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  • बुलंदशहर के शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

    बुलंदशहर के शिकारपुर विधायक अनिल शर्मा का निधन, दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस

    बुलंदशहर। शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा का बुधवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और कैंसर का इलाज करा रहे थे। उनके निधन की खबर से बुलंदशहर जिले और शिकारपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अनिल शर्मा योगी सरकार में वन राज्य मंत्री भी रह चुके थे। इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

    कम उम्र में निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए थे
    अनिल शर्मा बुलंदशहर के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के सुरजावली गांव के रहने वाले थे। उन्होंने कम उम्र में ही राजनीति में कदम रखा और ग्राम सुरजावली के निर्विरोध प्रधान चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ते हुए विधानसभा चुनाव लड़ा।

    2002 में पहली बार बने विधायक
    अनिल शर्मा ने वर्ष 2002 में खुर्जा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2007 में भी उन्होंने खुर्जा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और लगातार दूसरी बार विधायक बने। वर्ष 2012 में उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।

    2017 में भाजपा के टिकट पर जीते, योगी सरकार में बने मंत्री
    भाजपा में शामिल होने के बाद अनिल शर्मा ने वर्ष 2017 में शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें प्रदेश की योगी सरकार में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2022 में भी उन्होंने भाजपा के टिकट पर शिकारपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस तरह वह शिकारपुर से भाजपा विधायक के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा कर रहे थे। अनिल शर्मा के निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर है।

  • गोविंदा को डरा गई थी गदर की स्क्रिप्ट फिल्म बनी ब्लॉकबस्टर और सनी देओल के करियर की सबसे बड़ी हिट

    गोविंदा को डरा गई थी गदर की स्क्रिप्ट फिल्म बनी ब्लॉकबस्टर और सनी देओल के करियर की सबसे बड़ी हिट


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाने वाली गदर एक प्रेम कथा आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों में शामिल है। वर्ष 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए और सनी देओल के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। हालांकि इस फिल्म को लेकर एक पुराना किस्सा एक बार फिर चर्चा में है। निर्देशक अनिल शर्मा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने फिल्म की कहानी अभिनेता गोविंदा को भी सुनाई थी लेकिन कहानी की भव्यता और विषय को देखकर वह हैरान रह गए थे।

    लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि गदर में तारा सिंह के किरदार के लिए पहले गोविंदा को चुना गया था। हालांकि निर्देशक अनिल शर्मा ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोविंदा को कभी इस फिल्म के लिए साइन नहीं किया गया था। उस समय वह फिल्म महाराजा की शूटिंग कर रहे थे और इसी दौरान अनिल शर्मा ने उन्हें गदर की कहानी सुनाई थी।

    निर्देशक के अनुसार गोविंदा ने कहानी सुनने के बाद कहा कि इतनी बड़ी और भव्य फिल्म बनाना आसान नहीं होगा। उस दौर में पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर इतने बड़े स्तर पर फिल्म बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता था। यही वजह थी कि गोविंदा इस परियोजना की विशालता को लेकर आशंकित नजर आए। अनिल शर्मा ने साफ कहा कि तारा सिंह के किरदार के लिए उनकी पहली और अंतिम पसंद हमेशा सनी देओल ही थे।

    फिल्म में सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया जबकि अमीषा पटेल ने सकीना की भूमिका से दर्शकों का दिल जीत लिया। दोनों की जोड़ी को जबरदस्त लोकप्रियता मिली और फिल्म का देशभक्ति तथा प्रेम से जुड़ा भावनात्मक कथानक लोगों के दिलों में बस गया। फिल्म के संवाद और गीत भी आज तक याद किए जाते हैं।

    निर्देशक ने यह भी बताया कि मुख्य अभिनेत्री के किरदार के लिए केवल काजोल ही नहीं बल्कि कई अभिनेत्रियों से बातचीत की गई थी। अंत में अमीषा पटेल को यह भूमिका मिली और उन्होंने अपने अभिनय से फिल्म को यादगार बना दिया। गदर उनके करियर की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में शामिल हो गई।

    करीब 18 करोड़ 50 लाख रुपये के बजट में बनी गदर एक प्रेम कथा ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फिल्म ने भारत और विदेशों में मिलाकर 133 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया और उस समय की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो गई। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर भी इसने शानदार कमाई करते हुए कई रिकॉर्ड बनाए। आज भी गदर को हिंदी सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में गिना जाता है और तारा सिंह का किरदार सनी देओल की पहचान बन चुका है। निर्देशक के इस पुराने खुलासे ने एक बार फिर यह चर्चा तेज कर दी है कि यदि गोविंदा ने इस कहानी पर अलग नजरिया अपनाया होता तो शायद हिंदी सिनेमा का इतिहास कुछ और होता। हालांकि अंततः यह फिल्म सनी देओल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बदल गई।