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  • बिग बॉस 20 से रोहिद खान हुए बाहर, काजी और रीति तिवारी में तीखी बहस; आम्रपाली बनीं घर की ठकुराइन

    बिग बॉस 20 से रोहिद खान हुए बाहर, काजी और रीति तिवारी में तीखी बहस; आम्रपाली बनीं घर की ठकुराइन

    नई दिल्ली । रविवार को ‘बिग बॉस 20’ का वीकेंड का वार काफी हंगामा भरा रहा। इसी बीच शो से पहला एविक्शन हो गया है। इस हफ्ते घर से बाहर होने के लिए चार सदस्यों के नाम सामने आए थे। ये चार सदस्य आसिफ, स्काउट ओपी, यंग डीएसए और रोहिद खान थे। चारों प्रतिभागियों ने नॉमिनेशन प्रक्रिया पर चर्चा की थी, जो बिग बॉस के घर के नियम के खिलाफ था।

    घर से बाहर हुए रोहिद

    चूंकि यंग पिछले हफ्ते कैप्टन थे इसलिए नॉमिनेट नहीं किए गए। बाकी तीनों से बिग बॉस ने वरदान यानी दूसरा मौका छीन लिया। ऐसे में इस हफ्ते सीधे बेघर होने के लिए आसिफ, स्काउट और रोहिद के नाम चुने गए। इसमें से रोहिद को सबसे कम वोट मिले और वो ‘बिग बॉस 20’ से बेघर होने वाले पहले प्रतिभागी बने।

    ठकुराइन चुनी गईं आम्रपाली

    सलमान ने घर में एक फन टास्क कराया। सबसे पूछा गया कि आम्रपाली और माही में से घर सबसे अच्छे से कौन संभालता है। चार लोगों ने माही को वोट दिए, बाकी सबने आम्रपाली को वोट दिए। आम्रपाली घर की ठकुराइन चुनी गईं, हालांकि इस टास्क का उन्हें कोई फायदा नहीं मिला।

    सलमान के लिए हलवा लेकर पहुंचीं सोनाली बेंद्रे

    इसके अलावा सोनाली बेंद्रे और मुन्नावर फारुखी ‘बिग बॉस 20’ के सेट पर पहुंचे। वह सलमान खान से मिलीं और अभिनेता के लिए हलवा भी बनाकर लाईं थीं। उन्होंने भाईजान को हलवा चखाया। वह शो पर अपने अपकमिंग शो के प्रमोशन के लिए पहुंची थीं। इस पर उन्होंने सलमान से चर्चा की और घर वालों से बात भी की।

    सिद्धार्थ और तमन्ना भी सेट पर पहुंचे

    शो में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया भी पहुंचे। सिद्धार्थ ने बताया कि उनकी मां की पसंदीदा कंटेस्टेंट कनिका हैं। तमन्ना ने काजी को बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि आप बहुत अच्छा कर रहे हैं। उन्होंने काजी से कहा कि वह रॉकस्टार स्टेप सीखना चाहती हैं। इसके बाद काजी ने उन्हें स्टेप सिखाए।

    सलमान ने क्यों किया था नाटक?

    सलमान ने शनिवार को वीकेंड का वार के दौरान सीने में दर्द का नाटक किया था। उन्होंने यह घर वालों को बताने के लिए किया था कि पिछले कुछ हफ्तों से काजी तौकीर उन्हें बेवकूफ बना रहे हैं। वह घर वालों के साथ अपनी मेंटल हेल्थ को लेकर प्रैंक कर रहे थे।

    सलमान ने कहा कि जो काजी ने किया वो गलत था। जो सेट पर उन्होंने किया वो भी गलत है। हालांकि, इससे किसी को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह गलत है। सलमान ने काजी को समझाया कि उन्हें यह करने की जरूरत नहीं थी। वह बहुत अच्छा खेल रहे थे। बहरहाल, सलमान को तकलीफ में देख सभी घर वाले चिंतित हो गए थे, जबकि आम्रपाली तो उनका हाल देखकर रो पड़ीं।

    काजी की रीति से हुई बहस

    सलमान खान ने घर वालों के सामने काजी की पोल खोल दी, जिसकी वजह से आधे से ज्यादा घर वाले काजी के खिलाफ हो गए। उन्होंने काजी को झूठा और दोगला बताया। घर वालों ने कहा कि काजी ने उनके साथ धोखा किया है। आसिफ खान, यंग डीएसए, रीति तिवारी और अरिश्फा समेत कई साथी प्रतिभागियों ने काजी को खूब खरी-खोटी सुनाईं।

    इस बीच काजी और रीति तिवारी के बीच बहस भी हो गई। रीति ने काजी से कहा कि वो उनसे बिल्कुल बात ना करें। वो फ्रॉड स्टार हैं। गुस्से में आकर रीति ने काजी को गाली भी दी, लेकिन काजी ने शांत रहकर सिर्फ इतना कहा कि आपका गुस्सा जायज है, पर आप मुझे गाली ना दें।

    हालांकि बाद में काजी ने कैमरे से बात करते हुए जनता से माफी मांगी कि मेंटल हेल्थ को लेकर उन्होंने कुछ गलत किया हो तो वह शर्मिंदा हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मजाक कर रहे थे और किसी का नुकसान नहीं कर रहे थे।

  • जब मनोज तिवारी और रवि किशन के बीच पहले पंच को लेकर अटक गई शूटिंग, निरहुआ ने बीच में आकर सुलझाया मामला

    जब मनोज तिवारी और रवि किशन के बीच पहले पंच को लेकर अटक गई शूटिंग, निरहुआ ने बीच में आकर सुलझाया मामला


    नई दिल्ली ।
    बिग बॉस 20 के एक एपिसोड में आम्रपाली दुबे ने भोजपुरी सिनेमा के दो चर्चित कलाकारों मनोज तिवारी और रवि किशन से जुड़ा एक पुराना किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों कलाकारों के बीच फाइट सीन को लेकर ऐसी स्थिति बन गई थी कि काफी देर तक शूटिंग शुरू ही नहीं हो पाई। दोनों इस बात पर सहमत नहीं हो रहे थे कि सीन में सबसे पहला पंच कौन मारेगा। आखिरकार अभिनेता और भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने बीच में आकर ऐसा रास्ता निकाला, जिससे दोनों कलाकारों का सीन भी हो गया और शूटिंग आगे बढ़ सकी।

    यह किस्सा आम्रपाली ने मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी से बातचीत के दौरान सुनाया। उन्होंने बताया कि फिल्म में मनोज तिवारी ने पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया था, जबकि रवि किशन की भूमिका एक गुंडे की थी। कहानी के मुताबिक दोनों के बीच फाइट का दृश्य फिल्माया जाना था। लेकिन सीन की शुरुआत में पहला पंच किसकी तरफ से होगा, इसे लेकर दोनों कलाकार अपनी-अपनी बात पर कायम रहे।

    आम्रपाली के मुताबिक मनोज तिवारी का कहना था कि उन्होंने पुलिस का किरदार निभाया है, इसलिए पहला वार पुलिस की तरफ से होना चाहिए। दूसरी ओर रवि किशन भी अपनी भूमिका और संवाद के आधार पर तर्क दे रहे थे। उनका कहना था कि जब उनके किरदार का संवाद ही ऐसा है कि उसके बिना वहां पत्ता तक नहीं हिलता, तो फिर पहला पंच उन्हें कैसे मारा जा सकता है। इस बात को लेकर शूटिंग लंबे समय तक रुकी रही।

    मामला आगे बढ़ता नहीं दिखा तो दिनेश लाल यादव निरहुआ ने बीच में आने का फैसला किया। आम्रपाली ने बताया कि निरहुआ ने दोनों कलाकारों से कहा कि वह दोनों के बीच आकर उन्हें रोकने की भूमिका निभाएंगे। इसके बाद फाइट सीन में मनोज तिवारी और रवि किशन के बजाय दोनों के पंच निरहुआ को लगेंगे। इस सुझाव के बाद शूटिंग आगे बढ़ी और मौजूद लोगों ने निरहुआ के इस समाधान की सराहना की।

    आम्रपाली ने यह किस्सा उस समय सुनाया, जब बिग बॉस 20 के घर में दिन की शुरुआत खाने को लेकर आम्रपाली दुबे और माही विज के बीच विवाद से हुई थी। दोनों के बीच किचन में खाना बनाने को लेकर बहस हुई। आम्रपाली ने कहा कि जब वह किचन में खाना बना रही हों तो उन्हें किसी तरह की दखलअंदाजी पसंद नहीं है।

    इसके बाद घर में कैप्टेंसी टास्क भी हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को पुरुष और महिला टीमों में बांटा गया। पहले राउंड के दौरान अरिश्फा खान और स्काउट के बीच विवाद हो गया। अरिश्फा ने स्काउट के गेमिंग प्रोफेशन को लेकर सवाल उठाए, जिसके जवाब में स्काउट ने उनके डांस वीडियो का जिक्र किया। इसके बाद युंग भी स्काउट के समर्थन में आ गए और दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई।

    बाद में ईशा रिखी ने स्काउट को चुप रहने के लिए कहा, जिससे वह नाराज हो गए और भावुक होकर रोने लगे। इसके बाद कैमरे के सामने स्काउट ने कहा कि अगर गलती उनकी है तो उन्हें घर से निकाल दिया जाए, लेकिन अगर गलती दूसरे पक्ष की है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह एपिसोड में जहां घर के सदस्यों के बीच विवाद देखने को मिला, वहीं आम्रपाली द्वारा सुनाया गया मनोज तिवारी, रवि किशन और निरहुआ से जुड़ा पुराना किस्सा भी चर्चा में रहा।

  • महिला किसानों की मेहनत को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार, झारखंड से आमों का पहला निर्यात ब्रिटेन रवाना

    महिला किसानों की मेहनत को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार, झारखंड से आमों का पहला निर्यात ब्रिटेन रवाना


    नई दिल्ली ।
    भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए झारखंड से पहली बार ताजे आमों का वाणिज्यिक निर्यात शुरू हो गया है। राज्य के सिमडेगा जिले में उत्पादित आम्रपाली किस्म के आमों की पहली खेप यूनाइटेड किंगडम के लिए रवाना की गई है। इस पहल को किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    झारखंड के सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में कार्यरत महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा उत्पादित आम्रपाली आमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। लगभग 1.5 मीट्रिक टन आमों की पहली खेप को कोलकाता के माध्यम से यूनाइटेड किंगडम भेजा गया। इस उपलब्धि ने राज्य के बागवानी क्षेत्र और स्थानीय किसानों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए हैं।

    इस निर्यात की सबसे विशेष बात यह है कि इसमें महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी रही है। किसान उत्पादक कंपनी से जुड़े समूहों ने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, फसल प्रबंधन और निर्यात मानकों के अनुरूप खेती को अपनाकर यह उपलब्धि हासिल की है। इससे न केवल महिला किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व वाले कृषि उद्यमों को भी नई पहचान मिलेगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय आमों की लगातार बढ़ती मांग का लाभ अब उन राज्यों को भी मिलने लगा है, जो अब तक निर्यात गतिविधियों में अपेक्षाकृत पीछे रहे हैं। झारखंड से शुरू हुआ यह निर्यात राज्य के किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद करेगा और उन्हें घरेलू बाजार पर पूरी तरह निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।

    इस सफलता के पीछे किसानों को निर्यात संबंधी जानकारी, गुणवत्ता मानकों और वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं से परिचित कराने के लिए किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। किसानों और निर्यातकों के बीच समन्वय स्थापित कर उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था तैयार की गई, जिसका प्रत्यक्ष परिणाम पहली निर्यात खेप के रूप में सामने आया है।

    कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि इसी प्रकार गुणवत्ता, पैकेजिंग और आपूर्ति श्रृंखला पर ध्यान दिया जाए तो झारखंड के अन्य फल एवं कृषि उत्पाद भी वैश्विक बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। इससे राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से क्षेत्र के किसान आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। साथ ही फसल कटाई के बाद की प्रक्रियाओं, भंडारण और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी अधिक ध्यान दिया जाएगा। इससे कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी स्वीकार्यता मजबूत होगी।

    झारखंड से आमों का यह पहला निर्यात केवल एक व्यापारिक उपलब्धि नहीं बल्कि ग्रामीण किसानों, विशेषकर महिला कृषकों की क्षमता और संभावनाओं का प्रमाण भी है। यह पहल राज्य के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ भारत के बढ़ते कृषि निर्यात अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। आने वाले समय में इससे राज्य के अन्य किसान समूहों को भी वैश्विक बाजारों से जुड़ने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।