डॉ. रश्मि विज ने विशेष रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में अमृतसर जिले ने एचपीवी टीकाकरण कवरेज के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही सिविल अस्पताल को पहला ‘मुस्कान’ प्रमाणन दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों को नई पहचान मिली।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. रश्मि विज ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, मेडिकल अधिकारियों, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का समान योगदान रहा है, जिन्होंने अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 14 से 15 वर्ष की किशोरियों के लिए शुरू किए गए एचपीवी टीकाकरण अभियान को अमृतसर में मिशन के रूप में संचालित किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया तथा वैक्सीन से जुड़ी भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयास किया। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में पात्र किशोरियों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सका।
डॉ. विज ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन को विश्व के अनेक देशों में लंबे समय से सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले यह टीका सीमित रूप से निजी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध था, जबकि अब पंजाब सरकार पात्र किशोरियों को इसे निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम को मजबूत करना है।
उन्होंने इस अवसर पर बरसात के मौसम में डेंगू से बचाव को लेकर भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उनके अनुसार स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से जागरूकता अभियान चला रहा है और प्रत्येक सप्ताह डेंगू नियंत्रण गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। उन्होंने नागरिकों से घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, पानी जमा न होने देने तथा कूलर, गमले, टायर और अन्य पात्रों की नियमित सफाई करने का आग्रह किया।
डॉ. रश्मि विज ने कहा कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और सामुदायिक जागरूकता दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, संतुलित आहार अपनाने, खुले में बिकने वाले अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से परहेज करने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। उनका मानना है कि जनभागीदारी और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से न केवल टीकाकरण अभियान सफल बनाया जा सकता है, बल्कि डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम भी प्रभावी ढंग से की जा सकती है।


