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  • रेड कार्पेट इवेंट का वीडियो बना विवाद की वजह, मलाइका ने खेसारी लाल पर उठाए सवाल; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    रेड कार्पेट इवेंट का वीडियो बना विवाद की वजह, मलाइका ने खेसारी लाल पर उठाए सवाल; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    नई दिल्ली । एक रेड कार्पेट इवेंट से सामने आए वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक आवारा कुत्ते को कार्यक्रम स्थल से जबरन हटाते हुए देखा जा रहा है। इस दौरान भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव रेड कार्पेट पर फोटो खिंचवाते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

    वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि जैसे ही खेसारी लाल यादव रेड कार्पेट पर पहुंचते हैं, वहां मौजूद एक स्ट्रे डॉग उनके सामने आ जाता है। इसके बाद इवेंट से जुड़े कर्मचारी कुत्ते को पकड़कर वहां से हटाते दिखाई देते हैं। इस दौरान अभिनेता कैमरों के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहते हैं। वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए और पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया।

    अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा, जो लंबे समय से पशु कल्याण से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं, ने इस वीडियो को साझा करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने घटना को शर्मनाक बताते हुए सवाल उठाया कि किसी फोटोशूट या सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए किसी जानवर के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर की गई अपनी प्रतिक्रिया में इस पूरे घटनाक्रम की आलोचना की और जिम्मेदार रवैया अपनाने की जरूरत बताई।

    मलाइका की प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को ऐसे अवसरों पर अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। वहीं कुछ लोगों का मानना रहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह देखना जरूरी है कि अभिनेता की भूमिका क्या थी और घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं। इसी वजह से इस मामले पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    मलाइका अरोड़ा को पशुओं के प्रति उनके लगाव के लिए जाना जाता है। वह कई बार सड़क पर रहने वाले कुत्तों को खाना खिलाते, उनकी देखभाल करते और पशु कल्याण से जुड़े संदेश साझा करते हुए दिखाई देती रही हैं। यही कारण है कि इस घटना पर उनकी प्रतिक्रिया को भी व्यापक ध्यान मिला और पशु अधिकारों को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई।

    हालांकि, इस विवाद के बीच खेसारी लाल यादव की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने न तो वायरल वीडियो पर कोई बयान जारी किया है और न ही सोशल मीडिया के माध्यम से इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में घटना को लेकर जारी चर्चाओं के बीच उनके पक्ष का इंतजार किया जा रहा है।

    यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और पशुओं के प्रति मानवीय व्यवहार के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी घटनाएं न केवल संबंधित व्यक्तियों को चर्चा के केंद्र में ले आती हैं, बल्कि पशु कल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्यापक बहस को जन्म देती हैं।

  • 250 असली कुत्तों के साथ बनी 'ओह माय डॉग', पंकज त्रिपाठी ने बिना फीस निभाया अहम किरदार, उठेगा डॉग ट्रैफिकिंग का मुद्दा

    250 असली कुत्तों के साथ बनी 'ओह माय डॉग', पंकज त्रिपाठी ने बिना फीस निभाया अहम किरदार, उठेगा डॉग ट्रैफिकिंग का मुद्दा

    नई दिल्ली । 31 जुलाई को रिलीज हो रही ‘ओह माय डॉग’ डॉग ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मुद्दे पर बनी फिल्म है। इसमें 250 असली कुत्तों के साथ शूटिंग की गई है। पंकज त्रिपाठी ने कहानी से प्रभावित होकर बिना फीस फिल्म में काम किया, जबकि ब्रूनो और ऑस्कर नाम के दो डॉगी इस फिल्म के असली हीरो हैं।

    यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि उन बेजुबान कुत्तों की आवाज बनती है जिनका दर्द अक्सर दुनिया तक नहीं पहुंच पाता। इसकी कहानी एक बच्चे और उसके पालतू डॉगी के बीच के अनमोल रिश्ते के जरिए जानवरों के खिलाफ होने वाले अपराधों की सच्चाई सामने लाती है।

    फिल्म से जुड़ी मुख्य बातें
    250 असली कुत्तों के साथ शूटिंग: फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसके 250 असली कुत्ते हैं। फिल्म के सबसे अहम किरदार ब्रूनो और ऑस्कर नाम के दो डॉगी निभा रहे हैं, जिन्हें देशभर में हजारों कुत्तों के ऑडिशन लेने के बाद चुना गया।

    पंकज त्रिपाठी ने नहीं ली फीस: पंकज त्रिपाठी का रोल भले ही छोटा है, लेकिन जानवरों के प्रति प्यार और फिल्म का संदेश उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने इसके लिए कोई फीस नहीं ली। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बच्चे और डॉगी की कहानी नहीं, बल्कि इंसानियत, प्यार और दया का संदेश है।

    डॉग ट्रैफिकिंग का काला सच: फिल्म उस अंधेरी दुनिया को उजागर करती है जहाँ मासूम पालतू जानवरों की तस्करी कर उन्हें गलत हाथों में बेच दिया जाता है। कहानी में एक बच्चे का अपने डॉगी के लिए प्यार इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करता है।

    निर्देशक और संदेश
    फिल्म का निर्देशन अमित राय ने किया है, जिन्होंने इससे पहले ‘ओह माय गॉड 2’ जैसी चर्चित फिल्म बनाई थी। बड़े एक्शन और वीएफएक्स के दौर में यह फिल्म दिल को छू लेने वाली कहानी और सामाजिक संवेदना के दम पर बनाई गई है।