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  • ED ने अनिल अंबानी ग्रुप के दो पूर्व अधिकारियों को किया गिरफ्तार

    ED ने अनिल अंबानी ग्रुप के दो पूर्व अधिकारियों को किया गिरफ्तार


    मुंबई।
    प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate- ED) ने शुक्रवार अनिल अंबानी (Anil Ambani) के करीबी और रिलायंस ग्रुप (Reliance Group) के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के वाइस-चेयरमैन सतीश सेठ (Satish Seth) को मुंबई में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उन्हें एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया है, जहां से ईडी को ट्रांजिट रिमांड मिल गई है. अब उन्हें दिल्ली लाया जा रहा है.

    एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को मुंबई में रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) के दो पूर्व अधिकारियों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया।

    उन्होंने बताया कि गिरफ्तार के बाद सतीश को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया है. चूंकि ये मामले दिल्ली में दर्ज है तो जांच एजेंसी की टीम रिमांड अवधि में सतीश को दिल्ली लाकर अदालत में पेश करेगी और आगे की पूछताछ-जांच के लिए हिरासत की मांग करेगी।

    केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस साल मार्च महीने में ही सतीश सेठ और गौतम दोशी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. सीबीआई की टीम ने इस जांच के हिस्से के रूप में दोनों अधिकारियों के परिसरों और ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. सीबीआई की इसी शिकायत को आधार बनाकर ईडी ने दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अपनी जांच शुरू की है।

    सीबीआई के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) कुल 11 बैंकों के उस कंसोर्टियम (समूह) का एक प्रमुख सदस्य था, जिसने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को कुल 735 करोड़ रुपये की टर्म लोन सुविधा मंजूर की थी. इसी स्वीकृत लोन में से 114.98 करोड़ रुपये की राशि में भारी धोखाधड़ी और वित्तीय हेरफेर करने का गंभीर आरोप इन दोनों अधिकारियों पर लगा है।

    बता दें कि सतीश सेठ को लंबे समय तक अनिल अंबानी का बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता रहा है जो रिलायंस ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के वाइस-चेयरमैन के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. अब प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे बैंक लोन फ्रॉड मामले में सतीश सेठ और गौतम दोशी दोनों की वास्तविक भूमिकाओं की गहराई से जांच कर रहा है।

  • ईडी ने अनिल अंबानी समूह की कंपनियों की 581.65 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया

    ईडी ने अनिल अंबानी समूह की कंपनियों की 581.65 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया

    Anil Ambani group

    नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की दो कंपनियों आरएचएफएल और आरसीएफएल की 581.65 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत रिलायंस पावर लिमिटेड के मामले में की गई है।

    ईडी ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि उसने रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी की दो कंपनियों रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) की 581.65 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत रिलायंस पावर लिमिटेड के मामले में की है, जिसमें देश के कई राज्यों में जमीन के टुकड़ों के रूप में 31 अचल प्रॉपर्टीज को अटैच किया गया है।

    केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि ईडी ने 11 मार्च, 2026 को रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के मामले में गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में जमीन के टुकड़ों के रूप में 31 अचल संपत्ति को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया गया है, जिनकी कीमत 581.65 करोड़ रुपये है।

    ईडी के मुताबिक यह अटैचमेंट विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत रिलायंस पावर लिमिटेड (आर-पावर) के मामले में 6 मार्च, 2026 को किए गए सर्च ऑपरेशन के बाद किया गया है। इस ताजा कार्रवाई के बाद रिलायंस अनिल अंबानी समूह की कुल कुर्क संपत्ति 16,310 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।