर्ली डील्स में वनप्लस एन6एक्स को भी शामिल किया गया है। कंपनी के अनुसार, फोन में 7,000 एमएएच की बैटरी दी गई है, जो 2.5 दिनों तक इस्तेमाल की सुविधा देती है। इसमें छह साल तक की बैटरी हेल्थ का सपोर्ट मिलने की बात कही गई है। बैंक ऑफर्स सहित फोन को 18,499 रुपये में खरीदा जा सकता है।

    वहीं, वनप्लस वॉच 2 आर पर भी ऑफर उपलब्ध है। इसमें 1.43 इंच का एमोलेड डिस्प्ले, स्नैपड्रैगन डब्ल्यू5 चिपसेट और 100 घंटे तक की बैटरी लाइफ दी गई है। स्मार्टवॉच में डुअल-फ्रीक्वेंसी जीपीएस, 100 से अधिक स्पोर्ट्स मोड, ब्लूटूथ कॉलिंग और हेल्थ ट्रैकिंग जैसे फीचर भी हैं।

  • दूध-दही से स्नैक्स तक ऑनलाइन बिक्री पर FSSAI की सख्ती, प्रोडक्ट दावों और धतूरे की बिक्री पर उठे सवाल

    दूध-दही से स्नैक्स तक ऑनलाइन बिक्री पर FSSAI की सख्ती, प्रोडक्ट दावों और धतूरे की बिक्री पर उठे सवाल

    नई दिल्ली ।घर बैठे किराने का सामान और खाने-पीने की चीजें मंगाने वाले ग्राहकों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आई है। खाद्य सुरक्षा और मानक से जुड़े मामलों की निगरानी करने वाली संस्था FSSAI ने Amazon, Flipkart, Zepto, Swiggy Instamart और BigBasket के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है। इन प्लेटफॉर्म पर कुछ खाद्य उत्पादों से जुड़े दावों को नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने और एक मामले में धतूरे के फल तथा बीज की ऑनलाइन बिक्री से संबंधित मामला सामने आया है।

    FSSAI की कार्रवाई Happilo Premium Date Bites Zesty Orange से जुड़े मामले में पांचों प्लेटफॉर्म तक पहुंची है। जानकारी के अनुसार इस उत्पाद पर किए गए कुछ दावों को निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं माना गया और उन्हें भ्रामक बताया गया। यह उत्पाद Amazon, Flipkart, Zepto, Swiggy Instamart और BigBasket पर उपलब्ध था। इसी वजह से इस मामले में सभी पांच प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

    इसके अलावा Milky Mist के कुछ डेयरी उत्पादों को लेकर भी आपत्ति सामने आई है। इनमें Fresh Low Fat Cream, Farm Fresh Curd और Greek Yoghurt शामिल हैं। इन उत्पादों से जुड़े मामलों में Swiggy Instamart और BigBasket के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

    पूरे मामले में धतूरे के फल और बीज की ऑनलाइन बिक्री से जुड़ा प्रकरण भी सामने आया है। धतूरा खाने की वस्तु नहीं है और इसके फल तथा बीज जहरीले माने जाते हैं। FSSAI ने इसे प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की श्रेणी में रखा है।

    FSSAI के अनुसार Amazon, Swiggy Instamart और BigBasket पर धतूरे के फल और बीज को ऑनलाइन प्रदर्शित करने तथा बेचने से जुड़े मामले सामने आए हैं। इसी आधार पर इन तीनों प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।

    प्लेटफॉर्म के हिसाब से देखें तो BigBasket और Swiggy Instamart पर तीन तरह के मामले सामने आए हैं। इनमें Happilo उत्पाद से जुड़ा मामला, Milky Mist के उत्पादों से संबंधित आपत्ति और धतूरे की ऑनलाइन बिक्री का मामला शामिल है। Amazon पर Happilo उत्पाद और धतूरे से जुड़े मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है। वहीं Flipkart और Zepto के खिलाफ फिलहाल Happilo उत्पाद से जुड़े मामले में कार्रवाई शुरू होने की जानकारी है।

    इस कार्रवाई का असर सीधे तौर पर ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। अब ग्राहक किराने के सामान के साथ दूध, दही, पनीर, स्नैक्स और दूसरी खाद्य वस्तुएं भी ऑनलाइन मंगाते हैं। ऐसे में खरीदारी के दौरान वे अक्सर ऑनलाइन लिस्टिंग में दी गई जानकारी और उत्पाद की पैकिंग पर लिखे दावों पर निर्भर करते हैं।

    FSSAI की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि ऑनलाइन माध्यम से खाद्य उत्पादों की बिक्री करने वाले प्लेटफॉर्म भी खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के दायरे में आते हैं। ऑनलाइन उपलब्ध किसी उत्पाद की लिस्टिंग में दी गई जानकारी और उसके दावों को लेकर भी नियामकीय कार्रवाई हो सकती है।

    हालांकि इस मामले में अभी अंतिम जुर्माने या दंड की जानकारी सामने नहीं आई है। FSSAI ने फिलहाल दंडात्मक कार्रवाई शुरू करने की बात कही है, इसलिए प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम निर्णय आना बाकी है।

    साथ ही इस कार्रवाई को संबंधित उत्पादों और ऑनलाइन लिस्टिंग से जुड़े मामलों के रूप में देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे संबंधित कंपनियों के खिलाफ अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता, क्योंकि कार्रवाई की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

  • Amazon Great Indian Festival 2026 का ऐलान, 8 अक्टूबर से शुरू होगी बड़ी फेस्टिव सेल

    Amazon Great Indian Festival 2026 का ऐलान, 8 अक्टूबर से शुरू होगी बड़ी फेस्टिव सेल

    नई दिल्ली । त्योहारी सीजन के साथ ऑनलाइन शॉपिंग की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। Amazon ने भारत में अपनी Great Indian Festival 2026 सेल की तारीख घोषित कर दी है। यह बड़ी फेस्टिव सेल 8 अक्टूबर से शुरू होगी। सेल के दौरान Smartphones, Electronics, TV, Home Appliances और दूसरी कई कैटेगरी के प्रोडक्ट्स पर अलग-अलग तरह के ऑफर्स मिलने की उम्मीद है। हालांकि अभी हर प्रोडक्ट की अंतिम कीमत और सटीक डिस्काउंट की जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस बार सेल में ग्राहकों को कई तरह के डील फॉर्मेट देखने को मिलेंगे। Blockbuster Deals, Top 100 Deals, Mega Deals और 8 PM Deals जैसे ऑफर्स के अलावा Buy More Save More, Exchange Mela, Amazon Combos और Sample Mania भी सेल का हिस्सा होंगे। इन ऑफर्स के जरिए अलग-अलग कैटेगरी में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कीमत में बचत के कई विकल्प मिल सकते हैं।

    सेल में SBI के पात्र क्रेडिट और डेबिट कार्ड से खरीदारी करने पर 10 प्रतिशत तक की तत्काल छूट मिलने की जानकारी दी गई है। पात्र क्रेडिट कार्ड से EMI पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों को भी यह लाभ मिल सकता है। हालांकि न्यूनतम खरीदारी, अधिकतम डिस्काउंट और किन प्रोडक्ट्स पर यह ऑफर लागू होगा, इसकी विस्तृत शर्तें अभी स्पष्ट नहीं की गई हैं।

    Prime Members के लिए भी सेल में अतिरिक्त बचत का विकल्प रहेगा। कुछ चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर Prime ग्राहकों को 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त सेविंग्स मिलने की जानकारी दी गई है। यह लाभ सभी प्रोडक्ट्स पर समान रूप से लागू होगा या नहीं, इसकी पूरी जानकारी सेल शुरू होने के बाद सामने आ सकती है।

    Smartphone खरीदने वाले ग्राहकों की नजर खासतौर पर प्रीमियम मॉडल्स पर रह सकती है। नए iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के बाजार में उपलब्ध होने के बीच पुराने प्रीमियम मॉडल्स पर कंपनियों और विक्रेताओं की ओर से कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। iPhone 17 Pro, iPhone 17 Pro Max और Samsung Galaxy S25 Ultra जैसे स्मार्टफोन पर Price Cut, Bank Offer और Exchange Benefit मिलने की संभावना है, लेकिन इनकी अंतिम सेल कीमत अभी घोषित नहीं हुई है।

    ग्राहकों को अलग-अलग कैटेगरी में Exchange Offers और No Cost EMI का विकल्प भी मिलेगा। पुराने डिवाइस को एक्सचेंज करके नया गैजेट खरीदने पर मिलने वाला वास्तविक लाभ डिवाइस की स्थिति और निर्धारित एक्सचेंज वैल्यू पर निर्भर करेगा। इसी तरह No Cost EMI की उपलब्धता भी संबंधित प्रोडक्ट और भुगतान विकल्पों के आधार पर अलग हो सकती है।

    किसी भी प्रोडक्ट की वास्तविक बचत केवल घोषित डिस्काउंट से तय नहीं होगी। Product Price, Seller Offer, Bank Discount, Exchange Value और उपलब्ध Stock जैसे कई कारक अंतिम कीमत को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए खरीदारी के दौरान ऑफर की सभी शर्तों और अंतिम भुगतान राशि की जांच करना जरूरी होगा।

    त्योहारी खरीदारी बढ़ने की संभावना को देखते हुए डिलीवरी नेटवर्क को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत 20 नए Fulfilment Centers, 6 Sort Centers और 150 Last-Mile Delivery Stations जोड़े गए हैं। इसके साथ 1.6 लाख से अधिक मौसमी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई है। सेल की शुरुआत के बाद अलग-अलग प्रोडक्ट्स पर वास्तविक कीमत और ऑफर्स की तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होगी।

  • Amazon और Flipkart ने ऑर्डर कैंसलेशन नियम बदले, सेलर्स पर नए शुल्क और पेनल्टी का कितना पड़ेगा असर जानिए

    Amazon और Flipkart ने ऑर्डर कैंसलेशन नियम बदले, सेलर्स पर नए शुल्क और पेनल्टी का कितना पड़ेगा असर जानिए

    नई दिल्ली ।फेस्टिव सीजन से पहले Amazon और Flipkart ने अपने सेलर्स के लिए ऑर्डर पूरा करने और कैंसलेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इन बदलावों का उद्देश्य ग्राहकों के ऑर्डर समय पर पूरा कराने और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद बनाना है। हालांकि, छोटे और मध्यम कारोबारियों ने नए शुल्क और पेनल्टी से लागत बढ़ने की चिंता जताई है।

    Amazon ने Easy Ship और Self Ship मॉडल के तहत काम करने वाले सेलर्स के लिए कैंसलेशन फीस की गणना का तरीका बदला है। नया ढांचा 17 अगस्त से लागू किया गया है। Self Ship व्यवस्था में विक्रेता अपने स्तर पर उत्पाद की पैकिंग और डिलीवरी कराता है तथा अपनी कूरियर सेवा का इस्तेमाल करता है। इसमें Amazon की लॉजिस्टिक्स सेवा शामिल नहीं होती।

    नए नियम के तहत कैंसलेशन फीस अब ऑर्डर की कीमत के प्रतिशत के आधार पर निर्धारित होगी। 10 हजार रुपये से कम मूल्य वाले ऑर्डर पर सेलर से ऑर्डर वैल्यू का 10 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। 10,001 से 50 हजार रुपये तक के ऑर्डर पर यह शुल्क 8 प्रतिशत होगा।

    इसी तरह 50,001 रुपये से एक लाख रुपये तक के ऑर्डर पर कैंसलेशन फीस 5 प्रतिशत और एक लाख रुपये से अधिक मूल्य वाले ऑर्डर पर 2 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इन शुल्कों के अतिरिक्त 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर भी लागू होगा।

    हालांकि, यह शुल्क प्रत्येक कैंसलेशन पर लागू नहीं होगा। ग्राहक की मांग पर किए गए कैंसलेशन को इससे अलग रखा गया है। शुल्क तब लागू होगा जब सेलर अपनी तरफ से किसी कारण से ऑर्डर कैंसिल करता है। इसके अलावा अनुमानित शिपिंग तारीख के 24 घंटे के भीतर सेलर द्वारा शिपमेंट भेजकर उसकी पुष्टि नहीं करने पर ऑर्डर अपने आप कैंसिल होने की स्थिति में भी शुल्क लगाया जा सकता है।

    Amazon की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि सेलर के नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों में होने वाले कैंसलेशन के लिए अलग व्यवस्था मौजूद है। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य सेलर्स को ग्राहकों के ऑर्डर भरोसेमंद तरीके से पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस तरह के सेलर-initiated कैंसलेशन प्लेटफॉर्म पर कुल ऑर्डर का एक प्रतिशत से भी कम हैं।

    दूसरी ओर Flipkart ने भी सेलर्स के लिए तीन स्तर वाली पेनल्टी व्यवस्था लागू की है। यह नया सिस्टम 23 अगस्त से प्रभावी हुआ है और इसका संबंध ऑर्डर को तय समयसीमा में डिस्पैच के लिए तैयार नहीं करने तथा बाद में कैंसिल होने जैसी स्थितियों से है।

    नए नियम के तहत यदि कोई ऑर्डर तय Dispatch By Date तक पिकअप के लिए तैयार नहीं होता है तो प्रति शिपमेंट 30 रुपये की पेनल्टी लग सकती है। यदि सेलर खुद ऑर्डर कैंसिल करता है या तीन बार डिस्पैच की समयसीमा चूकने के बाद ऑर्डर अपने आप कैंसिल होता है, तो प्रति शिपमेंट 60 रुपये का शुल्क लगाया जाएगा।

    यदि ऑर्डर में देरी होने के बाद वह कैंसिल हो जाता है तो पेनल्टी 90 रुपये प्रति शिपमेंट तक पहुंच सकती है। इससे पहले समयसीमा चूकने पर सेलर का अकाउंट कुछ अवधि के लिए लॉक होने जैसी कार्रवाई भी हो सकती थी।

    Flipkart ने नए सेलर्स को इस व्यवस्था से शुरुआती तीन महीनों तक बाहर रखा है। इसका उद्देश्य नए कारोबारियों को प्लेटफॉर्म की प्रक्रिया समझने और अपनी लॉजिस्टिक्स व्यवस्था तैयार करने के लिए समय देना है।

    दोनों कंपनियों के बदलाव ऐसे समय में आए हैं जब त्योहारी खरीदारी का सीजन शुरू होने वाला है और ऑनलाइन ऑर्डर में तेजी आने की संभावना रहती है। ग्राहकों के लिए इसका सीधा उद्देश्य समय पर ऑर्डर और बेहतर सेवा सुनिश्चित करना है, जबकि सेलर्स को अब स्टॉक, डिस्पैच और डिलीवरी समयसीमा की योजना पहले से अधिक सावधानी से बनानी होगी।

  • कर्नाटक में ऑनलाइन बिक रहा था जहरीला धतूरा, Amazon, Instamart और BigBasket के फूड लाइसेंस निलंबित

    कर्नाटक में ऑनलाइन बिक रहा था जहरीला धतूरा, Amazon, Instamart और BigBasket के फूड लाइसेंस निलंबित

    नई दिल्ली ।कर्नाटक में जहरीले धतूरा फल और बीज की ऑनलाइन बिक्री के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने Amazon, Instamart और BigBasket से जुड़े फूड लाइसेंस को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धतूरा के फल और बीज को मानव इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराए जाने की शिकायतों और जांच के बाद की गई।

    धतूरा एक जहरीला पौधा माना जाता है और इसके फल तथा बीज का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसी वजह से खाद्य पदार्थों की श्रेणी में इसकी बिक्री और वितरण को लेकर विभाग ने गंभीर आपत्ति जताई। जांच के दौरान अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर धतूरा के फल और बीज बिक्री के लिए प्रदर्शित पाए गए।

    जांच में कुछ ऐसे पैकेट भी सामने आए जिन पर फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज था। विभाग के अनुसार, धतूरा जैसे जहरीले उत्पादों को खाद्य पदार्थ के रूप में स्टोर करना, बेचना या वितरित करना स्वीकार्य नहीं है। जांच के दौरान ऐसे उत्पादों के गोदामों में रखे होने की जानकारी भी सामने आई, जिससे खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों को विभाग के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। कंपनियों से ऑनलाइन बिक्री, उत्पादों की उपलब्धता और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज मांगे गए।

    Amazon की ओर से इस मामले में अपना जवाब दाखिल नहीं किया गया। वहीं Instamart ने अपने स्तर पर की गई कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। BigBasket ने बताया कि उसने धतूरा के फलों की ऑनलाइन बिक्री रोक दी है। कंपनी की ओर से भविष्य में ऐसे उत्पादों की लेबलिंग को स्पष्ट करने की बात भी कही गई।

    BigBasket ने यह भी कहा कि ऐसे उत्पादों पर मानव उपभोग के लिए नहीं होने की स्पष्ट चेतावनी दी जाएगी। हालांकि, नियामक विभाग ने कंपनियों की ओर से दिए गए जवाब और स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना। विभाग का कहना है कि जहरीले उत्पादों को खाद्य पदार्थ के तौर पर उपलब्ध कराना खाद्य सुरक्षा के लिहाज से स्वीकार्य नहीं है।

    कार्रवाई के तहत Amazon, Instamart और BigBasket के संबंधित फूड लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। लाइसेंस की बहाली आगे की सुनवाई और कंपनियों की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद ही हो सकेगी। इस दौरान कंपनियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का पालन करना होगा।

    विभाग ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से धतूरा के फल और बीज की उन सभी लिस्टिंग और विज्ञापनों को तत्काल हटाने या निलंबित करने का निर्देश दिया है, जिनमें इन्हें खाद्य पदार्थ या मानव उपभोग के लिए उपलब्ध बताया गया हो। साथ ही धतूरा उत्पादों की आपूर्ति करने वाले संबंधित विक्रेताओं और सप्लायरों के लाइसेंस तथा रजिस्ट्रेशन पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

    इस कार्रवाई से ऑनलाइन खाद्य बिक्री में उत्पादों की जांच, सही लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जिम्मेदारी एक बार फिर सामने आई है। विभाग की सख्ती का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहरीले या मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक पदार्थ खाद्य उत्पादों के रूप में उपभोक्ताओं तक न पहुंचें।

  • पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अमेजन का बड़ा दांव, भारत में 1.24 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश से एआई और क्लाउड सेक्टर को मिलेगी रफ्तार

    पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अमेजन का बड़ा दांव, भारत में 1.24 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश से एआई और क्लाउड सेक्टर को मिलेगी रफ्तार

    नई दिल्ली । भारत वैश्विक निवेशकों के लिए लगातार आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है और दुनिया की अग्रणी प्रौद्योगिकी एवं ई-कॉमर्स कंपनियां देश में अपनी मौजूदगी और निवेश बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही हैं। इसी क्रम में अमेजन ने भारत में 13 अरब डॉलर यानी लगभग 1.24 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश की घोषणा कर एक बड़ा संकेत दिया है। यह निवेश मुख्य रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर केंद्रित रहेगा।

    अमेजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी जेसी के भारत दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद यह घोषणा सामने आई है। कंपनी का कहना है कि भारत आने वाले वर्षों में उसके सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजारों में शामिल रहेगा। नए निवेश के साथ देश में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और व्यवसायों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।

    कंपनी के ताजा निवेश प्रस्ताव के बाद भारत में अमेजन की कुल घोषित निवेश योजना 48 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। इससे पहले कंपनी ने दिसंबर 2025 में 35 अरब डॉलर के बड़े निवेश की घोषणा की थी। दोनों घोषणाओं को मिलाकर देखा जाए तो केवल छह महीनों के भीतर अमेजन ने भारत में 48 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जो देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था पर उसके बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

    अमेजन के अनुसार, वर्ष 2030 तक एआई और क्लाउड सेवाओं की मांग में तेज वृद्धि होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी भारत में डेटा सेंटर, क्लाउड नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं और एआई आधारित समाधानों के विस्तार पर विशेष फोकस करेगी। इससे न केवल बड़ी कंपनियों बल्कि स्टार्टअप, डेवलपर्स, छोटे व्यवसायों और सार्वजनिक संस्थानों को भी आधुनिक तकनीकी संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।

    कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व का मानना है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल बाजारों में से एक है। ई-कॉमर्स, डिजिटल भुगतान, क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती मांग ने वैश्विक कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। अमेजन लंबे समय से भारतीय बाजार में सक्रिय है और लाखों ग्राहकों, विक्रेताओं तथा उद्यमियों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करा रही है।

    एंडी जेसी ने भारत में कंपनी की भूमिका को केवल व्यवसाय तक सीमित न बताते हुए रोजगार और उद्यमिता से भी जोड़ा। उनके अनुसार, अमेजन ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों रोजगार अवसरों के सृजन में योगदान दिया है। कंपनी का दावा है कि उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म ने भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे निर्यात को भी बढ़ावा मिला है।

    कंपनी ने छोटे और मध्यम कारोबारियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी कई योजनाएं तैयार की हैं। एआई आधारित समाधान, डिजिटल टूल्स और क्लाउड सेवाओं के माध्यम से लाखों छोटे व्यवसायों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही शिक्षा क्षेत्र में भी तकनीकी पहुंच बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक छात्रों और संस्थानों को डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अमेजन की यह निवेश योजना भारत के डिजिटल परिवर्तन अभियान को नई गति दे सकती है। एआई, क्लाउड और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में होने वाला निवेश न केवल तकनीकी क्षेत्र को मजबूत करेगा बल्कि रोजगार, नवाचार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा। भारत में वैश्विक कंपनियों की बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि देश भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रमुख केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

  • तेल-गैस के बाद इंटरनेट पर भी संकट? ईरान के कदम से वैश्विक कनेक्टिविटी पर खतरा, भारत भी प्रभावित हो सकता है

    तेल-गैस के बाद इंटरनेट पर भी संकट? ईरान के कदम से वैश्विक कनेक्टिविटी पर खतरा, भारत भी प्रभावित हो सकता है


    तेहरान।
     मध्य पूर्व में जारी तनाव अब सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक इंटरनेट नेटवर्क पर भी खतरा मंडराने लगा है। ईरान द्वारा हॉर्मुज में ऊर्जा आपूर्ति बाधित करने के बाद अब समुद्र के नीचे बिछी फाइबर ऑप्टिक केबलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन केबलों को नुकसान पहुंचता है, तो दुनिया के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं ठप हो सकती हैं, जिसका असर India सहित कई देशों की बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं पर पड़ेगा।

    दो अहम समुद्री रास्ते खतरे में
    रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक कनेक्टिविटी के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गहॉर्मुज  और बाब-अल-मंदेब मार्ग इस समय जोखिम में हैं। इन दोनों इलाकों के समुद्र तल में फाइबर ऑप्टिक केबलों का विशाल नेटवर्क फैला हुआ है, जो यूरोप, एशिया और अफ्रीका को जोड़ता है।

    बताया जा रहा है कि हॉर्मुज क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों और संभावित सुरंगों के कारण शिपिंग और बीमा कंपनियां पहले ही सतर्क हो गई हैं। वहीं लाल सागर क्षेत्र में Houthis के हमलों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

    इंटरनेट की रीढ़ हैं ये केबल
    समुद्र के नीचे बिछी ये फाइबर केबलें हजारों किलोमीटर लंबी होती हैं और दुनिया के अधिकांश डेटा ट्रांसफर का आधार हैं। वीडियो कॉल, ईमेल, ऑनलाइन बैंकिंग से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाएं—सब कुछ इन्हीं पर निर्भर करता है।

    हॉर्मुज के संकरे हिस्सों में समुद्र की गहराई लगभग 200 फीट तक ही है, जिससे इन केबलों को निशाना बनाना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है।

    करीब 20 केबलों पर मंडरा रहा खतरा
    लाल सागर और हॉर्मुज क्षेत्र में करीब 20 प्रमुख केबल मौजूद हैं, जिनमें 17 लाल सागर से होकर गुजरती हैं। हॉर्मुज मार्ग में AAE-1, Falcon, Gulf Bridge International और Tata TGN-Gulf जैसी महत्वपूर्ण लाइनें शामिल हैं। ये केबल सीधे तौर पर भारत के अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक को सपोर्ट करती हैं।

    डिजिटल दुनिया पर बड़ा असर संभव
    Amazon, Microsoft और Google जैसी बड़ी टेक कंपनियों के मिडिल ईस्ट में स्थापित डाटा सेंटर भी इन्हीं केबलों से जुड़े हैं। ऐसे में अगर कनेक्टिविटी प्रभावित होती है, तो क्लाउड सेवाएं, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर व्यापक असर पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर, यह संकट दिखाता है कि आधुनिक दुनिया की डिजिटल लाइफलाइन कितनी नाजुक है—जहां एक क्षेत्रीय संघर्ष भी वैश्विक इंटरनेट और अर्थव्यवस्था को झकझोर सकता है।