Tag: Amethi

  • UP: अमेठी में एक मेले में कचौरी-टिक्की खाने से बीमार हुए 102 लोग, दो गिरफ्तार

    UP: अमेठी में एक मेले में कचौरी-टिक्की खाने से बीमार हुए 102 लोग, दो गिरफ्तार


    अमेठी।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अमेठी जिले (Amethi district) के कोटवा गांव में आयोजित एक मेले के दौरान स्नैक्स (Snacks) खाने से 102 लोग अचानक बीमार पड़ गए. बताया जा रहा है कि मेले में लगे एक स्टॉल से कचौरी और टिक्की खाने (Kachoris and Tikkis Eating) के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है और इस मामले में दो लोगों को अरेस्ट कर लिया है।

    पुलिस अधीक्षक (SP) सरवणन टी ने बताया कि पुलिस ने मेले में फूड स्टॉल लगाने वाले राजकुमार और कुकिंग ऑयल इस्तेमाल करने वाले शिव कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। फूड सेफ्टी ऑफिसर मिथुन की शिकायत पर दर्ज की गई एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 275 और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के रिलेवेंट प्रोविजन्स लगाए गए हैं।

    एसपी के मुताबिक मोहनगंज थाना एरिया के मटरवा गांव के रहने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है.

    चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंशुमन सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान ने अधिकारियों को सूचना दी थी कि मेले में स्नैक्स खाने के बाद बच्चों और बड़ों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई है. इसके तुरंत बाद एक मेडिकल टीम गांव पहुंची, 39 बच्चों और 63 वयस्कों समेत कुल 102 लोगों की जांच और इलाज शुरू किया गया।

    वहीं, गंभीर रूप से बीमार 10 बच्चों और सात वयस्कों समेत कुल 17 लोगों को इलाज के लिए तिलोई के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। CMO ने कहा कि सभी मरीज खतरे से बाहर हैं और सिचुएशन पर नजर रखने के लिए एक हेल्थ टीम गांव में तैनात है।

  • राज्यसभा नहीं मिलने पर स्मृति ईरानी का जवाब, अमेठी चुनाव हार और भाजपा में संगठनात्मक भूमिका पर खुलकर बोलीं

    राज्यसभा नहीं मिलने पर स्मृति ईरानी का जवाब, अमेठी चुनाव हार और भाजपा में संगठनात्मक भूमिका पर खुलकर बोलीं

    नई दिल्ली । पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भाजपा की केंद्रीय टीम में वापसी के बाद कई मुद्दों पर बात की है। एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में अमेठी से मिली हार के बाद राज्यसभा न भेजे जाने को लेकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संगठन में पद कोई पहचान नहीं होती है, वह एक मौका होता है। उन्होंने कहा, “अगर राजनीतिक ताकत महत्वपूर्ण होती, तो मैं कभी भी अमेठी नहीं जाती। क्योंकि अमेठी ऐतिहासिक रूप से भाजपा के लिए एक ‘लूजिंग सीट’ रही है।” बता दें स्मृति ईरानी 2011 से 2019 तक राज्यसभा सांसद रही थीं। इस दौरान ही उन्होंने 2019 के चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। बाद में 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

    टाइम्स नाऊ से बात करते हुए स्मृति ईरानी ने 2024 लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी द्वारा वापस राज्यसभा न भेजे जाने के सवाल पर भी विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह जहां से आई हैं, वहां पर कभी नहीं सोचा था कि वह इस मुकाम पर पहुंचेंगी।

    मैं और देवेंद्र फडणवीस मिलकर, पुराने दिनों को याद करके हंसते हैं- स्मृति ईरानी

    इंटरव्यू के दौरान स्मृति ईरानी ने भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में काम करने वाले दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, “मैं पहली बार 2003 में युवा मोर्चा महाराष्ट्र में पदाधिकारी बनी थी। मेरे साथ जो उपाध्यक्ष थे, व देवेंद्र फडणवीस थे। उस समय हम लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि यहां तक पहुंचेंगे। मैं और देवेंद्र फडणवीस जब की मिलते हैं, तो इस बात पर हंसते हैं। उस समय हम लोग प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे को देखा करते थे। मैंने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि हम यहां तक पहुंचेंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से सार्वजनिक रूप से की गई तारीफ उनके लिए एक उपलब्धि है।

    ‘घर से पेट्रोल, पानी के पैसे मांगते थे’

    भाजपा नेता स्मृति ईरानी युवा मोर्चा के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह एक पक्की भाजपा कार्यकर्ता हैं। युवा मोर्चा के दिनों में वह अपने साथी लोगों की मदद करने के लिए घर से पेट्रोल पानी के पैसे तक लेती थी। इस पर उनके घर वाले भी कई बार टोका करते थे। उन्होंने कहा, “उस समय हम लोग ऐसे ही घूमा करते थे। घर से पेट्रोल पानी के पैसे भी लिया करते थे। घरवाले कहते थे कि अरे तुम युवा मोर्चा में हो और अभी पैसे लेते हो। तब हम कहते थे कि ‘हां, ताकि हम अपने साथियों की मदद कर सकें।’ उस वक्त हमारे जो संगठन मंत्री थे वह वी. सतीश जी थे। वह आज संसद में हैं। वह बैठकर हमें बताते थे कि जो गरीब कार्यकर्ता है उसकी मदद कैसे करनी है। उसको भी अपने साथ लेकर चलना है।” उन्होंने कहा कि जब संगठन में इस तरीके की मजबूती के साथ तैयारी की जाती है और ऐसे बैकग्राउंड से आप आते हैं, तो आपके लिए पद कोई ज्यादा मायने नहीं रखता।

    पीएम के इग्नोर करने वाले वीडियो पर भी दिया स्मृति ईरानी का जवाब

    इंटरव्यू के दौरान जब स्मृति ईरानी से बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान वायरल हुए वीडियो पर भी सवाल पूछा गया। विपक्ष की तरफ से आरोप लगाया जाता है कि पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में स्मृति ईरानी को इग्नोर किया था। इसका जवाव देते हुए ईरानी ने कहा, “हां, उस समय मैं और दादा (मिथुन) एक साथ ही बैठे हुए थे। वीडियो में पीएम मोदी की पीठ दिखाई दे रही है। किसको पता है कौन किसको हाथ जोड़ रहा है। वह पल बेहद भावुक करने वाला था। वहां जितने भी लोग मंच पर थे, सबकी अपनी कहानी थी। बंगाल में कार्यकर्ताओं ने काफी कुछ झेला है।”

    उन्होंने जोर देकर कहा कि उस समय मंच पर पुराने से पुराना कार्यकर्ता मौजूद था। प्रधानमंत्री मोदी उन लोगों का अभिवादन कर रहे थे। हमने पीएम के लिए बंगाल में गालियां सुनी हैं। ऐसे में यह सारी चीजें मायने नहीं रखतीं। मायने रखती है, तो केवल जीत और वह सुखद थी। मायने रखता है, तो बंगाल का कार्यकर्ता और उसे मिलने वाला न्याय।