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  • क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अनाया बांगड़ को दी बड़ी राहत, कम्युनिटी क्रिकेट में वापसी के साथ एलीट क्रिकेट की शर्तें भी तय

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अनाया बांगड़ को दी बड़ी राहत, कम्युनिटी क्रिकेट में वापसी के साथ एलीट क्रिकेट की शर्तें भी तय

    नई दिल्ली ।पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की ट्रांस महिला बेटी अनाया बांगड़ के क्रिकेट करियर को लेकर बड़ी राहत सामने आई है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें महिलाओं के लोकल क्रिकेट में खेलने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद अनाया एक बार फिर क्रिकेट मैदान पर वापसी की तैयारी कर रही हैं और ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए उपयुक्त क्रिकेट क्लब तलाश रही हैं।

    अनाया कुछ समय पहले तक पुरुष वर्ग में क्रिकेट खेलती थीं और मुंबई की अंडर 19 टीम का हिस्सा भी रह चुकी हैं। इसके बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया। जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया के दौरान उन्हें क्रिकेट करियर को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि एक समय उन्हें लगने लगा था कि शायद वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।

    अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली अनुमति ने उनके लिए खेल में वापसी का रास्ता खोल दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें तत्काल कम्युनिटी क्रिकेट में खेलने की मंजूरी मिली है। इसके दायरे में स्थानीय और राज्य स्तर की क्रिकेट शामिल है। इससे अनाया को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में दोबारा कदम रखने का अवसर मिलेगा।

    हालांकि उच्च स्तर के एलीट महिला क्रिकेट में खेलने के लिए अलग पात्रता शर्तें लागू होंगी। उपलब्ध नियमों के मुताबिक मार्च 2027 तक अनाया को अपने शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर निर्धारित सीमा के भीतर बनाए रखना होगा। इसके साथ उन्हें संबंधित परीक्षणों में पात्रता बनाए रखना जरूरी होगा। एलीट स्तर पर खेलने की उनकी संभावनाएं इन्हीं शर्तों की पूर्ति पर निर्भर रहेंगी।

    महिला बिग बैश लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेलने के लिए एलीट क्रिकेट की पात्रता महत्वपूर्ण होगी। इसलिए फिलहाल अनाया का अगला लक्ष्य स्थानीय क्रिकेट से प्रतिस्पर्धी वापसी करना और निर्धारित नियमों के अनुरूप अपनी पात्रता बनाए रखना है। उनकी क्रिकेट यात्रा अब धीरे धीरे नए चरण में प्रवेश कर रही है।

    अनाया ने अपने अनुभव साझा करते हुए भारतीय क्रिकेट व्यवस्था और ऑस्ट्रेलिया के रुख में अंतर का भी जिक्र किया। उनके अनुसार उन्होंने अपनी मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित रिसर्च डेटा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सामने रखा था, लेकिन उन्हें वहां से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके विपरीत क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी मेडिकल हिस्ट्री और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद अपना फैसला लिया।

    अनाया के लिए यह सफर केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने बताया कि जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया शारीरिक और मानसिक स्तर पर चुनौतीपूर्ण रही। इस दौरान परिवार, दोस्ती और करियर से जुड़े कई पहलुओं में बदलाव आया। हालांकि उनका कहना है कि अपने बदलाव के बाद वह अब पहले की तुलना में अधिक खुश और सुकून महसूस करती हैं।

    हार्मोन थेरेपी के बाद शरीर में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए अनाया ने अपनी शारीरिक क्षमता में कमी महसूस होने की बात कही। उन्होंने बताया कि पहले उनके शरीर में अधिक ताकत थी, जबकि अब मांसपेशियों की ताकत कम महसूस होती है। इसी वजह से तेज गति की गेंदों का सामना करना उनके लिए पहले जैसा आसान नहीं रहा।

    अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की अनुमति के बाद अनाया के सामने मैदान पर लौटने का अवसर है। क्लब क्रिकेट से शुरुआत करते हुए उनका प्रदर्शन और आगे की पात्रता यह तय करेगी कि वह महिला क्रिकेट के किस स्तर तक पहुंच पाती हैं। उनके लिए यह वापसी लंबे अंतराल के बाद क्रिकेट से दोबारा जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।