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  • डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, बोले- ईरान को हराकर होर्मुज को करेंगे अमेरिका में शामिल

    डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, बोले- ईरान को हराकर होर्मुज को करेंगे अमेरिका में शामिल


    वाशिंगटन।
    ईरान (Iran) के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा घोषित कर देंगे। उन्होंने कहा, ईरान को हराने के बाद होर्मुज (Hormuz) को अमेरिका में शामिल कर लिया जाएगा। वह न्यूयॉर्क में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। ट्रंप ने यह नहीं बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतरगत यह कैसे संभव होगा।


    ईरान ने दिया जवाब

    एक दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज पर उनका पूरा नियंत्रण स्थापित हो गया है। उन्होंने अमेरिकी नाकेबंदी को स्टील की दीवार बताया था। वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम घारिबाबादी ने कहा था कि होर्मुज ईरान के ही नियंत्रण में था और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान ही फैसला लेगा कि होर्मुज को कब खोला जाएगा। इसके अलावा जब तक अमेरिका अपनी हार नहीं मान लेता है, होर्मुज में नाकेबंदी जारी रहेगी।

    उन्होंने कहा, सबको वास्तविकता स्वीकार कर लेनी चाहिए। अमेरिका को करारी हार मिली है। होर्मुज हमेशा से ईरानियों का ही था और ईरान का ही रहेगा। ईरान के आदेश पर ही होर्मुज खुलेगा या बंद होगा। अगर इस वास्तविकता को आप नहीं स्वीकार करते तो फिर आप भ्रम में जी रहे हैं। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच इस तनाव को लेकर इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की परेशानी बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि नाकेबंदी का मतलब है कि बिना उनकी इजाजत के एक भी जहाज नहीं गुजर सकता।


    विमान वाहक पोतों में पुरानी तकनीक पर क्यों जोर दे रहे ट्रंप

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना को अपने भावी विमान वाहक जंगी पोतों से अत्याधुनिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रणाली को हटाकर पुरानी स्टीम (भाप) आधारित कैटापुल्ट तकनीक पर लौटने का निर्देश दिया है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस फैसले से जहाजों की निर्माण लागत घटने के बजाय काफी बढ़ सकती है।

    यह आदेश वर्तमान में निर्माणाधीन ‘डोरिस मिलर’ सहित भविष्य के फोर्ड-क्लास विमान वाहकों पर लागू होगा। ट्रंप चाहते हैं कि इन जहाजों में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम और एडवांस वेपन्स एलिवेटर्स की जगह स्टीम-संचालित कैटापुल्ट और हाइड्रोलिक सिस्टम लगाये जायें। फैसले की व्याख्या करते हुए एक ज्ञापन में ट्रंप ने कहा कि युद्ध मंत्रालय को नौसैनिक बल संरचना के विस्तार के साथ समुद्री औद्योगिक आधार में क्षमता और प्रतिस्पर्धा दोनों को बहाल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण स्थापित और भरोसेमंद तकनीक पर निर्भर करता है और घरेलू पोत निर्माण उद्योग में निवेश को बढ़ावा देता है।

    गौरतलब है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रणाली के खिलाफ ट्रंप का रुख नया नहीं है। अपने पहले कार्यकाल से ही वे अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े विमान वाहक ‘यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड’ में इस्तेमाल हो रहे इस सिस्टम की आलोचना करते रहे हैं और इसे अत्यधिक जटिल व अत्यधिक महंगा बताते आए हैं। हालांकि, रक्षा उद्योग इस फैसले से असहमत नजर आ रहा है। ‘डोरिस मिलर’ के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रणाली के निर्माण का 1.2 अरब डॉलर का ठेका रखने वाली कैलिफोर्निया की कंपनी ‘जनरल एटॉमिक्स’ ने इसका कड़ा विरोध किया है। कंपनी ने कहा कि निर्माण कार्य लगभग आधा पूरा हो चुका है और इस मोड़ पर दिशा बदलने से लागत, समय-सारणी और एकीकरण में गंभीर समस्याएं पैदा होंगी, जिससे अमेरिका की तकनीकी श्रेष्ठता पर भी असर पड़ सकता है।

  • कैरोलीन लेविट छोड़ेंगी व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का पद, ट्रंप ने किया ऐलान

    कैरोलीन लेविट छोड़ेंगी व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का पद, ट्रंप ने किया ऐलान


    वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट अगस्त के अंत में अपने पद से इस्तीफा देंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए उनके फैसले की जानकारी दी। ट्रंप के मुताबिक, लेविट परिवार को ज्यादा समय देने के लिए यह जिम्मेदारी छोड़ रही हैं। हालांकि, वह रिपब्लिकन पार्टी में उनकी शीर्ष सलाहकार के तौर पर काम करती रहेंगी।

    लेविट ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अपने फैसले को ‘कड़वा-मीठा’ अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब डेढ़ साल तक व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के तौर पर काम करना उनके जीवन के सबसे बड़े सम्मान और रोमांच में से एक रहा है।

    ‘बच्चों को वह समय नहीं दे पा रही थी, जिसके वे हकदार हैं’

    लेविट ने अपनी बेटी के जन्म के बाद दोबारा काम पर लौटने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक बच्चे का स्वागत करने के साथ दुनिया के सबसे demanding पदों में से एक की जिम्मेदारी संभालना सम्मानजनक होने के साथ बेहद चुनौतीपूर्ण भी था।

    उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस प्रेस सचिव की जिम्मेदारियों के लिए लगातार समय, ऊर्जा और ध्यान देना पड़ता है। ऐसे में वह अपने दोनों बच्चों को वह समय और ध्यान नहीं दे पा रही थीं, जिसके वे हकदार हैं। इसी वजह से उन्होंने यह कठिन फैसला लिया।

    ट्रंप बोले- भरोसेमंद सहयोगियों में से एक

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने Truth Social अकाउंट पर लेविट के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कैरोलीन उनकी सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक रही हैं और परिवार को प्राथमिकता देने के उनके फैसले का वह पूरी तरह सम्मान करते हैं।

    ट्रंप ने 2018 से लेकर 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान तक लेविट के योगदान की तारीफ की और उन्हें इतिहास की बेहतरीन प्रेस सचिवों में से एक बताया।

    व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी ट्रंप की सलाहकार रहेंगी

    ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी लेविट उनकी शीर्ष बाहरी सलाहकार बनी रहेंगी। आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की जीत के लिए वह पार्टी के भीतर प्रभावशाली भूमिका निभाएंगी।

    लेविट ने भी कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ उनकी राजनीतिक लड़ाई एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, लेकिन यह खत्म नहीं हुई है।

    सबसे कम उम्र की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बनी थीं

    कैरोलीन लेविट 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ट्रंप के साथ जुड़ी थीं। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने ट्रांजिशन टीम की प्रवक्ता के तौर पर काम किया। इसके बाद ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस प्रेस सचिव नियुक्त किया।

    इस नियुक्ति के साथ लेविट इस पद पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनी थीं। उन्होंने अपनी भूमिका के दौरान पति, परिवार, चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स और पूरे ट्रंप परिवार का समर्थन के लिए आभार जताया।

  • फतेहपुर से योगी का बड़ा ऐलान: NEET पेपर लीक के दोषियों की संपत्ति होगी जब्त, संसद में आएगा सख्त कानून

    फतेहपुर से योगी का बड़ा ऐलान: NEET पेपर लीक के दोषियों की संपत्ति होगी जब्त, संसद में आएगा सख्त कानून


    फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को फतेहपुर जिले के मदारीपुर कला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी सरकार का पक्ष रखा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले फतेहपुर आकांक्षी जिलों में शामिल था और रोजगार, स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं के मामले में काफी पीछे था। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में जिले की तस्वीर बदली है और अब यह आकांक्षी जिलों की श्रेणी से बाहर आ चुका है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले युवाओं की नौकरियों में धांधली होती थी, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे रही है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, सड़क, पुल, बिजली, अस्पताल, निवेश और कंपोजिट विद्यालय जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास अब केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव तक पहुंच रहा है।

    विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और नकल माफिया को संरक्षण मिला। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। NEET परीक्षा से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों को केवल सजा ही नहीं मिलेगी, बल्कि उनकी संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। साथ ही पेपर लीक रोकने के लिए संसद में सख्त कानून लाने की भी बात कही।

    कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश में माफिया और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के सामने अब केवल जेल या फिर कड़ी कानूनी कार्रवाई का रास्ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जे किए थे, जिन्हें अब मुक्त कराया जा रहा है।

    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने देश के युवाओं को नई पहचान दी है। उन्होंने फतेहपुर की जनता से विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए भाजपा को मजबूत समर्थन देने की अपील भी की।

  • बंगाल: शुभेंदु अधिकारी का धर्मांतरण विरोधी कानून, UCC और NRC लागू करने का ऐलान, विपक्ष ने साधा निशाना

    बंगाल: शुभेंदु अधिकारी का धर्मांतरण विरोधी कानून, UCC और NRC लागू करने का ऐलान, विपक्ष ने साधा निशाना


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून लाएगी। इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उनके इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा सरकार पर विपक्ष को डराने और दमनकारी कानून लाने का आरोप लगाया।

    रवींद्र सदन में ‘वंदे मातरम्’ गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ राज्य की जनसांख्यिकी में बदलाव और कथित “लव जिहाद” जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण है।

    उन्होंने कहा, “हमें थोड़ा समय दीजिए। बंगाल में धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) निश्चित रूप से लागू किए जाएंगे। जो लोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर देश की संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं, उन्हें वापस भेजा जाएगा।”

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत नागरिकता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 1975 के आपातकाल का विरोध करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को 9 अगस्त को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में भाजपा के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया।

    महुआ मोइत्रा का जवाब
    मुख्यमंत्री के बयान और विधानसभा में प्रस्तावित विधेयकों को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर हुई बैठक के बाद सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

    महुआ मोइत्रा ने प्रस्तावित **बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026** को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि इस कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को केवल संदेह के आधार पर बिना न्यायिक सुनवाई के एक वर्ष तक हिरासत में रखा जा सकता है।

    उन्होंने दावा किया कि यह प्रस्तावित कानून आपातकाल के दौरान लागू रहे मीसा (MISA) और मौजूदा यूएपीए (UAPA) से भी अधिक कठोर है तथा इसमें पर्याप्त न्यायिक सुरक्षा प्रावधान नहीं हैं।

    भाजपा ने किया पलटवार
    टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष सत्ता खोने के बाद जनता के बीच भ्रम और भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। भाजपा का कहना है कि प्रस्तावित **एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026** का उद्देश्य गुजरात और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर संगठित अपराध, सिंडिकेट राज, जबरन वसूली और राजनीतिक हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण करना है। भाजपा के अनुसार, प्रस्तावित कानून में दंगों और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सरकारी एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से क्षति की भरपाई कराने का भी प्रावधान किया गया है।

  • इंडिगो की 6 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण जुलाई से अस्थाई रूप से होगी बंद

    इंडिगो की 6 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण जुलाई से अस्थाई रूप से होगी बंद


    नई दिल्ली।
    विमान कंपनी इंडिगो (Airline company Indigo) ने जुलाई महीने से छह डेस्टिनेशंस (Six Destinations) के लिए अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है. विमानन कंपनी ने ये कदम कमजोर मांग और लगातार बढ़ रही ऑपरेटिंग कॉस्ट (Increasing Operating Costs) को देखते हुए उठाया है।

    इंडिगो का ये फैसला गर्मियों की छुट्टियों मौजूदा सीजन में आया है. इंडिगो के मुताबिक, मलेशिया के लांगकावी, थाईलैंड के क्राबी और वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी के लिए उड़ानें 1 जुलाई से सस्पेंड यानी बंद कर दी जाएंगी। इसके अलावा, हांगकांग और चीन के शंघाई, कंबोडिया के सिएम रीप के लिए उड़ानों को 3 जुलाई से रोक दिया जाएगा।

    इन सभी छह रूटों पर उड़ानों का सस्पेंशन 30 सितंबर तक लागू रहेगा. ये सभी रूट भारतीय यात्रियों के बीच काफी पॉपुलर हैं. ये रूट दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के प्रमुख पर्यटन और व्यावसायिक शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी मुहैया कराते हैं।


    अक्टूबर से दोबारा शुरू होगी बुकिंग

    इंडिगो ने बताया है कि इन सभी छह रूटों के लिए टिकटों की बुकिंग 1 अक्टूबर से दोबारा शुरू कर दी जाएगी. हालांकि, अगर मार्किट में मांग में सुधार होता है, तो इन सेवाओं को तय समय से पहले भी बहाल किया जा सकता है. एयरलाइंस ने इस कदम को इंटरनेशनल नेटवर्क में एक सीमित और छोटा सा बदलाव बताया है।

    कंपनी के मुताबिक, साल की ये तिमाही आमतौर पर यात्रा के लिहाज से कमजोर होती है. इसके साथ ही मौजूदा समय में लागत का माहौल भी काफी चुनौतियों से भरा है. अस्थायी कटौती के बावजूद एयरलाइंस ने कहा है कि वो हर हफ्ते 1,800 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रखेगी. कंपनी अपने विदेशी नेटवर्क के बड़े हिस्से को पहले की तरह ही बरकरार रख रही है।

    इंडिगो ने कहा कि वो अंतरराष्ट्रीय परिचालन पर कोई भी अगला फैसला लेने से पहले मार्किट की कंडीशन, बढ़ती परिचालन लागत और एयरस्पेस के प्रतिबंधों पर नजर रखेगी। इस फैसले से प्रभावित होने वाले यात्रियों को पहले से सूचित किया जाएगा. यात्रियों को रिफंड या दूसरे उपलब्ध विकल्प भी दिए जाएंगे.


    ईरान युद्ध के चलते मैनचेस्टर उड़ान पर भी लगा ब्रेक

    दो दिन पहले ही इंडिगो ने 31 अगस्त से मैनचेस्टर के लिए अपनी उड़ानें बंद करने की बात कही थी. एयरलाइंस ने इसके पीछे ईरान युद्ध के चलते इंटरनेशनल एयरस्पेस में लंबे समय से जारी प्रतिबंधों और बढ़ती परिचालन लागत का हवाला दिया था.

    कंपनी का कहना है कि इन वजहों से ये रूट कमर्शियल रूप से काफी नुकसानदेह साबित हो रहा था. इंडिगो के मुताबिक, कुछ एयर कॉरिडोर्स के लगातार बंद रहने की वजह से उड़ानों के समय और खर्चों में भारी बढ़ोतरी हुई है. इससे लंबी दूरी की हवाई सेवाओं को जारी रखना मुश्किल हो गया है.

    इंडिगो फिलहाल दिल्ली और मुंबई से ब्रिटेन के मैनचेस्टर के लिए उड़ानों का संचालन करती है. इस रूट की शुरुआत पिछले साल जुलाई में एयरलाइंस की लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजना के तहत की गई थी।

  • मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन

    मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में पालन हुआ है। वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 375 करोड़ रुपये की राशि मंगलवार को ही एमएसएमई विभाग ने 600 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के खातों में प्रोत्साहन तथा अनुदान राशि अंतरित भी कर दी है।

    उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में संपन्न हुए कार्यक्रम में 250 इकाइयों को 169 करोड़ 57 लाख की राशि अंतरित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शेष इकाइयों से वायदा किया था कि उन्हें भी जल्दी ही मदद की जाएगी। एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विभाग और उद्यमियों की ओर से मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए आभार व्यक्त किया है।

    उल्लेखनीय है कि सर्वाधिक रोजगार सृजन के सशक्त माध्यम एमएसएमई के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेश में निवेश एवं उद्यम का जाल बिछाने की संभावनाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से एमएसएमई विकास नीति 2025 लागू की है। नीति में निवेशकों को विभिन्न सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि निवेशकों को स्वीकृत सुविधाओं का समयावधि में वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

    उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश एवं विशेष प्रयासों से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इकाइयों की लंबित देयताओं के भुगतान के लिए वित्त विभाग द्वारा समुचित बजट आवंटन विभाग को उपलब्ध कराया गया। एमएसएमई इकाइयों को स्वीकृत सुविधाओं के वितरण की निरंतरता में 31 मार्च मंगलवार को 600 से अधिक इकाइयों को राशि रु. 375 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गयी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इतनी बड़ी मात्रा में अनुदान राशि वितरण होने पर निवेशकों में उत्साह एवं प्रदेश की नीतियों के प्रति विश्वास और प्रबल हुआ है।

    एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने एमएसएमई इकाइयों को उनकी स्वीकृत सुविधाओं के समयावधि में वितरण के लिए मुख्यमंत्री का का आभार व्यक्त किया है। एमएसएमई जगत के उद्यमियों एवं संघो द्वारा भी उक्त पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा है कि शासन की इस पहल से न केवल स्थापित एमएसएमई इकाई निरंतर प्रगति कर रही हैं अपितु देश एवं विदेश के निवेशक भी प्रदेश में नए निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं।

  • राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान… बोले- देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल… NCC कैडेटों की संख्या में होगी भारी वृद्धि

    राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान… बोले- देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल… NCC कैडेटों की संख्या में होगी भारी वृद्धि


    नई दिल्ली।
    देश की रक्षा तैयारियों (Country Defense Preparedness) और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने बड़ी घोषणाएं की हैं। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल (Sainik School Ghorakhal) के डायमंड जुबली समारोह (Diamond Jubilee Celebration) को संबोधित करते हुए उन्होंने देश भर में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने और एनसीसी (NCC) कैडेटों की संख्या में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। रक्षा मंत्री ने युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति के मूल्यों को समाहित करने के उद्देश्य से नेशनल कैडेट कोर (NCC) के विस्तार की घोषणा की।

    उन्होंने कहा, “हमने एनसीसी में रिक्तियों की संख्या बढ़ा दी है। पहले जहां भर्ती का लक्ष्य 17 लाख (1.7 मिलियन) था, अब इसे बढ़ाकर 20 लाख (2 मिलियन) करने का निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक बच्चों को राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक संस्कार सीखने का अवसर मिलेगा।”

    सैन्य उन्मुख शिक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत देश में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये संस्थान न केवल रक्षा सेवाओं के लिए युवाओं को तैयार करते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए भी उन्हें सक्षम बनाते हैं।

    रक्षा मंत्री ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश की अनुमति देने के सरकार के फैसले को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताया। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर करार देते हुए कहा कि महिला कैडेटों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के बराबर हैं।

    घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की गौरवशाली विरासत
    समारोह के दौरान उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की विरासत की सराहना की। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इस अकेले स्कूल ने अब तक 800 से अधिक छात्र नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) को दिए हैं। इसके अलावा, सीडीएस (CDS) और एएफसीएटी (AFCAT) जैसे विभिन्न माध्यमों से 2,000 से अधिक कैडेट यहां से निकलकर देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों की शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्टता की जमकर तारीफ की।

    कैडेटों में जोश भरते हुए राजनाथ सिंह ने अनुशासन और तत्परता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा, “मैं सभी बच्चों से कहना चाहता हूं- ‘तैयार रहें, हमेशा तैयार रहें।’ हर परिस्थिति के लिए खुद को तैयार रखें। चुनौतियों से पार पाने के लिए मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस अनिवार्य है।”

    उन्होंने अंत में कहा कि एक सशक्त राष्ट्र तभी बनता है जब उसके नागरिक किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हों।

  • “सरकार 4 आ रहा है! RGV ने किया ऐसा ऐलान कि फैंस में खड़ा हुआ रोमांच का तूफान”

    “सरकार 4 आ रहा है! RGV ने किया ऐसा ऐलान कि फैंस में खड़ा हुआ रोमांच का तूफान”


    नई दिल्ली। फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने अपनी पॉपुलर पॉलिटिकल-क्राइम फिल्म फ्रेंचाइज़ी ‘सरकार’ की चौथी कड़ी ‘सरकार 4’ का बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म की शूटिंग अगले महीने से शुरू होने वाली है। वर्मा ने इस ऐलान के दौरान मजाकिया अंदाज में कहा, “मेरी ये फिल्म मेरे सारे पाप धो देगी।” यह जानकारी उन्होंने रेड लॉरी फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन के दौरान दी।

    ‘सरकार’ फ्रेंचाइज़ी की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। पहली फिल्म में अमिताभ बच्चन ने सुभाष नागरे का दमदार किरदार निभाया था, जबकि अभिषेक बच्चन ने उनके बेटे ‘शंकर’ का रोल किया। इसके बाद 2008 में आई ‘सरकार राज’, जिसमें ऐश्वर्या राय बच्चन ने अहम भूमिका निभाई थी। फ्रेंचाइज़ी की तीसरी फिल्म ‘सरकार 3’ 2017 में रिलीज़ हुई, जिसमें अमिताभ और अभिषेक के अलावा यामी गौतम, मनोज बाजपेयी और अमित साध ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

    राम गोपाल वर्मा ने बताया कि ‘सरकार 4’ में कहानी और कास्ट की घोषणा जल्द ही की जाएगी। हालांकि अब तक फिल्म में कौन-कौन कलाकार नजर आएंगे, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन फिल्म के फैंस में उत्साह पहले से ही चरम पर है।

    निर्देशक ने अपने एक अन्य प्रोजेक्ट ‘द सिंडिकेट’ का भी जिक्र किया और कहा कि यह फिल्म भी दर्शकों को नया अनुभव देगी। उन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से क्राइम और पॉलिटिक्स की दुनिया को दर्शकों तक वास्तविकता के करीब दिखाने की अपनी शैली जारी रखने का इशारा किया।

    ‘सरकार 4’ के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाएं उमड़ पड़ी हैं। लोग अमिताभ और अभिषेक के फिर से एक साथ नजर आने की उम्मीद कर रहे हैं और फिल्म की कहानी को लेकर कई कयास लग रहे हैं।

    राम गोपाल वर्मा ने हमेशा अपनी फिल्मों को विवाद और क्रिएटिविटी के संगम के रूप में प्रस्तुत किया है। ऐसे में ‘सरकार 4’ भी उनके सिनेमाई अंदाज और दमदार कहानी के लिए चर्चित होने वाली है। इस ऐलान ने पॉपुलर फ्रेंचाइज़ी के फैंस के बीच उत्साह की लहर पैदा कर दी है और अगले महीने से शुरू होने वाली शूटिंग को लेकर सभी की निगाहें टिकी हैं।

  • MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा… विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा मंदिर प्रवंधन का कोर्स

    MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा… विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा मंदिर प्रवंधन का कोर्स


    भोपाल।
    एमपी (MP) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने घोषणा की है कि अब राज्य के विश्वविद्यालयों (Universities) में मंदिर प्रबंधन (Temple Management) को एक सब्जेक्ट के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसका मकसद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इन पाठ्यक्रमों में मंदिरों की सुरक्षा, वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय (Vikram University) ने डिप्लोमा और पीजी कोर्स शुरू भी कर दिए हैं।


    अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के विश्वविद्यालयों में मंदिर प्रबंधन को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इंदौर में संवाददाताओं से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने मंदिर प्रबंधन को यूनिवर्सिटी की पढ़ाई से जोड़ने और इस विषय पर अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।


    मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई

    सीएम मोहन यादव ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में धार्मिक पर्यटन के साथ ही मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई कराई जाएगी। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने इस दिशा में पहल करते हुए मंदिर प्रबंधन विषय पर डिप्लोमा और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनके जरिए विद्यार्थियों को विद्वानों द्वारा सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।


    13 तीर्थस्थलों पर बनाए जा रहे धार्मिक गलियारे

    मोहन यादव ने कहा कि मंदिर हमेशा से हमारी आस्था और विश्वास के केंद्र रहे हैं। हम मंदिरों के सही प्रबंधन से अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उज्जैन के महाकाल महालोक की तरह राज्य के 13 तीर्थस्थलों पर धार्मिक गलियारे बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने महाकाल महालोक परिसर से फाइबर की मूर्तियां हटाकर वहां पत्थर और धातु की प्रतिमाएं लगाने का फैसला किया है।


    उज्जैन में बनाई जा रही प्रतिमाएं

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि देश की प्राचीन स्थापत्य कला पर आधारित ये प्रतिमाएं उज्जैन में ही गढ़ी जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को एक अन्य कार्यक्रम में कहा कि मध्य प्रदेश दिव्यांग खेलों का प्रमुख केंद्र बन रहा है और यहां के खिलाड़ी दुनिया भर में नाम रोशन कर रहे हैं। सीएम भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

  • Iran में उग्र प्रदर्शनों के बीच क्राउन प्रिंस का घर वापसी का ऐलान, शहरों पर कब्जा करने की अपील

    Iran में उग्र प्रदर्शनों के बीच क्राउन प्रिंस का घर वापसी का ऐलान, शहरों पर कब्जा करने की अपील


    तेहरान।
    ईरान में उग्र होते प्रदर्शनों (Iran’s Escalating Protests) के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी (Exiled Crown Prince Reza Pahlavi) ने घर वापसी का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने ईरान के लोगों से अपील की है कि वे अब सिर्फ सड़कों पर ना उतरें बल्कि शहरों के सिटी सेंटर्स को अपने कब्जे में ले लें। उन्होंने कहा है कि अगर खूनी सत्ता के शीर्ष पर बैठे अली खामेनेई को उतार फेंकना है तो और ज्यादा संगठित होकर प्रदर्शन को तेज करना होगा।

    बता दें कि पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी ने महंगाई और आर्थिक बदहाली को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके बाद यह प्रदर्शन उग्र होता चला गया। वहीं ईरान की इस्लामिक सरकार ने भी ऐक्शन के आदेश दे दिए और सेना की गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी मारे गए। अब तक इन प्रदर्शनों में 2017 लोगों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सरकारी आंकड़ों में केवल 65 मौतें ही बताई गई हैं।


    खामेनेई ने दी मृत्युदंड की चेतावनी

    ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (86) ने प्रदर्शनकारियों को मृत्युदंड तक की चेतावनी द है। तेहरान में अपने परिसर में समर्थकों से कहा कि प्रदर्शनकारी अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने (ट्रंप ने) कहा है कि वह उनकी (प्रदर्शनकारियों की) मदद के लिए आगे आएंगे। इसके बजाय उन्हें अपने खुद के देश के हालात पर ध्यान देना चाहिए।”

    ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कोई कानूनी नरमी बरते बिना निर्णायक और अधिकतम सजा दी जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद ट्रंप की इस चेतावनी को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है।


    ईरान पर हमले को तैयार बैठे हैं ट्रंप?

    ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि सैनिक जमीन पर भेजे जाएंगे, बल्कि इसका मतलब होगा कि दुश्मन को बहुत जोरदार तरीके से वहीं चोट पहुंचाई जाएगी जहां सबसे ज्यादा असर हो। ट्रंप ने कहा, “मैं ईरान के नेताओं से कहता हूं कि गोलियां चलाना शुरू मत करना, क्योंकि अगर तुमने ऐसा किया तो हम भी (तुम्हारे खिलाफ) करेंगे।”

    एसोसिएटेड प्रेस को मिले एक वीडियो में उत्तरी तेहरान के सादत आबाद इलाके में विरोध प्रदर्शन होते दिख रहे हैं और सड़कों पर हजारों लोग नजर आ रहे हैं इस दौरान एक व्यक्ति को खामेनेई मुर्दाबाद कहते हुए सुना गया है।