Tag: Animal Cruelty

  • शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग

    शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग


    इंदौर । इंदौर में एक घोड़ी के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई है। शहर के नृसिंह बाजार चौराहे के पास एक घोड़ी को डंडों से पीटकर जबरन नचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंच चुकी है और वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार घटना 25 जून की रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक युवक घोड़ी को नियंत्रित करने और उससे जबरन प्रदर्शन कराने के लिए लगातार डंडे मारता दिखाई दे रहा है। इस दौरान आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी घोड़ी को बचाने या युवक को रोकने का प्रयास नहीं किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी।

    पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने वाले नीडीटेल फाउंडेशन के प्रियांश जैन ने पंढरीनाथ थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घोड़ी को दर्द और भय के जरिए प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

    इस घटना से जुड़ा एक और वीडियो भी सामने आया है जिसमें उसी घोड़ी को सड़क पर नचाते हुए देखा जा सकता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जानवर को उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रताड़ित कर प्रदर्शन कराया गया जिससे उसे शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुंची।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच में यह साबित होता है कि घोड़ी को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाई गई या उसे बेरहमी से पीटा गया तो आरोपियों के खिलाफ पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। इस कानून के तहत किसी भी पशु को मारना पीटना या अनावश्यक कष्ट पहुंचाना दंडनीय अपराध है।

    इसके अलावा यदि जांच में यह सामने आता है कि घोड़ी को गंभीर चोट पहुंची है या उसे स्थायी नुकसान हुआ है तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत पशु को घायल करने या अपंग बनाने पर पांच वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

    फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता और उनके संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • लाइनमैन ने डॉग की बेरहमी से हत्या की, 8 सेकेंड में 8 लाठियां मारी; झांसी में सामने आया दिल दहला देने वाला मामला

    लाइनमैन ने डॉग की बेरहमी से हत्या की, 8 सेकेंड में 8 लाठियां मारी; झांसी में सामने आया दिल दहला देने वाला मामला



    नई दिल्ली। झांसी के मोठ कस्बे के महावीरनपुरा मोहल्ले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बिजली विभाग में कार्यरत एक लाइनमैन पर एक कुत्ते को बेरहमी से पीट-पीटकर मारने का आरोप लगा है। घटना 13 मई की बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी लाइनमैन पुष्पेंद्र पर आरोप है कि वह अक्सर गली के कुत्ते के भौंकने से नाराज रहता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि 13 मई की शाम जब वह काम से लौट रहा था, तभी कुत्ते ने उसे दौड़ा लिया, जिसके बाद वह गुस्से में आ गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 8 बजे आरोपी ने पहले कुत्ते पर नजर रखी और फिर मौका देखकर लाठी से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने महज 8 सेकेंड में एक के बाद एक 8 वार किए, जिससे कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना यहीं नहीं रुकी, आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने कुत्ते को टांग से पकड़कर घसीटा और बाइक पर बांधकर हाइवे किनारे फेंक दिया। इस दौरान जब स्थानीय लोग उसे रोकने पहुंचे तो उसने उन्हें भी धमकी दी।

    पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

    इस मामले पर मोठ के सीओ अजय श्रोत्रीय ने बताया कि वीडियो की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

    कुल मिलाकर यह घटना न सिर्फ अमानवीयता को उजागर करती है, बल्कि समाज में पशुओं के प्रति बढ़ती हिंसा पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।

  • आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा

    आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। शाहपुर के कोयलारी गांव में आटे में छिपाकर रखे गए विस्फोटक को गायों ने खा लिया, जिससे हुए धमाके में 2 गायों की मौत हो गई और 4 गायें व एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

    घटना 5 मई की है जब कोयलारी गांव के तालाब के पास गायें पानी पीने पहुंचीं। वहां खेत किनारे आटे और दाल में लिपटे विस्फोटक गोले रखे गए थे। भूखी गायों ने उन्हें चारा समझकर खा लिया। जैसे ही उन्होंने इन्हें चबाया, जोरदार धमाका हुआ और मवेशियों के जबड़े बुरी तरह फट गए।
    धमाके में दो गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 4 गायें और एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए।

    गंभीर हालत: जबड़ा लटका, खाना-पानी बंद
    घायल पशुओं की स्थिति बेहद गंभीर है। उनका निचला जबड़ा पूरी तरह टूटकर लटक गया है। कई पशुओं के गले और आहार नली तक पत्थर पहुंच गए हैं, जिससे वे न तो खाना खा पा रहे हैं और न ही पानी पी पा रहे हैं।
    पशु चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत नाजुक है और अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। बचने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है।

    मौके से मिले और विस्फोटक, बम स्क्वॉड की कार्रवाई
    सूचना मिलने पर पुलिस और पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि खेत के पास और भी 9 विस्फोटक गोले छिपाए गए थे। नर्मदापुरम से बम स्क्वॉड बुलाकर इन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।

    आरोपी गिरफ्तार, ‘सूअर मारने के लिए रखा बम’ बताया
    पुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक कोयलारी गांव निवासी राकेश चौहान के खेत के पास रखे गए थे। घटना के बाद वह फरार हो गया था, जिसे बाद में इटारसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए ये “सूअर मार बम” रखे थे और उन पर आटा-दाल चिपका दी थी, ताकि जानवर उन्हें खा लें। पुलिस ने उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    डॉक्टरों की चेतावनी: हालत बेहद नाजुक
    पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक में छोटे पत्थर भी भरे थे, जो मवेशियों के मुंह और आहार नली तक पहुंच गए हैं। इससे अंदरूनी चोटें गंभीर हो गई हैं और जीवित बचने की संभावना बहुत कम है।

    वन्यजीवों के लिए भी खतरा
    वन विभाग ने मामले की जांच वन्यजीव एंगल से भी शुरू कर दी है, क्योंकि यह क्षेत्र सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे “चारा बम” न केवल मवेशियों बल्कि हिरण, नीलगाय और अन्य वन्यजीवों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।

    सुरक्षा पर सवाल
    विशेषज्ञों का कहना है कि आटे में छिपे ऐसे विस्फोटक ग्रामीणों, बच्चों और जानवरों सभी के लिए बड़ा खतरा हैं। पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है।

  • 100 कुत्तों को दिया जहरीला इंजेक्शन और फिर नदी किनारे दफनाया, तेलंगाना से आई दिल दहला देने वाली घटना; जांच में जुटे अधिकारी

    100 कुत्तों को दिया जहरीला इंजेक्शन और फिर नदी किनारे दफनाया, तेलंगाना से आई दिल दहला देने वाली घटना; जांच में जुटे अधिकारी

    नई दिल्ली /तेलंगाना के मनचेरिल जिले से पशु क्रूरता की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। जिले के एक गांव में करीब 100 आवारा कुत्तों को बेरहमी से जहर देकर मार डाला गया और बाद में उनके शवों को पास की ही एक नदी के किनारे दफना दिया गया। इस सामूहिक कत्लेआम का खुलासा तब हुआ जब ‘स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ नामक एनजीओ के कार्यकर्ता ए. गौतम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह पूरी बर्बरता गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव के इशारे पर की गई है, जिन्होंने दो लोगों को काम पर रखकर कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन लगवाए।

    पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ और ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। चौंकाने वाली बात यह है कि तेलंगाना में आवारा कुत्तों के साथ इस तरह की हिंसा पहली बार नहीं हुई है। आधिकारिक आंकड़ों और कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जनवरी और पिछले साल दिसंबर के बीच राज्य के विभिन्न जिलों में करीब 1,300 आवारा कुत्तों को मारा गया है। इन घटनाओं में भी कई जगह स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों के शामिल होने की आशंका जताई गई थी।

    इस सामूहिक हत्या के पीछे एक राजनीतिक एंगल भी सामने आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि पिछले वर्ष दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान कई प्रत्याशियों ने गांवों को आवारा कुत्तों की समस्या से मुक्त करने का वादा किया था। इसी तथाकथित ‘चुनावी वादे’ को पूरा करने के लिए बेजुबान जानवरों को मौत के घाट उतारने का खौफनाक रास्ता चुना गया। कार्यकर्ता ए. गौतम का कहना है कि समस्या का समाधान नसबंदी और टीकाकरण है, न कि इस तरह का क्रूर हत्याकांड। फिलहाल पुलिस खुदाई कर दफनाए गए अवशेषों की जांच करने और दोषियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने में लगी है।

    यह मामला एक बार फिर उस राष्ट्रव्यापी बहस को हवा दे रहा है जिसमें समाज दो हिस्सों में बंटा नजर आता है। जहां पशु प्रेमी और कार्यकर्ता इन बेजुबानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग आवारा कुत्तों को सुरक्षा के लिए खतरा मानते हैं। राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में यह मामला अदालतों तक भी पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट में इन्हें सड़कों से हटाने की अर्जी से लेकर कोर्ट के स्टे तक, कानूनी लड़ाई जारी है, लेकिन तेलंगाना की इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि जागरूकता के अभाव में क्रूरता किस हद तक जा सकती है।

  • शराब के लिए युवक ने कुत्ते को मारकर खिलाया, 'खरगोश' बताकर ग्रामीणों को बेचा मांस..

    शराब के लिए युवक ने कुत्ते को मारकर खिलाया, 'खरगोश' बताकर ग्रामीणों को बेचा मांस..


    नई दिल्ली। बिहार के मोतिहारी जिले के मधुबन प्रखंड से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ शराब की लत पूरी करने के लिए एक युवक ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए एक कुत्ते की हत्या कर दी और उसका मांस ग्रामीणों को ‘खरगोश का मांस’ बताकर बेच दिया। इस जहरीले और अखाद्य मांस के सेवन से गांव के करीब 15 लोगों की तबीयत बिगड़ गई है।

    शराब के लिए रची खौफनाक साजिश मामला गरहिया बाजार थाना क्षेत्र के गरहिया गांव का है। आरोपी की पहचान मंगरु सहनी के रूप में हुई है, जो शराब का आदी बताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शराब खरीदने के लिए पैसे न होने पर मंगरु ने एक कुत्ते को मारा और उसके मांस को टुकड़ों में काटकर गांव में बेचने निकला। कड़ाके की ठंड के बीच उसने ग्रामीणों को झांसा दिया कि यह खरगोश का मांस है और इसे 1000 रुपये प्रति किलो की दर से बेच दिया।

    अगली सुबह खुद ही किया खुलासा घटना का खुलासा तब हुआ जब मांस खाने के कुछ घंटों बाद ग्रामीणों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने लगी। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। हद तो तब हो गई जब अगली सुबह आरोपी मंगरु ने नशे की हालत में खुद ही गांव में घूम-घूमकर यह ऐलान करना शुरू कर दिया कि उसने सबको खरगोश नहीं बल्कि कुत्ते का मांस खिलाया है।

    पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपी आरोपी की बात सुनकर गांव में हड़कंप मच गया। जब ग्रामीणों ने पास के एक बाग की तलाशी ली, तो वहां कुत्ते का कटा हुआ सिर और पैर बरामद हुए, जिससे सच्चाई की पुष्टि हो गई। ग्रामीणों के विरोध करने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।

    पीड़ित परिवारों ने स्थानीय थाने में लिखित आवेदन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गरहिया थानाध्यक्ष आदित्य कुमार ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर और संदिग्ध है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है ताकि बीमार ग्रामीणों का उचित उपचार हो सके।