Tag: announcement

  • MP: हाथियों से टूटे घरों को पक्का बनाकर देगी सरकार… CM मोहन यादव ने किया ऐलान

    MP: हाथियों से टूटे घरों को पक्का बनाकर देगी सरकार… CM मोहन यादव ने किया ऐलान


    शहडोल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने 2024 के संग्रह वर्ष के लिए तेंदू पत्ता (Tendu leaves) इकट्ठा करने वाले 9.77 लाख लोगों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 22.89 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जिन परिवारों के घर हाथियों के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ‘पक्के’ घर दिए जाएंगे. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब ऐसी खबरें हैं कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) से 37 और जंगली हाथी शहडोल में आ गए हैं, जिससे हाथियों की कुल संख्या 62 हो गई है।

    शहडोल में तेंदू पत्ता बोनस वितरण और विकास कार्यों से जुड़े एक कार्यक्रम में यादव ने कहा, “हमारी सरकार फाइलों से नहीं, बल्कि फैसलों से चलती है. यह जन कल्याण, विकास और समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है. विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और हर परिवार को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।

    अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने शहडोल जिले में 461.73 करोड़ रुपये की लागत वाले 134 विकास कार्यों की आधारशिला रखी और उनका उद्घाटन किया. उन्होंने 22.14 करोड़ रुपये की लागत से बनी वन विभाग की एक कार्यालय इमारत का भी उद्घाटन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बोनस का वितरण इस बात को दर्शाता है कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि तेंदू पत्ता इकट्ठा करने वालों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिले।


    शहडोल में तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण

    उन्होंने उन लोगों के लिए ‘पक्के’ घरों की घोषणा की, जिनके घर जंगली हाथियों के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे। यादव ने कहा कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पास ‘रेस्क्यू ज़ू सेंटर’ (बचाव चिड़ियाघर केंद्र) स्थापित किए जाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि सरकार ‘होमस्टे’ (पर्यटकों के ठहरने की जगह) बनाने के लिए 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी देगी।

    यादव ने कहा, “सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और वन उत्पादों पर निर्भर परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रही है.” शहडोल संभाग में फुटबॉल के प्रति लोगों की रुचि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में युवा खेल प्रतिभाओं को निखारने की काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने बताया कि 5.10 करोड़ रुपये की लागत से खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. यादव ने शहडोल में एक इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इससे बच्चों और युवाओं को अलग-अलग खेलों का अभ्यास करने और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने के बेहतर अवसर मिलेंगे.

    शहडोल में प्रस्तावित स्टील प्लांट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके शुरू होने पर लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों से कांग्रेस नेता असहज हैं. अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।

    इस बीच, शहडोल दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में आए इन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर ही रोक दिया। हाथापाई के बाद, पुलिस ने कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. अवस्थी ने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी।

  • NZ Tour: टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान… 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी

    NZ Tour: टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान… 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Cricket Control Board of India- BCCI) की पुरुष चयन समिति ने आगामी न्यूजीलैंड दौरे (New Zealand Tour) के लिए टीम इंडिया (Team India) और इंडिया ‘ए’ के स्क्वाड का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।

    इस दौरे पर भारतीय टीम मेजबान न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज खेलेगी, जबकि इंडिया ‘ए’ की टीम न्यूजीलैंड ‘ए’ के खिलाफ तीन मल्टी-डे (चार दिवसीय) मैच खेलेगी. वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए टीमों की घोषणा फिलहाल बाद में की जाएगी।

    इस स्क्वाड की सबसे बड़ी खबर अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी है, जिन्हें एक बार फिर नीली जर्सी में गेंदबाजी का जिम्मा सौंपा गया है. श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि उपकप्तानी की जिम्मेदारी तिलक वर्मा को दी गई है।


    क्यों हुई भुवनेश्वर कुमार की वापसी?

    भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी टी20 मुकाबला नवंबर 2022 में एडिलेड ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेला था. इसके बाद से वह टीम से बाहर चल रहे थे, लेकिन पिछले दो आईपीएल (IPL) सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए उनके शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    पिछले दो संस्करणों में शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने कुल 45 विकेट झटके और टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई. नई गेंद से उनकी स्विंग और अनुभव को देखते हुए उन्हें एक बार फिर नेशनल टीम में मौका मिला है. हालांकि, इस चयन के चलते भुवनेश्वर कुमार को हांगकांग सिक्सेस से हटना होगा, जहां उन्हें हाल ही में कप्तान बनाया गया था।

    टी20 टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव.

    इंडिया ‘ए’ टीम: ध्रुव जुरेल (कप्तान/विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत* (विकेटकीपर – फिटनेस के अधीन), वाशिंगटन सुंदर, आकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़ और मुकेश कुमार।

  • इटली के स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर लगेगा प्रतिबंध… PM मेलोनी ने किया ऐलान

    इटली के स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर लगेगा प्रतिबंध… PM मेलोनी ने किया ऐलान


    रोम।
    इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Italian Prime Minister Giorgia Meloni) ने एक बड़ा नीतिगत बदलाव प्रस्तावित किया है। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार जल्द ही एक उपाय पेश करेगी। इस उपाय के तहत इतालवी स्कूलों (Italian schools) में बुर्का और नकाब (Burqa and Niqab) पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। साथ ही, कक्षाओं में विदेशी छात्रों (Foreign Students) की संख्या भी सीमित की जाएगी। यह घोषणा प्रवासन और सांस्कृतिक एकीकरण को लेकर उनकी सरकार के सख्त रुख को दर्शाती है।

    इटली आने वाले लोगों को हमारी भाषा सीखनी चाहिए
    मेलोनी ने अपनी राष्ट्रवादी रूढ़िवादी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली के युवा विंग को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित उपाय में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान होगा। इसके तहत उन विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा के पाठ अनिवार्य किए जाएंगे। ये वे माता-पिता होंगे जिन्हें ‘स्कूल प्रणाली में एकीकृत होने में गंभीर कठिनाइयां’ आ रही हैं। मेलोनी ने रोम में जियोवेंटु नाज़ियोनेल राष्ट्रीय उत्सव में एक जोरदार तालियों के बीच कहा। उन्होंने स्पष्ट किया, ‘हमारे लिए, जो कोई भी इटली आता है और यहां अपना भविष्य बनाना चाहता है, उसे हमारी भाषा सीखनी चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उन्हें हमारी संस्कृति को समझना चाहिए और हमारे नियमों का सम्मान करना चाहिए।’ मेलोनी ने इस बात पर जोर दिया कि ‘यह उनका स्वागत करने का एकमात्र गंभीर तरीका है।’


    क्या है बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध का प्रस्ताव?

    मेलोनी ने विशेष रूप से बुर्का पर प्रतिबंध का उल्लेख किया है। बुर्का एक ऐसा पहनावा है जो कुछ मुस्लिम महिलाएं पहनती हैं और पूरे शरीर को ढकता है। उन्होंने नकाब पर भी प्रतिबंध की बात की। नकाब सबसे रूढ़िवादी मुस्लिम महिलाएं पहनती हैं, जिसमें केवल आंखें ही दिखती हैं। हालांकि, मेलोनी ने रविवार को (20 सितंबर) अपने संबोधन में हिजाब का कोई जिक्र नहीं किया। हिजाब एक सिर पर पहना जाने वाला स्कार्फ है जो कुछ मुस्लिम महिलाएं पहनती हैं। सरकार द्वारा इस उपाय को मंजूरी मिलने के बाद, इसे कानून बनने के लिए संसदीय अनुमोदन की आवश्यकता होगी। यह अनुमोदन 60 दिनों के भीतर प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

    प्रवासन पर मेलोनी का क्या रुख है?
    मेलोनी की राजनीतिक जड़ें धुर-दक्षिणपंथी विचारधारा में गहराई से जमी हुई हैं। वह प्रवासन के मुद्दे पर लगातार सख्त और आक्रामक रुख अपनाती रही हैं। प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति में बदलाव देखा है। वह एक राष्ट्रवादी बाहरी व्यक्ति से यूरोपीय संघ के राजनेताओं के बीच एक स्थापित और प्रभावशाली व्यक्ति बन गई हैं। उनकी नीतियां अक्सर इटली की राष्ट्रीय पहचान और सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं। यह उनके राजनीतिक एजेंडे का एक केंद्रीय बिंदु रहा है।


    क्यों उठाए जा रहे हैं ये नए नीतिगत कदम?

    मेलोनी अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले अपनी लोकप्रियता को और बढ़ाना चाहती हैं। इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वह कई नई नीतियां पेश कर रही हैं। इन नीतियों में छोटे और मध्यम आकार की कारों और स्कूटरों पर लगने वाले संपत्ति कर से छूट देना भी शामिल है। यह एक ऐसा कर है जिससे लोग काफी नाखुश थे। इस महीने की शुरुआत में, मेलोनी का रूढ़िवादी प्रशासन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इटली का सबसे लंबे समय तक निर्बाध रूप से सेवा करने वाला सरकार बन गया। यह उपलब्धि उनकी राजनीतिक स्थिरता और देश में उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। ये कदम मतदाताओं को आकर्षित करने और उनकी सरकार की छवि को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए जा रहे हैं।

  • अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, फिर आंदोलन की तैयारी; MPSC अभ्यर्थियों के साथ महाराष्ट्र में उतरेंगे मैदान में

    अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, फिर आंदोलन की तैयारी; MPSC अभ्यर्थियों के साथ महाराष्ट्र में उतरेंगे मैदान में

    मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक दीपके और CJP के अन्य नेता महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे। पार्टी ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र की भाजपा नीत सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

    CJP ने रविवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि अभिजीत दीपके और पार्टी के अन्य नेता MPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन में उनके साथ खड़े होंगे। इससे पहले कुछ MPSC अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर के वालुज क्षेत्र स्थित दीपके के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी।

    24 सितंबर तक का दिया अल्टीमेटम

    CJP ने MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। पार्टी के अनुसार यदि 24 सितंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो अभ्यर्थियों से बातचीत के लिए राज्यव्यापी दौरा किया जाएगा।

    MPSC अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद जारी वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि वह और CJP अभ्यर्थियों की लड़ाई में उनके साथ हैं और इस्तीफा होने तक उनका समर्थन जारी रहेगा।

    प्रथमेश देशमुख की मौत के बाद गरमाया मुद्दा

    MPSC परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 28 वर्षीय प्रथमेश देशमुख की पुणे में मौत के बाद यह मुद्दा चर्चा में आया था। उसके पास मिले कथित सुसाइड नोट में करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज का उल्लेख था। इसके बाद CJP ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देशमुख ने व्यवस्था, बेरोजगारी और ग्रामीण युवाओं की आर्थिक स्थिति से परेशान होकर यह कदम उठाया।

    अभिजीत दीपके ने इसी सप्ताह प्रथमेश देशमुख के परिजनों से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने कहा था कि देशमुख नौकरी हासिल कर परिवार को गरीबी से बाहर निकालने के सपने के साथ पुणे गया था। दीपके ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परिणामों में देरी के कारण अभ्यर्थियों पर दबाव बढ़ रहा है और इसे व्यवस्था की विफलता बताया।

    जंतर-मंतर आंदोलन के बाद फिर सक्रिय CJP

    इससे पहले अभिजीत दीपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। करीब एक महीने पहले उन्होंने आंदोलन के ‘सीजन-2’ का संकेत देते हुए कहा था कि देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर फिर आंदोलन शुरू किया जा सकता है।

    मनोज जरांगे को भी दिया समर्थन

    इस बीच दीपके ने महाराष्ट्र में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मनोज जरांगे को भी समर्थन दिया है। वह शुक्रवार को जरांगे से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद उन्होंने सरकार से जरांगे की मांगों पर बातचीत करने की अपील की।

    दीपके ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं के पास दूसरे लोगों से मिलने का समय है, लेकिन जरांगे से बातचीत क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जरांगे के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।

    CJP के नए ऐलान के बाद MPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ दीपके की राजनीतिक सक्रियता आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

  • डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, बोले- ईरान को हराकर होर्मुज को करेंगे अमेरिका में शामिल

    डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, बोले- ईरान को हराकर होर्मुज को करेंगे अमेरिका में शामिल


    वाशिंगटन।
    ईरान (Iran) के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा घोषित कर देंगे। उन्होंने कहा, ईरान को हराने के बाद होर्मुज (Hormuz) को अमेरिका में शामिल कर लिया जाएगा। वह न्यूयॉर्क में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। ट्रंप ने यह नहीं बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतरगत यह कैसे संभव होगा।


    ईरान ने दिया जवाब

    एक दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज पर उनका पूरा नियंत्रण स्थापित हो गया है। उन्होंने अमेरिकी नाकेबंदी को स्टील की दीवार बताया था। वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम घारिबाबादी ने कहा था कि होर्मुज ईरान के ही नियंत्रण में था और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान ही फैसला लेगा कि होर्मुज को कब खोला जाएगा। इसके अलावा जब तक अमेरिका अपनी हार नहीं मान लेता है, होर्मुज में नाकेबंदी जारी रहेगी।

    उन्होंने कहा, सबको वास्तविकता स्वीकार कर लेनी चाहिए। अमेरिका को करारी हार मिली है। होर्मुज हमेशा से ईरानियों का ही था और ईरान का ही रहेगा। ईरान के आदेश पर ही होर्मुज खुलेगा या बंद होगा। अगर इस वास्तविकता को आप नहीं स्वीकार करते तो फिर आप भ्रम में जी रहे हैं। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच इस तनाव को लेकर इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की परेशानी बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि नाकेबंदी का मतलब है कि बिना उनकी इजाजत के एक भी जहाज नहीं गुजर सकता।


    विमान वाहक पोतों में पुरानी तकनीक पर क्यों जोर दे रहे ट्रंप

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना को अपने भावी विमान वाहक जंगी पोतों से अत्याधुनिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रणाली को हटाकर पुरानी स्टीम (भाप) आधारित कैटापुल्ट तकनीक पर लौटने का निर्देश दिया है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस फैसले से जहाजों की निर्माण लागत घटने के बजाय काफी बढ़ सकती है।

    यह आदेश वर्तमान में निर्माणाधीन ‘डोरिस मिलर’ सहित भविष्य के फोर्ड-क्लास विमान वाहकों पर लागू होगा। ट्रंप चाहते हैं कि इन जहाजों में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम और एडवांस वेपन्स एलिवेटर्स की जगह स्टीम-संचालित कैटापुल्ट और हाइड्रोलिक सिस्टम लगाये जायें। फैसले की व्याख्या करते हुए एक ज्ञापन में ट्रंप ने कहा कि युद्ध मंत्रालय को नौसैनिक बल संरचना के विस्तार के साथ समुद्री औद्योगिक आधार में क्षमता और प्रतिस्पर्धा दोनों को बहाल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण स्थापित और भरोसेमंद तकनीक पर निर्भर करता है और घरेलू पोत निर्माण उद्योग में निवेश को बढ़ावा देता है।

    गौरतलब है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रणाली के खिलाफ ट्रंप का रुख नया नहीं है। अपने पहले कार्यकाल से ही वे अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े विमान वाहक ‘यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड’ में इस्तेमाल हो रहे इस सिस्टम की आलोचना करते रहे हैं और इसे अत्यधिक जटिल व अत्यधिक महंगा बताते आए हैं। हालांकि, रक्षा उद्योग इस फैसले से असहमत नजर आ रहा है। ‘डोरिस मिलर’ के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रणाली के निर्माण का 1.2 अरब डॉलर का ठेका रखने वाली कैलिफोर्निया की कंपनी ‘जनरल एटॉमिक्स’ ने इसका कड़ा विरोध किया है। कंपनी ने कहा कि निर्माण कार्य लगभग आधा पूरा हो चुका है और इस मोड़ पर दिशा बदलने से लागत, समय-सारणी और एकीकरण में गंभीर समस्याएं पैदा होंगी, जिससे अमेरिका की तकनीकी श्रेष्ठता पर भी असर पड़ सकता है।

  • कैरोलीन लेविट छोड़ेंगी व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का पद, ट्रंप ने किया ऐलान

    कैरोलीन लेविट छोड़ेंगी व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का पद, ट्रंप ने किया ऐलान


    वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट अगस्त के अंत में अपने पद से इस्तीफा देंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए उनके फैसले की जानकारी दी। ट्रंप के मुताबिक, लेविट परिवार को ज्यादा समय देने के लिए यह जिम्मेदारी छोड़ रही हैं। हालांकि, वह रिपब्लिकन पार्टी में उनकी शीर्ष सलाहकार के तौर पर काम करती रहेंगी।

    लेविट ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अपने फैसले को ‘कड़वा-मीठा’ अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब डेढ़ साल तक व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के तौर पर काम करना उनके जीवन के सबसे बड़े सम्मान और रोमांच में से एक रहा है।

    ‘बच्चों को वह समय नहीं दे पा रही थी, जिसके वे हकदार हैं’

    लेविट ने अपनी बेटी के जन्म के बाद दोबारा काम पर लौटने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक बच्चे का स्वागत करने के साथ दुनिया के सबसे demanding पदों में से एक की जिम्मेदारी संभालना सम्मानजनक होने के साथ बेहद चुनौतीपूर्ण भी था।

    उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस प्रेस सचिव की जिम्मेदारियों के लिए लगातार समय, ऊर्जा और ध्यान देना पड़ता है। ऐसे में वह अपने दोनों बच्चों को वह समय और ध्यान नहीं दे पा रही थीं, जिसके वे हकदार हैं। इसी वजह से उन्होंने यह कठिन फैसला लिया।

    ट्रंप बोले- भरोसेमंद सहयोगियों में से एक

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने Truth Social अकाउंट पर लेविट के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कैरोलीन उनकी सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक रही हैं और परिवार को प्राथमिकता देने के उनके फैसले का वह पूरी तरह सम्मान करते हैं।

    ट्रंप ने 2018 से लेकर 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान तक लेविट के योगदान की तारीफ की और उन्हें इतिहास की बेहतरीन प्रेस सचिवों में से एक बताया।

    व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी ट्रंप की सलाहकार रहेंगी

    ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी लेविट उनकी शीर्ष बाहरी सलाहकार बनी रहेंगी। आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की जीत के लिए वह पार्टी के भीतर प्रभावशाली भूमिका निभाएंगी।

    लेविट ने भी कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ उनकी राजनीतिक लड़ाई एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, लेकिन यह खत्म नहीं हुई है।

    सबसे कम उम्र की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बनी थीं

    कैरोलीन लेविट 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ट्रंप के साथ जुड़ी थीं। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने ट्रांजिशन टीम की प्रवक्ता के तौर पर काम किया। इसके बाद ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस प्रेस सचिव नियुक्त किया।

    इस नियुक्ति के साथ लेविट इस पद पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनी थीं। उन्होंने अपनी भूमिका के दौरान पति, परिवार, चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स और पूरे ट्रंप परिवार का समर्थन के लिए आभार जताया।

  • फतेहपुर से योगी का बड़ा ऐलान: NEET पेपर लीक के दोषियों की संपत्ति होगी जब्त, संसद में आएगा सख्त कानून

    फतेहपुर से योगी का बड़ा ऐलान: NEET पेपर लीक के दोषियों की संपत्ति होगी जब्त, संसद में आएगा सख्त कानून


    फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को फतेहपुर जिले के मदारीपुर कला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी सरकार का पक्ष रखा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले फतेहपुर आकांक्षी जिलों में शामिल था और रोजगार, स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं के मामले में काफी पीछे था। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में जिले की तस्वीर बदली है और अब यह आकांक्षी जिलों की श्रेणी से बाहर आ चुका है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले युवाओं की नौकरियों में धांधली होती थी, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे रही है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, सड़क, पुल, बिजली, अस्पताल, निवेश और कंपोजिट विद्यालय जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास अब केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव तक पहुंच रहा है।

    विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और नकल माफिया को संरक्षण मिला। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। NEET परीक्षा से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोषियों को केवल सजा ही नहीं मिलेगी, बल्कि उनकी संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। साथ ही पेपर लीक रोकने के लिए संसद में सख्त कानून लाने की भी बात कही।

    कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश में माफिया और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के सामने अब केवल जेल या फिर कड़ी कानूनी कार्रवाई का रास्ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जे किए थे, जिन्हें अब मुक्त कराया जा रहा है।

    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने देश के युवाओं को नई पहचान दी है। उन्होंने फतेहपुर की जनता से विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए भाजपा को मजबूत समर्थन देने की अपील भी की।

  • बंगाल: शुभेंदु अधिकारी का धर्मांतरण विरोधी कानून, UCC और NRC लागू करने का ऐलान, विपक्ष ने साधा निशाना

    बंगाल: शुभेंदु अधिकारी का धर्मांतरण विरोधी कानून, UCC और NRC लागू करने का ऐलान, विपक्ष ने साधा निशाना


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार जल्द ही धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून लाएगी। इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उनके इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा सरकार पर विपक्ष को डराने और दमनकारी कानून लाने का आरोप लगाया।

    रवींद्र सदन में ‘वंदे मातरम्’ गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ राज्य की जनसांख्यिकी में बदलाव और कथित “लव जिहाद” जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण है।

    उन्होंने कहा, “हमें थोड़ा समय दीजिए। बंगाल में धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) निश्चित रूप से लागू किए जाएंगे। जो लोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर देश की संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं, उन्हें वापस भेजा जाएगा।”

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत नागरिकता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 1975 के आपातकाल का विरोध करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को 9 अगस्त को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में भाजपा के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया।

    महुआ मोइत्रा का जवाब
    मुख्यमंत्री के बयान और विधानसभा में प्रस्तावित विधेयकों को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास पर हुई बैठक के बाद सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

    महुआ मोइत्रा ने प्रस्तावित **बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026** को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि इस कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को केवल संदेह के आधार पर बिना न्यायिक सुनवाई के एक वर्ष तक हिरासत में रखा जा सकता है।

    उन्होंने दावा किया कि यह प्रस्तावित कानून आपातकाल के दौरान लागू रहे मीसा (MISA) और मौजूदा यूएपीए (UAPA) से भी अधिक कठोर है तथा इसमें पर्याप्त न्यायिक सुरक्षा प्रावधान नहीं हैं।

    भाजपा ने किया पलटवार
    टीएमसी के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष सत्ता खोने के बाद जनता के बीच भ्रम और भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। भाजपा का कहना है कि प्रस्तावित **एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026** का उद्देश्य गुजरात और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर संगठित अपराध, सिंडिकेट राज, जबरन वसूली और राजनीतिक हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण करना है। भाजपा के अनुसार, प्रस्तावित कानून में दंगों और हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सरकारी एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से क्षति की भरपाई कराने का भी प्रावधान किया गया है।

  • इंडिगो की 6 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण जुलाई से अस्थाई रूप से होगी बंद

    इंडिगो की 6 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण जुलाई से अस्थाई रूप से होगी बंद


    नई दिल्ली।
    विमान कंपनी इंडिगो (Airline company Indigo) ने जुलाई महीने से छह डेस्टिनेशंस (Six Destinations) के लिए अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है. विमानन कंपनी ने ये कदम कमजोर मांग और लगातार बढ़ रही ऑपरेटिंग कॉस्ट (Increasing Operating Costs) को देखते हुए उठाया है।

    इंडिगो का ये फैसला गर्मियों की छुट्टियों मौजूदा सीजन में आया है. इंडिगो के मुताबिक, मलेशिया के लांगकावी, थाईलैंड के क्राबी और वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी के लिए उड़ानें 1 जुलाई से सस्पेंड यानी बंद कर दी जाएंगी। इसके अलावा, हांगकांग और चीन के शंघाई, कंबोडिया के सिएम रीप के लिए उड़ानों को 3 जुलाई से रोक दिया जाएगा।

    इन सभी छह रूटों पर उड़ानों का सस्पेंशन 30 सितंबर तक लागू रहेगा. ये सभी रूट भारतीय यात्रियों के बीच काफी पॉपुलर हैं. ये रूट दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के प्रमुख पर्यटन और व्यावसायिक शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी मुहैया कराते हैं।


    अक्टूबर से दोबारा शुरू होगी बुकिंग

    इंडिगो ने बताया है कि इन सभी छह रूटों के लिए टिकटों की बुकिंग 1 अक्टूबर से दोबारा शुरू कर दी जाएगी. हालांकि, अगर मार्किट में मांग में सुधार होता है, तो इन सेवाओं को तय समय से पहले भी बहाल किया जा सकता है. एयरलाइंस ने इस कदम को इंटरनेशनल नेटवर्क में एक सीमित और छोटा सा बदलाव बताया है।

    कंपनी के मुताबिक, साल की ये तिमाही आमतौर पर यात्रा के लिहाज से कमजोर होती है. इसके साथ ही मौजूदा समय में लागत का माहौल भी काफी चुनौतियों से भरा है. अस्थायी कटौती के बावजूद एयरलाइंस ने कहा है कि वो हर हफ्ते 1,800 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रखेगी. कंपनी अपने विदेशी नेटवर्क के बड़े हिस्से को पहले की तरह ही बरकरार रख रही है।

    इंडिगो ने कहा कि वो अंतरराष्ट्रीय परिचालन पर कोई भी अगला फैसला लेने से पहले मार्किट की कंडीशन, बढ़ती परिचालन लागत और एयरस्पेस के प्रतिबंधों पर नजर रखेगी। इस फैसले से प्रभावित होने वाले यात्रियों को पहले से सूचित किया जाएगा. यात्रियों को रिफंड या दूसरे उपलब्ध विकल्प भी दिए जाएंगे.


    ईरान युद्ध के चलते मैनचेस्टर उड़ान पर भी लगा ब्रेक

    दो दिन पहले ही इंडिगो ने 31 अगस्त से मैनचेस्टर के लिए अपनी उड़ानें बंद करने की बात कही थी. एयरलाइंस ने इसके पीछे ईरान युद्ध के चलते इंटरनेशनल एयरस्पेस में लंबे समय से जारी प्रतिबंधों और बढ़ती परिचालन लागत का हवाला दिया था.

    कंपनी का कहना है कि इन वजहों से ये रूट कमर्शियल रूप से काफी नुकसानदेह साबित हो रहा था. इंडिगो के मुताबिक, कुछ एयर कॉरिडोर्स के लगातार बंद रहने की वजह से उड़ानों के समय और खर्चों में भारी बढ़ोतरी हुई है. इससे लंबी दूरी की हवाई सेवाओं को जारी रखना मुश्किल हो गया है.

    इंडिगो फिलहाल दिल्ली और मुंबई से ब्रिटेन के मैनचेस्टर के लिए उड़ानों का संचालन करती है. इस रूट की शुरुआत पिछले साल जुलाई में एयरलाइंस की लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजना के तहत की गई थी।

  • मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन

    मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा का 24 घंटे में हुआ पालन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की एक दिन पूर्व की गई घोषणा का 24 घंटे में पालन हुआ है। वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 375 करोड़ रुपये की राशि मंगलवार को ही एमएसएमई विभाग ने 600 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के खातों में प्रोत्साहन तथा अनुदान राशि अंतरित भी कर दी है।

    उल्लेखनीय है कि सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में संपन्न हुए कार्यक्रम में 250 इकाइयों को 169 करोड़ 57 लाख की राशि अंतरित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ यादव ने शेष इकाइयों से वायदा किया था कि उन्हें भी जल्दी ही मदद की जाएगी। एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने विभाग और उद्यमियों की ओर से मुख्यमंत्री की सहृदयता के लिए आभार व्यक्त किया है।

    उल्लेखनीय है कि सर्वाधिक रोजगार सृजन के सशक्त माध्यम एमएसएमई के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा प्रदेश में निवेश एवं उद्यम का जाल बिछाने की संभावनाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से एमएसएमई विकास नीति 2025 लागू की है। नीति में निवेशकों को विभिन्न सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने तय किया है कि निवेशकों को स्वीकृत सुविधाओं का समयावधि में वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

    उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश एवं विशेष प्रयासों से वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इकाइयों की लंबित देयताओं के भुगतान के लिए वित्त विभाग द्वारा समुचित बजट आवंटन विभाग को उपलब्ध कराया गया। एमएसएमई इकाइयों को स्वीकृत सुविधाओं के वितरण की निरंतरता में 31 मार्च मंगलवार को 600 से अधिक इकाइयों को राशि रु. 375 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गयी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन इतनी बड़ी मात्रा में अनुदान राशि वितरण होने पर निवेशकों में उत्साह एवं प्रदेश की नीतियों के प्रति विश्वास और प्रबल हुआ है।

    एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने एमएसएमई इकाइयों को उनकी स्वीकृत सुविधाओं के समयावधि में वितरण के लिए मुख्यमंत्री का का आभार व्यक्त किया है। एमएसएमई जगत के उद्यमियों एवं संघो द्वारा भी उक्त पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा है कि शासन की इस पहल से न केवल स्थापित एमएसएमई इकाई निरंतर प्रगति कर रही हैं अपितु देश एवं विदेश के निवेशक भी प्रदेश में नए निवेश के लिए आकर्षित हो रहे हैं।